पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (Polycystic Ovary Syndrome, PCOS) एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिलाओं के सेक्स हॉर्मोन्स एस्ट्रोजेन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे अण्डाशयी सिस्ट (Ovarian Cyst)* बन जाती है। पीसीओएस एक महिला के मासिक धर्म चक्र, प्रजनन क्षमता, हृदय की कार्यवाही और रूप-आकार को प्रभावित कर सकता है।

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम महिलाओं में होने वाला एक प्रचलित अंत: स्रावी विकार है और आजकल प्रजनन क्षमता में कमी होने के मुख्य कारणों में से एक है। 

यह परेशानी मुख्य रूप से 15 से 30 वर्ष की उम्र की महिलाओं में ज़्यादा पाई जा रही है। भारत में लगभग 10% महिलाएं पीसीओएस से पीड़ित हैं। फिर भी इस परेशानी के बारे में जागरूकता न के बराबर है और महिलाएं कई वर्षों तक इसका निदान नहीं करवातीं।

* ये सिस्ट नहीं होतीं बल्कि कई छोटे अंडे होते हैं जो अभी तक परिपक्व (Mature) नहीं हुए और अल्ट्रासाउंड में अंडाशय पर नज़र आते हैं। यदि मरीज़ के शरीर में पर्याप्त हॉर्मोन्स नहीं बनते, तो अंडे परिपक्व नहीं हो पाते। जब तक अंडे विकसित और परिपक्व नहीं होते, तब तक ओव्यूलेशन (Ovulation; अंडाशय में अंडे बनना) और गर्भधारण नहीं हो सकता।

  1. पीसीओएस के प्रकार - Types of Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) in Hindi
  2. पीसीओएस के लक्षण - Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) Symptoms in Hindi
  3. पीसीओएस के कारण - Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) Causes in Hindi
  4. पीसीओएस से बचाव - Prevention of Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) in Hindi
  5. पीसीओएस का परीक्षण - Diagnosis of Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) in Hindi
  6. पीसीओएस का इलाज - Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) Treatment in Hindi
  7. पीसीओएस के जोखिम और जटिलताएं - Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) Risks & Complications in Hindi
  8. पीसीओएस में परहेज़ - What to avoid during Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) in Hindi?
  9. पीसीओएस में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) in Hindi?
  10. पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम) के घरेलू उपाय
  11. पीसीओएस की दवा - Medicines for Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) in Hindi

इन्सुलिन प्रतिरोधक पीसीओएस (Insulin Resistant PCOS)

यह सबसे आम प्रकार का पीसीओएस है। इस प्रकार के पीसीओएस का कारण होता है इन्सुलिन प्रतिरोध - जब शरीर इन्सुलिन के प्रति कम प्रभावशाली हो जाता है और रक्त शर्करा असंतुलित हो जाती है। अत्यधिक इन्सुलिन और लेप्टिन ओव्यूलेशन (Ovualtion; अंडाशय में अंडे बनना) को प्रतिबाधित करता है और अंडाशय को टेस्टोस्टेरोन बनाने के लिए उद्दीप्त करता है। 
इन्सुलिन प्रतिरोध अधिक मोटापे, शर्करा का सेवन, धूम्रपान, ट्रांस वसा और पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थ के कारण होता है।

प्रतिरक्षा संबंधित पीसीओएस (Immune Related PCOS)

दूसरे प्रकार का पीसीओएस दीर्घकालिक सूजन की वजह से होता है जो कई कारणों की वजह से हो सकती है। इस सूजन की वजह से ओव्यूलेशन (अंडाशय में अंडे बनना) प्रतिबाधित होता है और हॉर्मोन रिसेप्टर्स बाधित होते हैं, जिससे DHEA जैसे अधिवृक्क ग्रंथि एण्ड्रोजन उद्दीप्त होते हैं। जिन महिलाओं के परिवार में किसी सदस्य को कभी प्रतिरक्षा सम्बन्धी रोग रह चुके हैं उनमें इस प्रकार के पीसीओएस होने का खतरा ज़्यादा होता है। 

पोस्ट-पिल पीसीओएस (Post-Pill PCOS)

