myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

अमूमन हर घर की रसोई में मौजूद दालचीनी एक सुगंधित मसाला है। दालचीनी का इस्‍तेमाल खाने का स्‍वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस मसाले की खास बात ये है कि इसे सिर्फ रसोई में ही इस्‍तेमाल नहीं किया जाता है बल्कि कई तरह की औषधियों एवं रोगों के इलाज में भी दालचीनी उपयोगी है। आयुर्वेदिक और पारंपरिक चीनी औषधियों में भी कई वर्षों से दालचीनी का उपयोग किया जा रहा है। 

एलोपैथी दवाओं में भी दालचीनी को बहुत महत्‍व दिया जाता है। वैज्ञानिक अध्‍ययनों की मानें तो लौंग के बाद दालचीनी सबसे बेहतरीन एंटीऑक्‍सीडेंट है। इस मसाले का इतिहास काफी समृद्ध और प्राचीन है। इतिहास की मानें तो सबसे पहले 2000-5000 ई.पू. दालचीनी का इस्‍तेमाल किया गया था और आज भी इस मसाले का महत्‍व एवं गुण कम नहीं हुआ है। रोम में मृत शरीर से आने वाली गंध को दूर करने के लिए दालचीनी का इस्‍तेमाल किया जाता था। यहां तक कि रोम में दालचीनी बहुत महंगे मसालों में से एक है।

क्‍या आप जानते हैं?

इतिहासकारों के अनुसार वास्‍को डी गामा और क्रिस्‍टोफर कोलंबस ने मसालों और जड़ी बूटी की खोज में विशेष रूप से दालचीनी की तलाश के लिए अपनी यात्रा शुरु की थी। दालचीनी की उत्‍पत्ति श्रीलंका में हुई थी और इसकी खोज एक पुर्तगाली ने की थी। आज भी इस मसाले की कीमत काफी ज्‍यादा है।

दालचीनी के पेड़ की अंदरूनी छाल से दालचीनी मसाला तैयार किया जाता है। ये एक सदाबहार पौधा है जो प्रमुख तौर पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। दालचीनी का पेड़ 18 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ सकता है। इसका आकार गोल होता हैं एवं यह भूरे लाल रंग की होती है। दालचीनी के वृक्ष के पत्तों का इस्‍तेमाल खाने में मसाले के रूप में किया जाता है।

दालचीनी के बारे में तथ्‍य:

  • वानस्‍पतिक नाम: सिन्‍नेमोमम वेरम/ सिन्‍नेमोमम जाइलैनिकम
  • कुल: लौरालेसी
  • सामान्‍य नाम: सिनामन, दालचीनी
  • संस्‍कृत नाम: त्‍वाक
  • उपयोगी भाग: छाल
  • भौगोलिक विवरण: दालचीनी की उत्‍पत्ति दक्षिण एशिया में मानी जाती है लेकिन दुनियाभर के अधिकांश उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी इसे देखा जा सकता है। शुद्ध दालचीनी श्रीलंका, मेडागास्‍कर और सिचेल के द्वीपों में पाई जाती है। भारत के केरल राज्‍य में दालचीनी की खेती की जाती है।
  • गुण: दालचीनी गर्म होती है और वात एवं कफ दोष को संतुलित करती है जबकि इससे पित्त दोष बढ़ता है। 
  1. दालचीनी के फायदे - Dalchini ke Fayde in Hindi
  2. दालचीनी के नुकसान - Dalchini ke Nuksan in Hindi
  3. दालचीनी की तासीर क्या होती है - Dalchini ki taseer in Hindi
  4. दालचीनी को बालों के लिए - dalchini ke fayde for hair in Hindi
  5. दालचीनी का प्रयोग कैसे करें - How to use Cinnamon in Hindi
  1. दालचीनी के फायदे रखें मधुमेह को नियंत्रित - Dalchini Powder for Diabetes in Hindi
  2. दालचीनी की चाय बढ़ाएँ दिमाग की कार्यशीलता - Cinnamon for Brain Health in Hindi
  3. दालचीनी का उपयोग करे हृदय की रक्षा - Cinnamon Good for Your Heart in Hindi
  4. दालचीनी के लाभ लाएँ कोलन में सुधार - Dalchini ke Fayde for Colon in Hindi
  5. दालचीनी के औषधीय गुण बचाएँ कैंसर से - Cinnamon Prevents Cancer in Hindi
  6. दालचीनी का सेवन है रक्त परिसंचरण में प्रभावी - Cinnamon for Blood Circulation in Hindi
  7. दालचीनी के औषधीय उपयोग करें मानसिक रोग को दूर - Cinnamon for Mental disease in Hindi
  8. दालचीनी के नुस्खे हैं कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए - Dalchini for High Cholesterol in Hindi
  9. दालचीनी के गुण करें श्वसन संक्रमण को दूर - Cinnamon ke Fayde for Respiratory Problems in Hindi
  10. दालचीनी पाउडर है गठिया के दर्द को कम करने में सहायक - Cinnamon Powder and Honey for Arthritis in Hindi
  11. दालचीनी का चेहरे पर उपयोग - benefits of cinnamon for skin in hindi

