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रजोनिवृत्ति से जुड़े अधिकांश लक्षण वास्तव में पेरिमीनोपॉज (Perimenopause) के दौरान अनुभव होते हैं। कुछ महिलाओं को किसी भी प्रकार के असहनीय लक्षण महसूस नहीं होते हैं परन्तु कुछ को ये लक्षण बहुत कष्ट पहुंचाते हैं। ये रजोनिवृति से पहले या कुछ वर्षों बाद तक अनुभव किये जाते हैं। (और पढ़ें - रजोनिवृत्ति यानि मेनोपॉज के बारे में जानिए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जिनसे थे आप अभी तक अनजान)

ये लक्षण एस्ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन (female sex hormones) के कम बनने के कारण उत्पन्न होते हैं। इनके लक्षण अलग अलग शरीर पर अलग अलग प्रकार से होते हैं। एस्ट्रोजन मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करता है और शरीर के निम्नलिखित हिस्सों को प्रभावित करता है:

  1. प्रजनन प्रणाली
  2. मूत्र पथ
  3. दिल
  4. रक्त वाहिकाएं
  5. हड्डियों
  6. स्तनों
  7. त्वचा
  8. केश
  9. श्लेष्मा झिल्ली
  10. पैल्विक मांसपेशियों
  11. दिमाग

रजोनिवृत्ति के लक्षण इस प्रकार हैं :

  1. रजोनिवृत्ति में हॉट फ़्लैश महसूस होना - Hot Flashes During Menopause in Hindi
  2. रजोनिवृत्ति के दौरान वेजाइना का सूखापन और दर्द - Vaginal Dryness and Pain During Menopause in Hindi
  3. रजोनिवृत्ति के दौरान नींद न आना - Insomnia During Menopause in Hindi
  4. रजोनिवृत्ति के दौरान लगातार पेशाब आना - Frequent Urination During Menopause in Hindi
  5. रजोनिवृत्ति के दौरान मूत्र मार्ग संक्रमण - Urinary Tract Infections During Menopause in Hindi
  6. रजोनिवृत्ति में वैजाइनल एट्रोफी (योनि शोष) - Vaginal Atrophy During Menopause in Hindi
  7. रजोनिवृत्ति के दौरान अवसाद - Depression in Menopause in Hindi
  8. रजोनिवृत्ति के समय कामेच्छा की कमी - Loss of Libido During Menopause in Hindi
  9. रजोनिवृत्ति के दौरान बालों, त्वचा और अन्य ऊतक परिवर्तन - Hair, Skin, Other Tissues Changes During Menopause in Hindi

कई महिलाओं को रजोनिवृत्ति के दौरान महसूस होने वाला प्राथमिक लक्षण है हॉट फ़्लैश (गर्माहट) महसूस होना। ये आपको आपके शरीर के ऊपरी हिस्से या पूरे शरीर में महसूस हो सकती है। आप चेहरे और गर्दन पर लालिमा का अनुभव करते हैं और पसीना अधिक आता है।

ये हॉट फ़्लैश कभी कभी इतनी तेज होती है कि आपको नींद से भी जगा सकती है। अधिकतर महिलाओं ने रजोनिवृत्ति के बाद 1-2 सालों तक इस लक्षण का अनुभव किया है। लेकिन रजोनिवृत्ति के बाद कम हॉट फ़्लैश का अनुभव होता है। अगर ये असहनीय हो तो आप डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें वो आपको बेहतर उपाय बता सकते हैं। (और पढ़ें - हॉट फ्लैश के कारण, उपचार और बचने के उपाय)

एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का कम उत्पादन वेजाइना की बाहरी पतली परत (जो वेजाइना को नमी प्रदान करती है) को प्रभावित करता है। महिलाओं में वेजाइना का सूखापन कभी भी अनुभव किया जा सकता है लेकिन रजोनिवृत्ति के दौरान ये विशेष समस्या होती है। इस दौरान आप योनि (vulva) के आसपास खुजली, चुभन, जलन आदि का अनुभव कर सकते हैं। वेजाइना में सूखापन, सेक्स के दौरान अत्यधिक दर्द का कारण बनता है और इसमें कभी कभी आपको जल्दी जल्दी मूत्र भी आता है। इस सूखेपन से निपटने के लिए वैजाइनल मॉइस्चराइजर का उपयोग करें। अगर ऐसा करने के बाद भी आपको आराम नहीं मिल रहा है तो डॉक्टर से परामर्श लें। सेक्स या सेक्सुअल गतिविधियां करना उस स्थान पर रक्त परिसंचरण बढ़ा देता है जिससे वेजाइना सूखेपन की समस्या से बचा रहता है।

