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प्राण मतलब ऊर्जा या जीवन। प्राण वायु बहुत ही महत्वपूर्ण वायु होती है। प्राण मुद्रा रुट चक्र को तेज करती है, जिससे शरीर में अग्नि (आतंरिक उर्जा का संचार) और कंपन दोनों होने लगता है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलनी शुरू हो जाती है। ये मुद्रा ह्रदय और आत्मा को जोड़ती है। प्राण मुद्रा कई बीमारियों का इलाज करने में बेहद फायदेमंद है। 

इस लेख में प्राण मुद्रा के फायदे और उसको करने के तरीकों के बारे में बताया गया है और साथ ही इससे जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में भी बताया है।

(और पढ़ें - हृदय रोग का इलाज)

  1. प्राण मुद्रा के फायदे - Prana Mudra ke fayde in Hindi
  2. प्राण मुद्रा करने का तरीका - Prana Mudra ke tarike in Hindi
  3. प्राण मुद्रा का वीडियो - Prana Mudra Video in Hindi
  4. प्राण मुद्रा करने में क्या सावधानी बरती जाए - Prana Mudra ki savdhaniya in Hindi

प्राण मुद्रा के लाभ कुछ इस प्रकार हैं –

  1. यह मुद्रा विटामिन एविटामिन बीविटामिन सीविटामिन डीविटामिन ई और विटामिन K की कमी को पूरा करता है। (और पढ़ें - संतुलित आहार चार्ट)
  2. प्राण मुद्रा मस्तिष्क में नियंत्रण लगाती है। जैसे, आपके अधिक खाने की आदत को कम करती है। (और पढ़ें - मानसिक रोग को कैसे दूर करें)
  3. इस मुद्रा को रोजाना करने से आत्म-विश्वास जगता है। 
  4. प्राण मुद्रा पुरानी चक्कर की समस्या और कमजोरी को ठीक करने में मदद करता है। (और पढ़ें - कमजोरी दूर करने के उपाय)
  5. ये मुद्रा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढाये)

प्राण मुद्रा करने का तरीका हम यहाँ विस्तार से दे रहे हैं, इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें –

  1. सबसे पहले आरामदायक आसान में बैठ जाएं।
  2. अब दोनों हाथों की अनामिका और छोटी उंगली को जोड़ लें।
  3. थोड़ा उन्हें हथेलियों की तरफ झुकाएं और फिर उन्हें अंगूठे के आधार पर छुएं।
  4. इस अवस्था को 20 मिनट तक ऐसे ही रखें।
  5. आप इस मुद्रा को किसी भी समय कर सकते हैं।

(और पढ़ें - ध्यान लगाने की विधि)

अगर आप सर्दी और जुकाम से पीड़ित हैं, तो इस मुद्रा को न करें।

(और पढ़ें - जुकाम का घरेलू नुस्खा)

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