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स्टेरॉयड एक प्रकार के हार्मोन होते हैं जो शरीर में स्वाभाविक रूप से बनते हैं। स्टेरॉयड दवाएं मानव निर्मित होती हैं और शरीर में बने प्राकृतिक हार्मोन का कृत्रिम रूप होती हैं। स्टेरॉयड दवाएं कई अलग-अलग चिकित्सीय स्थितियों के लिए उपयोग की जाती हैं। बीमारी के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली स्टेरॉयड दवाओं के प्रकार को कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स कहा जाता है।

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पूरे विश्व में पेशेवर एथलीटों और बॉडीबिल्डर के बीच स्टेरॉयड का दुरुपयोग सबसे आम है। किशोर और वयस्क जिनको लगता हैं कि उन्हें अपने बारे में अच्छा महसूस करने के लिए मांसपेशियों को बढ़ाने की ज़रूरत है, वे भी स्टेरॉयड का दुरुपयोग कर सकते हैं। ये एनाबॉलिक स्टेरॉयड का उपयोग करते हैं जो उन स्टेरॉयड से अलग होते हैं जिनका उपयोग बीमारी के इलाज के लिए किया जाता है। एनाबॉलिक स्टेरॉयड के प्रभाव कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स से बहुत अलग होते हैं।

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अपने बच्चों और किशोरों को स्टेरॉयड की लत से बचाने के लिए आपको स्टेरॉयड और उनके दुष्प्रभावों के बारे में तथ्यों को अच्छे से समझना आवश्यक है। इस लेख में विस्तार से बताया गया हैं कि स्टेरॉयड क्या है, स्टेरॉयड के कितने प्रकार है और स्टेरॉयड कैसे काम करते हैं? इसके साथ ही स्टेरॉयड के फायदे और नुकसान के बारे में भी बताया गया है।

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  1. स्टेरॉयड क्या है - Steroids kya hota hai in hindi
  2. स्टेरॉयड के प्रकार - Types of Steroids in hindi
  3. स्टेरॉयड कैसे काम करते हैं - How do Steroids work in hindi
  4. स्टेरॉयड के फायदे - Steroids ke fayde in hindi
  5. स्टेरॉयड के नुकसान - Steroids ke side effects in hindi

स्टेरॉयड सिंथेटिक या मानव निर्मित ऐसी दवाएं हैं जो शरीर में बनने वाले प्राकृतिक हार्मोन जैसे गुणों से युक्त होती हैं। जिन स्टेरॉयड का दुरुपयोग किया जाता है वे एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड (एएएस) होते हैं। ये पुरुष हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन के प्रभावों जैसे ही प्रभाव उत्पन्न करते हैं। लोग एएएस का उपयोग मांसपेशियों के निर्माण या ताकत बढ़ाने के लिए करते हैं।

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इस प्रकार के स्टेरॉयड को मांसपेशियों में इंजेक्शन से या मुँह द्वारा निगल कर लिया जा सकता है। एएएस और कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स दोनों के उपयोग और असर में काफी अंतर है।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स को दमा (अस्थमा) जैसी परिस्थितियों के इलाज में चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित किया गया है। कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स हमारे शरीर में पैदा होने वाले कोर्टिसोल हार्मोन के प्रभावों की प्रतिलिपि बनाते हैं और इनमें मांसपेशियों के निर्माण या प्रदर्शन का स्तर बढ़ाने वाले प्रभाव नहीं होते हैं।

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इस प्रकार स्टेरॉयड के कई वैध चिकित्सा उपयोग हैं। हालांकि, स्टेरॉयड लेने वाले पुरुष और महिलाएं जो मसल्स बढ़ाने के लिए इसका उपयोग करते हैं वे अवैध रूप से ऐसा करते हैं। स्टेरॉयड का उपयोग करने वाले लोग आमतौर पर मांसपेशियों की ताकत में तेजी से वृद्धि का अनुभव करते हैं।

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भारी वजन उठाने की इस बढ़ी हुई क्षमता के कारण मांसपेशियों की वृद्धि तेज होती है - जिसका अर्थ है कि लोग अपनी मांसपेशियों की जल्दी रिकवरी होने के कारण अधिक बार और लंबी अवधि के लिए वर्कआउट (व्यायाम) कर सकते हैं।

