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ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन टेस्ट (एचजीएच) क्या है?

एचजीएच टेस्ट रक्त में जीएच (ग्रोथ हार्मोन) के स्तर का पता लगाने के लिए किया जाता है। एचजीएच को सोमाटोट्रोपीन भी कहा जाता है यह पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है और हर उम्र के व्यक्तियों में वृद्धि के लिए जरूरी होता है। यह हार्मोन वयस्कों में मेटाबोलिक कार्यों के लिए भी आवश्यक है। पिट्यूटरी ग्रंथि मटर के आकार जितनी छोटी होती है, जो मस्तिष्क के निचले भाग में स्थित होती है। यह हार्मोन सोते हुए, व्यायाम करते हुए, लो ब्लड शुगर व हाइपोग्ल्य्समिआ के दौरान स्त्रावित होता है।

यह फैट को गतिशील रखने में मदद करता है और इन्सुलिन की गतिविधियों से जुड़ा होता है। कभी-कभी जीएच टेस्ट से स्थिति का सही परीक्षण नहीं हो पाता, इसलिए जीएच स्टिमुलेशन या सप्रेशन टेस्ट भी किया जा सकता है।

  1. एचजीएच टेस्ट क्यों किया जाता है - HGH Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. एचजीएच टेस्ट से पहले - HGH Test Se Pahle
  3. एचजीएच टेस्ट के दौरान - HGH Test Ke Dauran
  4. एचजीएच टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - HGH Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

एचजीएच टेस्ट किसलिए किया जाता है?

यह टेस्ट जीएच हार्मोन के सामान्य और असामान्य दोनों ही स्थितियों के बारे में बताता है। यह टेस्ट थोड़े बहुत मामलों में शारीरिक विकास की कमी या कुछ मामलों में हार्मोन की अधिकता की जांच करता है। इसके अलावा यह पिट्यूटरी ग्रंथि की कार्य प्रक्रिया और असामान्य रूप से बन रहे जीएच के इलाज के प्रभाव पर नजर रखने के लिए भी किया जाता है।

एचजीएच टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

नियमित टेस्ट के लिए:

  • मरीज को टेस्ट की प्रक्रिया और उसे क्यों किया जा रहा है आदि के बारे में बता देना चाहिए
  • इस दौरान आठ घंटे के लिए भूखे रहने की जरूरत होती है, हालांकि पानी पी सकते हैं। 
  • टेस्ट से आधे घंटे पहले मरीज को शांत और तनाव रहित वातावरण में रहना चाहिए।

स्टिमुलेशन या सप्रेशन टेस्ट के लिए:

  • टेस्ट से पहले स्टेरॉयड दवा लेना बंद कर देना चाहिए
  • मरीज को टेस्ट की प्रक्रिया और कारण समझा देना चाहिए। यह बता देना चाहिए कि या तो स्टिमुलेशन टेस्ट के लिए दवा नस में डाली जाएगी या फिर सप्रेशन टेस्ट के लिए ओरल ग्लूकोज दिया जाएगा और कुछ ब्लड सैंपल भी लिए जाएंगे। 
  • इस टेस्ट के लिए आठ से दस घंटे भूखे रहने की जरूरत होती है।

एचजीएच टेस्ट कैसे किया जाता है?

नियमित टेस्ट के लिए:

  • सात मिलीलीटर खून के सैंपल लिए जाते हैं 
  • टेस्ट से पहले कुछ सावधानियां बरतें जैसे उचित स्वछता रखना

स्टिमुलेशन टेस्ट के लिए:

  • सामान्य मात्रा में ब्लड सैंपल लिए जाते हैं। 
  • जो भी दवा दी गई है उस के अनुसार अगले सैंपल 30, 60 और 90 मिनट के बीच में लिए जाएंगे ये सैंपल दवा देने के बाद लिए जाएंगे। 

सप्रेशन टेस्ट के लिए:

  • सामान्य मात्रा में ब्लड सैंपल लिए जाते हैं। 
  • ओरल ग्लूकोज दिया जाता है
  • इसमें ब्लड के सैंपल प्रक्रिया शुरु होने के 30, 60 और 90 मिनट के बाद शुरु किए जाते हैं।
  • लैब की प्रक्रिया के अनुसार 30, 60 और 90 मिनट में ब्लड सैंपल लिए जाएंगे। 

सभी सैंपल को जल्दी से लैब ले जाया जाता है क्योंकि जीएच केवल 20 से 25 मिनट तक ही सामान्य रूप से सक्रिय रह पाते हैं। सभी ब्लड सैंपल पर ध्यान से लिए गए समय के अनुसार लेबल लगाया जाना चाहिए। इंजेक्शन लगी जगह पर हल्का सा दबाव लगाकर बैंडेज लगा दी जाती है। टेस्ट के बाद भोजन व दवा को फिर से शुरु किया जा सकता है। यदि टेस्ट के रिजल्ट में कोई वैल्यू कम या ज्यादा है, तो इसे डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।

एचजीएच टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम:

आमतौर पर लिए गए सैंपल के लिए:

  • स्त्री में: 5 नैनोग्राम से कम (ng)/mL
  • पुरुषों में: 10 मिलीग्राम से कम  (mg)/mL
  • स्टिमुलेशन टेस्ट के लिए: 10 ng/mL से ज्यादा 
  • सप्रेशन टेस्ट के लिए: 2 ng/mL से कम 

असामान्य परिणाम:

नियमित टेस्ट के परिणाम में जीएच की बढ़ी हुई मात्रा निम्न संकेत दे सकते हैं:

घटी हुई मात्रा निम्न का संकेत देती हैं:

स्टिमुलेशन टेस्ट: जीएच का स्तर बढ़ न पाना जीएच की कमी को दिखाता है। 

सप्रेशन टेस्ट: जीएच के स्तर में कम या बिलकुल भी वृद्धि न होना एक्रोमेगली की तरफ संकेत करता है। 

असामान्य वैल्यू के निम्न कारण हो सकते हैं:

  • जीएच का स्तर व्यायाम, नींद, तनाव और पोषक तत्वों के आधार पर अलग-अलग  हो सकते हैं। 
  • किसी भी रेडियोएक्टिव टेस्ट के 48 घंटों बाद तक जीएच टेस्ट नहीं किया जाना चाहिए 
  • कुछ विशेष दवाएं जैसे आर्जिनिन, डोपामाइन, एस्ट्रोजन, इन्सुलिन, नियासिन या गर्भनिरोधक गोलियां भी जीएच का स्तर बढ़ा सकती है। 
  • एंटीसायकोटिक, कॉर्टिकोस्टेरॉयड, प्रोजेस्टिन, वल्प्रोइक एसिड और डेक्सामेथानोज जीएच के स्तर को बढ़ा सकती हैं।
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References

  1. Lippincott Williams & Wilkins. Manual Of Laboratory And Diagnostic Tests . 9th Edition; ISBN: 978-1-4511-9089-2.
  2. Denise. D. Wilson. Manual of Laboratory and Diagnostic Tests. 1st Edition; ISBN10: 0071481524
  3. Henry Kronenberg. Williams Textbook of Endocrinology. Elsevier Health Sciences,2007
  4. Penn State Health. Growth hormone deficiency - children. Milton S. Hershey Medical Center; Pennsylvania
  5. Penn State Health. Growth hormone stimulation test. Milton S. Hershey Medical Center; Pennsylvania