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लेड ब्लड टेस्ट क्या है?

लेड ब्लड टेस्ट रक्त में लेड या सीसे की मात्रा जानने के लिए किया जाता है।

सीसा एक विषाक्त धातु है यदि इसे निगल लिया जाए या इंजेक्शन द्वारा शरीर में डाला जाए तो यह शरीर के अंगों, विशेषकर मस्तिष्क को क्षति पहुंचा सकता है। यह विभिन्न उत्पादों में मौजूद होता है जैसे पेंट, बैटरी और पेस्टीसाइड व कॉस्मेटिक प्रोडक्ट आदि। कुछ पारंपरिक उपचारों में भी सीसा का उपयोग किया जाता है।

ऐसे लोग जो खादानों या निर्माण स्थलों में और वाहन मरम्मत आदि जैसी जगहों पर कार्य करते हैं उनमें सीसा की विषाक्तता होने का अधिक खतरा होता है। इसके अलावा सीसा की धूल कपड़ों में होने के कारण इन लोगों के परिवारजन भी सीसा के संपर्क में आ सकते हैं।

बच्चों में अधिकतर सीसा की विषाक्तता के होने का अधिक संदेह होता है, क्योंकि अक्सर वे मुंह में उंगलियां व अन्य चीजें डाल लेते हैं, जिनपर सीसा लगा होता है। बड़ों की तुलना में बच्चे जल्दी सीसे से प्रभावित होते हैं, क्योंकि इसका कम स्तर भी उनकी वृद्धि और विकास को अवरुद्ध कर सकता है।

हालांकि सीसा का कम स्तर वयस्कों के लिए हानिकारक नहीं होता, लेकिन इस के साथ अत्यधिक संपर्क खतरनाक हो सकता है। गर्भवती महिलाओं में सीसे के संपर्क से भ्रूण का न्यूरोलॉजिकल विकास रुक सकता है। इससे गर्भपात हो सकता है और इसके अलावा जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है।

  1. लेड ब्लड टेस्ट क्यों किया जाता है - Lead Blood Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. लेड ब्लड टेस्ट से पहले - Lead Blood Test Se Pahle
  3. लेड ब्लड टेस्ट के दौरान - Lead Blood Test Ke Dauran
  4. लेड ब्लड टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Lead Blood Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

लेड ब्लड टेस्ट क्यों किया जाता है?

यदि आपको आपके वातावरण से सीसे के संपर्क में आने का खतरा है तो डॉक्टर आपको इस टेस्ट को करवाने के लिए कह सकते हैं। सीसा के बढ़े हुऐ स्तर के चल रहे इलाज पर नजर रखने के लिए भी यह टेस्ट किया जा सकता है।

सामान्य निर्देशों के अनुसार, डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह निम्न लोगों को दे सकते हैं:

  • ऐसे लोग जिनके घर साफ-सुथरे क्षेत्र में नहीं होते (जैसे- झुग्गी या बस्तियां)
  • बच्चे <6 साल की उम्र
  • लोग जो ऐसे कारखानों में कार्य करते हैं, जहां सीसा से अधिक संपर्क होता है
  • ऐसे कर्मचारियों के परिवारजन जो सीसे से संपर्क होने वाली इंडस्ट्री में कार्य करते हैं
  • ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोग जहां सीसा का अधिक प्रयोग होता है
     
  • गर्भवती महिला का सीसे के साथ संपर्क

यदि आपके शरीर में लेड टॉक्सिसिटी या सीसे की विषाक्तता के लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर आपको इस टेस्ट को करवाने के लिए कह सकते हैं। सीसा की विषाक्तता के लक्षण निम्न हैं:

जिन बच्चों में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं उनमें भी लेड की विषाक्तता की जांच की जा सकती है:

  • सुनाई न देना
  • बोलने से संबंधित समस्याएं
  • विकास में देरी
  • समझने में तकलीफ
  • सोने में समस्या
  • एनीमिया
  • ध्यान की कमी

लेड ब्लड टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं होती। इस टेस्ट को करवाने से पहले भूखे रहने की भी जरूरत नहीं होती।

लेड ब्लड टेस्ट कैसे किया जाता है?

इस टेस्ट के लिए थोड़े से रक्त के सैंपल की जरूरत होती है, जो कि फिंगर स्टिक या बच्चों में एड़ी से लिए जाते हैं।

फिंगर स्टिक की प्रक्रिया निम्न तरीके से की जाती है:

  • आपके हाथ की किसी भी उंगली को अल्कोहॉल युक्त दवा से साफ किया जाएगा और हल्का सा दबाया जाएगा।
  • हल्का सा पंक्चर करने के लिए एक नुकीली सुई (लैंसेट) का प्रयोग किया जाएगा
  • एक स्लाइड या टेस्ट स्ट्रिप पर खून की एक बूंद ले ली जाती है और आगे के टेस्ट के लिए इसे लैब में भेज दिया जाता है।

यदि शुरुआती टेस्ट में रक्त के अंदर लेड के स्तर अधिक होते हैं, तो परिणामों की पुष्टि के लिए ब्लड सैंपल बांह की नस से लिया जाएगा। लगभग 7-10 mL तक रक्त के सैंपल लिए जाएंगे। यह टेस्ट आमतौर पर फिंगर स्टिक की प्रक्रिया से ही किया जाता है।

पंक्चर के बाद रक्त ली गई जगह पर आपको हल्का सा नील भी पड़ सकता है। हालांकि ये अपने आप ठीक हो जाएगा। यदि नील कुछ घंटो में ठीक नहीं होता है तो अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताएं।

लेड ब्लड टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं? 

सामान्य परिणाम:
सामान्य परिणाम का मतलब है कि लिए गए ब्लड सैंपल में सीसा के कोई भी निशान नहीं मिले हैं। यदि शरीर में मौजूद लेड के कोई भी हानिकारक प्रभाव नहीं हैं, तो परिणाम नेगेटिव आएंगे। यदि सीसा का जमाव 5 µg/dL (माइक्रोग्राम प्रति डेसीलिटर) से कम है, तो यह वैल्यू वयस्कों के लिए सामान्य मानी जाएगी।

रक्त में सीसा के जमाव की कोई भी मात्रा बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती। आपके डॉक्टर रिजल्ट में आई वैल्यू का क्या मतलब है, यह आपको समझा देंगे। 

असामान्य परिणाम:
5 µg/dL से अधिक सीसे का जमाव असामान्य माना जाता है।

बच्चों और वयस्कों में सीसे के संपर्क की कट ऑफ वैल्यू निम्न हैं:

  • सीसे की 5 µg/dL से 10 µg/dL बीच की मात्रा में डॉक्टर को दिखाने की जरूरत होती है। ऐसे लोग जिनमें सीसे के स्तर > 10 µg/dL होते हैं उनसे अपने वातावरण को बदलने या सुधारने और सीसे से संपर्क करवाने वाले सभी संभावित पदार्थों को दूर रखने के लिए कहा जाएगा।
  • यदि किसी व्यक्ति के रक्त में सीसे का स्तर > 40 µg/dL है और उसमें लेड टॉक्सिसिटी के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं तो केलेशन थेरेपी की जाएगी। केलेशन थेरेपी में किसी विशेष ड्रग की जांच की जाती है जो कि इस टॉक्सिक धातु से बंध जाती है और यूरिन की मदद से बाहर आती है।
  • धातु का > 70 µg/dL जमाव मेडिकल इमरजेंसी की ओर संकेत करता है। वहीं बच्चों में ≥ 45 µg/dL सीसे के स्तर होने पर तुरंत ट्रीटमेंट की जरूरत होती है।
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References

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