myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

गर्भावस्था के दौरान एक स्वस्थ आहार बहुत महत्वपूर्ण होता है। नई माताओं के लिए भी स्वस्थ आहार महत्वपूर्ण है बच्चे के जन्म के बाद। यह आपको लेबर से उबरने के लिए और नए तनाव और मातृत्व के दबाव का अच्छी तरह से सामना करने में मदद करता हैं। तो आइये बात करें कि बच्चे के जन्म के बाद में को क्या खाना चाहिए।

(और पढ़ें - गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द और लड़का होने के लिए उपाय से जुड़े मिथक)

अगर आप स्तनपान करा रहीं हैं तो एक अच्छा भोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है ताकि आपके बच्चे को उचित वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलें। इसके अलावा, एक संतुलित आहार आपके शरीर को मां के दूध के उत्पादन में मदद करता है और उन पोषक तत्वों की भरपाई करता है जो आपने अपने बच्चे के लाभ के लिए खो दिए हैं।

स्तनपान के लिए समय की अवधि भिन्न हो सकती है। बाल रोग अमेरिकन एसोसिएशन सलाह देती है कि बच्चों को न्यूनतम एक वर्ष के लिए स्तनपान कराना चाहिए जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन छह महीनों के लिए विशेष रूप से स्तनपान की सलाह देता है।

स्तनपान बच्चे को अस्थमा या एलर्जी, सांस की बीमारियों, लगातार कान में संक्रमण और अन्य रोगों से बचाता है।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप और आपके बच्चे को सभी पोषक तत्व प्राप्त हों जिनकी आप दोनों को ज़रूरत है, यहाँ बताया जा रहा है कि डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए -

  1. माँ का दूध बढ़ाने के लिए अच्छा है पालक - Spinach for new mothers
  2. माँ के आहार में करें शामिल ब्राउन चावल - Brown Rice for new moms
  3. नई माँ को खाने चाहिए बादाम - Almonds are good for nursing mothers
  4. स्तनपान कराने वाली माताओं को लेना चाहिए दूध - Milk for breastfeeding mom
  5. सौंफ नई माताओं के लिए है उत्कृष्ट - Fennel for nursing mothers
  6. माँ का दूध बढ़ाने का उपाय है मेथी - Fenugreek for breastfeeding mothers
  7. नई माताओं के लिए प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है अंडा - Eggs for breastfeeding mothers
  8. नई माताओं को दें जई का दलिया - Oatmeal for nursing moms
  9. नई माताएं करें ब्लूबेरी को आहार में शामिल - Blueberries are good for new moms
  10. नई माताओं के लिए है उपयोगी सैल्मन - Salmon for breastfeeding moms
  11. बच्चे के जन्म के बाद माँ को क्या खाना चाहिए? के डॉक्टर

सभी हरी पत्तेदार सब्जियों स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए अच्छी हैं, लेकिन पालक का विशेष उल्लेख होना ज़रूरी है। यह विटामिन ए में उच्च है, जो आप और आपके बच्चे के लिए अच्छा है।

इसके अलावा, पालक में फोलिक एसिड नई रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है, जो महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह प्रसव के दौरान खून की कमी का अनुभव करती हैं। यह अच्छी तरह दूध उत्पादन को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

पालक में मैंगनीज होता है जो कि हड्डी, कार्टिलेज और कोलेजन के विकास में सहायक है जो सिज़ेरियन से उबरने वाली माताओं के लिए बेहद ज़रूरी है। यह कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत भी है और इसमें विटामिन सी और आयरन होता है।

आप ताज़ा पालक को सलाद में खा सकते हैं या सूप के रूप में भी इसे शामिल कर सकते हैं। एक और अच्छा विकल्प है, दैनिक रूप से पालक के रस का एक गिलास पीना।

स्वस्थ, संपूर्ण अनाज कार्बोहाइड्रेट युक्त ब्राउन चावल को सभी नई माताओं को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। ब्राउन चावल आपके ऊर्जा के स्तर और रक्त में शर्करा के स्तर को समान बनाए रखने में मदद करेगा।

