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त्वचा पर चकत्तों को लाल और खुजली की तरह देखा जा सकता है। इसके बाद ये मोटे होने लगते हैं साथ ही त्वचा के रंग और बनावट में धीरे धीरे बदलाव दिखने लगता है। ये शरीर के किसी भी क्षेत्र में हो सकते हैं।

(और पढ़ें - खुजली के घरेलू उपाय)

ये छोटी सी समस्या कई कारणों से होती है जैसे एक्जिमा, सोरियासिस, एलर्जी, किसी कीड़े के काटने से, घुन (mites), मुहांसे, ज़्यादा पसीना या किसी ज़हरीले पौधे के सम्पर्क में आ जाने से जैसे आइवी या ओक पौधा। साबुन, डिटर्जेंट, शैम्पू या कास्मेटिक उत्पाद जो आपकी त्वचा पर सूट नहीं करते उनकी वजह से भी चकत्ते होने लगते हैं।

चकत्ते फंगल, बैक्टेरियल या वायरल इन्फेक्शन के लक्षणों की वजह से भी हो सकते हैं। अगर आपको चकत्ते हैं और उनमे सुधार नहीं हो रहा या वो कुछ दिनों में नहीं जा रहे तो आप अपने डॉक्टर से सम्पर्क ज़रूर करें। इसके साथ ही आप चकत्तों को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी आज़मां सकते हैं।

(और पढ़ें - त्वचा पर चकत्ते)

तो आइये आपको बताते हैं चकत्तों के लिए घरेलू उपाय –

  1. त्वचा पर चकत्ते ठीक करने का उपाय है जैतून का तेल - Skin rashes ko thik karne ka upay hai jaitun ka tel in Hindi
  2. त्वचा पर लाल चकत्ते दूर करने का तरीका है बेकिंग सोडा - Twacha ke lal chakte dur karne ka tarika hai baking soda in Hindi
  3. चकत्ते का घरेलू उपाय है दलीया - Rashes ka gharelu upay hai oatmeal in Hindi
  4. लाल चकत्ते का उपाय है एलो वेरा - Lal chakte ka upay hai aloe vera in Hindi
  5. स्किन रैशेज ठीक करने का नुस्खा है कोल्ड कंप्रेस - Rashes thik karne ka nuskha hai cold compress in Hindi
  6. स्किन रैशेज छुटकारा पाने का घरेलू नुस्खा है सेब का सिरका - Rashes se chutkara pane ka gharelu nuskha hai apple vinegar in Hindi
  7. शरीर पर चकत्ते निकलने का उपाय है कैमोमाइल चाय - Body par rashes nikalne ka upay hai chamomile tea in Hindi
  8. शरीर पर लाल चकत्ते से छुटकारा दिलाता है नीम - Body rashes se chutkara dilata hai neem in Hindi
  9. शरीर पर चकत्ते पड़ने पर करे कैलेंडुला का उपयोग - Body par rashes parne par kare calendula ka upuog in Hindi
  10. त्वचा पर चकत्ते खत्म करने का तरीका है धनिया - Skin rashes khatam karne ka tarika hai coriander in Hindi

जैतून का तेल त्वचा के लिए बहुत ही बेहरतरीन मॉइस्चराइजर है। ये त्वचा का इलाज करता है साथ ही इसमें विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट होने की वजह से त्वचा को फिर से नया बनाने में मदद मिलती है। ये त्वचा को राहत देता और खुजली को दूर करता है।

जैतून के तेल का इस्तेमाल दो तरीको से करें -

पहला तरीका -

  1. जब तक ये समस्या चली न जाये तब तक एक या दो बार जैतून के तेल को या उसमे शहद मिलाकर अपने चकत्तों पर रगड़ें।
  2. रोज़ाना इस प्रक्रिया को पूरे दिन में एक या दो बार दोहराएं।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप जैतून के तेल में कुछ हल्दी मिलाकर अपने चकत्तों पर लगाएं।
  2. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर अपनाएँ। हल्दी में एंटीबैक्टेरियल और सूजनरोधी गुण होते हैं जो चकत्तों और खुजली से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - जैतून के तेल के फायदे

बेकिंग सोडा त्वचा के चकत्तों को सूखाने में मदद करता है। इसके साथ ही चकत्तों में होने वाली खुजली और सूजन को भी दूर करता है।

बेकिंग सोडा का इस्तेमाल दो तरीकों से कर सकते हैं -

पहला तरीका -

  1. एक बार बेकिंग सोडा लें और तीन बार पानी को लेने के बाद इन्हे एक साथ मिला लें।
  2. अब इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  3. धोने से पहले इसे कुछ मिनट तक ऐसे ही रहने दें।
  4. कुछ दिनों तक इस प्रक्रिया को पूरे दिन में एक बार ज़रूर दोहराएं।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप बेकिंग सोडा को नारियल के तेल के साथ मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  2. अब इस पेस्ट को चकत्तों पर लगाएं।
  3. फिर इसे पांच के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर पेस्ट को धो लें।
  4. जब तक आपको कोई सुधार नहीं दिख जाता तब तक रोज़ाना पूरे दिन में एक या दो बार इस प्रक्रिया को ज़रुर दोहराएं।