अधिकतर महिलाओं में जन्म-नियंत्रण गोलियों को बंद करने के करीब छह महीनों में धीमी गति से पुनः शुरू होने वाले मासिक धर्म सामान्य हो जायेंगे; लेकिन कुछ में यह अवरोध सालों तक चल सकता है और इसमें उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। 
लम्बे समय तक गोलियों द्वारा हॉर्मोन्स को नियंत्रित करने से शरीर को फिर से स्वयं एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन करने में मुश्किलें होती हैं जिससे ओव्यूलेशन में दिक्कत होती है। 

पर्यावरण पीसीओएस (Environmental PCOS)

इस प्रकार के पीसीओएस में कोई पर्यावरण (या अन्य हॉर्मोनल) असंतुलन शरीर की नियंमित रूप से ओव्यूलेशन करने की क्षमता के साथ दखल देने लगता है। इस प्रकार के पीसीओएस का निदान होने में परीक्षण त्रुटि विधि (Trial And Error Method) अपनानी पड़ती है हालांकि एक बार निदान हो जाये फिर इलाज किया जाना आसान है। 
जो मरीज़ संवेदनशील होते हैं उनमें कुछ खाद्य पदार्थ शरीर की अंडाशय द्वारा अंडे बनाने की क्षमता के साथ हस्तक्षेप कर सकते हैं।

लक्षण शुरुआत में हलके ही होते हैं। आप में कम से कम लक्षण भी हो सकते हैं और लक्षण अत्यधिक भी हो सकते हैं। सबसे आम लक्षण हैं:

  1. मुँहासे (Acne)
  2. वज़न बढ़ना या वज़न घटाने में परेशानी
  3. चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बाल। अक्सर महिलाओं के चेहरे, पेट, नाभि और पीठ पर मोटे और काले बाल हो जाते हैं। 
  4. सिर के बाल झड़ना
  5. मासिक धर्म में अनियमितता 
  6. प्रजनन क्षमता में परेशानियां
  7. अवसाद

हालांकि यह परेशानियां पीसीओएस के कारण ही हो रहीं हैं, ऐसा आवशयक नहीं है।

पीसीओएस का असल कारण अज्ञात है हालांकि डॉक्टर मानते हैं कि इसमें हॉर्मोनल असंतुलन और आनुवांशिक परेशानियां खास भूमिका निभाते हैं। जिन महिलाओं की माँ या बहन को पीसीओएस की परेशानी रह चुकी है उनमें यह स्थिति विकसित होने की अधिक संभावना होती है।

एण्ड्रोजन (Androgen) हॉर्मोन का अतिउत्पादन भी एक कारक हो सकता है। एण्ड्रोजन एक पुरुष सेक्स हॉर्मोन है जो महिलाओं के शरीर में भी उत्पन्न होता है। पीसीओएस से ग्रस्त महिला में अक्सर सामान्य से ज़्यादा स्तर में एण्ड्रोजन का उत्पादन होता है। यह ओव्यूलेशन (Ovulation) के दौरान अंडे के विकास और रिलीज को प्रभावित कर सकता है। अतिरिक्त इंसुलिन (एक हार्मोन जो शर्करा और स्टार्च को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है) अधिक एण्ड्रोजन स्तर का कारण हो सकता है।

(और पढ़ें - sex kaise kare)

पीसीओएस को रोका नहीं जा सकता लेकिन समय पर निदान और उपचार हो जाने से लम्बे समय तक होने वाली जटिलताओं, जैसे प्रजनन क्षमता में कमी, चयापचय विकार, मोटापा, मधुमेह और ह्रदय की बीमारियों से बचा जा सकता है। 

पीसीओएस का निदान करने के लिए कोई एक विशिष्ट परीक्षण नहीं है। इसका निदान करने के लिए और लक्षणों के होने की अन्य वजह की जानकारी प्राप्त करने के लिए आपके चिकित्सक आपकी मेडिकल स्थिति, पहले हो चुकी मेडिकल समस्याएं, शारीरिक परीक्षण और कई भिन्न टेस्ट्स करवाने पर चर्चा कर सकते हैं। 

शारीरिक जांच (Physical Exam): डॉक्टर आपका रक्तचाप, बॉडी मास इंडेक्स (Body Mass Index, BMI) और कमर का माप लेते हैं। वे चेहरे, छाती या पीठ की त्वचा पर अतिरिक्त बाल, मुँहासे या त्वचा मलिनकिरण (Skin Discoloration) की जांच करेंगे। डॉक्टर बाल झड़ने या अन्य लक्षणों, जैसे थाइरोइड ग्रंथि का बढ़ना, पर भी विचार करते हैं। 