साथ ही, इसमें सफेद चावल की बजाय अधिक फाइबर और अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। यह स्तन के दूध की आपूर्ति और गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मदद करता है।

भूरे रंग के चावल बनाने से पहले, कुछ घंटों के लिए अनाज को भिगो लें। यह इसे पचाने के लिए आसान और अधिक पौष्टिक बनाता है।

बादाम पोषक तत्व जैसे विटामिन ई और आवश्यक वसा प्रदान करता है जो कि आपके शरीर के स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। बादाम में ओमेगा -3 फैटी एसिड जैसे आवश्यक फैटी एसिड भी दूध की आपूर्ति बढ़ाने में मदद करते हैं। ये आपकी हड्डियों और दांतों के लिए प्रोटीन और कैल्शियम भी प्रदान करते हैं।

दैनिक नाश्ते के रूप में कुछ सूखे भुने हुए बादाम का आनंद लें। मां के दूध में वृद्धि के लिए, रात भर पानी में चार से छह बादाम भिगो दें और उन्हें अगली सुबह खा लें।

स्तनपान कराने वाली माताओं को स्तन दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए अपने आहार में दूध को शामिल करना चाहिए। दूध में विटामिन डी और बी के साथ ही प्रोटीन भी होता है जो नवजात शिशुओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व हैं।

इसके अलावा, दूध कैल्शियम की भरपाई करने में मदद करता है, जो स्तनपान के माध्यम से खो जाता है। इसकी उच्च पानी सामग्री के कारण, दूध आपके शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखता है।

दूध के दो गिलास हर दिन पिएं। स्वाद बढ़ाने के लिए, आप इसमें सूखा मेवा भी मिला सकते हैं। इसके अलावा दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों को आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

ध्यान दें कि अगर आपके बच्चे में दूध प्रोटीन असहिष्णुता का निदान किया गया है, तो दूध या अन्य दूध आधारित उत्पादों का उपभोग ना करें।

सौंफ़ नई माताओं के लिए एक और उत्कृष्ट सूपरफूड है जो स्तनपान को बढ़ाने में मदद करता है और पाचन में भी सहायक है। यह पेट के दर्द को भी रोकने में मदद कर सकता है। (और पढ़ें – पेट दर्द के घरेलू उपचार)

सौंफ को अपने आहार में शामिल करने का एक अच्छा तरीका सौंफ का पानी पीना है। सौंफ का पानी तैयार करने के लिए, पानी के चार कप में एक या दो छोटी चम्मच सौंफ बीज को उबालें और फिर इसे पांच मिनट के लिए धीमी आँच पर रखें। आप स्वाद के लिए चीनी या शहद का आधा चम्मच भी मिला सकते हैं। इसको छानकार दिन भर सौंफ का पानी पीते रहें।

आप भोजन के बाद भी एक छोटी चम्मच सौंफ बीज चबा सकते हैं।

मेथी में फायटोएस्ट्रोजन्स शामिल हैं जो कि स्तन के दूध के उत्पादन में वृद्धि में मदद करते हैं। यह लोहा, फाइबर, कैल्शियम, विभिन्न विटामिन और खनिज में भी समृद्ध हैं। साथ ही, इसमे कोलीन और सपोनिंस होता है जो कि नवजात शिशुओं के अच्छे विकास को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

मेथी पाचन परेशानी जैसे कब्ज और पेट फूलने को कम करने में भी मदद करता है जो कि नई माताओं के बीच आम होती हैं।

दोनों बीज और पत्ते एक स्तनपान कराने वाली माँ के आहार में शामिल किए जाने चाहिए। एक अच्छा विकल्प है कि रात भर एक चम्मच मेथी के बीज को पानी के एक कप में भिगो कर रखें। अगली सुबह, कुछ मिनट के लिए पानी के साथ-साथ बीज भी उबाल लें। इसे छानकार हर सुबह पीते रहें।

अंडे अमीनो एसिड के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत हैं। यह आपकी और आपके बच्चे की देखभाल करने के लिए आपको शक्ति और क्षमता प्रदान करेंगे।

