पेट में इन्फेक्शन को “पेट में फ्लू” और “जठरांत्र शोथ” भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट और आंतों में जलन व सूजन हो जाती है। अगर आपको दस्त, मतली, उल्टी या पेट में मरोड़ के साथ दर्द हो रहा है, तो यह पेट में संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसा आमतौर पर कुछ गलत खा लेने की वजह से होता है और पेट के फ्लू को लोग कई बार फ़ूड पॉइज़निंग समझ लेते हैं।

पेट में इन्फेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है इसलिए इसका इलाज जल्द से जल्द करना आवश्यक होता है। पेट में फ्लू का इलाज घर पर ही कई घरेलू उपायों से किया जा सकता है।

  1. अदरक है पेट में इन्फेक्शन का घरेलू उपाय - Ginger hai pet mein infection ka gharelu upay
  2. पुदीना दिला सकता है पेट में इन्फेक्शन से छुटकारा - Mint dila sakta hai pait mein infection se chutkara
  3. पेट में इन्फेक्शन का देसी नुस्खा है दालचीनी - Pet mein infection ka desi nuskha hai Cinnamon
  4. पेट में इन्फेक्शन से बचने का तरीका है लौंग - Pet mein infection se bachne ka tarika hai Clove
  5. पेट में इन्फेक्शन दूर करने का घरेलू उपाय है जीरा - Pait mein infection dur karne ka gharelu upay hai Cumin
  6. नींबू और बैकिंग सोडा है पेट में इन्फेक्शन का रामबाण इलाज - Lemon aur Baking Soda hai pet mein infection ka ramban ilaj

अदरक पेट दर्द और पेट में होने वाले संक्रमण के लिए काफी लोकप्रिय घरेलू उपचार माना गया है। अदरक में जिंजरोल्स और शोगाल्स नाम के केमिकल्स होते हैं जो पेट के संकुचन (पाचन संबंधी एक प्रक्रिया) को तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं। यह उस खाने को भी हटा देते हैं जो पाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी पैदा कर रहे हों। अदरक में मौजूद केमिकल्स स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का इलाज करने में भी मदद करते हैं, जैसे दस्त मतली और उल्टी हैं।

आवश्यक सामग्री

इस्तेमाल का तरीका

  • आप अदरक का सेवन किसी भी आहार में मिलाकर कर सकते हैं जैसे कि हर्बल चाय
  • इसके लिए एक चम्मच अदरक, आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच नींबू के रस को एक कप गर्म पानी में उबाल लें
  • साथ ही आप अदरक को सीधा चबा कर भी खा सकते हैं, यह तरीका ज्यादा कारगर साबित हो सकता है।

कब इस्तेमाल करें

अदरक के उपाय को दिन में कम से कम दो बार करें।

शोधकर्ताओं ने यह पाया है कि भारत, पाकिस्तान और ईरान में पुदीना पेट संबंधी समस्याओं का सबसे पुराना और लोकप्रिय उपाय है। यह सांस को सुगंधित बनाने के साथ-साथ उल्टी व दस्त होने से भी रोकता है और दर्द से आराम दिलाता है।

इस्तेमाल का तरीका

पुदीने के पत्तों का कच्चे व पके हुए दोनों ही तरीकों से सेवन किया जा सकता है। परंपरागत रूप से लोग पुदीने के पत्तों के साथ इलायची की चाय बनाया करते हैं। यह जूस और पाउडर के रूप में भी चाय, तरल पदार्थ और खाने में मिलाया जा सकता है।

इसके अलावा पुदीने की कैंडी भी पेट संबंधी समस्याओं से आराम पहुंचाने के काम आ सकती है। 

कब इस्तेमाल करें

पुदीने को आप रोजाना अपने आहार में शामिल करें जब तक आपके पेट का इन्फेक्शन पूरी तरह से ठीक ना हो जाए।