श्रोणिक जांच (Pelvic Exam): अतिरिक्त नर-हॉर्मोन्स की जांच करने के लिए या यह देखने के लिए की अंडाशय बढ़ा हुआ या सूजा हुआ तो नहीं है, डॉक्टर श्रोणिक जांच करते हैं।

श्रोणिक अल्ट्रासाउंड (Pelvic Ultrasound): इस टेस्ट में ध्वनि तरंगों का प्रयोग करके अंडाशय की जांच की जाती है कि कहीं कोई सिस्ट तो नहीं बना और गर्भाशय की लाइनिंग (परत) की भी जांच की जाती है। 

रक्त परीक्षण (Blood Tests): डॉक्टर रक्त परीक्षण करके नर-हॉर्मोन्स के दर की जांच करते हैं। 

डॉक्टर कोलेस्ट्रॉल दर और मधुमेह की भी जांच कर सकते हैं। 

यह निदान हो जाने पर कि आपको ये लक्षण किसी अन्य समस्या की वजह से नहीं हैं, डॉक्टर पीसीओएस का निदान कर देते हैं अगर आपकी स्थिति में निम्न दो लक्षण पाए जाते हैं:

  1. मासिक धर्म चक्र में अनियमितता
  2. सामान्य से अधिक नर-हॉर्मोन्स होने के संकेत मिलना
  3. अंडाशय (एक या दोनों में) में कई सिस्ट होना। 

पीसीओएस का इलाज किया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। उपचार में लक्षणों पर नियंत्रण करने और स्थिति को संभालने पर ध्यान दिया जाता है जिससे जटिलताओं से बचा जा सके। उपचार का तरीका महिलाओं में व्यक्तिगत रूप से होने वाले विशिष्ट लक्षणों के आधार पर भिन्न होगा। लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए उपाय:

स्वस्थ आहार का सेवन करें (Eat A Healthy Diet): पीसीओएस से पीड़ित हर महिला को स्वस्थ आहार का सेवन करना चाहिए और नियमित व्यायाम करना चाहिए, खासकर उन्हें जिनका वज़न ज़्यादा है। इससे मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित किया जा सकेगा और रक्त में ग्लूकोज़ दर को कम किया जा सकेगा।

गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करें (Take Birth Control Pills): अगर आप गर्भवती होने की योजना नहीं बना रहीं हैं तो जन्म नियंत्रण गोलियां लें। इनसे मुँहासों का उपचार किया जा सकेगा, मासिक धर्म चक्र नियंत्रित किया जा सकेगा और शरीर में पुरुष हॉर्मोन्स, जैसे टेस्टोस्टेरोन (Testosterone), के स्तर को कम किया जा सकेगा। अगर महिला को प्रजनन समस्या की परेशानी हो, तो ओव्यूलेशन (Ovulation; अंडाशय में अंडे बनना) के लिए फर्टिलटी दवाएं (Fertility Drugs) निर्धारित की जा सकती हैं। 

दवाएं (Medications): आपकी स्थिति और लक्षणों के आधार पर आपको दवाएं निर्धारित की जाती हैं। चिकित्सक की सलाह के बिना किसी भी दवा का सेवन न करें। 

सर्जरी (Surgery): कुछ महिलाओं में पीसीओएस के उपचार के लिए सर्जरी का भी प्रयोग किया जा सकता है। अण्डाशयी ड्रिलिंग (Ovarian Drilling) एक प्रक्रिया है जिसमें डॉक्टर अंडाशय में एक छोटे नीडल, जिसमें इलेक्ट्रिक करंट (Electric Current) होता है, की मदद से एक छिद्र किया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अंडाशय के भाग को नष्ट किया जा सके। यह एक लघु-कालिक (Short-Term) उपाय है जिससे ओव्यूलेशन को बढ़ाया जा सकता है और नर-हॉर्मोन्स को कम किया जा सकता है। स्थिति गभीर होने पर सिस्टेक्टॉमी (Cystectomy) द्वारा सिस्ट को हटाया भी जा सकता है। 

पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में निम्न परेशानियां होने का जोखिम ज़्यादा होता है:

