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सेल्युलाईट क्या है?

जांघों, कूल्हों और पेट के दायरे में मांस के उभार को सेल्युलाईट कहते हैं। सेल्युलाईट किशोरावस्था में और वयस्क महिलाओं को सबसे अधिक होता है।

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सेल्युलाईट कोई गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन इससे शरीर भद्दा दिखता है।

मालिश या सेल्युलाईट क्रीम के विज्ञापनों में दिखाया जाता है कि इनका उपयोग करने से सेल्युलाईट करिश्माई तरीके से ठीक हो सकता है। लेकिन इनमें से अधिकतर उपचार अपने दावों के मुकाबले खरे नहीं उतरते हैं। 

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इसके चिकित्सकीय उपचार पर शोध हो रहे हैं। हालांकि सेल्युलाईट से कुछ हद तक निजात पाने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं।

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  1. सेल्युलाईट के प्रकार - Types of Cellulite in Hindi
  2. सेल्युलाईट के लक्षण - Cellulite Symptoms in Hindi
  3. सेल्युलाईट के कारण और जोखिम कारक - Cellulite Causes in Hindi
  4. सेल्युलाईट से बचाव - Prevention of Cellulite in Hindi
  5. सेल्युलाईट का निदान - Diagnosis of Cellulite in Hindi
  6. सेल्युलाईट का उपचार - Cellulite Treatment in Hindi
  7. सेल्युलाईट के डॉक्टर

सेल्युलाईट के प्रकार - Types of Cellulite in Hindi

सेल्युलाईट कितने प्रकार के होते हैं?

साल 2009 में प्रकाशित सेल्युलाईट गंभीरता मानदंड में सेल्युलाईट को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया में:

पहली श्रेणी या हल्का: इसमें त्वचा संतरे के छिलके जैसी दिखने लगती है। एक से चार छोटे-छोटे गड्ढे से दीखते हैं और त्वचा ढीली-झूलती दिखती है।

दूसरी श्रेणी या मध्यम: इसमें सेल्युलाईट वाली जगह पर पांच से नौ मंझोले आकार के गड्ढे नजर आते हैं और त्वचा पनीर जैसी दरदरी दिखती है।

तीसरी श्रेणी या गंभीर: इसमें त्वचा गद्दे सी दिखती है और सेल्युलाईट वाली जगह पर 10 या इससे अधिक गड्ढे बन जाते हैं। त्वचा बहुत ढीली और लटकी हुई नजर आती है।

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सेल्युलाईट के लक्षण - Cellulite Symptoms in Hindi

सेल्युलाईट से त्वचा असमान या उभार और गड्ढे से भरी दिखती है। यह देखने में पनीर या संतरे के छिलके जैसा लगता है।  

हल्के सेल्युलाईट को चिकोटी में भर कर देखा जा सकता है। इस तरह त्वचा पर बने गड्ढे आसानी से दीखते हैं। ज्यादा गंभीर सेल्युलाईट में त्वचा उभार और गड्ढे के कारण असमान दिखने लगती है।

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सेल्युलाईट आमतौर पर जांघों और कूल्हों पर होता है, लेकिन यह स्तन, पेट के निचले हिस्से और बाहों पर भी उभर सकता है।

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डॉक्टर को कब दिखाएं-

सेल्युलाईट गंभीर बीमारी नहीं है और इसका उपचार आवश्यक नहीं है। वास्तव में, कई डॉक्टर सेल्युलाईट को सामान्य मानते हैं। हालांकि यदि आप अपनी त्वचा को लेकर परेशान हैं तो अपने डॉक्टर, त्वचा रोग विशेषज्ञ या प्लास्टिक सर्जन को दिखाएं।  

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सेल्युलाईट के कारण और जोखिम कारक - Cellulite Causes in Hindi

सेल्युलाईट क्यों होता है?

सेल्युलाईट फाइब्रस कनेक्टिव कॉर्ड (Fibrous Connective Cords) के कारण होता है। ये मजबूत तंतु की तरह दिखने वाले एक किस्म के उत्तक होते हैं जो मांसपेशियों को त्वचा से बांधे रखते हैं जिनके बीच में वसा (Fat) की परत होती है। जैसे-जैसे वसा कोशिकाओं का जमाव होता है वे त्वचा पर दबाव डालती हैं जबकि उक्त फाइब्रस कोनेक्टिव कॉर्ड इन्हें वापस खींचते हैं। इससे त्वचा की सतह असमान हो जाती है और उसमें छोटे-छोटे गड्ढे पड़ जाते हैं।

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जोखिम कारक - 

पुरुषों की तुलना में सेल्युलाईट, महिलाओं में अधिक होता है। अधिकांश महिलाओं में थोड़ा-बहुत सेल्युलाईट होता ही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं में वसा के परतों का जमाव अक्सर जांघों और कूल्हों में होता है जहां आम तौर पर सेल्युलाईट उभरता है। उम्र बढ़ने के साथ भी सेल्युलाईट का होना आम है जबकि त्वचा की तन्यता (फैलने-सिकुड़ने की सामान्य क्षमता) ख़त्म हो जाती है।

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वजन बढ़ने से सेल्युलाईट अधिक दिख सकता है, हालांकि कुछ दुबले लोगों में भी सेल्युलाईट होता है। लेकिन सेल्युलाईट वंशानुगत होने की सम्भावना रहती है इसलिए आपको सेल्युलाईट होगा या नहीं इसमें जेनेटिक्स की अहम भूमिका हो सकती है। निष्क्रिय जीवनशैली भी सेल्युलाईट की आशंका बढ़ा सकती है मसलन, गर्वावस्था।

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सेल्युलाईट से बचाव - Prevention of Cellulite in Hindi

सेल्युलाईट से कैसे बचा जा सकता है?

