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एक तेज याददाश्त वाले व्यक्ति को बुद्धिमान माना जाता है, वहीँ कम याददाश्त वाले व्यक्ति को आलसी और सुस्त कहा जाता है। आनुवंशिकता से लेकर खराब पोषण, चोट या बीमारी आपकी याददाश्त की शक्ति को प्रभावित सकते हैं। कारण जो भी हो यदि आप खुद का ख्याल रखते हैं, तो आप धीरे-धीरे अपनी याददाश्त को सुधार सकते हैं। आज हम आपको स्मृति शक्ति में सुधार करने के लिए कुछ प्राकृतिक उपचार के बारे में बता रहे हैं।

  1. याददाश्त बढ़ाने के उपाय मे करें ब्राह्मी का उपयोग - Brahmi hai yaddasht badhane ka tarika
  2. याददाश्त तेज करने के उपाय में करें शंखपुष्पी का उपयोग - Yaddasht badhane ke tips me karen shankhpushpi ka upyog
  3. मेमोरी बढ़ाने के तरीके के लिए करें वच का सेवन - Yaddasht tej karne ke upay ke liye karen Vacha ka upyog
  4. याददाश्त बढ़ाने के घरेलू नुस्खे में जिन्को बाइलोबा है उपयोगी - Ginkgo biloba hai yaddasht badhane ka nuskha
  5. याददाश्त बढ़ाने का उपाय है मुलेठी - Mulethi ke upyog memory badhane ke liye
  6. याददाश्त शक्ति बढ़ाने का उपाय है रोजमेरी - Rosemary hai yaddasht badhane ka gharelu upay
  7. याददाश्त तेज करने का तरीका है अश्वगंधा - Yaddasht badhane ke liye gharelu nuskhe hai ashwagandha
  8. आंवला करेगा याददाश्त में सुधार - Yaddasht badhane ka liye gharelu upay hai amla
  9. याददाश्त बढ़ाने वाले आहार - Yaddasht tej karne wale aahar

ब्राह्मी एक लोकप्रिय आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसे मस्तिष्क के लिए एक टॉनिक कहा जाता है। यह मस्तिष्क को सक्रिय करती है और बेहतर एकाग्रता और स्मृति में मदद करता है। यह अल्जाइमर रोग के उपचार में भी प्रभावी है। यह आपकी मानसिक शक्ति को बढाती है। ब्राह्मी का उपयोग करने के लिए आप ब्राह्मी की पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं। पत्तियों को हल्का पीस कर रस निकाल लें। एक चम्मच रस में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन दो बार इसका सेवन करें।  

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शंखपुष्पी एक आश्चर्यजनक जड़ी बूटी है जिसे कई वर्षों से मेमोरी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं, लेकिन तंत्रिका तंत्र के लिए सबसे अच्छा काम करती है। यह बुद्धि को बढ़ाने के लिए भी बहुत अच्छी मानी जाती है। शंखपुष्पी एंटीऑक्सिडेंट से समृद्ध है जो स्वस्थ मस्तिष्क के कामकाज में मदद करते हैं। इसका उपयोग मस्तिष्क में उचित रक्त परिसंचरण के लिए भी होता है। आप एक गिलास गर्म दूध में 5 ग्राम शंखपुष्पी पाउडर को मिलाकर प्रतिदिन सुबह इसका सेवन करें। 

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वच (Vacha) या स्वीट फ्लैग (sweet flag) एक जड़ी बूटी है जिसका उपयोग याददाश्त को बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह मानसिक समस्याओं के उपचार में भी काफी प्रभावी है। इस जड़ीबूटी का उपयोग मेमोरी लॉस के इलाज में कई दवाइयों की तैयारी में एक प्रमुख घटक के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग फोकस और एकाग्रता को बेहतर करता है। वच की जड़ को एक गिलास पानी में 5 मिनट के लिए उबालकर काढ़ा तैयार करें। इस काढ़े का उपयोग प्रतिदिन करें। इससे आप को बहुत लाभ मिलेगा।

