शरीर में कई तरह के हार्मोन का बहाव होता है, जो शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करने में आपकी मदद करते हैं. ये सभी हार्मोन शरीर में संतुलित मात्रा में होने चाहिए. इन हार्मोन की कमी या बढ़ोतरी होने से शरीर को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं. शरीर के इन्हीं हार्मोन में से एक है एंडोर्फिन हार्मोन.
पिट्यूटरी ग्रंथि के द्वारा इस हार्मोन का स्त्राव होता है. शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन संतुलित रहने से आपका मन खुश और स्वस्थ रहता है. इसलिए, कई लोग इसे "हैप्पी हार्मोन" भी कहते हैं. वहीं, शरीर में इसकी कमी की वजह से इंसान दुखी रहने लगता है.
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आज हम इस लेख में एंडोर्फिन हार्मोन क्या है, महत्व और इसे कैसे बढ़ाएं आदि इस बारे में विस्तार से जानेंगे-
- एंडोर्फिन हार्मोन क्या है?
- एंडोर्फिन का महत्व
- एंडोर्फिन हार्मोन कम होने से क्या होता है?
- एंडोर्फिन हार्मोन को कैसे बढ़ाएं?
- सारांश
एंडोर्फिन हार्मोन क्या है?
एंडोर्फिन तनाव और दर्द को दूर करने के लिए शरीर द्वारा उत्पादित एक केमिकल है. यह आपके शरीर में ओपिओइड नामक दवा की तरह कार्य करता है. ओपिओइड दवा दर्द से राहत देती है और उत्साह की भावना पैदा करती है. कभी-कभी सर्जरी के बाद या दर्द से राहत के लिए अल्पकालिक तौर पर भी इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है.
अध्ययन के मुताबिक, ओपिओइड शरीर में विशेष रिसेप्टर्स की तरह कार्य करता है, जो दर्द के संकेतों को अवरुद्ध कर देता है. वैज्ञानिकों ने देखा कि शरीर में कुछ प्राकृतिक केमिकल ओपिओइड दवा की तरह कार्य करते हैं. एंडोर्फिन उन्हीं प्राकृतिक केमिकल में से एक है.
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एंडोर्फिन का महत्व
कई अध्ययनों में यह साबित किया जा चुका है कि एंडोर्फिन हार्मोन का हमारे शरीर में काफी महत्व है. शरीर में एंडोर्फिन की मौजूदगी कई परेशानियों को दूर करने में लाभकारी होती है. एंडोर्फिन हार्मोन से दर्द, बेचैनी व तनाव इत्यादि को दूर किया जा सकता है. आइए जानते हैं एंडोर्फिन का महत्व क्या है-
- दर्द और बेचैनी को कम करने में सहायक
- तनाव, डिप्रेशन व चिंता को करे कम
- सूजन को कम करने में मददगार
- मूड को सुधारने में करे मदद
- आत्म-सम्मान बढ़ाएं
- स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करने में असरदार
- मेमोरी और संज्ञानात्मक कार्य बढ़ाने में कारगर
एंडोर्फिन हार्मोन की मौजूदगी से शरीर को इस तरह के कई लाभ होते हैं. ऐसे में एंडोर्फिन का स्तर कम होने से आपको नुकसान भी हो सकता है. इसलिए, शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन को संतुलित करके रखें.
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एंडोर्फिन हार्मोन कम होने से क्या होता है?
शरीर में एंडोर्फिन का स्तर कम होने से डिप्रेशन व सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं, जब व्यक्ति के शरीर में एंडोर्फिन का स्तर काफी कम हो जाता है, तो इस स्थिति में व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. एंडोर्फिन कम होने पर सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में विस्तार से जानते हैं-
डिप्रेशन
शरीर में एंडोर्फिन का स्तर कम होने से व्यक्ति को डिप्रेशन की समस्या हो सकती है. अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकियाट्री के एक लेख के मुताबिक, डिप्रेशन की समस्या को दूर करने के लिए ओपिओइड उपचार लाभकारी हो सकता है. एक अन्य लेख से पता चलता है कि शरीर में एंडोर्फिन का उच्च स्तर डिप्रेशन के लक्षणों कम करने में प्रभावी है.
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फाइब्रोमायल्जिया
शरीर में एंडोर्फिन का स्तर कम होने से फाइब्रोमायल्जिया की समस्या हो सकती है. इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति को पूरे शरीर में लंबे समय तक दर्द रहना, स्किन पर धब्बे और छूने से दर्द, मांसपेशियों में जकड़न, नींद की समस्या और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं. एक अन्य अध्ययन में देखा गया है कि शरीर में एंडोर्फिन की वृद्धि से फाइब्रोमायल्गिया के लक्षणों को कम किया जा सकता है.