दालचीनी के फायदे रखें मधुमेह को नियंत्रित - Dalchini Powder for Diabetes in Hindi

टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए दालचीनी एक वरदान से कम नहीं है। क्योंकि दालचीनी टाइप-2 मधुमेह पर सकरात्मक प्रभाव डालता है और मधुमेह रोगी को एक स्वस्थ और साधारण जीवन व्यतीत करने में मदद करता है। यह शरीर की इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया को बढ़ा कर रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य बनाये रखने में शरीर की सहायता करता है।

नियमित रूप से प्रति दिन डेढ़ चम्मच से कम दालचीनी लेने वाले टाइप 2 मधुमेह रोगियों में रक्त शर्करा का स्तर कम पाया गया है।

दालचीनी से मधुमेह में लाभ उठाने के लिए इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करें। इसका उपभोग बहुत ही सरल है। आपको बस दालचीनी पाउडर को सुबह अपने दलिया या ओर कोई अन्य आहार पर छिड़क कर खाना है या फिर अपनी शाम वाली चाय या कॉफी में इसकी एक चुटकी मिठास मिलानी है।

दालचीनी को दूध में डाल कर पीना भी मधुमेह के लिए लाभदायक होता है।

(और पढ़ें: दालचीनी दूध के फायदे)

दालचीनी की चाय बढ़ाएँ दिमाग की कार्यशीलता - Cinnamon for Brain Health in Hindi

दालचीनी पर किये गए अनेक शोधों में पता चला कि दालचीनी के सेवन से मानसिक सतर्कता में काफी सुधार आता है। इस अद्भुत मसाले की मनभावन सुगंध सूंघने भर से दिमाग सक्रिय हो जाता है। दालचीनी का उपयोग ध्यान, स्मरण शक्ति और कार्यशील स्मृति से संबंधित मस्तिष्क के कामकाज में काफी सुधार ला सकता है। इसके साथ दालचीनी के एंटीऑक्सीडेंट गुणों का एक अन्य लाभ यह है कि वे पार्किंसन और अल्जाइमर जैसे तंत्रिका संबंधी विकारों को विकसित होने से रोकने में मदद करते है। 

जो लोग परीक्षा की चिंता और घबराहट से परेशान होते हैं, वे मन को शांत रखने के लिए दालचीनी की चाय पी सकते हैं। यकीन मानिये यह वास्तव में आपकी चिंता को कोसों दूर भेज आपके अन्दर आनंद और एकाग्रता से प्रतिस्थापित करेगा और आप ख़ुशी-ख़ुशी अपना कार्य पूरा कर सकेंगे। 

(और पढ़े - सूरजमुखी के बीज का उपयोग करे मस्तिष्क को शांत)

दालचीनी का उपयोग करे हृदय की रक्षा - Cinnamon Good for Your Heart in Hindi

दालचीनी के विभिन्न एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण, यह दिल और उसके आसपास की धमनियों को नुकसान और संक्रमण से बचाने में बहुत प्रभावी होती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आंतरिक ऊतकों में सूजन को ठीक करने और दिल के दौरे जैसे अन्य बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