नोट - अपनी त्वचा पर बेकिंग सोडा को ज़्यादा देर तक न रहने दें क्योंकि इससे आपको खुजली हो सकती है।

(और पढ़ें - बेकिंग सोडा के फायदे)

ओटमील में सूजनरोधी और राहत पहुंचाने वाले गुण मौजूद होते हैं जो स्किन इरिटेशन और सूजन के लिए बेहद फायदेमंद हैं। ये ज़हरीले पौधे आइवी, एक्जिमा, सनबर्न, चिकन पॉक्स और एलर्जी के लिए बेहद प्रभावी है।

ओटमील का इस्तेमाल तीन तरीकों से करे -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले ओटमील को मिक्सर में मिक्स कर लें।
  2. अब एक कप ओटमील को गर्म पानी में डाल दें।
  3. अब अपने प्रभावित क्षेत्र को उसमे 15 से 20 मिनट तक डुबोकर रखें।
  4. जब तक चकत्ते चले नहीं जाते तब तक इस प्रक्रिया को दोहराते रहें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा सबसे पहले एक आधा कप ओटमील, एक चौथाई मिल्क पाउडर और दो चम्मच शहद को एक साथ मिला लें।
  2. अब इस मिश्रण को मलमल के कपड़े में डाल दें। फिर कसके इस कपडे को किसी रबर से बाँध दें। 
  3. फिर इस कपडे को एक गर्म पानी के बाथ टब या बाल्टी में डाल दें।
  4. अब अपने प्रभावित क्षेत्र को इसमें 15 मिनट तक डुबोकर रखें।
  5. इसके बाद त्वचा को सूखा लें और फिर त्वचा को मॉइचराइज़ करें।
  6. इस प्रक्रिया को रोज़ाना कुछ दिनों तक करें।

तीसरा तरीका -

  1. चेहरे पर चकत्तों के लिए, ओटमील में दही और शहद मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  2. धोने से पहले इसे आधे घंटे तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें।
  3. जब तक आपको कोई सुधार न दिख जाये तब तक इस प्रक्रिया को रोज़ाना करें।

(और पढ़ें - ओट्स के फायदे

इसके सूजनरोधी, एमोलिएंट, एंटीबैक्टेरियल और एंटीफंगल गुणों की वजह से एलो वेरा त्वचा के चकत्तों का इलाज करने में मदद करता है। इलाज के अलावा ये राहत भी दिलाता है और लालिमा और खुजली को दूर रखता है।

(और पढ़ें - सिर की खुजली के घरेलू उपाय)

एलो वेरा का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले ताज़ा एलो वेरा की पत्ती से उसका जेल निकाल लें।
  2. अब इस जेल को अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  3. फिर 20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर त्वचा को धो लें।
  4. जब तक चकत्ते साफ़ न हो जाएँ तब तक इस प्रक्रिया को पूरे दिन में तीन बार ज़रूर करें।

अगर आपके पास एलो वेरा नहीं है तो आप एलो वेरा जेल या जूस खरीद सकते हैं।

(और पढ़ें - एलोवेरा के फायदे)

कोल्ड कंप्रेस चकत्तों को दूर करने के लिए काफी फायदेमंद है खासकर तब जब चकत्ते जलने, कीड़े के काटने, ज़हरीले पौधे आइवी और शिंगल्स की वजह से होते हैं। ये खुजली और सूजन को कम करने में मदद करता है। ये चकत्तों में पड़ने वाले छालों के लिए प्रभावी है।

(और पढ़ें - स्तन में खुजली का उपाय)

कोल्ड कंप्रेस का इस्तेमाल कैसे करे –

  1. सबसे पहले बर्फ को प्लास्टिक बैग या किसी कपडे में लपेट लें और फिर इसे कुछ मिनट तक प्रभावित क्षेत्रों पर लगाकर रखें।
  2. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में एक या दो बार ज़रूर करें।

नोट - बर्फ को सीधा त्वचा पर न लगाएं।

(और पढ़ें - बर्फ के लाभ)

सेब का सिरका त्वचा के चकत्तों के लिए एक अन्य बेहतरीन घरेलू उपाय है। ये खुजली जैसी समस्या को भी कम करता है। इसके एसिटिक एसिड गुण स्किन इन्फेक्शन से लड़ते हैं।

सेब के सिरके का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले रूई को सेब के सिरके में डुबोएं और फिर उसे अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  2. कुछ मिनट तक उसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर रूई को वहा से हटा लें।
  3. जब तक आपके चकत्ते साफ़ नहीं हो जाते तब तक रोज़ाना पूरे दिन में कई बार इस प्रक्रिया को करें।

नोट - अगर सेब के सिरके से आपको किसी भी तरह की परेशानी होती है तो उसमे थोड़ा पानी मिला लें। अगर समस्या तब भी होती है तो आप दूसरा घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे)

कैमोमाइल चकत्तों के लिए एक अन्य प्रभावी उपाय है। ये त्वचा को राहत दिलाता है, खुजली को दूर करता है, सूजन को कम करता है। इसके एंटी-इरिटेंट और सूजनरोधी गुण इन समस्याओं का इलाज करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही इसमें एंटीबैक्टेरियल, एंटीफंगल और एंटीवाइरल गुण होते हैं।   

