इक्थियोसिस वल्गेरिस - Ichthyosis Vulgaris in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS,PG Diploma

November 09, 2020

January 20, 2021

इक्थियोसिस वल्गेरिस
इक्थियोसिस वल्गेरिस

इक्थियोसिस वल्गेरिस त्वचा से जुड़ी वंशानुगत स्थिति है, जिसमें त्वचा की सतह सूखी, मोटी और पपड़ीदार हो जाती है। यह इक्थियोसिस का एक प्रकार है, जिसके हल्के मामलों में अक्सर गलत निदान होने का जोखिम रहता है, क्योंकि यह अत्यधिक सूखी त्वचा (एक्सट्रीमली ड्राई स्किन) जैसी समस्या से मिलता-जुलता है।

अत्यधिक सूखी और पपड़ीदार त्वचा को 'जेरोसिस क्युटिस' नाम से जाना जाता है।

इक्थियोसिस वल्गेरिस के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं, लेकिन कुछ गंभीर भी हो सकते हैं। कभी-कभी त्वचा संबंधी अन्य रोग जैसे कि एक्जिमा, इक्थियोसिस वल्गेरिस से जुड़ा हो सकता है। इसके लिए कोई इलाज नहीं है, लेकिन उपचार का लक्ष्य स्थिति को नियंत्रित करने पर फोकस करना है।

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इक्थियोसिस वल्गेरिस के संकेत और लक्षण क्या हैं? - Ichthyosis Vulgaris Symptoms in Hindi

आमतौर पर त्वचा हल्की मात्रा में निकलती रहती है और नई त्वचा बनती रहती है। इसे 'शेडिंग प्रोसेस' कहते हैं। इक्थियोसिस वल्गेरिस में यह शेडिंग प्रोसेस बहुत धीमा हो जाता है, जिसकी वजह से त्वचा की ऊपरी परत में धीरे-धीरे मृत कोशिकाएं जमने लगती हैं। इसके लक्षणों में शामिल हैं :

  • सूखी, पपड़ीदार त्वचा
  • त्वचा का फटना, जिनमें बहुत दर्द होता है
  • त्वचा में खुजली
  • पपड़ी का रंग भूरा, ग्रे या सफेद होना
  • बहुत ज्यादा सूखी त्वचा
  • मोटी त्वचा

इक्थियोसिस वल्गेरिस का कारण क्या है? - Ichthyosis Vulgaris Causes in Hindi

इक्थियोसिस वल्गेरिस आमतौर पर आनुवंशिक गड़बड़ी के कारण होता है। इसका मतलब है कि दोषपूर्ण जीन एक या दोनों माता-पिता से बच्चे में पारित हुए हैं। जिन बच्चों को सिर्फ माता या पिता किसी एक से दोषपूर्ण जीन मिलता है, उनमें बीमारी गंभीर नहीं होती है, लेकिन जिन्हें माता व पिता दोनों से दोषपूर्ण जीन मिलता है, उनमें इक्थियोसिस वल्गेरिस गंभीर हो सकता है। जिन बच्चों में यह समस्या होती है उनकी त्वचा जन्म के समय सामान्य होती है, लेकिन जीवन के शुरुआती वर्षों के दौरान त्वचा पपड़ीदार और सूखी होने लगती है।

यदि यह बीमारी जेनेटिक गड़बड़ी की वजह से नहीं है, तो इसे 'एक्वॉयर्ड इक्थियोसिस' के रूप में जाना जाता है। आमतौर पर यह अन्य बीमारियों से जुड़ा होता है जैसे कि कैंसरथायराइड या एचआईवी / एड्स।

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इक्थियोसिस वल्गेरिस का निदान कैसे किया जाता है? - Ichthyosis Vulgaris Diagnosis in Hindi

डॉक्टर अक्सर प्रभावित त्वचा और लक्षणों की जांच करके इक्थियोसिस वल्गेरिस का निदान कर सकते हैं। वे कुछ और भी टेस्ट जैसे स्किन बायोप्सी कर सकते हैं। यह एक जरूरी टेस्ट है क्योंकि बायोप्सी की मदद से सूखी व पपड़ीदार त्वचा के अन्य कारणों का भी पता चल सकता है।

इसके अलावा डॉक्टर त्वचा मेडिकल हिस्ट्री चेक कर सकते हैं, वे पूछ सकते हैं कि किस उम्र में यह परेशानी शुरू हुई और क्या आपको त्वचा संबंधी कोई अन्य बीमारी है या नहीं।

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इक्थियोसिस वल्गेरिस का इलाज कैसे होता है? - Ichthyosis Vulgaris Treatment in Hindi

इक्थियोसिस वल्गेरिस का कोई सटीक उपचार नहीं है, इसलिए उपचार का लक्ष्य स्थिति का प्रबंधन करना है।

  • क्रीम और मलहम : अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड जैसे लैक्टिक एसिड और ग्लाइकोलिक एसिड युक्त प्रिस्क्रिप्शन (डॉक्टर द्वारा बताई गई) क्रीम और मलहम लगाने से त्वचा की नमी बढ़ सकती है और यह पपड़ी बनने से रोकने में मदद कर सकता है।
  • ओरल मेडिसिन : डॉक्टर त्वचा कोशिकाओं के उत्पादन को कम करने के लिए रेटिनोइड्स नामक विटामिन ए युक्त दवाएं लिख सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे, इन तरह की दवाओं से साइड इफेक्ट्स हो सकता है, इसलिए कोई भी दवा अपने आप न लें। इनका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें।

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इक्थियोसिस वल्गेरिस के डॉक्टर

Dr. Neha Baig Dr. Neha Baig डर्माटोलॉजी
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