आजकल लोग बहुत से फैटी खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं जो कोलेस्ट्रॉल और वसा से परिपूर्ण होते हैं। उनकी वजह से जिस विषाक्त पदार्थ का निर्माण होता है, उनसे हृदय रोग होने का खतरा होता है।

(और पढ़े - अदरक के गुण हैं हृदय के लिए स्वास्थ्यवर्धक)

इसके लिए दालचीनी पाउडर और शहद मिलाकर लें और इसका सेवन अपने नियमित जैम की जगह करें। इससे दिल के दौरे का खतरा कम हो सकता है।

(और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के उपाय)

दालचीनी के लाभ लाएँ कोलन में सुधार - Dalchini ke Fayde for Colon in Hindi

शोध के अनुसार, दालचीनी कोलन के स्वास्थ्य में सुधार करने में काफी लाभकारी है और इसका उपयोग कोलन कैंसर के खतरे को रोक सकता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स पेट की बीमारी के साथ-साथ अन्य कैंसर की रोकथाम में भी योगदान करते है ।

दालचीनी फाइबर, कैल्शियम और मैंगनीज का एक अच्छा स्रोत है। कैल्शियम और फाइबर का संयोजन बृहदान्त्र की कार्यक्षमता में बहुत अधिक सुधार ला सकता है।

कैल्शियम और फाइबर पित्त और लवण को शरीर से निकालने में मदद करते हैं। पित्त के निकास से, फाइबर कोलन कोशिकाओं की क्षति को रोकने में मदद करता है, जिससे पेट के कैंसर का खतरा कम हो जाता है। डायरिया (दस्त) और कब्ज सहित आई.बी.एस (इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम) के लक्षणों से राहत पाने में फाइबर बहुत उपयोगी होता है। 

(और पढ़ें - कब्ज में परहेज)

दालचीनी के औषधीय गुण बचाएँ कैंसर से - Cinnamon Prevents Cancer in Hindi

शोधों से पता चला है कि दालचीनी कैंसर की कोशिकाओं को फैलने से रोकता है। टेक्सास विश्वविद्यालय में किए गए शोध के अनुसार, दालचीनी शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है और जब आहार में इसे नियमित रूप से शामिल किया जाये, तो यह कैंसर को रोकने में भी मदद करता है। दालचीनी ल्यूकेमिया और लिम्फोमा कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि की दर को कम करने में भी मददगार साबित होती है। 

(और पढ़े – कॉलोरेक्टल कैंसर सर्जरी)

दालचीनी के एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण यह DNA की क्षति, सेल उत्परिवर्तन (cell mutation) और कैंसर ट्यूमर का विकास आदि समस्याओं को कम करने में प्रभावी माना जाता है। अध्ययनों ने दालचीनी के स्वास्थ्य लाभों का खुलासा किया है जो कि इसमें मौजूद सिनामाल्डेहाइड नामक यौगिक के कारण होते हैं, इसमें कैंसर ट्यूमर की वृद्धि को रोकने और डीएनए को क्षति से बचाने की संभावित क्षमता है इसके साथ ही यह कैंसर कोशिकाओं को स्वयं को नष्ट करने (called cell apoptosis) के लिए प्रोत्साहित करने की क्षमता भी रखता है।

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)

दालचीनी का सेवन है रक्त परिसंचरण में प्रभावी - Cinnamon for Blood Circulation in Hindi

दालचीनी में कौमारिन नामक एक यौगिक होता है जिसमें रक्त को पतला करने वाले गुण होते हैं। इससे पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार आता है। अधिक मात्रा में कौमारिन का उपयोग लिवर की कार्यशीलता पर प्रभाव डाल सकता है और उसे क्षति भी पहुंचा सकता है। इसलिए दालचीनी का उपयोग कम मात्रा में करना अच्छा माना जाता है। 

शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के लिए दालचीनी की चाय भी फायेमंद मानी जाती है। यह शरीर को गर्म कर सकती है जिससे आपके शरीर में रक्त के प्रवाह में वृद्धि करने में मदद मिलती है। क्योंकि यह एक प्राकृतिक ब्लड थिनर भी है इसलिए यह प्राकृतिक रूप से रक्त परिसंचरण में सुधार करने में लाभकारी होता है। 

(और पढ़े - लिवर रोग का इलाज)

दालचीनी के औषधीय उपयोग करें मानसिक रोग को दूर - Cinnamon for Mental disease in Hindi

दालचीनी शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरा हुआ है इसलिए यह मस्तिष्क के आंतरिक ऊतकों की निरंतर सूजन को कम कर सकता है। इसके इस प्रभाव से कई न्यूरोलॉजिकल विकारों से शरीर को सुरक्षा भी मिलती है।

दालचीनी के शक्तिशाली और प्राकृतिक घटकों में अल्जाइमर, पार्किंसंस, मल्टीपल स्केलेरोसिस, मस्तिष्क ट्यूमर और मेनिन्जाइटिस सहित विभिन्न प्रकार के न्यूरॉइडजनरेटिव रोगों की शुरुआत को या फिर उन्हें पूरी तरह रोकने की क्षमता है। 

(और पढ़े - धूम्रपान दुष्परिणाम आंखों के लिए)

दालचीनी के नुस्खे हैं कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए - Dalchini for High Cholesterol in Hindi

दालचीनी में मौजूद विशेष तत्व शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं। यह LDL यानि "खराब" कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करते हैं और HDL यानि "अच्छा" कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर रख कर कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित करते है। 

दालचीनी आपके रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स और एल.डी.एल. ("खराब कोलेस्ट्रॉल") के स्तर को काफी कम करता है, जिससे हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। दालचीनी में मौजूद सक्रिय संघटक कोशिकाओं की चीनी को चयापचय करने की क्षमता को 20 गुना तक बढ़ा देते हैं।

अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए, एक दिन में एक बार दालचीनी पाउडर को अपने कॉफी में या अपने किसी भी आहार पर छिड़क कर इसका सेवन करें। 

(और पढ़े - कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए पियें ये जूस)

दालचीनी के गुण करें श्वसन संक्रमण को दूर - Cinnamon ke Fayde for Respiratory Problems in Hindi

माना जाता है कि दालचीनी सर्दी और फ्लू को ठीक करने या उससे राहत दिलाने में बेहद उपयोगी है। गल शोथ से छुटकारा पाने के लिए, पिसी हुई दालचीनी के एक या दो चम्मच का सेवन ग्रीन टी या फिर सेब के सिरके के साथ करें। आप श्वसन संक्रमण के इलाज में दालचीनी में नींबू का रस भी मिला कर सेवन कर सकते हैं। यदि आप सामान्य सर्दी या खाँसी से पीड़ित हैं, तो गुनगुने शहद और दालचीनी के एक-चौथाई चमच्च का मिश्रण बनाये और नाश्ते के बाद और सोने से पहले रोजाना दो बार लें।

(और पढ़े - सर्दी जुकाम का देसी नुस्खा)

दालचीनी पाउडर है गठिया के दर्द को कम करने में सहायक - Cinnamon Powder and Honey for Arthritis in Hindi

दालचीनी में गठिया दर्द से जुड़े साइटोकिन्स (cytokines) को कम करने की क्षमता हैं। सुबह-शाम एक चम्मच शहद के साथ आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करने पर एक हफ्ते में ही गठिया के दर्द में काफी राहत मिल जाएगी तथा एक महीने के भीतर दर्द के बिना चलना-फिरना सम्भव है।

(और पढ़ें - गठिया से बचने के उपाय)

दालचीनी का चेहरे पर उपयोग - benefits of cinnamon for skin in hindi

दालचीनी चेहरे और शरीर पर दाने और मुंहासों से छुटकारा पाने में मदद करता है। यह त्वचा को सूखाकर, त्वचा की सतह तक रक्त और ऑक्सीजन को पहुँचता है और उसे कई परेशानियों से बचता है। इसके साथ यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटा कर उसकी चमक को बनाये रखता है। 

