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साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस क्या है?

साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस कई टेस्टों का एक समूह है, जो साइनोवियल द्रव (साइनोवियल जॉइंट में पाया जाने वाला एक गाढ़ा चिपचिपा द्रव) की जांच करता है। ये टेस्ट जोड़ों से संबंधित समस्याओं का पता लगाने में और इनके इलाज के बारे में जानने में भी मदद करते हैं।

साइनोवियल फ्लूइड हाथ, कंधे, कूल्हों और पैरों की गति के दौरान घर्षण को कम करता है इसके साथ ये द्रव हड्डियों के अगले सिरों को गद्दे की तरह सहारा प्रदान करता है। साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस में किए जाने वाले टेस्टों को निम्न के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • संक्रामक रोगों के लिए टेस्ट: यदि कोई माइक्रोब मौजूद है तो उसकी पहचान करने के लिए 
  • भौतिक गुण: साइनोवियल द्रव कैसा दिख रहा है उसकी जांच करने के लिए 
  • माइक्रोस्कोपिक परीक्षण: कुछ कोशिकाओं और क्रिस्टल जो कि मौजूद हो सकते हैं उनकी माइक्रोस्कोप में पहचान करने के लिए 
  • केमिकल टेस्ट: साइनोवियल द्रव के रासायनिक घटकों में हुए बदलावों की जांच के लिए

जॉइंट फ्लूइड एस्पिरेशन और जॉइंट फ्लूइड एनालिसिस इस टेस्ट के अन्य नाम हैं।

  1. साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस क्यों किया जाता है - Synovial Fluid Analysis Kyu Kiya Jata Hai
  2. साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस से पहले - Synovial Fluid Analysis Se Pahle
  3. साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस के दौरान - Synovial Fluid Analysis Ke Dauran
  4. साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस के परिणाम का क्या मतलब है - Synovial Fluid Analysis Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस किसलिए किया जाता है?

साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस जोड़ों में दर्दसूजन और लालिमा के कारण का पता लगाने में मदद कर सकता है। कुछ मामलों में ये जोड़ों के दर्द से राहत देने के लिए फ्लूइड को हटाने में भी मदद करता है। डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह निम्न का संदेह होने पर दे सकते हैं:

साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस की तैयारी कैसे करें?

आमतौर पर इस टेस्ट के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। हालांकि व्यक्ति को डॉक्टर से इस बारे में पूछ लेना चाहिए कि साइनोवियल फ्लूइड सैंपल लेने और टेस्ट के लिए उन्हें भूखे रहने की जरूरत है या नहीं। यदि आप कोई खून को पतला करने वाली दवाएं जैसे क्लोपिडोग्रेल, एस्पिरिन या वारफेरिन ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बताएं क्योंकि ये टेस्ट के परिणामों को और व्यक्ति के टेस्ट करवाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।

साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस कैसे किया जाता है?

साइनोवियल फ्लूइड लेने के लिए निम्न तरीके अपनाए जाते हैं:

  • जोड़ों के आस-पास की जगह को साफ किया जाता है।
  • त्वचा के अंदर से जॉइंट के बीच के स्पेस में एक सुई लगाई जाती है।
  • सुई से द्रव एक सिरिंज या शीशी में निकाल लिया जाता है 
  • इसके बाद द्रव को आगे के परीक्षण के लिए लैब में भेज दिया जाता है 
  • लैब में सैंपल के रंग और स्पष्टता का परीक्षण किया जाता है 
  • सैंपल को माइक्रोस्कोप में रखा जाता है और लाल रक्त कोशिकाओं व सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या देखी जाती है। 
  • गाउट के मामलों में बैक्टीरिया या क्रिस्टल की उपस्थिति की भी जांच की जाती है 
  • लैक्टेट डीहाइड्रोजीनेज, ग्लूकोज, यूरिक एसिड और प्रोटीन को मापा जाता है 
  • फ्लूइड में कोशिकाओं के जमाव को देखा जाता है 
  • बैक्टीरिया के विकास को देखने के लिए सैंपल पर कल्चर टेस्ट किया जाएगा। 

कभी-कभी डॉक्टर त्वचा में एक सुई की मदद से सुन्न करने की दवा लगा देते हैं, जिससे एक चुभने जैसी संवेदना हो सकती है और इसके बाद एक बड़ी सुई की मदद से द्रव लिया जाता है। 

इस टेस्ट के साथ जोड़ में संक्रमण का खतरा जुड़ा हुआ है जो कि कभी-कभी बार-बार सुई लगने से और जॉइंट में रक्तस्त्राव होने के कारण हो सकता है। टेस्ट के दौरान अगर सुई की नोक हड्डी पर लगती है तो इससे थोड़ी तकलीफ हो सकती है। इस प्रक्रिया में एक से दो मिनट का समय लगता है।

साइनोवियल फ्लूइड एनालिसिस के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम:
साइनोवियल फ्लूइड के सामान्य परिणाम में द्रव साफ, हल्का पीला और सामान्य तरह से चिपचिपा होना चाहिए। 

असामान्य परिणाम:

नीचे द्रव की दिखावट में किसी प्रकार के बदलाव और उनसे जुड़े रोगों के बारे में बताया गया है:

  • साइनोवियल द्रव धुंधला होना: यह संकेत देता है कि द्रव में क्रिस्टल, माइक्रोब और सफेद रक्त कोशिकाएं हैं। 
  • साइनोवियल द्रव का लाल दिखना: संकेत देता है कि द्रव में खून है जो कि पूरे शरीर में रक्त स्त्राव की समस्या या जोड़ में लगी चोट के कारण हो सकता है 
  • कम चिपचिपा साइनोवियल द्रव: इसमें सूजन व लालिमा की स्थिति हो सकती है।
  • अत्यधिक मात्रा में साइनोवियल द्रव होना: ये कार्टिलेज में चोट लगने या ओस्टियोआर्थराइटिस (गठिया का एक प्रकार जो कि हड्डियों के सिरे पर मौजूद लचीले ऊतक घिस जाने के कारण होता है) रोग होने का संकेत देता है।
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References

  1. Appalachian Regional Healthcare System. [Internet] U.S. Synovial fluid analysis
  2. Lillian A. Mundt, Kristy Shanahan. [Internet] 2nd Edition Philadelphia : Lippincott Williams and Wilkins, 2011, Page no: 258
  3. MedlinePlus Medical Encyclopedia. [Internet] US National Library of Medicine; Synovial fluid analysis
  4. ARUP Consult,ARUP Laboratories.[Internet] Salt City, UT, U.S.Rheumatoid Arthritis - RA
  5. ARUP Consult, ARUP Laboratories.[Internet] Salt City, UT, U.S.Hyperuricemia - Gout