( और पढ़ें - सूजन कम करने के घरेलू उपाय)

कैमोमाइल का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले एक साफ़ कपड़े को कैमोमाइल चाय में डाल दें। फिर उसे निचोड़ने के बाद प्रभावित क्षेत्र पर कंप्रेस की तरह लगाएं।
  2. अब 15 से 20 मिनट के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें।
  3. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप कैमोमाइल तेल को एक या दो बूँद नारियल का तेल या किसी भी आवश्यक तेल के साथ मिलाकर अपने प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं।
  2. जब तक चकत्ते चले नहीं जाते तब इसे रोज़ाना पूरे दिन में एक या दो बार ज़रूर लगाए।

(और पढ़ें - कैमोमाइल चाय के फायदे

नीम के सूजनरोधी, एनाल्जेसिक, एंटी इरिटैंट, एंटीवाइरल, एंटी फंगल और एंटी बैक्टेरियल गुणों की वजह से ये त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। ये कई तरह की त्वचा से सम्बंधित समस्याओं का इलाज करती है जैसे एक्जिमा, स्कैबीज़, चकत्ते, मुहांसे, सोरियासिस और अन्य इन्फेक्शन्स। ये एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट भी है जो त्वचा की एजिंग और मृत कोशिकाओं के लिए बेहद लाभदायक है।

(और पढ़ें - मुहांसों से बचने के उपाय)

नीम का इस्तेमाल दो तरीकों से करें –

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले 15 से 20 मिनट तक मुठभर नीम की पत्तियों को उबालने के लिए रख दें।
  2. फिर मिश्रण को छान लें और ठंडा होने के लिए रख दें।
  3. अब उसमे रूई डालें और फिर धीरे धीरे प्रभावित क्षेत्रों पर दस मिनट तक लगाकर रखें।
  4. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में दो बार ज़रूर दोहराएं।

दूसरा तरीका -

इसके अलावा आप नीम के उत्पाद जैसे नीम की पत्तियों का जूस, साबुन, क्रीम या लोशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप जब भी नीम के तेल का इस्तेमाल करें तो ध्यान रहे इसको किसी आवश्यक तेल के साथ या पानी के साथ मिलाकर इस्तेमाल करें।   

(और पढ़ें - नीम के फायदे)

कैलेंडुला एक बेहतरीन जड़ी बूटी है जो त्वचा की इरिटेशन, चकत्ते, अलसर, एक्जिमा, ड्राई स्किन, चोट और छिलने जैसी समस्या में लाभदायक साबित होता है। इसके सूजनरोधी, एस्ट्रिजेंट, एंटीफंगल, एंटीवाइरल और एंटीबैक्टेरियल गुण मौजूद होते हैं।    

कैलेंडुला का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका –

  1. सबसे पहले कैलेंडुला तेल को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और कुछ घंटों तक इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें।
  2. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें।

दूसरा तरीका -

इसक अलावा नहाने के पानी में कैलेंडुला की कुछ बूंदों को डालें और फिर उसम प्रभावित क्षेत्र को 15 मिनट तक डुबोकर रखें। या फिर कैलेंडुला चाय को कंप्रेस की तरह इस्तेमाल करें।

तीसरा तरीका -

आप कैलेंडुला क्रीम, लोशन या ऑइंटमेंट (ointment) का पूरे दिन में एक या दो बार भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - गेंदे के फूल के फायदे)

धनिया चकत्ते और खुजली वाली त्वचा के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय है। इसमें एंटी इरिटैंट, सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसकी खुशबू भी आपको राहत और आराम पहुँचाती है।

धनिये का इस्तेमाल तीन तरीकों से करें -

पहला तरीका –

  1. सबसे पहले धनिये की पत्तियों का पेस्ट तैयार करके अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। (जब पत्तियों को मिक्स करें तो उसमे पानी न मिलाएं।)
  2. इसे आधे घंटे के लिए ऐसे ही लगा हुआ रहने दें। फिर त्वचा को धो लें।
  3. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार कुछ दिनों तक ज़रूर दोहराएं।

दूसरा तरीका -

  1. एक कप पानी में एक चम्मच धनिये के बीज को गर्म होने के लिए रख दें।
  2. अब इस चाय को कुछ दिनों तक पीते रहें।

तीसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप ताज़ा धनिये की पत्तियों का जूस बनाकर पी सकते हैं।

(और पढ़ें - धनिये के फायदे और नुकसान)

इन घरेलू उपायों के अलावा आप प्रभावित क्षेत्रों को जितना हो सके उतना हवा में खुला रहने दें, सूरज के सामने सीधा सम्पर्क में न आने दें और चकत्तों को गर्म पानी से धोये साथ ही साबुन का इस्तेमाल न करें। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों को स्क्रैच न करें इससे स्थिति और भी ख़राब हो सकती है। अगर आपके चकत्ते कुछ दिनों में ठीक नहीं होते तो अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखाएँ।

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