( और पढ़े - मुहासों के घरेलू उपाय)

इसके लिए तीन चमच्च शहद के साथ एक चमच्च दालचीनी के पॉवडर को मिलाकर पेस्ट बनाए और प्रभावित क्षेत्र, चेहरे या दाने पर लगाकर रात भर के लिए या 20 मिनट तक छोड़ दें। फिर पेस्ट सुख जाने के बाद उसको धो लीजिए और ऐसा हफ़्ते में एक बार करें।

(और पढ़ें - मुंहासों के लिए क्रीम)

हालांकि दालचीनी आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, यह सोचकर इसका अधिक सेवन न करें। यदि आपको लगता है कि एक बार में बड़ी खुराक लेने से आपको दालचीनी का अधिक लाभ मिलेगा, तो आपकी सोच बिलकुल गलत है क्योंकि इसके अधिक सेवन का आपको लाभ मिले ना मिले परंतु इसके साइड-इफेक्ट्स का सामना आपको अवश्य करना पड़ेगा।

  • दालचीनी का सेवन करने में स्तनपान करा रही माताओं और गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। (और पढ़ें - प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए)
  • वास्तव में, दालचीनी का अधिक मात्रा में उपभोग नुकसानदायक हो सकता है और आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। दालचीनी (विशेष रूप से उसका तेल) समय से पहले दर्द उत्पान कर सकता है या फिर गर्भाशय को भी छोटा कर सकता है।
  • कुछ लोगों को दालचीनी से एलर्जी भी हो सकती है, भले ही उन्होंने इसका सेवन पहले बिना किसी साइड-इफेक्ट्स के किया हो।

(और पढ़ें - एलर्जी से बचने के उपाय)

दालचीनी के लाभ तो बहुत हैं परंतु आपको उपरोक्त बताई गई सावधानियों को भी नहीं भूलना चाहिए। अतः इसके उपभोग से पहले इसके लाभ-हानि को अच्छे से समझ लें और इसका सेवन उचित मात्रा में ही करें। तो अब इंतज़ार किस बात का, जल्दी से दालचीनी को अपने दैनिक आहार में शामिल कीजिये।

दालचीनी की तासीर गर्म होती है इसलिए इसके प्रयोग से सर्दी खांसी जैसी परेशानियों को कम किया जा सकता है किन्तु इसका अत्यधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए वर्ना आपकी किडनी को हानि हो सकती है।

(और पढ़ें - सर्दी में क्या खाना चाहिये)

प्राचीन काल से ही दालचीनी का उपयोग बालों को स्वस्थ और लम्बा बनाने के लिए किया जाता रहा है। दालचीनी शरीर में रक़्त के प्रवाह को बढ़ाता है और बालों की जड़ो तक ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्वों को पहुँचता है। जो बालों के बढ़ने में मदद करता है साथ ही बालों की चमक और लम्बाई भी बढ़ाता है। 

इसके लिए 1 चमच्च दालचीनी, 1 चमच्च शहद, 1 चमच्च जैतून का तेल और 1 अंडा मिलाकर पेस्ट बनाए और इसे बालों पर लगाकर 20 मिनट तक रखें अब इसे धो ले और बालों को सुखा लें। 

(और पढ़े - बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय)

दालचीनी का प्रयोग आप कई प्रकार से कर सकते हैं। जैसे दालचीनी शहद, दालचीनी दूध, दालचीनी पॉवडर, दालचीनी का तेल ,दालचीनी चाय और दालचीनी मसाला आदि का उपयोग करके इसके गुणों का लाभ उठा सकते हैं। 

दालचीनी पॉवडर : आप अपने आहार में दालचीनी पॉवडर को कई स्वादिष्ट तरीको से जोड़ सकते हैं। दालचीनी पाउडर दालचीनी के पेड़ की छाल से बनाया जाता है। इसे आमतौर पर टोस्ट और पेस्ट्री में प्रयोग किया जाता है इसके अलावा अन्य कई तरीको से आप इसके गुणों का लाभ उठा सकते हैं। 

