चावल का सेवन सभी देशों में बहुत ही मुख्य रूप से किया जाता है, परंतु अधिकतम लोग सफेद चावल का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप अपने दैनिक आहार में सफेद चावल को भूरे चावल (ब्राउन राइस) से बदल कर अपनी सेहत में सुधार ला सकते हैं। भूरे चावल यानि ब्राउन राइस प्रोटीन एवं फाइबर का एक समृद्ध स्रोत हैं। इसके अलावा, इसमें मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, कैल्शियम, सेलेनियम और पोटेशियम के साथ-साथ लौह और जिंक भी अच्छी मात्रा में निहित है। ब्राउन राइस में विटामिन बी 1, बी 2, बी 3, बी 6, ई और के भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह सभी तत्व, खनिज एवं विटामिन ब्राउन राइस को सेहत के लिए अत्यंत फायदेमंद बनाते हैं। आइये हम भी जानें इसके कुछ मुख्य स्वास्थ्य लाभ:-

  1. ब्राउन राइस के फायदे - Brown Rice Benefits in Hindi
  2. ब्राउन राइस के संदर्भ में कुछ बातों का ध्यान रखें - Remember these things about Brown Rice in Hindi
  3. ब्राउन राइस के फायदे के डॉक्टर

ब्राउन राइस के फायदे हृदय स्वास्थ्य के लिए - Brown rice for healthy heart in Hindi

ब्राउन राइस हृदय के लिए अत्यंत फायदेमंद एवं स्वास्थ्यवर्धक है। यह रक्त-धमनियों में एकत्रित हो रहे प्लाक पर रोक लगा, हृदय सम्बंधित विकारों से बचाव करता है।

खाद्य विज्ञान और पोषण में हाल ही में 2016 में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि फेनोलिक यौगिकों के योगदान की वजह से होल ग्रेन्स (whole grains) जैसे ब्राउन राइस हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसे रोगों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

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ब्राउन राइस बेनिफिट्स हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में - Brown rice lowers cholesterol in Hindi

ब्राउन राइस घुलनशील फाइबर  का एक समृद्ध स्रोत है जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL-Bad Cholesterol) को कम करने में अत्यंत सहायक है। साथ ही में यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL-Good Cholesterol) के स्तर को भी बढ़ावा देता है। पोषण के ब्रिटिश जर्नल में प्रकाशित एक 2014 के अध्ययन में पाया गया कि ब्राउन राइस के सेवन से एल.डी.एल. कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आती है। 

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भूरे रंग के चावल करते हैं मधुमेह के खतरे को कम - Brown rice for diabetes in Hindi

ब्राउन राइस का ग्लाइसेमिकइंडेक्स बहुत ही कम होता है और चूँकि यह धीमी प्रगति से पचता है, यह रक्त-शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक है। यह रक्त-शर्करा में अचानक से मुख्य उतार-चढ़ाव आने पर रोक लगा मधुमेह-सम्बंधित विकारों से भी बचाव करता है।

खाद्य विज्ञान के इंटरनेशनल जर्नल और पोषण में प्रकाशित एक 2006 के अध्ययन में पाया गया कि सफेद चावल खाने वालों की तुलना में भूरे चावल खाने वाले व्यक्तियों के रक्त में 23.7 प्रतिशत कम शुगर पाया गया। यह प्रभाव इसमें निहित फीटिक एसिड, पोलीफेनॉल्स एवं फाइबर की वजह से पाया गया। अतः भूरे रंग के चावल शुगर और हाइपर-ग्लाइसेमिक व्यक्तियों के लिए सफेद चावल की तुलना में अधिक फायदेमंद है।
Archives of Internal Medicines में प्रकाशित 2010 के एक अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस के लेने से टाइप 2 मधुमेह के खतरे को कम किया जा सकता है।

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भूरे चावल कैंसर से करते हैं सुरक्षा प्रदान - Brown rice for cancer in Hindi

सफ़ेद चावल की जगह ब्राउन राइस को अपने दैनिक आहार में शामिल करने से ल्यूकेमिया (एक प्रकार का पाण्डु रोग), स्तन कैंसर, कॉलोन कैंसर एवं अन्य कैंसरों से शरीर को संरक्षण मिलता है। इसके इस लाभ का श्रेय इसमें उच्च मात्रा में निहित फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट को जाता है।

सन् 2000 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि ब्राउन राइस में कुछ ऐसे यौगिक शामिल हैं जो केमो-निवारक (chemopreventive) हैं। इस वजह से सफेद चावल की बजाय भूरे रंग के चावल का सेवन कैंसर की रोकथाम के संबंध में फायदेमंद हो सकता है।
पोषण के जर्नल में प्रकाशित एक 2004 के अध्ययन की रिपोर्ट में पाया गया कि भूरे चावल जैसे साबुत अनाज और सब्जी स्तन कैंसर और अन्य हार्मोन-सम्बंधित कैंसरों के खिलाफ रक्षा प्रदान करते हैं।