स्वस्थ्य रहने के लिए 7-8 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है लेकिन रजोनिवृत्ति के दौरान नींद न आना आम समस्या है। कभी कभी आप जल्दी उठ जाते हैं या सोने के समय नींद ही नहीं आती। इसलिए जितना हो सके व्यायाम करें और स्वयं को व्यस्त रखें। सोते समय सेलफोन को दूर रखें क्योंकि उसकी लाइट नींद न लाने का बहुत बड़ा कारण है। सोने से पहले नहाने, पढ़ने, मधुर संगीत सुनने से अच्छी नींद आती है। नींद लाने का सबसे अच्छा तरीका है कि समय पर सोने की आदत डालें और सोने से पहले ऐसे खाद्य पदार्थों को ग्रहण करने से बचें जो नींद को दूर भागते हैं जैसे :चॉकलेट, कैफीन, शराब आदि। (और पढ़ें - पीरियड्स के समय भी कर सकते हैं आप ये पाँच एक्सरसाइज)

रजोनिवृत्ति के दौरान अपने मूत्राशय (bladder) पर नियंत्रण खो देना आम बात है। आपको मूत्राशय पूरा भरने से पहले ही मूत्र त्यागने का मन करने लगता है और इस दौरान दर्द भी होता है। यह रजोनिवृत्ति के कारण होता है क्योंकि इसमें आपका वेजाइना और मूत्राशय लचीलापन छोड़ देते हैं और आसपास की पेल्विक पेशियाँ भी कमज़ोर हो जाती हैं। लगातार पेशाब आने की समस्या से आराम पाने के लिए अधिक शराब के सेवन से बचें, हाइड्रेटेड रहें और किगल एक्सरसाइज (Kegel Exercises) की मदद से पेल्विक मांसपेशियों को मज़बूत रखें। इसके बाद भी अगर समस्या कम नहीं हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें।

रजोनिवृत्ति के दौरान कुछ महिलायें कुछ ज्यादा ही मूत्र मार्ग के संक्रमण [urinary tract infections (UTIs)] का अनुभव करती हैं। इस समय एस्ट्रोजेन का कम स्तर और मूत्र मार्ग में परिवर्तन आपको इन्फेक्शन के योग्य बनाते हैं। इन्फेक्शन होने पर बिना देरी किये डॉक्टर से संपर्क करें।

वैजाइनल एट्रोफी (योनि शोष) ऐसी अवस्था है जिसमें एस्ट्रोजेन उत्पादन में कमी के कारण योनि की दीवारें अत्यधिक पतली हो जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। इस दौरान सेक्स करने से असहनीय दर्द होता है। और यह कामेच्छा में कमी का कारण बन सकता है। कुछ उपायों जैसे एस्ट्रोजेन थेरेपी, एस्ट्रोजेन क्रीम का उपयोग करके इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।

(और पढ़ें - sex karne ka tarika)

रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोनों में होने वाले परिवर्तनों के कारण महिलाओं में जल्दी जल्दी मूड बदलना, अवसाद, चिड़चिड़ापन, और एकदम से उत्तेजित हो जाना आदि लक्षण देखे जाते हैं। ध्यान रहे कि इन हार्मोन परिवर्तनों के कारण आपका मस्तिष्क भी प्रभावित हो सकता है जो कि आपके लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है। इस अवस्था से बचें। (और पढ़ें - क्या महिलाओं में हार्मोन असंतुलन होता है वजन बढ़ने के लिए ज़िम्मेदार)

रजोनिवृत्ति के समय सेक्स के प्रति रुचि कम होना सामान्य है क्योंकि यह एस्ट्रोजन के स्तर में कमी के कारण होता है। कुछ महिलाओं को इस दौरान सेक्स में अधिक रूचि हो सकती है लेकिन अगर आपकी कामेच्छा में कमी किसी और वजह से है जैसे की सेक्स के दौरान दर्द होना आदि तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। (और पढ़ें - कामेच्छा की कमी, कारण, लक्षण और उपचार)

आप जैसे जैसे बड़े होते हैं स्वयं अपनी त्वचा और बालों में फर्क महसूस करते हैं। फैट टिश्यू और कोलेजन के कारण त्वचा सूखी और पतली हो जाती है और इसी कारण वेजाइना और मूत्रमार्ग की त्वचा में ढीलापन आता है। एस्ट्रोजन की कमी के कारण ही बालों के टूटने और रूखा होने की समस्या आती है। कृपया बालों में रासायनिक पदार्थों के उपयोग से बचें। रजोनिवृत्ति के लक्षण सदियों से चले आ रहे हैं। यदि ये लक्षण असहनीय हों तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।

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