दालचीनी दूध : दालचीनी को दूध के साथ मिला कर आप एक स्वादिष्ट पेय बना सकते हैं जिसके कई लाभ है यह अनिद्रा को दूर करता है और इसके अन्य फायदे भी है। 

(और पढ़ें - अनिद्रा का इलाज)

दालचीनी शहद : प्राचीन आयुर्वेद के अनुसार, शहद और दालचीनी अधिकांश बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। शहद और दालचीनी का मिश्रण वजन घटाने, मुँहासे, मूत्राशय में संक्रमण, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, अपचन, और बुरी सांस जैसी कई परेशानियों को ठीक कर सकता है। 

दालचीनी चाय : दालचीनी चाय शरीर में से विषैले पदार्थो को निकलती है इसका नियमित सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है  इसके अलावा इसके स्वास्थ के लिए अन्य लाभ भी है। दालचीनी को पानी में डालकर 15 से 20 मिनट तक उबाल लें और इस चाय का नियमित रूप से सेवन करें।

(और पढ़ें - शुगर में क्या खाना चाहिए)

दालचीनी तेल : दालचीनी का तेल इसके पेड़ की पत्तियों और छाल से बनाया जाता है। यह तेल मधुमेह, मासिक धर्म में परेशानी आदि कई स्वास्थ सम्बन्धी परेशानियों को कम करता है। इसके औषधीय गुणों की वजह से इसका कई बिमारियों के इलाज में भी उपयोग किया जाता है।

इन सभी के अलावा आमतौर दलचीनी का प्रयोग हर घर में मसाले के तौर पर किया जाता है।

(और पढ़ें - मासिक धर्म जल्दी लाने के उपाय)