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पुराना सिरदर्द
शरीर में एंडोर्फिन का स्तर कम होने से क्रोनिक सिरदर्द की समस्या हो सकती है. कुछ रिसर्च से पता चलता है कि एंडोर्फिन असंतुलन से डिप्रेशन की शिकायत हो सकती है. इसकी वजह से आपको क्रोनिक सिरदर्द की समस्या लगातार बनी रहती है.
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एंडोर्फिन हार्मोन को कैसे बढ़ाएं?
नियमित रूप से एक्सरसाइज, योगासन और ध्यान के जरिए आप एंडोर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ा सकते हैं. आइए, जानते हैं एंडोर्फिन हार्मोन बढ़ाने के कुछ आसान तरीके-
नियमित रूप से करें व्यायाम
नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से चिंता और तनाव को कम किया जा सकता है, क्योंकि एक्सरसाइज करने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है. कई अध्ययनों में यह साबित किया गया है कि शारीरिक गतिविधि करने से शरीर में उत्साह की भावना यानी एंडोर्फिन को बढ़ाया जा सकता है.
शोधकर्ताओं ने व्यायाम से पहले और बाद में एथलीट के दिमाग को देखने के लिए पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) स्कैन का इस्तेमाल किया. उन्होंने व्यायाम के बाद देखा कि एथलीट के शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन की वृद्धि हुई है.
इतना ही नहीं, नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आपका मूड बेहतर होता है और एंडोर्फिन को बढ़ाता है. कुछ हेल्थ एक्सपर्ट माइल्ड डिप्रेशन और चिंता को कम करने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. इसके नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से आपकी कई अन्य परेशानियां भी दूर हो सकती हैं. एक अध्ययन में कहा गया है कि डिप्रेशन के कुछ लक्षणों में सुधार कर सकता है.
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दूसरों की मदद करना
स्वयं सेवा करना, दान करना और दूसरों की मदद करने से भी व्यक्ति को अच्छा महसूस हो सकता है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं के मुताबिक, जिन लोगों ने किसी चैरिटी को पैसा दिया, उनके मन को काफी शांति मिली. इससे शरीर में एंडोर्फिन के स्तर में सुधार हो सकता है.
योग और ध्यान
ध्यान और योग भी आपको तनाव से मुक्त कर सकता है. यह आंशिक रूप से एंडोर्फिन रिलीज को बढ़ा सकता है. कुछ रिसर्च के मुताबिक, योग और ध्यान तनाव को कम करके शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ा सकते हैं.
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मसालेदार खाना
जो लोग मसालेदार खाना पसंद करते हैं, उन्हें अगर अपना पसंदीदा खाना मिल जाए, तो उनके शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है. रिसर्च के मुताबिक, मसालेदार खाना खाने से मुंह में दर्द की अनुभूति पैदा होती है, जो शरीर में एंडोर्फिन के स्तर को बढ़ाने का संकेत देती है.
डार्क चॉकलेट
रिसर्च से पता चलता है कि डार्क चॉकलेट खाने से शरीर में एंडोर्फिन का स्तर बढ़ सकता है. दरअसल, कोको पाउडर और चॉकलेट में फ्लेवोनोइड्स नामक केमिकल होता है, जो दिमाग के लिए काफी फायदेमंद होता है.
2017 की एक समीक्षा में पाया गया कि चॉकलेट खाने से एंडोर्फिन हार्मोन के स्तर में वृद्धि हो सकती है. हालांकि, इन दिनों मार्केट के चॉकलेट में कई तरह की मिलावट होने लगती है. इनमें वास्तविक कोको नाम मात्र का होता है. वहीं, चीनी और वसा की मात्रा काफी ज्यादा होती है.
एंडोर्फिन के स्तर और मनोदशा में सुधार के लिए चॉकलेट का सेवन आपके लिए अच्छा हो सकता है. हालांकि, इन चॉकलेट में कोको की मात्रा कम से कम 70 प्रतिशत हो और वसा और चीनी की मात्रा कम हो.
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सारांश
शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन का होना जरूरी है. इसकी कमी से व्यक्ति डिप्रेशन और चिंता विकृति से ग्रसित हो सकता है. इसलिए, एंडोर्फिन के स्तर में सुधार की काफी आवश्यकता होती है. अगर आप अपने शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाना चाहते हैं, तो नियमित रूप से एक्सरसाइज, ध्यान और डार्क चॉकलेट का सेवन करें. इससे आपको काफी लाभ मिलेगा.
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एंडोर्फिन हार्मोन क्या है और इसे कैसे बढ़ाएं? के डॉक्टर
Dr. Narayanan N K
एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
16 वर्षों का अनुभव
Dr. Tanmay Bharani
एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Sunil Kumar Mishra
एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
23 वर्षों का अनुभव