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जिन्को बाइलोबा (Ginkgo Biloba) के शोध से पता चला कि इसका उपयोग भूलने की बीमारी के उपचार (स्मृति हानि) के लिए जा सकता है। यह क्षतिग्रस्त मस्तिष्क की कोशिकाओं को ठीक करने में भी प्रभावी है जो अल्जाइमर के लिए बहुत अच्छा है। यह मस्तिष्क के सभी कामकाज के लिए अच्छा होता है। जिन्को बाइलोबा की पत्तियों को पीसकर पाउडर तैयार कर लें। इस पाउडर का एक चम्मच एक गिलास दूध में मिलाकर प्रतिदिन दो या तीन बार सेवन करें। जिन्को बाइलोबा का उपयोग याददाश्त की हानि के उपचार के लिए किया किया जा सकता है।

लीकोरिस या मुलेठी एक ऐसी जड़ीबूटी है जो बहुत से स्वास्थ्य विकारों के इलाज में उपयोग की जाती है। इसका उपयोग मेमोरी बढ़ाने के लिए अच्छा है। यह एकाग्रता और ध्यान (focus) में सुधार करने में मदद करती है। यह याददाश्त बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ जड़ी-बूटियों में से एक है। एक गिलास दूध में मुलेठी की जड़ को उबाल लें और उसके बाद कमरे के तापमान के बराबर इसे ठंडा कर दें। सोने से पहले हर रात एक गिलास का सेवन करें। यह याददाश्त बढ़ाने में आपकी मदद करेगी।

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रोजमेरी एक ऐसा पौधा है जिसका उपयोग मस्तिष्क की कई तरह की मानसिक बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग कम याददाश्त और अल्जाइमर रोग के उपचार में किया जाता है। यह एकाग्रता और ध्यान बढ़ाने में मदद करता है। यह मेमोरी को बढ़ाने के साथ साथ मस्तिष्क के कामकाज को सुधार करने में भी मदद करता है। इसके उपयोग के लिए आप एक गिलास पानी में एक चम्मच रोजमैरी को डाल कर चाय तैयार कर लें या काढ़ा बना लें। इस चाय या काढ़े का एक कप प्रतिदिन दो बार सेवन करें। 

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अश्वगंधा उन सबसे बेहतरीन जड़ी बूटियों में से एक है जो न्यूरोलॉजिकल वैलनेस (wellness) को बढ़ाती हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी मदद करती है। इसका उपयोग याददाश्त को सुधारने के लिए किया जाता है। व्यापक रूप से अश्वगंधा का उपयोग तंत्रिका संबंधी स्वास्थ्य विकार में किया जाता है। एक गिलास उबले हुए गर्म दूध अश्वगंधा की जड़ को मिलाकर रात में सेवन करें। इसके उपयोग से आपको अच्छी नींद भी आएगी।  

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आंवला कई पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरा हुआ है। आंवला विभिन्न स्वास्थ्य विकारों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह भी माना जाता है कि आंवला का नियमित सेवन आपकी याददाश्त को तेज करने में मदद करता है। इसके लिए आप प्रतिदिन 2-3 आंवला खाएं या एक चम्मच शहद में एक एक चम्मच आंवला पाउडर को मिलाकर सेवन करें।

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ऐसे कई खाद्य पदार्थ होते हैं जिनके अपने आंतरिक गुण होते हैं ऐसे पोषक तत्वों का भंडार होते हैं, मस्तिष्क स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए लाभकारी होते हैं, मस्तिष्क के स्वस्थ कामकाज के लिए मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ाते हैं, इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और मेमोरी पावर को बढ़ाने में मदद करते है। शहदबादामचुकन्दरअखरोटजामुनखजूर, एवोकाडो, अलसी जैसे खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें जो आपकी याददाश्त को मजबूत करेंगे। 

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