  1. प्रजनन क्षमता में कमी (Infertility)
  2. हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप)
  3. उच्च कोलेस्ट्रॉल
  4. चिंता और अवसाद
  5. सोते समय सांस लेने में परेशानी (Sleep Apnea, स्लीप एप्निया)
  6. एंडोमेट्रियल कैंसर (Endometrial Cancer)
  7. दिल का दौरा
  8. मधुमेह
  9. स्तन कैंसर (Breast Cancer, ब्रैस्ट कैंसर)

अगर आप गर्भवती हो जाती हैं, तो डॉक्टर आपको ऐसे डॉक्टर से उपचार करवाने की सलाह देते हैं जो अधिक जोखिम भरे गर्भधारण में विशेषज्ञ हों। जिन महिलाओं को पीसीओएस होता है, उनमें गर्भपात (Miscarriage), गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) या समय से पहले प्रसव होने का जोखिम बढ़ जाता है। उनपर गर्भधारण के दौरान अधिक निगरानी रखने की आवश्यकता हो सकती है। 

जितना जल्दी पीसीओएस का निदान और उपचार हो जाये, जटिलाएं होने का जोखिम उतना ही कम हो जाता है। 

क्या न खाएं

  1. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स (Refined Carbohydrates) युक्त आहार जैसे सफ़ेद ब्रेड और मफिन्स
  2. मीठा भोजन या द्रव
  3. सूजन बढ़ाने वाला भोजन (जैसे रेड मीट)

धूम्रपान
धूम्रपान से ह्रदय रोग, अथेरोस्केलोरोसिस (Atherosclerosis) और मधुमेह होने का जोखिम बढ़ जाता है। अगर आपको पीसीओएस है, तो ऐसे में इन बीमारियों के होने का खतरा और बढ़ सकता है। इसलिए इस स्थिति में धूम्रपान करना सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। अपने आपको इन जोखिमों से बचाने के लिए धूम्रपान बिलकुल न करें। 

मासिक धर्म चक्र की नियमितता का ध्यान रखें 
मासिक धर्म चक्र में अनियमितता एंडोमेट्रियल कैंसर का लक्षण भी हो सकती है, इसलिए आवशयक है कि आप ध्यान दें कि आपके पीरियड्स मिस तो नहीं हुए। (मासिक धर्म चक्र की अनियमितता के बारे में और पढ़ें - अनियमित मासिक धर्म और उनके उपचार)

कम से कम मीठा खाएं

जैसा कि उपर्लिखित है, पीसीओएस इन्सुलिन प्रतिरोध से सम्बंधित है। ऐसे में शरीर की शर्करा को संसाधित और विभाजित करने की क्षमता कम हो जाती है। अगर ध्यान न दिया जाये तो इससे मधुमेह हो सकता है और गंभीर जटिलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है। आपको मीठा खाने के लिए बिलकुल मना नहीं किया जा रहा। ऐसे में कम से कम मीठा खाएं और कोशिश करें कि आपके आहार में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (Processed Foods) न हों।

आलस न करें
पीसीओएस में आपके लिए वज़न पर नियंत्रण रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए ज़रूरी है कि आप आलस न करके सक्रिय रहें और थोड़े बहुत व्यायाम ज़रूर करें।

डॉक्टर के चेक-अप न छोड़ें
स्थिति पर नियंत्रण रखने और स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है कि डॉक्टर आपकी स्थिति पर नियमित निगरानी रखे, खास कर अगर आपको प्रजनन क्षमता की परेशानियों के लिए इलाज करवा रहे हैं। दवाओं के प्रभाव की जांच करने के लिए भी ज़रूरी है कि आप डॉक्टर के बताये दिन चेक-अप अवश्य करवाएं।

लक्षणों को अनदेखा न करें 
किसी भी लक्षण को आम परेशानी समझ कर नज़रअंदाज़ न करें। ज़रूरी है कि कोई भी लक्षण दिखने पर उसका इलाज किया जाए। 

पर्याप्त नींद लें 
नींद पूरी न होने से भूख नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन्स प्रभावित हो सकते हैं। पर्याप्त नींद लेने से वज़न पर नियंत्रण रखा जा सकता है और स्थिति बेहतर हो सकती है। हर रात छह से आठ घंटे सोना अत्यंत आवश्यक है।

दवाएं अनियमित रूप से लेना 

दवाओं का निर्धारित समय में निर्धारित खुराक में लिया जाना अत्यंत आवश्यक है। दवाएं न लेना या अनियमित रूप से लेना जटिलताओं का कारण बन सकता है। 