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स्टेरॉयड दवाएं कई अलग-अलग रूपों में ली जा सकती हैं, जो निम्नलिखित हैं -

  • गोलियां, सिरप और तरल पदार्थ के रूप में, जैसे कि प्रेडनिसोलोन।
  • इनहेलर्स और नाक में डालने वाले स्प्रे के रूप में, जैसे कि बीक्लोमेटासोन और फ्लुटाइकसोन।
  • इंजेक्शन (जोड़ों, मांसपेशियों या रक्त वाहिकाओं में दिए जाते हैं), जैसे कि मेथाईलप्रेडनिसोलोन।
  • क्रीम, लोशन और जैल के रूप में जैसे कि हाइड्रोकोर्टिसोन।

अधिकांश स्टेरॉयड केवल डॉक्टर के द्वारा प्रिस्क्रिप्शन पर ही उपलब्ध होते हैं, लेकिन कुछ, जैसे कुछ क्रीम या नाक के स्प्रे मेडिकल स्टोर और कॉस्मेटिक दुकानों से खरीदे जा सकते हैं।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड के लिए कुछ स्लैंग शब्दों का प्रयोग किया जाता है जैसे कि  'रोइड्स', 'गियर' और 'जूस' इत्यादि।

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आमतौर पर "स्टेरॉयड" के रूप में जानी जाने वाली दवाओं को कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स या एनाबॉलिक (या एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक) स्टेरॉयड के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स
कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स जैसे कि कोर्टिसोन, वे दवाइयां हैं जो डॉक्टर सूजन को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए उपयोग करते हैं। कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स फेफड़ों की श्वास नली में सूजन और म्यूकस उत्पादन को कम करने के लिए बहुत अच्छा इलाज है। वे अन्य त्वरित राहत प्रदान करने वाली दवाओं को बेहतर तरीके से काम करने में भी मदद करते हैं।

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ये स्टेरॉयड उन हार्मोन के समान होते हैं जो आपकी एड्रेनल ग्रंथियां बीमारियों और चोटों से जुड़े तनाव से लड़ने के लिए शरीर में प्राकृतिक रूप से बनाती हैं। आम तौर पर एड्रेनल ग्रंथियां हर सुबह रक्त प्रवाह में कोर्टिसोल छोड़ती हैं। आपका मस्तिष्क इस राशि पर नज़र रखता है और एड्रेनल फ़ंक्शन को नियंत्रित करता है लेकिन मस्तिष्क अपने प्राकृतिक कोर्टिसोन और स्टेरॉयड दवाओं के बीच अंतर नहीं कर सकता है।

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इसलिए, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक स्टेरॉयड की उच्च खुराक लेता है, तो मस्तिष्क कोर्टिसोल उत्पादन को कम या बंद कर सकता है। इसे एड्रेनल दमन कहा जाता है। हेल्थकेयर प्रदाता आम तौर पर एड्रेनल ग्रंथि को ठीक करने और सामान्य स्तर पर कोर्टिसोल का उत्पादन फिर से शुरू करने देने के लिए स्टेरॉयड खुराक को धीरे-धीरे कम करते हैं। यदि आप लंबे समय तक स्टेरॉयड पर रहे हैं तो अचानक उन्हें बंद न करें। अपने डॉक्टर के पर्चे का पालन करें।

आपको निम्नलिखित बिमारियों के इलाज के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स लेने की आवश्यकता हो सकती है -

स्टेरॉयड बहुत स्ट्रांग दवाएं होती हैं और इनसे आपको कमजोर हड्डियों और मोतियाबिंद सहित कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इस वजह से, आप आमतौर पर उन्हें जितना संभव हो सके उतने कम समय तक लें।

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एनाबॉलिक स्टेरॉयड
एनाबॉलिक स्टेरॉयड सिंथेटिक हार्मोन हैं जो मांसपेशियों का उत्पादन करने और मांसपेशियों के टूटने को रोकने के लिए शरीर की क्षमता को बढ़ा सकते हैं।

