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दैनिक जीवन में हम कई प्रकार के फलों, ड्राई फ्रूट्स और नट्स का सेवन करते हैं। ये सभी स्वाद में लाजवाब होने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं। दुनिया के कई देशों में ऐसे ही एक नट का सेवन बड़े चाव से किया जाता है वह है- पेकान। कई दिव्य गुणों और स्वास्थ्य लाभ से युक्त पेकान के बारे में भले ही भारत में लोग इसके ज्यादा न जानते हों, लेकिन अमेरिका सहित कई देशों में यह नट्स में लोगों की पहली पसंद है।

पेकान को भिदुरकाष्ठ के नाम से भी जाना जाता है। अखरोट जैसा दिखने वाला यह नट्स एंटीऑक्सीडेंट्स, प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर है। अन्य नट्स की तुलना में  पेकान में गामा-टोकोफेरोल की उच्चतम मात्रा पाई जाती है। यह विटामिन ई का एक रूप है और एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी काम करता है। दो अलग-अलग अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि पेकान युक्त आहार खाने से गामा-टोकोफेरोल्स के स्तर में वृद्धि होती है जो कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीडेशन को रोकने में मदद करती है। ऑक्सीडाइज्ड कोलेस्ट्रॉल से हृदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है।

इतना ही नहीं पेकान थियामिन, जिंक, मैंगनीज और कॉपर का उत्कृष्ट स्रोत है। करीब 28 ग्राम पेकान में 60 फीसद मैंगनीज और 40 फीसद कॉपर की उपलब्धता होती है। मैंगनीज ब्लड शुगर को विनियमित करने के साथ हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इतना ही नहीं यह कोलेजन बनाने में भी मदद करता है, जो त्वचा को सुंदरता प्रदान करती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि पेकान का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के साथ-साथ त्वचा की सुंदरता के लिए भी काफी फायदेमंद है।

इस लेख में हम आपको पेकान के ऐसे ही कई फायदों के बारे में बताएंगे।

  1. पौष्टिकता से भरपूर है पेकान - Pecan hai nutrition se bharpoor
  2. विटामिन ई के लिए उत्कृष्ट आहार है पेकान - Pecans me pai jati hai Vitamin E ki prchur matra
  3. मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी है पेकान - Diabetes patient ke liye laabhkari hai Pecan ka sevan
  4. वजन कम करने में मदद करता है पेकान - Weight loss me help kar sakte hai Pecan
  5. पेकान के साइड-इफेक्ट्स और एलर्जी - Pecans ke side effects aur allergy

पेकान को मुख्य रूप से डेसर्ट के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। एक औंस (28 ग्राम) पेकान से इतने प्रकार के लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।

  • कैलोरी : 193
  • वसा : 20 ग्राम
  • प्रोटीन : 3 ग्राम
  • कार्ब : 4 ग्राम
  • फाइबर : 2.5 ग्राम
  • विटामिन ई : आरडीआई का 2 फीसद
  • मैग्नीशियम : आरडीआई का 8 फीसद

कई सारे अध्ययनों में पाया गया कि पेकान बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में भी मदद करता है। अन्य नट्स की तरह पेकान में भी पॉलीफेनोल होते हैं, जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं। चार सप्ताह तक किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने अपनी दैनिक कैलोरी का 20 फीसद पेकान से प्राप्त किया, उनके रक्त में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा में सुधार देखने को मिला।

पेकान को विटामिन ई के सबसे उत्कृष्ट आहारों में से एक माना जाता है। विटामिन ई, एंटीऑक्सिडेंट के रूप में काम करती है। पेकान की एक औंस यानी करीब 28 ग्राम की मात्रा में 0.4 मिलीग्राम अल्फा-टोकोफेरॉल की उपलब्धता होती है। इसके आलावा इसमें  विटामिन ई आइसोफॉर्म गामा-टोकोफेरोल की 6.9 मिलीग्राम की मात्रा भी पाई जाती है। विटामिन ई उम्र के साथ होने वाले धब्बों, फैटी ​लिवर से संबधित बीमारियों को कम करने, मोतियाबिंद, टाइप 2 मधुमेह और यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को भी कम करने में बहुत महत्वपूर्ण है।

मधुमेह रोगियों के लिए पूरे दिन ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। ब्लड शुगर की मात्रा आमतौर पर भोजन के बाद बढ़ जाती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए अधिकांश रोगियों को इंसुलिन के इंजेक्शन की आवश्यकता होती है।

इंसुलिन के इंजेक्शन से छुटकारा पाने के लिए पेकान एक बेहतर विकल्प हो सकता है। पेकान शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। इसके अलावा पेकान टाइप 2 मधुमेह को बढ़ने से रोकता है। मधुमेह को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह कई अन्य प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग अपना वजन कम करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्हें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिसमें फैट की मात्रा कम हो। हालांकि, सभी प्रकार के फैट नुकसानदायक नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ वसा का सेवन शरीर के लिए आवश्यक है। पेकान में पाए जाने वाला स्वस्थ वसा ग्रेलिन हार्मोन को प्रभावित करता है, जो वजन को संतुलित बनाए रखने में मदद करती है।

पेकान में काफी मात्रा में मैंगनीज भी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना पेकान का सेवन करने से दैनिक आधार पर मैंगनीज की आधी से अधिक आवश्यक मात्रा की पूर्ति हो सकती है। इसके अलावा इसमें मौजूद कई प्रकार के खनिज फैट को कम करने के साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी आपकी मदद कर सकते हैं।

कई अध्ययनों से साफ होता है कि ज्यादातर लोग बिना किसी साइड इफेक्ट के सुरक्षित रूप से पेकान का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को पेकान में मौजूद कुछ तत्वों या रासायनिक रचनाओं के प्रति संवेदनशीलता की भी शिकायत आ सकती है। आमतौर पर एलर्जी तब होती है जब प्रतिरक्षा प्रणाली किसी खाद्य उत्पाद में मौजूद प्रोटीन के खिलाफ प्रतिक्रिया करता है। पेकान का सेवन करने पर भी कुछ लोगों को इस तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। पेकान से एलर्जी होने पर उल्टी, गले और जीभ की सूजन, सांस और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि पेकान का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से संपर्क जरूर करें।

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