ब्राउन राइस हैं वजन घटाने में सहायक - Brown rice for weight loss in Hindi

सफेद चावल खाने से वजन बढ़ता है परंतु क्या आपको पता है यदि आप सफेद चावल छोड़ भूरे चावल का सेवन करने लगेंगे तो आप अपने मोटापे को कम कर सकेंगे। ब्राउन राइस में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो आपके पेट को भरा रखता है और अस्वस्थ खाने का सेवन करने से बचाता है। यह आपकी उपापचयी क्रियाओं को उत्तेजित कर वजन घटाने में सहायता करता है। इसके अलावा इसमें निहित मैंगनीज वसा के संश्लेषण (synthesis) में भी मदद करता है। 2008 में Nutrients Report में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सफेद चावल को भूरे या फिर काले चावल से प्रतिस्थापित करने से मोटी महिलाओं के एंटी-ऑक्सीडेंट एंज़ाइम में सुधार आता है और वजन पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है। 

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ब्राउन राइस का लाभ इम्यून सिस्टम को सशक्त करने में - Brown rice for immune system in Hindi

ब्राउन राइस में सार्थक मात्रा में विटामिन्स, विभिन्न खनिज एवं फेनोलिक तत्व पाए जाते हैं जो शक्तिशाली इम्यून सिस्टम के लिए अनिवार्य हैं। शक्तिशाली इम्यून सिस्टम घाव भरने की प्रक्रिया को तीव्रता प्रदान करता है और शरीर को संक्रमणों से लड़ने का सामर्थ्य भी देता है। इसके अतिरिक्त यह फ्री-रेडिकल से पहुँचने वाली क्षति से भी सुरक्षा प्रदान कर शरीर की अनेकों बीमारियों से सुरक्षा करता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। 

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ब्राउन राइस का फायदा है हड्डियों को मज़बूत बनाने में - Brown rice for bone health in Hindi

ब्राउन राइस खाने से आप मजबूत एवं स्वस्थ हड्डियां सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके इस लाभ का श्रेय इसमें उच्च मात्रा में निहित मैग्नीशियम को जाता है। शरीर को जितनी मैग्नीशियम की मात्रा दैनिक चाहिए, उसका 21% मैग्नीशियम एक कप ब्राउन राइस में निहित है। अध्ययनों के अनुसार शरीर में मैग्नीशियम की कमी की वजह से हड्डियों के घनत्व में कमी आ सकती है और गठिया एवं ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा बहुत बढ़ सकता है। मैग्नीशियम के अलावा, विटामिन डी और कैल्शियम हड्डियों के विकास के लिए जरूरी होते हैं। मैग्नीशियम विटामिन डी को सक्रिय रूप में परिवर्तित कर कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है।

2013 में Nutrients Report में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी के कारण ऑस्टियोपोरोसिस है, उनका अपने आहार में मैग्नीशियम को शामिल करना ऑस्टियोपोरोसिस के खिलाफ एक बहुत ही सफल एवं सस्ता उपाय है।

ब्राउन राइस बेनिफिट्स हैं मल त्याग क्रिया को नियमित करने में - Brown rice regularizes bowel movement in Hindi

ब्राउन राइस में अघुलनशील फाइबर पाया जाता है जो अपने पाचन शक्ति में सुधार लाने के गुण के लिए प्रचलित है। यह पाचन क्रिया में सुधार ला, मल-त्याग क्रिया को भी विनियमित करता है जिससे शरीर को कब्ज़ एवं बवासीर जैसी बीमारियों से बचाव मिलता है। ब्राउन राइस में मैंगनीज भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो वसा के पाचन में सहायता करता है। चूँकि यह लस-मुक्त (gluten-free) होता है, इसके सेवन से सेलिएक जैसी गंभीर बीमारी से भी शरीर को संरक्षण मिलता है। चूँकि ब्राउन राइस में फाइबर होता है, इसके सेवन के दौरान पानी अच्छी मात्रा में पियें अन्यथा आपको डायरिया की शिकायत हो सकती है। 

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ब्राउन राइस रखता है नर्वस सिस्टम को स्वस्थ - Brown rice for nervous system in Hindi

