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ग्लूकोज-6-फास्फेट-डीहाइड्रोजिनेस (जी6पीडी) टेस्ट क्या है?   

यह टेस्ट लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद जी6पीडी एंजाइम के स्तर की जांच करने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट की मदद से एंजाइम की कमी का पता लगाया जाता है।

जी6पीडी जीन में बदलाव या उत्परिवर्तन होने से लाल रक्त कोशिकाएं छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं और नई लाल रक्त कोशिकाएं बनने से पहले ही नष्ट हो जाती हैं।

यह एंजाइम शरीर में ऊर्जा बनाने की प्रक्रिया में शामिल होता है। इस एंजाइम में कोई भी बदलाव या कमी हेमोलिसिस के खतरे को बढ़ा देती है। 

यदि आपके शरीर में इस एंजाइम की थोड़ी बहुत कमी है, तो इसके कोई लक्षण नजर नहीं आएंगे। नीचे दी गई कुछ स्थितियां हेमोलीसिस (आरबीसी का टूटना) के दर को बढ़ा सकती हैं:

शुरुआती परिणामों की पुष्टि के लिए जी6पीडी दोबारा किया जा सकता है। स्क्रीनिंग टेस्ट में एक गुणात्मक टेस्ट भी शामिल होता है, जो कोशिका में जी6पीडी के स्तर के बारे में बता सकता है। पुष्टिकरण टेस्ट मात्रात्मक टेस्ट होता है, जो कि शरीर में इस एंजाइम गतिविधि की सटीक मात्रा का पता लगाता है।

यह एंजाइम की कमी से संबंधित एक सामान्य समस्या है, जिसके मामले दुनियाभर में देखे जाते हैं। इससे लगभग 40 करोड़ लोग प्रभावित हैं, जो आमतौर पर पुरुष ही होते हैं।

यह आरबीसी जी6पीडी टेस्ट या जी6पीडी स्क्रीन टेस्ट के नाम से भी जाना जाता है।

  1. जी6पीडी टेस्ट क्यों किया जाता है - G6PD Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. जी6पीडी टेस्ट से पहले - G6PD Test Se Pahle
  3. जी6पीडी टेस्ट के दौरान - G6PD Test Ke Dauran
  4. जी6पीडी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - G6PD Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

जी6पीडी टेस्ट क्यों किया जाता है?

यदि डॉक्टर को संदेह है कि आपके शरीर में जी6पीडी की कमी हो गई है, तो ऐसे में डॉक्टर यह टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। इसका मतलब है कि आपके शरीर में जी6पीडी की पर्याप्त सक्रियता नहीं है। जी6पीडी की कमी शरीर में हेमोलिसिस के दर को बढ़ा सकती है। इसे हेमोलिटिक एपिसोड के नाम से भी जाना जाता है। 

हेमोलिटिक एपिसोड किसी विशेष प्रकार के भोजन, दवा या संक्रमण के कारण हो सकता है। इसमें से कुछ निम्न हैं:

  • बुखार कम करने की दवा 
  • नाइट्रोफ्यूरन्टाइन
  • फेनासेटिन
  • प्राइमाएक्विन
  • सल्फोनेमाइड्स  
  • थायजाइड ड्यूरेटिक (Thiazide diuretics)
  • टोलबुटामिड (Tolbutamide)
  • क्वीनीडाइन

आरबीसी के क्षतिग्रस्त होने के कुछ संकेत और लक्षण निम्न हैं:

पीलिया और एनीमिया के अन्य लक्षण दिखने पर भी यह टेस्ट करवाने को कहा जा सकता है।

जी6पीडी टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। हालांकि, यदि आप कोई भी दवाएं ले रहे हैं (सप्लीमेंट और प्रिस्क्रिप्शन शामिल हैं) इसके बारे में डॉक्टर को बताएं क्योंकि ये दवाएं टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं। 

रक्त देने या लेने के बाद यह टेस्ट करवाने न जाएं, क्योंकि ये भी टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। 

अगर आपने कोई सल्फा मेडिसिन, एंटीबैक्टिरियल या एंटी-फंगल, एंटी-कंवलसेन्ट और डाइयुरेटिक्स दवाएं ली हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को जानकारी दें। 

यह टेस्ट करवाने से पहले भूखा रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।

जी6पीडी टेस्ट कैसे किया जाता है?

डॉक्टर पहले उस जगह को साफ करते हैं जहाँ से ब्लड लिया जाना है। बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल ले लिए जाते हैं। बाद में, लिए गए सैंपल को परीक्षण के लिए लैब में भेज दिया जाता है।

जी6पीडी टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

उम्र, लिंग, व्यक्ति के पिछले स्वास्थ और टेस्ट के तरीके के अनुसार टेस्ट के रिजल्ट भी अलग-अलग आ सकते हैं। टेस्ट के सही नतीजों को जानने के लिए अपनी रिपोर्ट्स डॉक्टर को दिखाएं। 

सामान्य परिणाम:
जी6पीडी की सामान्य वैल्यू हीमोग्लोबिन का 5.5-20.5 यूनिट/ग्राम है। इस रेंज में कोई भी वैल्यू इस बात का संकेत देती है कि व्यक्ति के शरीर में जी6पीडी की कमी नहीं हुई है।

असामान्य परिणाम:
यह जी6पीडी की कमी का संकेत देते हैं। यह सामान्य परिणाम से 10 प्रतिशत तक कम वैल्यू का मतलब है, कि व्यक्ति के शरीर में जी6पीडी की गंभीर कमी है या क्रोनिक हीमोलिटिक एनीमिया है।

सामान्य से 10-60% कम वैल्यू जी6पीडी में कमी एक मध्यम स्थिति होती है। यह इंटरमिटेंट हीमोलिटिक एनीमिया के कारण हो सकते हैं, जो कि कुछ विशेष संक्रमण और दवाओं के कारण विकसित होते हैं।

जो महिलाएं कैरियर हैं मतलब जिनका एक जीन सामान्य और दूसरा उत्परिवर्तित हैं उनमें आरबीसी के दो प्रकार होते हैं: एक जिसमें जी6पीडी की डेफिशियेंसी होती है और दूसरा जिसमें डेफिशियेंसी नहीं होती। कुछ दुर्लभ मामलों में ही इन महिलाओं में कोई लक्षण दिखाई देता है। हालांकि, उनमें जी6पीडी के स्तर कम होंगे जो कि जी6पीडी स्क्रीन टेस्ट में सामने नहीं आएंगे, लेकिन जी6पीडी पुष्टिकरण टेस्ट में देखे जा सकते हैं। 

और पढ़ें ...

References

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