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गर्मियों में पसीने की बदबू एक आम समस्या है जबकि खुशबू तन और मन दोनों को महका देती है। गर्मियों में परफ्यूम लगाना हर कोई पसन्द करता है और बाजार में आपको इसकी अनगिनत वैरायटी भी मिल जाएंगीं। कुछ लोगों को परफ्यूम लगाने का शौक किसी क्रेज से कम नहीं होता है  क्योंकि जिसके पास से सुगन्ध आती है उसकी ओर दूसरे व्यक्ति खिंचे चले जाते हैं।

गर्मियों में मूड को अच्‍छा रखना बेहद जरूरी होता है तथा अधिकांश लोग इस दुविधा में रहते हैं कि किस तरह का परफ्यूम लगाया जाए। पसीने की बदबू को रोकने और दिलो-दिमाग को ठंडा रखने के लिए ऐसे परफ्यूम की जरूरत होती है जो कि आपके त्वचा और व्यक्तित्व दोनों के अनुकूल हो  तथा आपको  फील गुड का अहसास करवा सके।

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  1. स्किन को हो सकता है नुकसान
  2. कैसे चेक करें परफ्यूम की खुशबू
  3. गर्मी के लिए कैसे चुनें परफ्यूम
  4. परफ्यूम कैसे करें इस्तेमाल
  5. मौसम के अनुसार कैसा हो परफ्यूम

यह ध्यान रखें कि सस्ते और घटिया परफ्यूम से आपको स्किन एलर्जी हो सकती है तथा त्वचा पर छाले भी पड़ सकते हैं। अगर आपको किसी ब्रांड का परफ्यूम अनुकूल लगता हो तो उसे उपयोग करते रहें तथा बार-बार ब्रांड न बदलें।

कभी भी परफ्यूम को शरीर के खुले अंगों पर न लगाएं क्योंकि इससे रिएक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। परफ्यूम खरीदने से पहले इसमें एसिड की मात्रा जरूर चेक कर लें क्योंकि एसिड की मात्रा ज्यादा होने से शरीर में खुजली, रैशेज आदि की समस्या हो सकती है।

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परफ्यूम की खुशबू चेक करने के लिए  इसे अपनी कलाई पर दस मिनट तक लगाएं । यदि उस भाग पर दस मिनट तक कोई खुजली या काला धब्बा नहीं पड़ता है तो इसका मतलब है कि यह आपकी त्वचा के अनुकूल है।

हमेशा प्राकृतिक खुशबू वाला परफ्यूम बेहतर साबित होता है। यह एक सामान्य नियम है कि लड़कियों को हल्का व लड़कों को स्ट्रांग परफ्यूम का उपयोग करना चाहिए। बदलते मौसम में जैसे हम पहनावे, आभूषण और फुटवियर का चुनाव करते हैं, वैसे ही हर मौसम तथा अवसर पर आपके व्यक्तित्व से मैच करता हुआ परफ्यूम इस्‍तेमाल करने से आप ताजगी तथा आनन्दित महसूस करेंगें।

गर्मियों में धूल, मिट्टी, गन्दगी, पसीना, शाम तक पूरे शरीर को बदबूदार बना देता है, ऐसे में शरीर के नेचुरल कैमिकल्स के साथ मेल खाते परफ्यूम आपके लिए सबसे बेहतर साबित होंगे। परफ्यूम का सही चयन आपके व्यक्तित्व से जुड़ जाता है तथा आपके लाइफस्टाइल की निशानी बन जाता है।

यह ध्यान रखें कि परफ्यूम खरीदने से पहले इसकी सुगन्ध की जांच स्टोर के बाहर जरूर कर लें क्योंकि स्टोर के अन्दर एयर कंडीशनर का असर परफ्यूम की सुगन्ध पर पड़ता है।

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गर्मियों में हम अक्सर ज्यादातर समय पार्टियों, घूमने-फिरने, पहाड़ों तथा समुद्र किनारे तथा खाने-पीने में ज्यादा मशगूल रहते हैं और हमारे ज्यादातर अंग नंगे रहते हैं जिन पर सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं। ऐसे में सही परफ्यूम का चुनाव मुश्किल हो जाता है। गर्मियों में उच्च सान्द्रता के शुद्ध परफ्यूम का चयन करना चाहिए ताकि यह गर्मी तथा आर्द्रता झेल सके।