नर्वस सिस्टम के स्वास्थ्य के लिए फैटी एसिड्स एवं हॉर्मोन्स का उत्पादन अनिवार्य है। ब्राउन राइस में उच्च मात्रा में मैंगनीज पाया जाता है जो दोनों के ही उत्पादन को बढ़ावा दे नर्वस सिस्टम के स्वास्थ्य को बनाये रखता है। इसके अलावा ब्राउन राइस में विटामिन बी भी होता है जो दिमाग को उत्तेजित कर नसों के कार्यों में सुधार लाता है। साथ ही में इसमें मैग्नीशियम भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है और पोटैशियम और कैल्शियम साथ मिलकर नसों की एवं मासपेशियों की कोशिकाओं के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करते हैं। इससे मांसपेशियों में संकुचन (Muscle Contraction) आने की सम्भावना भी कम हो जाती है। इसमें निहित मैग्नीशियम शरीर में कैल्शियम की गतिविधियों को संतुलित कर मसल टोन एवं नसों को विनियमित करता है। इसके अतिरिक्त ब्राउन राइस में उपस्थित विटामिन ई दिमाग को ऑक्सीडेटिव पतन (Oxidative Damage) से बचा, विभिन्न दिमाग सम्बंधित विकारों से दूर रखता है।

ब्राउन राइस है शिशुओं के लिए उत्तम आहार - Brown rice for babies in Hindi

चूँकि ब्राउन राइस पोषक तत्वों का घर है, यह बच्चों के लिए एक बहुत ही पौष्टिक आहार है। यह बच्चों में शीघ्र विकास को बढ़ावा देता है और उन्हें तंदरूस्त बनाये रखने में सहायता करता है। क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर समाविष्ट है, यह बच्चों में स्वस्थ मल-त्याग को नियमित करता है और कब्ज़ से भी छुटकारा दिलाता है। इसके अलावा यह खाने के लिए सुरक्षित होता है और इससे एलर्जी होने की बहुत ही कम संभावना होती है।

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आप अपने छह माह से बड़े शिशु के विकास को सुनिश्चित करने के लिए उसे ब्राउन राइस की खिचड़ी या फिर दलिया खिला सकते हैं।
ब्राउन राइस की खिचड़ी बनाने के लिए - 

  • अच्छी तरह से 1 कप ब्राउन राइस धो लें।
  • एक नॉन स्टिक पैन में यह चावल डालें और 5 से 7 मिनट के लिए उसे सूखा ही भूनें जब तक चावल तनिक फूल ना जाए और उसका रंग भूरे रंग में ना बदल जाये। बीच बीच में करछी चलाते रहें।
  • चावल को ठंडा होने दें और फिर कुछ मिनटों के लिए एक ब्लेंडर या फिर मिक्सि में तब तक पीसें जब तक यह एक पाउडर ना बन जाए।
  • 1 चम्मच पाउडर को पैन में थोड़ा-सा पानी डालकर तब तक उबालें जब तक इच्छित स्थिरता ना मिले।
  • अपने बच्चे को यह ब्राउन राइस से बने दलिये को प्रेम सहित परोसें।
  • भविष्य में उपयोग के लिए एक कंटेनर में बाकी बचे हुए पाउडर को स्टोर करें।

ब्राउन राइस के लिए इन बातों को रखें याद - 

  • ब्राउन राइस को ज्यादा मात्रा में नहीं खरीदना चाहिए। बहुत लंबे समय के लिए इसे स्टोर करने से इसके प्राकृतिक तेल की क्षमता कम हो जाती है।
  • ताजगी सुनिश्चित करने के लिए ब्राउन राइस खरीदने से पहले एक्सपाइरी-तारीख की जाँच अवश्य करें।
  • कच्चे ब्राउन राइस को कमरे के तापमान पर छह महीने के लिए एक हवाबंद कंटेनर में स्टोर किया जा सकता है।
  • लंबे समय के लिए पकाया हुआ ब्राउन राइस न रखें और एक बार से अधिक गर्म भी ना करें।
  • ब्राउन राइस की बाहरी फाइबर की परत की वजह से इसे पकने में ज्यादा समय और सफेद चावल की तुलना में अधिक पानी की आवश्यकता होती है।
  •  

ब्राउन राइस को सफ़ेद राइस से प्रतिस्थापित करें और इसके स्वास्थ्य लाभों का फायदा उठाएं। इसका सेवन आप चावल के रूप में या फिर सलाद और पुडिंग के रूप में कर सकते हैं। आप इसे इस्तेमाल करके स्वादिष्ट मिठाई भी बना सकते हैं।

है ना ब्राउन राइस सेहत बनाने का एवं शरीर को रोग-मुक्त रखने का स्वादिष्ट एवं सरल उपचार?

Dt. Akanksha Mishra

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पोषणविद्‍
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Surbhi Singh

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Dr. Avtar Singh Kochar

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संदर्भ

  1. FoodData Central. United States Department of Agriculture. Washington D.C. USA; Rice, brown, long-grain, cooked
  2. Harvard T.H Chan. Harvard Medical School [Internet]. Harvard University, Cambridge. Massachusetts. USA; Rice.
  3. Jung, Su Jin. et al. Does Korean diet based on brown rice really have the effect on treating chronic diseases and on suspending drug use?. Journal of Ethnic Foods Volume 5, Issue 4, December 2018, Pages 231-238.
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