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दाद किसी भी कीड़ा या किसी भी जीवित परजीवी के कारण नहीं होता। यह त्वचा पर एक फंगस के प्रकार के कारण होता है जिसे टिनिया कहते हैं। यह त्वचा, नाख़ून और बालों के मृत उत्तकों में रहते हैं। दाद के कारण आपकी त्वचा लाल, दरदरी और खुजलीदार हो जाती है। दाद गोल आकार में होता है इसलिए इसे रिंगवोर्म (ringworm) कहते हैं। 

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दाद की समस्या आपको नाखूनों और त्वचा पर हो सकती है। यह हाथ और बालों की जड़ों में बहुत आम होता है लेकिन ये समस्या आपको कही भी त्वचा में हो सकती है। ये चेहरे पर भी हो सकता है। अगर दाद अलग अलग क्षेत्रों में होता है तो आप इसे इसे विभिन्न नामों से बुलाया जाता है। जैसे अगर यह पेट और जांघ के बीच होता है तो इसे जौक इच (jock itch) कहते हैं। अगर ये आपके पैरों की उँगलियों में होता है तो इसे एथलीट फुट (athlete’s foot) कहा जाता है। दाद को सिर्फ दवाइयों से ही नहीं घरेलू उपायों से भी ठीक किया जा सकता है।

तो आज हम आपको दाद को खत्म करने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने वाले हैं।

  1. दाद को दूर करे साबुन से - Daad dur kare soap se in Hindi
  2. दाद का घरेलू नुस्खा है सेब का सिरका - Daad ka gharelu nuskha hai apple vinegar in Hindi
  3. दाद को दूर करने का घरेलू उपाय है टी ट्री तेल - Daad ka gharelu upay hai tea tree oil in Hindi
  4. दाद को कम करने का घरेलू नुस्खा है नारियल का तेल - Daad se chutkara paye coconut oil se in Hindi
  5. दाद को खत्म करने का उपाय है हल्दी - Daad ko hatane ke upay hai turmeric in Hindi
  6. दाद को रोकने के उपाय है एलो वेरा - Daad thik karne ka tarika hai aloe vera in Hindi
  7. दाद ठीक करने के घरेलू नुस्खे में करे ओरगेनो तेल का उपयोगी - Daad thik karne ka upaye hai oregano oil in Hindi
  8. दाद को हटाएं लेमनग्रास तेल से - Daad khaj ka gharelu nuskha hai lemongrass oil in Hindi
  9. दाद के लिए घरेलू नुस्खा है मुलेठी - Daad dur karne ka upay hai licorice in Hindi
  10. दाद से छुटकारा पाएं लहसुन से - Daad se mukti dilata hai garlic in Hindi
  11. दाद खाज का उपाय है नीम - Dad se bachane ka upay hai neem in Hindi
  12. दाद ठीक करने का तरीका है पपीता - Dad se chutkara ditata hai papaya in Hindi
  13. बाबा से जानिये कुछ प्राकृतिक तरीके दाद और खुजली को भगाने के

जब आपको दाद हो तो उस जगह को जितना हो सके उतना साफ रखने की कोशिश करें। इससे आपका दाद और ज़्यादा फैलने से रुकेगा और प्रभावित क्षेत्र नियंत्रण में रहेगा।

साबुन का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. प्रभावित क्षेत्र को सबसे पहले पानी से साफ़ कर लें और फिर किसी भी घरेलू उपाय का उपयोग करने से पहले एंटी-बैक्टीरियल साबुन से उस जगह को धो लें।
  2. अब प्रभावित क्षेत्र को सूखा लें जिससे की किसी भी प्रकार की उस पर नमी न रह जाये और संक्रमण ज़्यादा न फैले।
  3. पाइन और कोल-टार पुराने घरेलू उपाय हैं लेकिन ये त्वचा पर जलन पैदा कर सकते हैं।

(और पढ़ें - संक्रमण का इलाज)

सेब के सिरके में मजबूत एंटिफंगल गुण होते हैं जो दाद का इलाज करने में बेहद फायदेमंद होते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए सेब के सिरके में सबसे पहले रूई डुबोएं और उसे फिर अपनी त्वचा पर लगाएं। इसका इस्तेमाल पूरे दिन में तीन बार ज़रूर करें।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे)

ऑस्ट्रेलिया में टी ट्री तेल का इस्तेमाल उसके एंटिफंगल और जीवाणुरोधी गुणों की वजह से किया जाता है और इसे आज भी इन्ही गुणों की वजह से इस्तेमाल किया जाता है। यह फंगल त्वचा संक्रमण के इलाज के लिए बेहद प्रभावी है। टी ट्री तेल को रूई से प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो आप टी ट्री तेल को नारियल के तेल के साथ मिला सकते हैं। नारियल के तेल भी स्वयं के एंटिफंगल गुण होते हैं।

(और पढ़ें - टी ट्री ऑयल के फायदे)

नारियल के तेल में माइक्रोबियल और एंटिफंगल गुण होते हैं जो दाद के संक्रमण का इलाज करते हैं। ये दाद के लिए बेहद प्रभावी घरेलू उपाय है और अन्य फंगस संक्रमण जैसे कि कैंडिडा को भी दूर करने में मदद करता है। नारियल के तेल को आप आसानी से जड़ों में लगा सकते हैं और यह प्रभावी हेयर कंडीशनर की तरह काम करता है। नारियल का तेल लगाने के लिए सबसे पहले नारियल के तेल को गर्म कर लें। फिर इसे प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। ये आसानी से त्वचा में अवशोषित हो जाएगा। इसे रोजाना कम से कम तीन बार ज़रूर लगाएं।