सेल्युलाईट से बचाव कर पाना बहुत संभव नहीं है, लेकिन संतुलित वजन और नियमित व्यायाम से सेल्युलाईट कम करने मदद मिल सकती है। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पधार्थों के सेवन और धूम्रपान छोड़ने से भी सेल्युलाईट हल्के पड़ जाते हैं।

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सेल्युलाईट का निदान - Diagnosis of Cellulite in Hindi

सेल्युलाईट की जांच कैसे होती है?

सेल्युलाईट शरीर-सौष्ठव से जुड़ी (Cosmetic) समस्या है। इसका देखकर ही पता लगाया जा सकता है। सेल्युलाईट के निदान के लिए कोई चिकित्सकीय जांच उपलब्ध नहीं है।

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सेल्युलाईट का उपचार - Cellulite Treatment in Hindi

सेल्युलाईट के क्या उपचार हैं?

सेल्युलाईट कम करने के लिए आप ये तरीके अपना सकते हैं -

  • वजन घटाना
    स्वस्थ भोजन और नियमित व्यायाम से वजन घटाना सेल्युलाईट का शायद सबसे अधिक फायदेमंद उपचार है। पैरों, जांघों, कूल्हों और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने से त्वचा पर उभरे गड्ढे दूर हो सकते हैं। हालांकि सिर्फ वजन घटाने से यह पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता लेकिन इसका उभार हल्का पड़ जाता है। (और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)
  • लेजर और रेडियोफ्रीक्वेंसी सिस्टम
    लेजर और रेडियोफ्रीक्वेंसी सिस्टम, शायद इसका सबसे भरोसेमंद उपचार है। सभी तीन सिस्टम से उपचार के बाद सेल्युलाईट में आराम होता है। इसका असर छह महीने तक प्रभावी रह सकता है।डॉक्टर से अपने लिए अनुकूल उपचार के बारे में सलाह लें। (और पढ़ें - लेजर हेयर रिमूवल क्या है)
     
  • लिपोसक्शन
    लिपोसक्शन के दौरान, सर्जन छोटे से चीरे के जरिये त्वचा के भीतर एक पतली सी ट्यूब डालकर वसा (फैट) कोशिकाओं को बाहर निकलते हैं। लिपोसक्शन से आपका शरीर सुडौल हो सकता है लेकिन इससे सेल्युलाईट खत्म नहीं होता। बल्कि इससे सेल्युलाईट और भद्दा दिखने लगता है।लेजर की सहायता से किया जाने वाला लिपोसक्शन इस उपचार का नया रूप है जिसके जरिये वसा कोशिकाओं को नष्ट कर त्वचा को चुस्त बनाया जाता है। यह सेल्युलाईट का अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी उपचार हो सकता है।
  • टॉपिकल उपचार
    पाया गया है कि रोजाना दो बार 0.3 प्रतिशत रेटिनॉल क्रीम लगाने से छह महीने बाद सेल्युलाईट हल्का पड़ता है।
      
  • अकॉस्टिक वेव थेरेपी (Acoustic wave therapy)
    इसमें एक यंत्र के जरिये शरीर के प्रभावित अंगों में ध्वनि तरंग प्रेषित किया जाता है। यह उपचार प्रभावी तो हो सकता है लेकिन इस प्रक्रिया से कई बार गुजरना पड़ सकता है। 
  • सब्सीजन (Subcision)
    इस प्रक्रिया में त्वचा रोग विशेषज्ञ त्वचा के अंदर एक सूई डालकर एक दूसरे से जुड़े ऊतकों के समूह को तोड़ते हैं। इसका असर दो साल या इससे अधिक तक प्रभावी हो सकता है। 
  • वैक्यूम-असिस्टेड प्रेसाइज टिशू रिलीज (Vacuum-assisted precise tissue release)
    इस प्रक्रिया में ऊतकों के समूह को छोटे-छोटे ब्लेड लगे यंत्र से काटा जाता है। जिससे इसके नीचे की सतह वाले ऊतक त्वचा के नीचे की खाली जगह को भरना शुरू कर देते हैं। जिससे सेल्युलाईट गायब हो जाता है। इसका असर तीन साल तक दिख सकता है, लेकिन इसकी सफलता के सम्बन्ध में बहुत कम आंकड़े उपलब्ध हैं।
                                    
  • कार्बोक्सीथेरेपी
    इस प्रक्रिया के तहत त्वचा में कार्बनडाइऑक्साइड गैस डाली जाती है। इससे कुछ सेल्युलाईट गायब हो सकते हैं लेकिन इससे नील पड़ सकते हैं या बेचैनी हो सकती है।
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  • एंडर्मोलॉजी 
    इस प्रक्रिया में वैक्यूम जैसे उपकरण से गहरी मालिश की जाती है जिससे त्वचा ऊपर उठती है। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ डर्मैटोलॉजिस्ट्स के मुताबिक इस उपचार की सफलता के बहुत कम साक्ष्य मिले हैं।

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Dr. Gujjala Krishnamurthy

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