कुछ एथलीट इस उम्मीद में स्टेरॉयड लेते हैं कि वे अधिक तेज गति से दौड़ने, अधिक दूर मारने, भारी वजन उठाने, अधिक ऊँचा कूदने या अधिक सहन करने की क्षमता प्राप्त करेंगे। भारत में, बिना डॉक्टर के किसी पर्चे के एनाबॉलिक स्टेरॉयड का उपयोग करना कानून के खिलाफ है।

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एंड्रोस्टेनेडीओन या "एंड्रो," एक प्रकार का एनाबॉलिक स्टेरॉयड है। यह उन एथलीटों द्वारा लिया जाता है जो मांसपेशियों को बनाना चाहते हैं। यह अब स्वास्थ्य को होने वाले संदिग्ध जोखिमों के कारण एक नियंत्रित पदार्थ है और केवल पर्ची द्वारा ही उपलब्ध है। इस बात के कोई सबूत नहीं है कि इसका कोई महत्वपूर्ण एनाबॉलिक प्रभाव है।

खेल के लिए स्टेरॉयड का उपयोग भारत में पूरी तरह से अवैध है और कुछ स्टेरॉयड दवाएं जो प्रतिबंधित हैं वे भी अवैध हैं। चूंकि यह एथलेटिक उद्देश्यों के लिए कानूनी रूप से सही नहीं है, इसलिए इस उद्देश्य के लिए बेची गई दवाओं की गुणवत्ता या उपयोग पर कोई कानूनी नियंत्रण नहीं होता है।

अवैध स्टेरॉयड इंटरनेट के माध्यम से और अन्य अवैध दवाओं की तरह अनौपचारिक डीलरों के माध्यम से प्राप्त किए जाते हैं। हालांकि, वे बेईमान फार्मासिस्ट, डॉक्टरों और पशु चिकित्सकों के माध्यम से भी उपलब्ध हो सकते हैं।

कभी-कभी "डिजाइनर" स्टेरॉयड को एथलीटों को डोपिंग परीक्षण पास करने में सक्षम बनाने के लिए उत्पादित किया जाता है। उनकी रचना और उपयोग पूरी तरह से अनियमित हैं, इसलिए वे आपके जीवन को खतरे में डालते हैं।

एथलीट अक्सर अन्य एथलीटों, कोचों, वेबसाइटों या जिम "गुरु" से प्राप्त जानकारी का उपयोग करके “ट्रायल एंड एरर आधार” पर स्टेरॉयड का उपभोग करते हैं। नतीजतन, उनके पास अच्छी चिकित्सा संबंधी जानकारी और समर्थन तक पहुंच नहीं होती है जो इन दवाओं का उपयोग करते समय उन्हें सुरक्षित रख सकती है। आप इस तरह के किसी प्रोडक्ट का सेवन बिलकुल न करें।

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कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के काम करने का तरीका

ये कोर्टिसोल हार्मोन के समान ही होते हैं, जो शरीर में एड्रेनल ग्रंथियों द्वारा उत्पादित हार्मोन है। कोर्टिसोल शरीर के अपने प्राकृतिक स्टेरॉयड में से एक है। जीवन और स्वस्थ रहने के लिए कोर्टिसोल आवश्यक है। तनाव के दौरान, हमारा शरीर हमें बहुत बीमार होने से बचाने के लिए अतिरिक्त कोर्टिसोल उत्पन्न करता है।

जब आपके शरीर में सामान्य रूप से उत्पादन की मात्रा से अधिक खुराक में लिया जाता है, तो स्टेरॉयड रेडनेस और सूजन को कम करता है। यह अस्थमा और एक्जिमा जैसी सूजन की स्थितियों में मदद कर सकता है।

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स्टेरॉयड बीमारी और संक्रमण के खिलाफ शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधि को भी कम करता है। इससे यह ऑटोइम्यून स्थितियों, जैसे रूमेटोइड गठिया या लुपस का इलाज करने में मदद कर सकता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के गलती से शरीर पर हमला करने के कारण होते हैं।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड के काम करने का तरीका

