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जेरोसिस क्युटिस क्या है?

जेरोसिस क्युटिस एक मेडिकल टर्म है, जिसका इस्तेमाल सूखी त्वचा के लिए किया जाता है। यह नाम ग्रीक शब्द 'जेरो' से आया है, जिसका अर्थ है सूखा।

सूखी त्वचा की समस्या आम है, खासकर बड़े वयस्कों में यह ज्यादा देखी जाती है। वैसे तो यह एक छोटी और अस्थायी समस्या है, लेकिन इससे कई बार असुविधा हो सकती है। त्वचा को चिकनी रहने के लिए नमी की आवश्यकता होती है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, त्वचा में नमी को बरकरार रखना चुनौती भरा होता जाता है। यदि त्वचा से नमी चली गई या कम हो गई तो त्वचा सूखी के साथ-साथ खुरदरी भी हो जाती है।

यह समस्या सर्दी के महीनों में ज्यादा सामान्य है। हालांकि, दैनिक रूप से गुनगुने पानी से नहाने और मॉइस्चराइजर का उपयोग करने से जेरोसिस क्युटिस की समस्या से निजात मिल सकती है।

जेरोसिस क्युटिस का संकेत और लक्षण क्या है?

जेरोसिस क्युटिस के लक्षणों में शामिल हैं :

  • त्वचा जो सूखी, खुजलीदार और पपड़ीदार होती है, विशेष रूप से हाथ और पैरों में
  • त्वचा टाइट महसूस करना, खासकर नहाने के बाद
  • सफेद, पपड़ीदार त्वचा
  • त्वचा पर दरारें (क्रैक्स स्किन)

जेरोसिस क्युटिस का कारण क्या है?

त्वचा की ऊपरी सतह पर एक चिकनाहट होती है, जब इसमें कमी आती है तो त्वचा शुष्क हो जाती है। यह आमतौर पर पर्यावरणीय कारकों से शुरू होता है। निम्नलिखित गतिविधियों या स्थितियों में जेरोसिस क्युटिस हो सकता है :

  • ठंडे, शुष्क सर्दियों वाले क्षेत्र में रहना
  • अपने घर या ऑफिस में सेंट्रल हीटिंग का उपयोग करना
  • बार-बार व जल्दी-जल्दी नहाना
  • ऐसे क्षेत्र में रहना, जहां वातावरण में नमी बहुत कम हो
  • निर्जलीकरण या पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीना
  • त्वचा को अत्यधिक साफ करना या स्क्रब करना
  • नहाते समय अत्यधिक गर्म पानी का उपयोग करना

(और पढ़ें - सर्दियों में रूखी त्वचा का इलाज)

जेरोसिस क्युटिस को कैसे रोका जा सकता है?

इस स्थिति को हमेशा रोकना मुश्किल हो सकता है, खासकर जब आपकी उम्र ज्यादा है। हालांकि, दैनिक दिनचर्या में थोड़े से बदलाव करके जेरोसिस क्युटिस के लक्षणों को कम किया जा सकता है, इनमें शामिल हैं -

  • तौलिए से त्वचा को रगड़ने की जगह टैप (एक तरह से थपथपाना) करके सुखाएं।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीने पिएं, ताकि शरीर में तरल की कमी न रहे।
  • तेल वाले मॉइस्चराइजिंग लोशन का उपयोग करें, विशेष रूप से सर्दियों में।
  • बाहर जाते समय सनस्क्रीन का प्रयोग करें।
  • बहुत अधिक गर्म पानी से न नहाएं, भले तेज सर्दी का मौसम हो। इसकी जगह गुनगुना पानी इस्तेमाल करें।
  • ज्यादा देर तक न नहाएं।
  • किसी ऐसे क्लींजर का उपयोग न करें, जिसमें सुगंध या अल्कोहल हो। क्लींजर ऐसे प्रोडक्ट को कहते हैं, जिसके माध्यम से त्वचा को साफ किया जाता है।
  • शुष्क त्वचा पर साबुन का उपयोग कम से कम करें और ऐसे साबुन का इस्तेमाल करें जिसमें केमिकल न हों।
  • ज्यादा पानी के संपर्क में न आएं और हो सके तो हॉट टब या पूल का प्रयोग न करें या बहुत कम समय के लिए इसमें जाएं।
  • प्रभावित हिस्से को खरोंचने से बचें।

(और पढ़ें - रूखी त्वचा की देखभाल)

जेरोसिस क्युटिस का इलाज कैसे होता है?

जेरोसिस क्युटिस के उपचार का उद्देश्य लक्षणों को दूर करना है। आमतौर पर, पानी आधारित क्रीम (वाटर बेस्ड लोशन) की तुलना में तेल आधारित क्रीम ज्यादा प्रभावी है। पानी आधारित लोशन जेरोसिस क्युटिस के लक्षणों को खराब कर सकता है।

इस स्थिति में ऐसी क्रीम का प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें लैक्टिक एसिड, यूरिया या दोनों का मिश्रण हो। यदि त्वचा में खुजली हो रही हो तो 'हाइड्रोकॉर्टीसोन क्रीम (1 पर्सेंट)' का प्रयोग किया जा सकता है।

अन्य उपचार विधियों में शामिल हैं :

  • तेज गर्मी में न रहें
  • खूब पानी पिएं

प्राकृतिक उपचार जैसे कि 'एसेंशियल ऑयल' और 'एलोय' जेरोसिस के इलाज में प्रभावी है, लेकिन इनके प्रभाव के बारे में अभी और शोध की जरूरत है।

(और पढ़ें - रूखी त्वचा के लिए घरेलू उपाय)

  1. जेरोसिस क्युटिस के डॉक्टर
Dr. Deepak Kumar Yadav

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