ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्या होता है?

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एक प्रकार का मेडिकल उपकरण है, जो उन रोगियों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है, जिनमें ऑक्सीजन का स्तर सामान्य से कम होता है, क्योंकि या तो उनके फेफड़े पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं खींच पा रहे हैं या पर्याप्त ऑक्सीजन प्रसारित करने में किसी वजह से परेशानी हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, गंभीर रूप से बीमार रोगियों के जीवन को बचाने के कार्य के लिए ऑक्सीजन एक बुनियादी (मूलभूत) जरूरत है। यह किसी भी उम्र के रोगियों जैसे शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक के लिए आवश्यक है।

अक्सर गंभीर रूप से हाइपोक्सियापल्मोनरी एडिमा से ग्रस्त लोग कंसंट्रेटर के माध्यम से ऑक्सीजन थेरेपी दी जाती है। जिन रोगियों की स्थिति क्रोनिक यानी लंबे समय से प्रभावित करने वाली होती है, अक्सर उन्हें घर पर देखभाल की जरूरत होती है और ऐसे में कंसंट्रेटर्स का उपयोग किया जा सकता है।

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  1. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर कैसे काम करता है? - How an oxygen concentrator works in Hindi
  2. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के प्रकार - Types of oxygen concentrators in Hindi
  3. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर कैसे चलाएं - How to operate oxygen concentrator in Hindi
  4. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के फायदे - Advantages of using oxygen concentrators in Hindi
  5. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के उपयोग के नुकसान - Disadvantages of using oxygen concentrators in Hindi
  6. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए जरूरी टिप्स - Indications for oxygen concentrator use in Hindi
  7. कोविड-19 रोगियों के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर - Oxygen concentrators for COVID-19 patients in Hindi
  8. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्या है के डॉक्टर

अक्सर हम सोचते हैं कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्या काम करता है? तो बता दें, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर दोनों अलग-अलग उपकरण है। सिलेंडर के खाली होने पर उसे भरवाने की आवश्यकता होती है, जबकि कंसंट्रेटर में ऐसा नहीं होता है, यह वातावरण में मौजूद हवा से ऑक्सीजन को खींचता है और मरीज को शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करता है। अपनी इसी खासियत की वजह से यह सिलेंडर की अपेक्षा कुछ महंगा होता है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगातार पांच या अधिक वर्षों तक चल सकते हैं और इनके लिए किसी खास रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन इनके लिए लगातार बिजली होना जरूरी है, जबकि सिलेंडर के साथ आप कहीं भी ट्रैवेल कर सकते हैं।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन के दो मुख्य प्रकार हैं : स्टेशनरी और पोर्टेबल।

  • स्टेशनरी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर : स्टेशनरी कंसंट्रेटर का वजन 10 किलोग्राम तक हो सकता है और इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने ले जाने के लिए इसमें नीचे पहिए होना जरूरी है। जिस प्रवाह पर यह कंसंट्रेटर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं वह 5 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) से लेकर 15 एलपीएम तक हो सकता है। इसका उपयोग करने के लिए लगातार बिजली की व्यवस्था होना जरूरी है। इनके कई मॉडल मौजूद हैं, रोगी की स्थिति के आधार पर इन मॉडल का चुनाव किया जाता है। वे पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की तुलना में कम लागत पर उत्पादन करते हैं।
  • पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर : पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का वजन 1 से 4.5 किलोग्राम के बीच होता है। इसके कुछ मॉडल बैटरी से भी चल सकते हैं, जिसका मतलब है कि आप इन्हें ट्रैवेल के दौरान अपने साथ रख सकते हैं या जहां बिजली नियमित रूप से नहीं आती है, वहां भी पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का उपयोग करना आसान हो जाता है। यह 3 एलपीएम में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदान करते हैं, लेकिन एक ही समय पर कई रोगियों द्वारा इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।

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ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के कई मॉडल हैं और इन्हें संचालित करने का तरीका भी अलग-अलग है। इसका सेटअप करने के लिए मशीन के साथ दिए गए निर्देशों को अच्छे से समझें या किसी अनुभवी तकनीशियन से सलाह लें।

आमतौर पर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का संचालन करने के​ लिए निम्नलिखित कदम लिए जाने की जरूरत होती है :