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Baidyanath Sarivadi VatiBaidyanath Sarivadi Vati70.0
Divya Mahayograj GuggulDivya Mahayograj Guggul88.0
Divya PatrangasavaDivya Patrangasava68.0
Divya SaraswatarishtaDivya Sarswatarishta101.0
Divya VidangasavaDivya Vidangasava48.0
Divya Triphaladi TailaDivya Triphaladi Taila116.0
Divya Anu TailaDivya Anu Tailam60.0
Baidyanath Eladi VatiBaidyanath Eladi Bati71.0
Baidyanath Lavangadi BatiBaidyanath Lavangadi Bati58.0
Baidyanath Chopchinyadi ChurnaBaidyanath Chopchinyadi Churna99.0
Baidyanath Lavan BhaskarBaidyanath Lavan Bhaskar Churna40.5
Baidyanath Mahasudarshan ChurnaBaidyanath Mahasudarshana Churna140.0
Baidyanath Talisadi ChurnaBaidyanath Talisadi Churna 60gm79.0
Baidyanath DraksharishtaBaidyanath Draksharishta144.0
Zandu AyurSipZandu AyurSip 1.5 gm120.0
Zandu Diabrishta-21Zandu Diabrishta-2181.0
Baidyanath Chitrak HaritakiBaidyanath Chitrak Haritaki81.0
Baidyanath Badam PakBaidyanath Badam Pak131.0
Baidyanath Erand PakBaidyanath Erand Pak124.0
Baidyanath Brahmi Bati (Sw Mo K Yukta)Baidyanath Brahmi Bati Enriched with brahmi175.5
Baidyanath Irimedadi TelBaidyanath Irimedadi Tel89.1
Baidyanath Haridra Khand (Br)Baidyanath Haridrakhand Vrihat 140.4
Deemark Shakti PrashDeemark Shakti Prash 250gm2360.0
Nirogam Diabetes Kit Nirogam Diabetes Kit Salacia, Az Diab, Az Diab Tea, Shilajit1597.0
Baidyanath Vita-ex gold plusBaidyanath Vita Ex Gold Plus 10 Capsules298.0
Grenera Moringa Apple CinnamonGrenera Moringa Apple Cinnamon Tea0.0
Morpheme Remedies Cinnamon CapsulesMorpheme Cinnamon359.0
Hawaiian Cinnamon Bark CapsulesHawaiian Cinnamon Bark Capsules799.0
Nirogam Organic Cinnamon Powder Nirogam Organic Cinnamon 100 Gms Powder For Type 2 Diabetes0.0
Nirogam Cinnamon PowderOrganic Cinnamon Powder For Cholesterol, Type 2 Diabetes 100 Gms204.0
Nourish Organics Apple Cinnamon BarNourish Organics Apple Cinnamon Bar Pack Of 20.0
Baidyanath Garbhpal RasBaidyanath Garbhpal Ras Tablet87.0
Baidyanath Shringarabhra RasBaidyanath Shringarabhra Ras 83.0
Dabur Sitopaladi ChurnaDABUR SITOPALADI CHURNA 100GM144.0
Dabur ShwaasamritDabur Shwaasamrit305.0
Dabur Lavan BhaskarDABUR LAVANBHASKAR CHURNA 500GM211.5
Dabur Madhu RakshakDABUR MADHU RAKSHAK POWDER 250GM324.0
Dabur Honitus MadhuvaaniDABUR HONITUS HOT SIP GRANULES SACHET 30S192.0
Best Source Nutrition Lose FatBest Source Nutritions Lose Fat0.0
Dabur Yograj GugguluDABUR YOGRAJ GUGGULU TABLET 120S83.0
Dabur Musli Pak LaghuDABUR MUSLI PAK (LAGHU) GRANULES 125GM147.0
Dabur Kanchnar GugguluDabur Kanchnar Guggulu52.0
Dabur Shrigopal TailDABUR SHRIGOPAL TAIL 130.5
Dabur Vrihat Purnachandra RasDabur Vrihat Purnachandra Ras (Gold)296.0
Dabur Amar Sundari GutikaDabur Amarsundari Gutika41.0
Dabur Chandraprabha VatiDabur Chandraprabha Vati52.2
Dabur Shoolvajrini VatiDabur Shoolvajrini Vati96.0
Dabur Vyoshadi VatiDabur Vyoshadi Vati58.0
Dabur Chopchinyadi ChurnaDabur Chopchinyadi Churna94.0
Hamdard Majun Musaffi KhasHamdard Majun Musaffi Khas80.0
Hamdard Majun Shabab AwarHamdard Majun Shabab Awar164.0
Hamdard Majun Supari PakHamdard Majun Supari Pak77.4
Hamdard Khamira Abresham Hakim Arshad WalaHamdard Khamira Abresham Hakim Arshad Wala116.0
Baidyanath Haritaki Khand Baidyanath Haritaki Khand82.0
Baidyanath Patrangasava Baidyanath Patrangasava171.0
Baidyanath Pipalyasava Baidyanath Pipalyasava171.0
Patanjali Divya Shadbindu TailPatanjali Divya Shadbindu Tail95.0
Baidyanath Chyawan Vit SugarfreeBaidyanath Chyawan Vit (Sf)198.0
Patanjali Divya Swasari Pravahi Patanjali Divya Swasari Pravahi50.0
और पढ़ें ...

