अर्थराइटिस एक क्रॉनिक रोग है, जिसके चलते जोड़ों में तेज दर्दसूजन की समस्या हो सकती है. वहीं, अर्थराइटिस को ठीक करने के लिए इन दिनों कोलेजन सप्लीमेंट का इस्तेमाल बढ़ा है, क्योंकि इसके संतोषजनक परिणाम मिले हैं. दरअसल, कोलेजन सप्लीमेंट अर्थराइटिस द्वारा क्षतिग्रस्त हुए जॉइंट कार्टिलेज का निर्माण फिर से करता है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि अर्थराइटिस में कोलेजन सप्लीमेंट फायदेमंद है या नहीं -

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  1. क्या है कोलेजन?
  2. अर्थराइटिस में कोलेजन सप्लीमेंट के फायदे
  3. कोलेजन के दुष्प्रभाव
  4. सारांश
क्या अर्थराइटिस में कोलेजन सप्लीमेंट फायदेमंद हैं? के डॉक्टर

कोलेजन एक प्रोटीन है, जो हड्डियों, स्किन, मांसपेशियों, दांत और शरीर के अन्य हिस्सों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसमें हड्डियों के बीच स्थित कार्टिलेज भी शामिल है. यह शरीर के अधिकतर टिश्यू को सपोर्ट करता है और कोशिकाओं के अंदर व बाहर दोनों जगह पाया जाता है. दरअसल, यह कोशिकाओं के बीच ग्लू की तरह काम करता है, इसलिए इसका नाम कोलेजन रखा गया. यह एक ग्रीक शब्द है, जिसका अर्थ ही ग्लू है. यही वजह है कि अगर शरीर में कोलेजन की कमी हो जाती है, तो स्किन का आकार खोने लगता है.

चूंकि, कोलेजन अमीनो एसिड से बना है, जो प्रोटीन का बिल्डिंग ब्लॉक है. इसलिए, माना जाता है कि ऑस्टियोअर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस द्वारा क्षतिग्रस्त हुए जॉइंट कार्टिलेज की सुरक्षा और फिर से निर्माण करने में कोलेजन सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया जाता है. कोलेजन सप्लीमेंट में मौजूद अमीनो एसिड इस समय काम आते हैं. यही वजह है कि कई लोग स्किन की सेहत के लिए कोलेजन सपालीमेंट्स का सेवन भी करते हैं.

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ऑस्टियोअर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस के दर्द को ठीक करने में कोलेजन सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है. आइए, विस्तार से जानते हैं कि अर्थराइटिस में कोलेजन सप्लीमेंट किस प्रकार फायदेमंद है -

जोड़ों के दर्द को करे कम

कोलेजन कार्टिलेज को मेंटेन करने में सहायक है, जो रबर की तरह एक टिशू है और यही जोड़ों की सुरक्षा करता है. उम्र के साथ शरीर में कोलेजन की मात्रा कम होती जाती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस होने का जोखिम बढ़ता जाता है. शोध के अनुसार, कोलेजन सप्लीमेंट जोड़ों के दर्द को कम कर सकते हैं. कोलेजन सप्लीमेंट कार्टिलेज में जमा होकर कोलेजन बनाने के लिए टिश्यू को स्टिमूलेट कर सकता है.

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हड्डियों को रखे स्वस्थ

हड्डियां कोलेजन से बनी होती हैं, जो इनके ढांचा और मजबूती के लिए जिम्मेदार हैं. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है शरीर में कोलेजन का स्तर और बोन मास घटने लगता है. इससे ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है. शोध के अनुसार, कोलेजन सप्लीमेंट हड्डियों के टूटने को कम करने में मददगार है.

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सप्लीमेंट के रूप में कोलेजन को लेने के लिए Plant Based Sprowt Collagen बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जो पूरी तरह से प्राकृतिक सामग्रियों से बना है -

मसल मास को करे बूस्ट

शरीर में सबसे ज्यादा पाए जाने प्रोटीन के रूप में कोलेजन स्केलेटल मसल का मुख्य हिस्सा है. शोध के अनुसार, कोलेजन सप्लीमेंट मसल मास को बूस्ट करने में मदद करता है, खासकर तब जब उम्र के साथ यह कम होता जाता है. यह एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों के विकास को भी स्टिमूलेट करता है, जिससे शरीर में मजबूती आती है और जोड़ों में दर्द होने की आशंका कम हो जाती है.

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सप्लीमेंट के रूप में कोलेजन को अधिक मात्रा में लेने से निम्न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं -

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शोध में पाया गया है कि कोलेजन सप्लीमेंट ऑस्टियोअर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है. फिलहाल, इस संबंध में पुख्ता परिणाम सामने नहीं आए हैं व इस पर और शोध किए जाने की जरूरत है. वहीं, अगर किसी व्यक्ति को अर्थराइटिस की समस्या है, तो स्वयं से कोलेजन सप्लीमेंट का सेवन करने की बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और उनके कहे अनुसार ही इसे लेना चाहिए.

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