दालचीनी में कई प्रकार के एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को आसान करने, पेट में जलन और पाचन प्रणाली को खराब होने से बचाते हैं। दालचीनी में यूगेनोल, सिनेमेलडिहाइड, लिनालूल और केम्फर नामक एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। इसके अलावा दालचीनी में कुछ ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं जो गैस, सूजन, ऐंठन और डकार आने जैसी समस्याओं को ठीक करने में मदद करते हैं। साथ ही यह पेट में एसिडिटी को कम कर अपच से भी छुटकारा दिलाती है।

आवश्यक सामग्री

  • 1 चम्मच दालचीनी

इस्तेमाल का तरीका

पेट में इन्फेक्शन होने पर 1 चम्मच दालचीनी पाउडर आहार में मिलाने से काफी फायदा मिल सकता है। साथ ही दालचीनी को पानी में उबाल कर उसकी चाय बनाकर भी पी जा सकती है।

कब इस्तेमाल करें

पेट दर्द से आराम पाने के लिए इस उपाय को दिन में 2 से 3 बार इस्तेमाल करें।

लौंग में ऐसे पदार्थ होते हैं जो पेट में गैस को कम करने के साथ गैस्ट्रिक सीकरेशन (शरीर का मल बाहर निकालने की प्रक्रिया) को भी बढ़ाते हैं। इससे पाचन की धीमी गति तेज हो जाती है जिससे प्रेशर और ऐंठन कम होने लगती है। लौंग उल्टी और मतली को भी कम करने में मदद करती हैं।

आवश्यक सामग्री

  • 2 चम्मच साबुत लौंग या 1.5 चम्मच लौंग का पाउडर
  • 1 चम्मच शहद
  • 1 गिलास पानी (250 मि.ली)

इस्तेमाल का तरीका 

पेट में इन्फेक्शन से होने वाले लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए रोज रात को सोने से पहले 1 या 2 चम्मच लौंग के साथ 1 चम्मच शहद का सेवन करें। मतली या सीने में जलन होने पर थोड़ी सी लौंग को 1 गिलास पानी में उबाल कर उसकी चाय बना लें, इस चाय को आराम से दिन में 1 से 2 बार पिएं। 

कब इस्तेमाल करें

लौंग का तब तक इस्तेमाल करें जब तक आपका पेट दर्द पूरी तरह से गायब ना हो जाए।

जीरे में कई ऐसे सक्रिय तत्व मौजूद होते हैं, जो एक रोगाणुरोधी की तरह काम करते हैं और अपच, पेट में अधिक एसिड और आंतों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। 

आवश्यक सामग्री

  • 1 से 2 चम्मच जीरा पाउडर
  • कुछ चम्मच जीरे के बीज

इस्तेमाल का तरीका

पेट में इन्फेक्शन के दौरान 1 से 2 चम्मच जीरा अपने आहार में मिलाएं। साथ ही कुछ चम्मच जीरे के बीज या पाउडर को गर्म पानी में उबाल कर उसकी चाय बना लें। कुछ पारंपरिक चिकित्सकों का कहना है कि जीरा पाउडर या जीरे के बीज को सीधा खाने से भी पेट दर्द में आराम मिलता है।

कब इस्तेमाल करें 

जीरे को नियमित रूप से अपने आहार में शामिल करते रहने से धीरे-धीरे पेट संबंधी समस्याओं के लक्षण कम होने लगते हैं।

कुछ अध्ययनों की मानें तो नींबू के रस की कुछ बूंदों को बेकिंग सोडा के साथ मिलाकर लिया जाए तो यह कई प्रकार की पाचन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह मिश्रण कार्बोनिक एसिड बनाता है जो गैस और बदहजमी को कम करता है। इसके अलावा यह लीवर व आंतों के कार्यों में भी सुधार करता है।

आवश्यक सामग्री

  • 1 चम्मच नींबू का रस
  • 1 चम्मच बेकिंग सोडा
  • 1 गिलास पानी

इस्तेमाल का तरीका

  • 1 गिलास पानी में नींबू के रस और बेकिंग सोडा को अच्छे से मिला लें
  • अब इस मिश्रण का सेवन करें
  • जरूरत पड़ने पर इसे दोहराएं

कब इस्तेमाल करें

इस मिश्रण का दिन में 2 से 3 बार इस्तेमाल करें।

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