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एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडीज (एएनए) एंटीबॉडीज का एक समूह होता है। यह एंटीबॉडी हमारे इम्यून सिस्टम में तब बनता है, जब यह शरीर के भीतर बनने वाले एलीमेन्ट्स और शरीर के बाहर के एलीमेन्ट्स के बीच के अंतर को पूरी तरह से पहचान नहीं पाता है। एएनए टेस्ट से खून में इन ऑटोएंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है।  

एएनए शरीर में खुद की स्वस्थ कोशिकाओं के हिस्सों के साथ क्रिया करता है। यह शरीर के टीश्यूज और शरीर के अन्य अंगो में सूजन, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द और जलन जैसी समस्याओं के लक्षण पैदा करने का काम करती है। एएनए विशेष रुप से किसी सेल के न्यूक्लियस में पाए जाने वाले पदार्थ को निशाना बनाता है। इसीलिए इसे 'एंटीन्यूक्लियर' कहा जाता है। हालांकि, ये शरीर के जीवित कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं क्योंकि वो उनके न्यूक्लियाई तक नहीं पहुंच पाते हैं। फिर भी चोट लगने पर या फिर मर चुकी कोशिकाओं से निकले हुए न्यूक्लियर पदार्थों से क्रिया करके एएनए टीशू को नुकसान पहुंचा सकता है।

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एएनए टेस्ट किसी संभावित ऑटोइम्यून डिसऑर्डर या फिर इस तरह के अन्य लक्षणों की जांच के लिए कराए जाने वाला एक प्राथमिक परीक्षण है। एएनए टेस्ट कई तरह के ऑटोइम्यून डिसऑर्डर की वजह से पॉजिटिव हो सकता है। ऑटोइम्यून डिसऑर्डर सिस्टम ल्यूपस एरिथेमेटोसस (एसएलई) होने पर मरीज का एएनए टेस्ट लगभग हमेशा पॉजिटिव होता है। हालांकि पॉजिटिव एएनए रिजल्ट वाले दूसरे ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के मरीजों की संख्या बहुत कम होती है। कई दूसरे प्रकार के डिसऑर्डर वाले ढेरों मरीजों का भी एएनए टेस्ट पॉजिटिव हो सकता है।

  1. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट क्या है? - What is ANA Blood Test in Hindi
  2. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट क्यों किया जाता है? - What is the purpose of ANA Test in Hindi
  3. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट से पहले - Before ANA Blood Test in Hindi
  4. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट के दौरान - During ANA Test in Hindi
  5. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट के क्या जोखिम होते हैं? - What are the risks of ANA Profile Serum Test in Hindi?
  6. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब होता है? - What do the results of ANA Profile Serum Test mean in Hindi

एएनए टेस्ट से शरीर में एंटीन्यूक्लियर को चेक किया जाता है। हमारा इम्यून सिस्टम शरीर में एंटीबॉडीज तैयार करता है, जो हमारे शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं। इसके उलट एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडीज अक्सर हमारी खुद की टीश्यूज पर हमले करती रहती है। ये विशेष रुप से हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं की न्यूक्लियस को टारगेट करती हैं। 

ज्यादातर मामलों में एएनए टेस्ट के पॉजिटिव होने का मतलब होता है कि हमारे इम्यून सिस्टम ने खुद की टीश्यूज पर ही हमले शुरू कर दिए हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो, यह ऑटोइम्यून रिएक्शन कर बैठता है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि कुछ स्वस्थ लोगों में भी एएनए टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है।

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डॉक्टर मरीज को देखकर उनमें लूपस, रूमेटाइड आर्थ्राइटिस या स्क्लेरोडर्मा के संदेह के आधार पर एएनए टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।  

एएनए टेस्ट से पहले आपको किसी खास तरह की तैयारी नहीं करनी होती है। फिर भी टेस्ट से पहले अपने डॉक्टर को एक बार यह जरूर बता दें कि आप कौन सी दवा, विटामिन या सप्लीमेंट ले रहे हैं। क्योंकि कुछ दवाएं एएनए टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं। 

लैब में आपके खून का एक सैंपल लिया जाएगा। सामान्यत: यह खून आपके हाथ की नस में से लिया जाता है। इसके लिए सबसे पहले खून का सैंपल लेने वाला व्यक्ति आपके हाथ के उस हिस्से पर एक बैंड बांध देगा, जहां से खून निकालना होगा। उस बैंड के बांध देने से हाथ की उस नस में खून भर आएगा। जिसके कारण वह नस उभर आएगी। इसके बाद नस के उभरे हुए हिस्से पर कोई एंटीसेप्टिक लगाकर साफ करते हैं। फिर उभरी हुई नस में सूई चुभोकर खून का सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद खून के उस नमूने को किसी ट्यूब या शीशी में इकट्ठा कर लिया जाएगा। 

ब्लड टेस्ट करने में बहुत अधिक समय नहीं लगता है। यह दो मिनट में हो जाता है। खून निकालने के बाद हाथ में बांधे गए उस बैंड को हटा दिया जाता है। इसके बाद सूई चुभाने वाली जगह से खून न निकले, इसके लिए वहां पर किसी पट्टी या रेशमी कपड़े से हल्के हाथ से सहला दिया जाता है। आपके खून के उस सैंपल को लैब में भेजा जाएगा। लैब में यह जांच किया जाएगा कि कहीं आपके शरीर में एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडीज तो नहीं हैं।   

इसमें खून की जांच करते समय बहुत थोड़ी सी दिक्कत होती है। जिस जगह पर सूई चुभोई जाती है, उस जगह पर आपको थोड़ी सी तकलीफ हो सकती है लेकिन वह जल्द ही दूर हो जाती है।

एएनए टेस्ट के पॉजिटिव पाए जाने का मतलब है कि आपके शरीर में एंटीन्यूक्लियर एंटीबाडीज पाए गए हैं। निम्नलिखित परिस्थितियों में आपमें एएनए टेस्ट के पॉजिटिव पाए जाने की संभावना है: 

  • आपको एसएलई (लूपस) है।
  • आपको किसी अलग तरह की ऑटोइम्यून बीमारी है।
  • आपको वायरल संक्रमण की शिकायत है। 

हालांकि एक बात ध्यान रखें कि एएनए टेस्ट के पॉजिटिव पाए जाने पर यह जरूरी नहीं है कि आपको कोई बीमारी है। कई स्वस्थ लोगों के खून में भी एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडीज होते हैं। कुछ दवाइयां भी आपके टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं।

अगर आपका एएनए टेस्ट पॉजिटिव है और आपमें अन्य बीमारियों के लक्षण भी हैं तो डॉक्टर आपको अन्य जांच कराने की सलाह भी दे सकते हैं। अगर टेस्ट के रिजल्ट को लेकर आपके मन में किसी तरह के और सवाल हों तो आप अपने डॉक्टर से इस बारे में बात कर सकते हैं। 

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