अंडे की जर्दी भी विटामिन डी के कुछ प्राकृतिक स्रोतों में से एक है, यह एक आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है आपकी हड्डियों को मजबूत रखने और आपके बच्चे की हड्डियों को विकसित करने के लिए। इसके अलावा, अंडे में कोलीन बच्चे के मस्तिष्क की स्मृति केंद्र के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।

दैनिक रूप से एक से दो अंडे खाओ। आप इन्हे तल कर, उबालकर या एक आमलेट के रूप में भी ले सकते हैं।

जई का दलिया सबसे लोकप्रिय दुग्धावण खाद्य पदार्थों में से एक है। यह प्राकृतिक अनाज, उच्च फाइबर युक्त भोजन आसानी से पच जाता है। यह नई माताओं के लिए बहुत उपयोगी है जो प्रसव के बाद क़ब्ज़ से पीड़ित होती हैं।

इसकी उच्च लौह सामग्री भी लोहे की कमी से एनीमिया को रोकने में नई माताओं को मदद करती है। इसके अलावा, दलिया मां के दूध की वृद्धि में मदद करता है। 

(और पढ़ें - एनीमिया के लक्षण)

ताज़ा पके दलिये में एक चम्मच कच्चे शहद, इलायची, केसर या कुछ ताज़ा फल इसके पोषण मूल्य में वृद्धि करने के लिए मिलाए जा सकते हैं। दलिये का एक गर्म कटोरा भी आपको आराम देगा और तनाव से निपटने में मदद करेगा।

सभी नई माताओं को अपने आहार में ब्लूबेरी शामिल करना चाहिए। यह एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल मुक्त कण को नष्ट करने और आप और आपके बच्चे को कई बीमारियों से मुक्त रखने में मदद करता है।

इसके अलावा, ब्लूबेरी में सभी महत्वपूर्ण विटामिन और खनिज होते हैं जो कि एक स्तनपान कराने वाली माँ की जरूरत हैं। ब्लूबेरी में कार्बोहाइड्रेट की स्वस्थ खुराक भी ऊर्जा बढ़ाने के लिए अच्छी है।

मातृत्व के नए तनाव से निपटने में मदद के लिए दैनिक रूप से ये रसीले बेर दो या दो से अधिक खाने चाहिए।

सैल्मन (एक प्रकार की मछली) अपने अद्धभुत पोषण के महत्व के कारण नई माताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इसमें एक ऐसा उच्च वसा है जो आपके नवजात शिशु के तंत्रिका तंत्र के विकास में मदद करता है।

सैल्मन प्रोटीन और विटामिन बी 12 में उच्च है। इसके अलावा, सैल्मन प्रसवोत्तर अवसाद (postpartum depression) को रोकने में मदद करने के लिए भी उपयुक्त पाई गई है।

यदि आप माँसाहारी हैं, तो प्रति सप्ताह सैल्मन को दो बार अपने भोजन का हिस्सा बनाएं। जब संभव हो तो जंगली और ताज़ा सैल्मन ही चुनें बजाय फ्रोज़न सैल्मन के।

इन सूपरफूड्स के साथ-साथ नई माताओं को खूब पानी पीने की ज़रूरत भी होती है। यह बहुत आवश्यक है क्योंकि स्तनपान कराने वाली माताओं में निर्जलीकरण का खतरा अधिक होता है।

अपनी ऊर्जा का स्तर और दूध उत्पादन को बनाए रखने के लिए, आपको अच्छी तरह से पानी, फलों का रस, सब्ज़ियों का रस और नारियल पानी से निर्जलीकरण की आवश्यकता है। कैफीनयुक्त और मादक पेय पदार्थों से दूर रहें क्योंकि इनसे निर्जलीकरण हो सकता है।
 

Dr. Dhavan Patel

Dr. Dhavan Patel

सामान्य चिकित्सा

Dr. Priya Patel

Dr. Priya Patel

सामान्य चिकित्सा

Dr. Giri Prasath

Dr. Giri Prasath

सामान्य चिकित्सा

और पढ़ें ...