स्वाभाविक रूप से बनने वाले हार्मोन के गुणों का अनुकरण करके काम करते हैं। उनके पास टेस्टोस्टेरोन के ही समान समान रासायनिक संरचना होती है और इसलिए वे टेस्टोस्टेरोन रिसेप्टर्स को सक्रिय करने में सक्षम हैं। एक बार रिसेप्टर्स उत्तेजित हो जाने के बाद, चयापचय प्रतिक्रियाओं का एक दूरगामी प्रभाव होता है क्योंकि दवा मांसपेशीयों के ऊतक के उत्पादन में वृद्धि करने के लिए शरीर को निर्देश देती है।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड आम तौर पर 6 से 12 सप्ताह की अवधि तक लिया जाता है। इसके बाद लंबी अवधि में मांसपेशीयों की कोशिकाओं को बढ़ने से बंद करने के लिए उतनी ही लंबाई का ब्रेक लिया जाता है। इसे “साइकलिंग” के रूप में जाना जाता है।

विभिन्न एनाबॉलिक स्टेरॉयड को अक्सर एक प्रक्रिया से आपस में मिलाया जाता है जिसे “स्टैकिंग” के नाम से जाना जाता है। यह मांसपेशियों के द्रव्यमान को बढ़ाने, इन्हें चर्बी रहित बनाने और मांसपेशियों की अच्छी शेप (जिसे “कटिंग” के रूप में जाना जाता है) प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

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अगर उनका सही मात्रा में और सही उपयोग किया जाता है तो स्टेरॉयड के विभिन्न लाभ होते हैं। यहाँ दोनों प्रकार स्टेरॉइड्स के फायदे के बारे में बताया गया है।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के लाभ -

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स सूजन को कम करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है। (और पढ़े - इम्युनिटी बढ़ाने वाला भोजन)
  • स्टेरॉयड अस्थमा और एक्जिमा जैसी सूजन की स्थितियों का इलाज करने में मदद कर सकते हैं। (और पढ़े - एक्जिमा के घरेलू उपाय)
  • यह ऑटोइम्यून स्थितियों, जैसे रूमेटोइड गठिया, ऑटोइम्यून हैपेटाइटिस या सिस्टमिक लुपस एरिथेमैटोसस (एसएलई) का इलाज करने में मदद कर सकता है।

अक्सर लोगों को कॉर्टिकोस्टेरॉइड ("स्टेरॉयड") दवा लेने के बारे में चिंता होती है। कृपया अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता के साथ स्टेरॉयड के उपयोग के बारे में चिंताओं पर अच्छे से चर्चा करें।

अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता को उन सभी दवाइयों और हर्बल सप्लीमेंट्स के बारे में बताएं जो आप वर्तमान में लें रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आपके द्वारा ली गई स्टेरॉयड से रिएक्शन तो नहीं करते हैं। स्टेरॉयड लेने के दौरान अपने हेल्थकेयर प्रदाता के निर्देशों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड के फायदे

एएएस का उपयोग करने वाले लोगों द्वारा निम्नलिखित प्रभावों का दावा किया जाता है -

  • चर्बी रहित मांसपेशियों का द्रव्यमान और शक्ति बढ़ती है।
  • भूख, ऊर्जा और प्रेरणा में वृद्धि होती है। (और पढ़े - भूख कम करने के घरेलू उपाय)
  • उनके अनुसार इन्हें लेने वाले के आत्मविश्वास में भी कथित रूप से वृद्धि होती है।

एएएस दवाएं विभिन्न तरीकों से और विभिन्न स्तर की तीव्रता के साथ लोगों को प्रभावित करती हैं। हालांकि, प्रतिकूल प्रभाव लंबे समय तक दवाओं का उपयोग करने से बहुत बढ़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में फायदे से अधिक नुकसान होते हैं।

जब लोग कई एएएस दवाओं को एक साथ लेते हैं यानी “स्टैकिंग” के कारण इसके उपयोग से जुड़े जोखिम और नुकसान में वृद्धि हो जाती है। एएएस आमतौर पर इलाज के रूप में निर्धारित नहीं किये जाते हैं।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड के साइड इफेक्ट

