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चावल भारत के कई तटवर्ती क्षेत्रों के मुख्य भोजन में से एक है और कई लोग इसे प्रतिदिन कम से कम एक बार जरूर खाते हैं। लेकिन बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण यह कहा जा रहा है कि सफेद चावल स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। इसकी जगह स्वास्थ्य के लिए ब्राउन चावल एक बेहतर विकल्प है। आइए जानें क्या यह सही है?

  1. सफेद चावल या ब्राउन राइस के स्वास्थ्य के लिए फायदे - Which is healthier brown rice or white rice in hindi
  2. सफेद चावल या ब्राउन राइस खाने का सही समय - What is the best time to eat rice in hindi
  3. सफेद चावल या ब्राउन चावल कब नहीं खाना चाहिए - When to avoid rice in hindi

सफेद चावल या ब्राउन राइस किसमें हैं अधिक पोषक तत्व - Brown rice vs white rice nutrients in hindi

ब्राउन चावल की तुलना में सफेद चावल के कई अधिक स्वास्थ्य लाभ हैं। क्योंकि ब्राउन चावल से केवल भूसा निकाला जाता है। उसके चोकर और बीजाणु को नहीं हटाया जाता है। वहीँ दूसरी ओर सफेद चावल मिलिंग द्वारा प्राप्त किया जाता है जिसमें इसके चोकर और बीजाणु अलग हो जाते हैं। इसलिए सफेद चावल की तुलना में ब्राउन चावल फाइबर, मैग्नीशियम, सेलेनियम और आवश्यक फैटी एसिड से समृद्ध होता है।

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सफेद चावल या ब्राउन राइस बेनिफिट्स फॉर डायबेटिक्स - Brown rice vs white rice for diabetics in hindi

जिन लोगों को मधुमेह की समस्या है उन्हें सफेद चावल से दूर रहना चाहिए क्योंकि इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च होता है। इसके सेवन से कार्बोहाइड्रेट बहुत जल्दी से अवशोषित हो जाते हैं और रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। इसलिए उन्हें निश्चित रूप से सफ़ेद चावल की जगह ब्राउन चावल का सेवन करना चाहिए। यहां तक कि जिन्हें मधुमेह नहीं है, उनके स्वास्थ्य के लिए भी ब्राउन चावल बहुत लाभदायक है। अनुसंधान में देखा गया है कि भूरे रंग के चावल खाने वालों को सफेद चावल खाने के मुकाबले मधुमेह और चयापचय सिंड्रोम विकसित होने की संभावना कम होती है। 

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सफेद चावल या ब्राउन राइस के फायदे हैं वजन कम करने के लिए - Brown rice or white rice for weight loss in hindi

ब्राउन चावल संतुष्टता की भावना देता है, जिसके कारण यह वजन कम करने की कोशिश करने वाले लोगों को उनके वजन को कम करने में मदद करता है। ब्राउन चावल में सफेद चावल की तुलना में वसा भी कम होता है।

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भूरा या सफेद चावल खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर का होता है। क्योंकि इसमें जटिल कार्बोहाइड्रेट होता है जिसके कारण अन्य अनाजों की तुलना में चावल, दलिया आदि को पचाने में अधिक समय लगता है। ब्राउन चावल पचाने के लिए 3-4 घंटों का समय लगता है। इसलिए दोपहर के भोजन में इसे खाना सबसे अच्छा है।

अगर आप सफेद चावल खाना चाहता है तो दिन का समय या वह समय जब आप अधिकतम एक्टिविटी या कसरत करते हैं, वह बेहतर होगा । इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि सफेद चावल खाने से जो फैट अपने प्राप्त किया है, वो एक्टिविटी या कसरत के कारन जल जाएगा और आपके शरीर में फैट के रूप में जमा नहीं होगा।

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जैसा कि पहले भी कहा गया है, अधिक वजन वाले और मधुमेह के रोगियों को सफेद चावल के सेवन से बचना चाहिए। पीसीओएस या विचलित लिपिड प्रोफाइल और मोटापे से ग्रसित लोगों को भी सफेद चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। उसकी जगह वे ब्राउन चावल का सेवन कर सकते हैं।

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चावल फाइबर में समृद्ध है इसलिए संवेदनशील या क्षतिग्रस्त पाचन तंत्र वाले लोगों को ब्राउन चावल के सेवन से बचना चाहिए। बहुत अधिक फाइबर के कारण भी लोगों में दस्त या बृहदांत्रशोथ (colitis) की समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में सफेद चावल का सेवन बेहतर है।

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