अवसाद के लक्षण अनदेखा करना 
पीसीओएस जैसी समस्या से महिलाओं में अवसाद होने की सम्भावना रहती है। अगर आपको महसूस हो कि आप अवसाद का शिकार हो रहीं हैं या उदास रहना, खाने में परेशानी, वज़न बढ़ना या घटना जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर के पास जाने से कतराएं नहीं। इससे बचने के लिए अपने करीबी लोगों से अपनी परेशानियां ज़रूर बाँटें। 

फाइबर संयुक्त आहार पाचन को धीमा करके और रक्त में शर्करा के प्रभाव को कम करके इंसुलिन प्रतिरोध का विरोध करने में मदद कर सकते हैं। यह पीसीओएस से परेशान महिला के लिए लाभदायक हो सकता है। फाइबर युक्त आहार निम्न खाद्य पदार्थों से मिल सकता है:

  1. पत्तेदार सब्जियां जैसे ब्रोकली, फूल गोभी, आदि
  2. लाल मिर्च और हरी मिर्च 
  3. बीन्स और मसूर
  4. बादाम
  5. शकरकंदी
  6. कद्दू

लीन प्रोटीन के स्त्रोत जैसे टोफू, चिकन और मछली, फाइबर नहीं प्रदान करते हालाँकि ये पीसीओएस से ग्रस्त महिला के स्वस्थ के लिए एक सेहतमंद विकल्प हैं। 

जिन खाद्य पदार्थों से सूजन से राहत मिले, ऐसे आहार भी इन महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं, जैसे:

  1. टमाटर
  2. पालक
  3. बादाम और अखरोट
  4. ऑलिव ऑइल
  5. फल, जैसे जामुन और स्ट्रॉबेरी
  6. फैटी मछली जिनमें ओमेगा-3 (Omega-3) फैटी एसिड की उच्च मात्रा हो, जैसे सैल्मन और सार्डिन