गर्मियों में जीवन्त, तरोताजा रहना काफी कठिन होता है तथा हम ज्‍यादातर समय ठंडक की तलाश में रहते हैं। गर्मियों में पसीने की बदबू जहां हमारा मूड खराब कर देती है वहीं दूसरी ओर कई बार शर्मिन्दगी भी झेलनी पड़ती है। हालांकि, शरीर से पसीना आना प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन जब यह पसीना बैक्टीरिया से मिलता है तो दुर्गन्ध पैदा होती है।

डिओड्रेंट, टेलकम पाउडर तथा परफ्यूम का सही चुनाव पसीने की दुर्गन्ध से छुटकारा पाने में मददगार साबित होते हैं।

ज्यादातर डिओड्रेंट शरीर से पसीने को रोकने का काम करते हैं तथा ऐसे में रोल-ऑन की बजाय स्प्रे को ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। गर्मियों के मौसम में हल्की खुशबू का डिओड्रेंट ज्यादा असरदायक माना जाता है क्योंकि तेज खुशबू वाले डियोड्रेंट के प्रयोग से त्वचा में जलन या रिएक्शन हो सकता है।

परफ्यूम के नियमित प्रयोग से पहले उन्हें शरीर के छोटे से हिस्से पर प्रयोग करना चाहिए तथा अगर त्वचा पर जलन या सनसनाहट महसूस हो तो ऐसे परफ्यूम का उपयोग तुरंत बन्द कर देना चाहिए। कुछ लोग टैलकम पाउडर काफी उपयोग करते हैं। हालांकि, हाइजीन की दृष्टि से टैलकम पाउडर ज्यादा उपयोगी नहीं माने जाते हैं लेकिन वह पसीने को तत्काल सोख लेते हैं। गुलाब, चंदन तथा खसखस प्राकृतिक कूलेन्ट माने जाते हैं इसलिए इनसे बने पाउडर या डियोड्रेंट गर्मियों में ज्यादा उपयोगी माने जाते हैं।

बाजार में बिकने वाले ज्यादा परफ्यूम रसायनिक पदार्थों के मिश्रण से बने होते हैं। इनमें सुगन्धित तेलों को सिन्थेटिक सामग्री से मिश्रित किया जाता है तथा उन्हें विभिन्न स्रोतों से प्राप्त की गई खुशबू से बनाया जाता है।

  • सही परफ्यूम का चयन करते समय  कुछ चीजों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है जिसमें शारीरिक केमिस्ट्री सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है क्योंकि व्यक्ति की पसन्द/नापसन्द काफी अहम भूमिका अदा करती है। इसलिए परफ्यूम को अपनी त्वचा पर परीक्षण के बाद ही प्रयोग में लाना चाहिए।
  • परफ्यूम की सही खुशबू का अन्दाजा त्वचा के सम्पर्क में आने से ही महसूस किया जा सकता है। परफ्यूम को सूंघने से कतई फायदा नहीं होता बल्कि ज्यादा परफ्यूम सूंघने से आपके सूंघने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
  • मौसम या वातावरण सही परफ्यूम चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। आर्द्रता भरे गर्म वातावरण में हल्के तथा ताजी खुशबू वाले परफ्यूम बेहतर परिणाम देते है।
  • तेज खुशबू वाले परफ्यूम आपको असहज कर सकते है तथा कई बार सिरदर्द का कारण भी बन जाते हैं। ठण्डे तथा शुष्क वातावरण में तेज खुशबू वाले परफ्यूम प्रभावकारी साबित होते हैं। गर्मियों के मौसम में गुलाब, चन्दन, लैवेंडर तथा लेमन खुशबू वाले परफ्यूम हल्के तथा ताजगी भरे महसूस होते हैं। परफ्यूम के चयन में वक्त भी महत्वपूर्ण माना जाता है। दिन के समय में हल्के परफ्यूम उपयोग में लाने चाहिए।
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