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अधिकतर लोगों को दूसरो को देखकर उनके जैसा बनने की इच्छा उत्पन्न होती है। इसलिए उन जैसा दिखने के लिए मेकअप का उपयोग करना शुरू कर देते हैं। कभी- कभी मेकअप का इस्तेमाल ठीक है लेकिन रोज रोज इनका उपयोग आपकी त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। मेकअप उत्पादों में कई तरह के रसायन होते हैं जो हमारी त्वचा की चमक को धीरे धीरे खत्म कर देते हैं। फिर चाहे वो काजल हो या फाउंडेशन हो, हर दिन मेकअप लगाने से आपकी त्वचा और शरीर पर कई हानिकारक दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।

  1. मेकअप हो सकता है सिरदर्द का कारण - Headaches Caused by Makeup in Hindi
  2. कॉस्मेटिक्स के नुकसान हैं बालों के लिए - Cosmetics Cause Hair Problems in Hindi
  3. मुँहासो का कारण हो सकता है मेकअप - Makeup Induced Acne in Hindi
  4. सौंदर्य सामग्री के कारण होती है त्वचा एलर्जी - Skin Allergies Caused by Cosmetics in Hindi
  5. मेकअप के नुकसान आँखों के लिए - Eye Infections Due to Makeup in Hindi
  6. कॉस्मेटिक्स का प्रभाव प्रजनन प्रणाली पर - Cosmetics that Cause Infertility in Hindi
  7. चेहरे पर मेकअप लगाने के नुकसान हैं बढ़ती उम्र - Premature Ageing Due to Cosmetics in Hindi
  8. हार्मोनल असंतुलन का कारण हो सकते हैं सौंदर्य प्रसाधन - Cosmetics that Cause Hormonal Imbalance in Hindi
  9. कॉस्मेटिक्स का अधिक प्रयोग हो सकता है कैंसर का कारण - Cosmetics Causes Cancer in Hindi
  10. कॉस्मेटिक उत्पाद है असमान त्वचा के लिए ज़िम्मेदार - Makeup can Cause Skin Discoloration in Hindi

डाइजोलिनेइल यूरिया (Diazolidinyl urea) और डीएमडीएम हाइडान्टोनी जैसे रसायन कई कॉस्मेटिक उत्पादों में ये एक आम घटक हैं। ये रसायन सिरदर्द, श्लेष्म झिल्ली (mucous membranes) की जलन और आंखों को नुकसान पहुंचाने के कारण के रूप में जाने जाते हैं। यदि आप सिर दर्द से पीड़ित हैं और पता नहीं लगा पा रहे है तो कुछ दिनों के लिए श्रृंगार को कम करके देखिए, इससे कुछ समय बाद आपका सिरदर्द दूर होता पाएँगे। 

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हेयर जैल, हेयर सीरम, शैंपू, कंडीशनर और हेयर स्प्रे जैसे हेयर उत्पादों में कई हानिकारक रसायन होते हैं जो लंबे समय के लिए आपके बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। रासायनिक आधारित हेयर उत्पादों के व्यापक उपयोग से रूसी, सिर की लाली, बालों का पतलापन और बाल झड़ने का नुकसान हो सकता है। हेयर कलर के लंबे उपयोग से बालों का रंग बदल सकता है।

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यह मेकअप का एक आम साइड इफेक्ट है, जो कि ज्यादातर महिलाओं ने अनुभव किया होगा। आपकी त्वचा भी अन्य अंगो की तरह ही आपके शरीर का एक अंग है।  त्वचा को भी सांस लेने और बढ़ने की जरूरत होती है। जब आप मेकअप के साथ अपनी त्वचा को कवर करते हैं तो इससे त्वचा के विकास में बाँधा आती है। कुछ प्रकार के मेकअप जो तरल पदार्थ और क्रीम के रूप में होते हैं आपकी त्वचा के रोम छिद्रों को बंद कर देते हैं। जो मुँहासो का कारण बनते हैं। तो आप बिस्तर पर जाने से पहले अपने मेकअप को प्राकृतिक रूप से साफ करना सुनिश्चित करें।

सौंदर्य प्रसाधनों में जीवाणु वृद्धि को रोकने के लिए परिरक्षकों (प्रीज़र्वटिव) के रूप में एसिथ-पैराबेन, ब्यूतिली-पैराबेन और आईसोप्रोपिल-पैराबेन का प्रयोग किया जाता है। परबेन्स त्वचा पर त्वचा जलन, मुहाँसे और दाग धब्बों जैसे विभिन्न एलर्जी प्रतिक्रियाओं का कारण बन सकते हैं। कई मामलों में, एलर्जी की प्रतिक्रिया तब तक स्पष्ट नहीं होती जब तक कि लक्षण गंभीर नहीं होते। खरीदने से पहले पैराबेस के लिए लेबल पढ़ें। 