पीसीओएस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Cyclenorm ECyclenorm E 0.01 Mg Tablet14.0
Ethinorm EEthinorm E 0.1 Mg Tablet14.0
EvomidEvomid Tablet12.0
LynoralLynoral 0.01 Mg Tablet22.0
Secam ESecam E 0.02 Mg Tablet14.0
VeronicaVeronica Kit 0.03 Mg Tablet699.0
T Pill TabletT Pill 0.15 Mg/0.03 Mg Tablet57.77
Early PregEarly Preg Capsule128.0
Ecee2Ecee2 0.75 Mg Tablet35.0
Free LadyFree Lady 1.5 Mg Tablet22.5
Guard PillGuard Pill 1.5 Mg Tablet100.0
IpillIpill 1.5 Mg Tablet100.0
Mirena IusMirena Ius Device4525.0
Miss PillMiss Pill Tablet21.0
NowillNowill 1.5 Mg Tablet73.8
Sirf EkSirf Ek 1.5 Mg Tablet60.0
Unwanted 72Unwanted 72 Tablet80.0
Epill TabletEpill Tablet48.57
NextimeNextime 1.50 Mg Tablet51.03
EceepillEceepill Tablet22.25
NordetteNordette 30 Mcg Tablet95.0
Pill 72Pill 72 750 Mcg Tablet35.92
Rbx PillRbx Pill 1.50 Mg Tablet14.37
HexolipHexolip 1000 Mg Tablet115.0
AsmitaAsmita 0.03 Mg/3 Mg Tablet405.0
CrisantaCrisanta 0.03 Mg/3 Mg Tablet347.0
Crisanta LsCrisanta Ls 0.02 Mg/3 Mg Tablet247.5
DorisDoris 0.03 Mg/3 Mg Tablet348.5
DrospyDrospy Tablet390.0
HervoteHervote 0.03 Mg/3 Mg Tablet318.0
JanyaJanya 0.03 Mg/3 Mg Tablet290.0
PadminiPadmini 0.03 Mg/3 Mg Kit350.0
RasminRasmin 0.03 Mg/3 Mg Tablet299.0
YaminiYamini 0.03 Mg/3 Mg Tablet349.0
Yamini KitYamini Kit 0.03 Mg/3 Mg Tablet383.0
Yamini Ls KitYamini Ls Kit 0.02 Mg/3 Mg Tablet234.5
YanciYanci 0.03 Mg/3 Mg Tablet350.0
YasminYasmin 0.03 Mg/3 Mg Tablet413.0
YazYaz 3 Mg/0.02 Mg Tablet390.0
DronisDronis 20 Tablet296.0
DrosmacDrosmac 20 Mcg Tablet235.0
DrostolDrostol Tablet290.0
ButipilButipil 0.035 Mg/2 Mg Tablet184.25
CarpelaCarpela 0.035 Mg/2 Mg Tablet264.0
CarrolCarrol 0.035 Mg/2 Mg Tablet197.05
ElestraElestra 0.035 Mg/2 Mg Tablet312.7
EstranonEstranon Tablet260.0
EvashineEvashine 0.035 Mg/2 Mg Tablet210.0
GinetteGinette 0.035 Mg/2 Mg Tablet282.5
HerfaceHerface 0.035 Mg/2 Mg Tablet241.0
HersuitHersuit 0.035 Mg/2 Mg Tablet201.81
KrimsonKrimson Tablet282.0
Cyna KitCyna Kit Tablet195.0
My PillMy Pill Tablet233.0
Cystop MCystop M 500 Mg/600 Mg Tablet150.0
Goecyst MGoecyst M 500 Mg/600 Mg Tablet Sr160.0
Dear TabletDear Tablet102.3
Divacon TabletDivacon 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet59.53
Duoluton L TabletDuoluton L 0.25 Mg/0.05 Mg Tablet139.5
Loette TabletLoette Tablet177.1
Ovilow TabletOvilow 0.02 Mg/0.1 Mg Tablet104.0
Ovral G TabletOvral G 0.05 Mg/0.5 Mg Tablet160.74
Ovral L TabletOvral L 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet64.47
Suvida TabletSuvida 0.3 Mg/0.03 Mg Tablet30.0
Triquilar TabletTriquilar Tablet90.5
Dearloe TabletDearloe 0.02 Mg/0.1 Mg Tablet93.02
Ergest TabletErgest 0.05 Mg/0.25 Mg Tablet68.48
Ergest Ld TabletErgest Ld 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet70.56
Esro TabletEsro 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet65.0
Esro G TabletEsro G 0.050 Mg/0.250 Mg Tablet70.0
Esro L TabletEsro L 0.02 Mg/0.10 Mg Tablet60.0
Florina TabletFlorina 0.1 Mg/0.02 Mg Tablet67.25
Florina G TabletFlorina G 0.05 Mg/0.25 Mg Tablet96.0
Florina N TabletFlorina N Tablet96.0
Mala D TabletMala D Tablet2.75
Nogestol TabletNogestol 0.15 Mg/0.03 Mg Tablet63.0
Orgalutin TabletOrgalutin 0.05 Mg/2.5 Mg Tablet22.91
Levora TabletLevora 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet25.0
Lyna TabletLyna Tablet55.0
Oc 21 TabletOc 21 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet78.0
Ovral TabletOvral Tablet70.56
Unwanted Pregcard TabletUnwanted Pregcard 21 Days Tablet58.0
Descon KitDescon Kit150.0
DesoleeDesolee 0.15 Mg/0.02 Mg Tablet76.83
DestrogenDestrogen 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet100.0
ElogenElogen 0.02 Mg/0.15 Mg Tablet111.0
FamyceptFamycept Kit 0.02 Mg/0.15 Mg Tablet175.0
FemilonFemilon Tablet194.0
I ConI Con 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet95.65
Intimacy PlusIntimacy Plus 0.02 Mg/0.15 Mg Tablet104.86
JulianaJuliana 0.02 Mg/0.15 Mg Tablet132.0
LocipilLocipil 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet150.0
LovalisLovalis 0.15 Mg/0.03 Mg Tablet85.71
Lovalis LLovalis L Tablet80.95
Novelon TabletNovelon 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet167.0
OvulocOvuloc 0.03 Mg/0.15 Mg Tablet118.0
Ovuloc LdOvuloc Ld 0.02 Mg/0.15 Mg Tablet115.5
MilianaMiliana Tablet132.0
Harmoni FHarmoni F 2 Mg/0.035 Mg/5 Mg Tablet281.4
Liv AptLiv Apt 250 Mg/70 Mg/50 Mg Tablet410.0
SmartinorSmartinor 5 Mg Tablet62.0
2 Sitol2 Sitol Capsule180.0
ChoiceChoice Tablet30.0

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