  • सबसे पहले ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को ऊर्जा देने के लिए उसमें लगे तार को प्लग करें, लेकिन अभी स्विच ऑन न करें। इस दौरान एक्सटेंशन का प्रयोग करने से बचें।
  • यदि डॉक्टर ने आपको ह्यूमिडिफिकेशन बोतल (रोगी को आपूर्ति की जाने वाली ऑक्सीजन को नम रखने वाली बोतल) का उपयोग करने के लिए कहा है, तो इस बोतल को डिस्टिल्ड पानी से भरें और इसे अच्छे से बंद करें।
  • आवश्यकता के अनुसार, ऑक्सीजन ट्यूब को ह्यूमिडिफिकेशन बोतल कैप में संलग्न करें या कंसंट्रेटर आउटलेट में ऑक्सीजन एडैप्टर को लगाएं और ऑक्सीजन ट्यूब को इसमें संलग्न करें।
  • अब स्विच ऑन करें। अब 10-15 मिनट तक इसे ऑन रहने दें, इसके बाद ही उपयोग में लाएं। डॉक्टर ने आपको कितनी मात्रा में ऑक्सीजन लेने के लिए कहा है, इस बात का ध्यान रखें।
  • ऑक्सीजन मास्क पहनें या कुछ मॉडल में ऑक्सीजन पाइप में दो नुकीले (प्रॉन्गस) वाले हिस्से होते हैं, जिन्हें नाक के अंदर करने की जरूरत होती है। इसके बाद ट्यूब को कान के पीछे से घुमाते हुए सीने की तरफ लाएं, इससे ऑक्सीजन पाइप ढीला होकर बाहर की तरफ नहीं निकलेगा।

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ऑक्सीजन थेरेपी के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का उपयोग करना निम्नलिखित तरीके से फायदेमंद हो सकता है:

  • ऑक्सीजन सिलिंडर सीमित ऑक्सीजन प्रदान कर सकता है, जबकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर असीमित आपूर्ति प्रदान कर सकता है, लेकिन इसके लिए लगातार बिजली होना जरूरी है। इसके अलावा इसे रिफिल कराने के लिए कहीं ले जाने की भी जरूरत नहीं होती है।
  • यदि ऑक्सीजन थेरेपी की लंबे समय तक जरूरत है तो ऐसे में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अन्य तरीकों की तुलना में अधिक लागत प्रभावी साबित हो सकता है।
  • ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चाहे स्टेशनरी हो या पोर्टेबल, ऑक्सीजन सिलेंडर की तुलना में इन्हें आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाया ले जाया सकता है।
  • इन्हें केवल एक बार इंस्टॉल करने की जरूरत होती है।
  • हालांकि, उपयोगकर्ता या देखभालकर्ता द्वारा नियमित रूप से सफाई की आवश्यकता होती है, लेकिन बहुत ज्यादा रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है।

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ऑक्सीजन थेरेपी के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का उपयोग करने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं :

  • प्रॉन्गस के नियमित व लंबे समय तक उपयोग से नाक में जलन हो सकती है।
  • इसके लिए लगातार बिजली का होना जरूरी है, जिन क्षेत्रों में बिजली आती-जाती रहती है, वहां इसका उपयोग करना जोखिम से भरा हो सकता है।
  • बिजली न होने की स्थिति में आपको 'रिजर्व कंप्रेस्ड ऑक्सीजन टैंक' (ऑक्सीजन विकल्प) रखने की आवश्यकता हो सकती है।
  • मशीन के शुरू होने के बाद तुरंत इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उसे वॉर्मअप की जरूरत होती है।
  • फिल्टर को बहुत बार बदलने की जरूरत पड़ती है।
  • कुछ ऐसे पुराने मॉडल हैं जिनमें शोर होता है और संचालन करते समय कंपन पैदा करते हैं।
  • कई मामलों में मशीन की वजह से निकलने वाली वाष्प मशीन के कार्य में समस्या का कारण भी बन सकता है।

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डॉक्टर क्रोनिक और एक्यूट दोनों स्थितियों में अलग-अलग ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के उपयोग का सुझाव दे सकते हैं :
क्रोनिक कंडीशन जैसे :

एक्यूट कंडीशन जैसे :

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आमतौर पर, ऑक्सीजन सैचुरेशन (एसपीओ2) का सामान्य स्तर 95-100% के बीच होता है। स्लीप एप्निया या फेफड़े के विकारों से पीड़ित लोगों में सामान्य सीमा थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन जब कोई कोविड-19 से पीड़ित होता है, तो ये स्तर काफी कम हो सकता है, जिसकी वजह से जान को भी खतरा हो सकता है। इस महामारी की शुरुआत के बाद से लोगों को अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर रखने का सुझाव दिया जाता है, ताकि समय-समय पर ऑक्सीजन स्तर की जांच की जा सके। यदि किसी को लगता है कि उसका ऑक्सीजन लेवल 95% से कम होना शुरू हो गया है, लेकिन वह ठीक महसूस कर रहा है, तो उसे चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे में आपको ऑक्सीजन थेरेपी लेने की सलाह दी जा सकती है। यदि स्तर 95% से कम है, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा की तलाश करें।

ऑक्सीजन थेरेपी कई तरीकों से प्रदान की जा सकती है, जिसमें ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी शामिल है।

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Dr.  Shailendra Singh Bagri

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आंतरिक चिकित्सा
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Dr JAYA KUMAR P

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