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आइ मेकअप का उपयोग बड़े पैमाने पर महिलाओं द्वारा किया जाता है। लेकिन यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि आपकी आंखें और उनके आसपास की त्वचा आपके चेहरे के सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। मेकअप में मौजूद रसायन आपकी आंखों में घाव, खुजली या जलन महसूस हो सकती है जो आपके लिए हानिकारक होते हैं। बहुत अधिक मस्कारा या काजल आंखों की झिल्ली के विकास को रोकता है और बैक्टीरिया के जन्म का स्थल बन जाता है जिससे जलन और संक्रमण हो सकता है। 

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स्किनकेयर उत्पादों और डिओडोरेंट को सीधे रूप से आपकी त्वचा के द्वारा अवशोषित किया जाता है, इसलिए यह बहुत ही कम संभावना है कि इन उत्पादों में उपयोग किए गए रसायन आपके शरीर से भी निकल जाएंगे। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि बुटील पैराबेन टेस्टोस्टेरोन के स्राव को प्रभावित करते हैं और टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है जो पुरुष प्रजनन प्रणाली के लिए कार्य करता है। हालांकि सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग प्रमुख रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है, फिर भी यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि पैराबेन का प्रतिकूल प्रभाव प्रजनन तंत्र पर हो सकता है। 

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जब आप लंबे समय तक त्वचा उत्पादों का उपयोग करते हैं, तो उनमें मौजूद रसायन आपकी त्वचा को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। समय के साथ, ये आपकी त्वचा के कोलेजन को नुकसान पहुंचाते हैं और नई त्वचा कोशिकाओं को विकसित होने से रोकते हैं। जिस वजह से आपके चेहरे पर झुर्रियाँ पड़ सकती है। जबकि श्रृंगार आपकी त्वचा की खामियों को छिपाने या ढकने में मदद करता है, लेकिन लंबे समय तक उपयोग के बाद इसके प्रभाव असरदार हो सकते हैं।

सौंदर्य प्रसाधनों का लंबे समय तक उपयोग आपके अंतःस्रावी तंत्र पर प्रभाव पड़ सकता है और थायराइड ग्रंथि के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकता है। ट्राक्लॉसन एक सामान्य रूप से प्रयोग किए जाने वाला रासायनिक अवयव है और यह मुँहासे-हटाने वाले स्क्रब और डिओडोरेंट जैसे उत्पादों में पाया जा सकता है। नियमित उपयोग के साथ ट्राक्लॉसन त्वचा में अवशोषित हो जाता है और हार्मोनल स्राव में असंतुलन के कारण थायरॉइड ग्रंथि को प्रभावित करता है। यह थायरॉयड से संबंधित सिरदर्द, वजन घटाने और अवसाद आदि का कारण बन सकता है।

आजकल कई रासायनिक आधारित सौंदर्य प्रसाधनों में जहरीले अवयव पाए जाते है जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए निम्न सामग्रियों से बने उत्पादों से बचने का प्रयास करें।

  • फॉर्मलाडीहाइड और फॉर्मलाडीहाइड-रिलीज रिजर्वेटिव्स
  • फेनासेटिन (Phenacetin)
  • कोल तार
  • बेंजीन (Benzene)
  • इथिलीन ऑक्साइड (Ethylene oxide)
  • क्रोमियम (Chromium)
  • कैडमियम और इसके यौगिकों
  • आर्सेनिक (Arsenic)
  • क्रिस्टलीय सिलिका (Crystalline silica)  (और पढ़ें – कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार)

त्वचा उत्पाद जैसे सनस्क्रीन, मॉइस्चराइज़र, टोनर्स और क्रीम में एजेंट होते हैं जो त्वचा को ब्लीच या काला करते हैं। खराब गुणवत्ता वाले अवयवों से बनें कॉस्मेटिक उत्पादों के नियमित उपयोग  से त्वचा का रंग बदल सकता है। इसके प्रभाव पैच, पिगमेंटेशन, असमान त्वचा टोन, लालिमा और झाइयों के रूप में पड़ सकते हैं। तो दैनिक स्किनकेयर रूटिन के लिए रासायनिक उत्पादों का उपयोग करने से बचें। 

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