परिचय

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस लंबे समय तक रहने वाला और लगातार बढ़ने वाला रोग है। यह ओरल सबम्यूकोस (म्यूकस मेम्बरेन के नीचे ऊतकों की एक परत) के लचीलेपन में बदलाव कर देती है। यह रोग भारत व दक्षिण-पूर्व एशिया के क्षेत्रों में काफी प्रचलित है लेकिन अन्य क्षेत्रों में काफी दुर्लभ है।

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस में मुख्य रूप से मुंह में जलन व दर्द होना, स्वाद की पहचान करने की क्षमता कम होना, मुंह के अंदर के ऊतक सफेद हो जाना और म्यूकस में अकड़न आ जाना आदि जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस में कुछ प्रकार के मुंह संबंधी कैंसर होने के जोखिम भी बढ़ जाते हैं, जैसे ओरल स्क्वैमस सेल कैंसर

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ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस के लक्षण क्या हैं?

इस रोग के शुरुआती चरणों में म्यूकोस चमड़ी जैसा (मोटा व कठोर) महसूस होता है। ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस के कठोर चरणों में म्यूकोस की लचीलापन कम हो जाता है और व सफेद व कठोर हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह रोग शुरु में मुंह के पिछले हिस्से में होता है और फिर धीरे-धीरे मुंह के बाकी हिस्सों में भी फैल जाता है। 

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस के कुछ अन्य लक्षण जैसे:

  • जिरोस्टोमिया (मुंह सूखने जैसा लक्षण)
  • बार-बार छाले होना
  • कान में दर्द या बहरापन
  • बोलते समय नाक से आवाज आना
  • नरम तालु (Soft palate) ठीक से हिल ना पाना
  • युवुला छोटा पड़ जाना या सिकुड़ना
  • होंठ मोटे व कठोर हो जाना
  • मुंह सूखना व मुंह में जलन होना
  • मुंह को पूरी तरह से ना खोल पाना
  • जीभ को पूरी तरह से बाहर ना निकाल पाना

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस क्यों होता है?

कुछ प्रकार के सूखे प्रोडक्ट जैसे पान मसाला व गुटखा आदि में बहुत अधिक मात्रा में ऐरेका (सुपारी) होता है। कुछ मामलों में सुपारी को ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस का कारण माना जाता है। इसके अलावा ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे:

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस का इलाज कैसे किया जाता है?

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस से ग्रस्त लोगों का इलाज रोग की गंभीरता के आधार पर किया जाता है। यदि ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस का शुरुआती चरणों में ही पता लगा लिया जाए, तो इसकी आदत को रोकना ही काफी होता है।

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस से ग्रस्त ज्यादातर लोगो में यह रोग मध्यम या गंभीर रूप में ही होता है। इसके मध्यम या गंभीर रूप का इलाज करना संभव नहीं है। इसका इलाज लक्षणों व संकेतों के अनुसार किया जाता है और इलाज का मुख्य लक्ष्य मुंह के कार्यों (जैसे खुलना-बंद होना आदि) को फिर से ठीक करना होता है। 

ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस के इलाज पर अभी भी खोज की जा रही है, कुछ देशों में अभी तक इसके इलाज के लिए उचित दवाओं की स्वीकृति नहीं दी गयी है।

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