References

  1. Rafie Hamidpour, Mohsen Hamidpour, Soheila Hamidpour, Mina Shahlaria. Cinnamon from the selection of traditional applications to its novel effects on the inhibition of angiogenesis in cancer cells and prevention of Alzheimer's disease, and a series of functions such as antioxidant, anticholesterol, antidiabetes, antibacteri. J Tradit Complement Med. 2015 Apr; 5(2): 66–70. J Tradit Complement Med. 2015 Apr; 5(2): 66–70.
  2. Shan B, Cai YZ, Sun M, Corke H. Antioxidant capacity of 26 spice extracts and characterization of their phenolic constituents.. J Agric Food Chem. 2005 Oct 5;53(20):7749-59. PMID: 16190627
  3. Robert W. Allen et al. Cinnamon Use in Type 2 Diabetes: An Updated Systematic Review and Meta-Analysis. Ann Fam Med. 2013 Sep; 11(5): 452–459. PMID: 24019277
  4. Ferdinando Giacco and Michael Brownlee. Oxidative stress and diabetic complications. Circ Res. 2010 Oct 29; 107(9): 1058–1070. PMID: 21030723
  5. Fatmah A Matough, Siti B Budin, Zariyantey A Hamid, Nasar Alwahaibi, Jamaludin Mohamed. The Role of Oxidative Stress and Antioxidants in Diabetic Complications. Sultan Qaboos Univ Med J. 2012 Feb; 12(1): 5–18. PMID: 22375253
  6. Jarvill-Taylor KJ1, Anderson RA, Graves DJ. A hydroxychalcone derived from cinnamon functions as a mimetic for insulin in 3T3-L1 adipocytes.. J Am Coll Nutr. 2001 Aug;20(4):327-36. PMID: 11506060
  7. Solomon TP1, Blannin AK. Effects of short-term cinnamon ingestion on in vivo glucose tolerance.. Diabetes Obes Metab. 2007 Nov;9(6):895-901. PMID: 17924872
  8. Adisakwattana S, Lerdsuwankij O, Poputtachai U, Minipun A, Suparpprom C. Inhibitory activity of cinnamon bark species and their combination effect with acarbose against intestinal α-glucosidase and pancreatic α-amylase.. Plant Foods Hum Nutr. 2011 Jun;66(2):143-8. PMID: 21538147
  9. Mohamed Sham Shihabudeen H, Hansi Priscilla D, Thirumurugan K. Cinnamon extract inhibits α-glucosidase activity and dampens postprandial glucose excursion in diabetic rats. Nutr Metab (Lond). 2011 Jun 29;8(1):46. PMID: 21711570
  10. Nidhi Goel, Hina Rohilla, Gajender Singh, Parul Punia. Antifungal Activity of Cinnamon Oil and Olive Oil against Candida Spp. Isolated from Blood Stream Infections. J Clin Diagn Res. 2016 Aug; 10(8): DC09–DC11. PMID: 27656437
  11. Health Harvard Publishing. Harvard Medical School [Internet]. Inflammation: A unifying theory of disease. Harvard University, Cambridge, Massachusetts.
  12. Gunawardena D et al. Anti-inflammatory activity of cinnamon (C. zeylanicum and C. cassia) extracts - identification of E-cinnamaldehyde and o-methoxy cinnamaldehyde as the most potent bioactive compounds. Food Funct. 2015 Mar;6(3):910-9. PMID: 25629927
  13. Liao JC et al. Anti-Inflammatory Activities of Cinnamomum cassia Constituents In Vitro and In Vivo. Evid Based Complement Alternat Med. 2012;2012:429320. PMID: 22536283
  14. Seyed Fazel Nabavi et al . Antibacterial Effects of Cinnamon: From Farm to Food, Cosmetic and Pharmaceutical Industries. Nutrients. 2015 Sep; 7(9): 7729–7748. PMID: 26378575
  15. Lowenthal J, Birnbaum H. Vitamin K and coumarin anticoagulants: dependence of anticoagulant effect on inhibition of vitamin K transport.. Science. 1969 Apr 11;164(3876):181-3. PMID: 5774189
  16. O'Reilly RA1, Aggeler PM. Studies on coumarin anticoagulant drugs. Initiation of warfarin therapy without a loading dose. Circulation. 1968 Jul;38(1):169-77. PMID: 11712286
  17. O'Reilly RA1, Aggeler PM. Studies on coumarin anticoagulant drugs. Initiation of warfarin therapy without a loading dose. Circulation. 1968 Jul;38(1):169-77. PMID: 11712286
  18. Molouk Jaafarpour, Masoud Hatefi, Fatemeh Najafi, Javaher Khajavikhan, Ali Khani. The Effect of Cinnamon on Menstrual Bleeding and Systemic Symptoms With Primary Dysmenorrhea. Iran Red Crescent Med J. 2015 Apr; 17(4): e27032. PMID: 26023350
  19. Pallavi Kawatra, Rathai Rajagopalan. Cinnamon: Mystic powers of a minute ingredient. Pharmacognosy Res. 2015 Jun; 7(Suppl 1): S1–S6. PMID: 26109781
ऐप पर पढ़ें