(और पढ़ें - नारियल तेल के फायदे)

हल्दी में कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं जिनमें एंटीबायोटिक और सूजनरोधी गुण शामिल होते हैं। यह एक प्रभावी एंटिफंगल है जो दाद को बढ़ने से रोकता है।

हल्दी का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. हल्दी का पेस्ट बनाने के लिए सबसे पहले थोड़ा पानी लें और उसमे एक या दो चम्मच हल्दी को मिला दें।
  2. इसे तब तक मिलाएं जब तक उसका पेस्ट बनकर तैयार न हो जाये।
  3. अब इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और सूखने के लिए इसे छोड़ दें।
  4. आंतरिक लाभ पाने के लिए आप हर दिन हल्दी पानी या हल्दी चाय पी सकते हैं।

(और पढ़ें - हल्दी के फायदे

एलो वेरा को लंबे समय से जीवाणु और फंगल संक्रमण दोनों के लिए एक प्राकृतिक उपाय की तरह इस्तेमाल किया गया है। एलो वेरा दाद का इलाज करता है और उसके लक्षणों को भी कम करता है जैसे खुजली, सूजन और असहजता। आप एलो वेरा का मलहम या एलो वेरा जेल को प्रभावित क्षेत्रों पर लगा सकते हैं। पूरे दिन में इसे तीन बार ज़रूर इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - एलोवेरा के फायदे)

ओरगेनो तेल अन्य एंटी-फंगल उत्पादों से बेहतर माना जाता है। यह पैरों की उँगलियों और दाद को रोकता है और उनका इलाज भी करता है। ओरगेनो तेल को आप दूकान या ऑनलाइन खरीद सकते हैं। आप इसमें कुछ अन्य तेल की बूँदें भी मिला सकते हैं जैसे जैतून का तेल या नारियल का तेल। इन तेलों के मिश्रण को आप पूरे दिन में तीन बार ज़रूर इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - फंगल संक्रमण के घरेलू उपाय)

लेमनग्रास तेल और लेमनग्रास चाय दोनों में ही एंटिफंगल गुण मौजूद होते हैं जो त्वचा के फंगस संक्रमण का इलाज करते हैं।

लेमनग्रास तेल का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. लेमनग्रास तेल को अन्य तेलों के साथ मिलाकर अपने प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  2. आप लेमनग्रास चाय के बैग को सीधा दाद पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - लेमन ग्रास के फायदे)

मुलेठी में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं और एक रिसर्च से पता चला है कि मुलेठी के जूस का इस्तेमाल फंगल संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है।

मुलेठी का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. आठ चम्मच मुलेठी के पाउडर को एक कप पानी में मिलाकर उसे उबलने को रख दें।
  2. जब मिश्रण उबाल जाये तो उसे दस मिनट के लिए ठंडा होने के लिए रख दें।
  3. हल्का ठंडा होने के बाद इसे चलाते रहें तब तक जब तक इसका पेस्ट न बन जाये।
  4. जब पेस्ट छूने लायक बन जाये तो उसे प्रभावित क्षेत्रों पर लगा लें।
  5. इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें।
  6. पेस्ट को लगाने के बाद दस मिनट तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें।

(और पढ़ें - मुलेठी के फायदे)

लहसुन में प्रभावी एंटिफंगल गुण होते हैं जो दाद के इलाज में मदद करते हैं।

लहसुन का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. दो लहसुन के फांकों को क्रश कर लें।
  2. उन्हें दिन में कई बार दाद के दानों पर रगड़ें।
  3. जब तक सुधार नहीं होता तब तक करते रहें।

(और पढ़ें - लहसुन के फायदे)

नीम में एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो दाद, खुजली और विभिन्न त्वचा संक्रमणों के इलाज में मदद करते हैं।

नीम का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. नीम के तेल को प्रभावित क्षेत्रों पर पूरे दिन में एक बार कुछ दिनों तक या जब तक असर नहीं चला जाता तब तक लगाते रहें।
  2. आप एक या आधा चम्मच नीम के तेल को एक कप एलो वेरा जेल के साथ मिक्स करके लगा सकते हैं।
  3. इसके अलावा नीम की पत्तियों, हल्दी पाउडर और तिल के तेल को एक साथ बराबर मात्रा में मिला लें।
  4. अब इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।

(और पढ़ें - नीम के फायदे और नुकसान)

 

कच्चा पपीता में एंटिफंगल गुण मौजूद होते हैं जो फंगस को खत्म करने में मदद करते हैं जिससे दाद की समस्या उत्पन्न होती है।

(और पढ़ें - पपीते के फायदे)

पपीते का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. कच्चे पपीते के टुकड़ों को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  2. फिर इसे 15 मिनट के लिए ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें और फिर गर्म पानी से इसे धो लें।
  3. इसका इस्तेमाल पूरे दिन में दो बार कुछ दिनों के लिए ज़रूर करें।
  4. इसके अलावा आप ताज़े पपीते की पत्तियों का जूस बना सकते हैं या सूखे पपीते के बीज का पेस्ट तैयार कर सकते हैं।

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