कॉर्टिकोस्टेरॉइड के अवांछित साइड इफेक्ट्स इसकी खुराक और उपचार की अवधि दोनों पर निर्भर करते हैं। यदि स्टेरॉयड कम समय के लिए या कम खुराक में लिए जाते हैं तो बहुत अधिक साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं।

लेकिन कभी-कभी वे छोटे-मोटे साइड इफेक्ट्स का कारण बन सकते हैं, जैसे भूख बढ़ना, मूड में बदलाव और सोने में कठिनाई इत्यादि। ये स्टेरॉयड गोलियों के साथ होने वाले सबसे आम प्रभाव हैं।

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एक बार जब आप इलाज खत्म कर लेंगे तो साइड इफेक्ट्स आमतौर पर समाप्त हो जाएंगे, लेकिन अपने डॉक्टर से बात किए बिना अपनी दवा लेना बंद न करें। क्योंकि यह कुछ अन्य दुष्प्रभाव (दवा छोड़ने से पैदा होने वाले लक्षण) का कारण बन सकता है।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड के दुष्प्रभाव

एनाबॉलिक स्टेरॉयड (एएएस) उपयोग के प्रतिकूल प्रभाव उत्पाद, उपयोगकर्ता की उम्र और लिंग, कितना उपयोग करते हैं और कितने समय तक करते हैं? इस बात पर निर्भर करते हैं।

कानूनी रूप से निर्धारित सामान्य खुराक में लेने एनाबॉलिक स्टेरॉयड के निम्नलिखित दुष्प्रभाव हो सकते हैं -

एनाबॉलिक स्टेरॉयड के गैर-चिकित्सीय उपयोग में चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाने वाली राशि से भी 10 से 100 गुना अधिक मात्रा शामिल हो सकती है। स्टेरॉयड के गलत उपयोग से निम्नलिखित परेशानियां बढ़ने का खतरा हो सकता है -

  • कार्डियोवैस्कुलर समस्या
  • सडन कार्डियक डेथ (अगर समय पर इलाज न मिले अचानक हार्ट फैल होने से मौत हो सकती है) और हार्ट अटैक (मायोकार्डियल इंफार्क्शन) (और पढ़े - हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर)
  • लिवर की समस्याएं और ट्यूमर सहित अन्य प्रकार के नुकसान
  • कोलेजन के अपघटन के कारण टेंडन टूटने की समस्या
  • ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों को नुकसान, जैसे स्टेरॉयड उपयोग कैल्शियम और विटामिन D के चयापचय को प्रभावित करता है। (और पढ़ें - विटामिन डी की कमी)
  • किशोरों द्वारा इसे लेने से उनके शरीर का विकास स्थायी रूप से रूक सकता है।
  • पुरुषों में इसके उपयोग से अंडकोष का सिकुड़ना, बाँझपन, बढ़े हुए स्तन इत्यादि की समस्या हो सकती हैं।
  • महिलाओं में - मासिक धर्म चक्र में परिवर्तन, आवाज में बदलाव, क्लाइटोरिस की लम्बाई बढ़ना, चेहरे और शरीर पर बाल में वृद्धि होना, स्तनों में सिकुड़न, सेक्स ड्राइव यानी कामेच्छा में वृद्धि होना इत्यादि। इनमें से कुछ परिवर्तन दवा के उपयोग बंद करने के बावजूद भी हमेशा के लिए बने रह सकते हैं। (और पढ़े - कामेच्छा में कमी का इलाज)
  • इसके कुछ अन्य जोखिम भी हैं - लिवर को नुकसान, आक्रामकता और शत्रुता की भावनाएं बढ़ना, मनोदशा और चिंता संबंधी विकार, खराब व्यवहार, मनोवैज्ञानिक निर्भरता और व्यसन इत्यादि।
  • जो लोग अचानक लंबे समय तक उनका उपयोग करने के बाद एएएस को बंद कर देते हैं, वे गंभीर अवसाद सहित बीमार होने जैसे विथड्रावल लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। (और पढ़े - अवसाद के घरेलू उपाय)
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