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हाईड्रोसील क्या है?

हाइड्रोसील साफ द्रव से भरी एक थैली होती है जो पुरूषों के एक या दोनों अंडकोष के आसपास बन जाती है। हाइड्रोसील शिशुओं में होना एक आम बात है और कभी-कभी यह इलाज के बिना ही ठीक हो जाती है।

बड़े बच्चों और वयस्क पुरुष में अंडकोष में इन्फ्लमैशन (किसी चोट या संक्रमण से शरीर की स्वयं को बचाने की प्रतिक्रिया से होने वाले लक्षण) या चोट के कारण हाइड्रोसील की समस्या विकसित हो सकती है। हालांकि ज़्यादातर हाइड्रोसील बिना किसी स्पष्ट कारण के बन जाती है।

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हाइड्रोसील में न तो दर्द होता है और ना ही ये हानिकारक होती है। इसलिए ऐसा भी हो सकता है कि इस समस्या में किसी भी उपचार की जरूरत न पड़े। हालांकि, अगर आपको हाइड्रोसील की वजह से अंडकोष में सूजन हो गयी है, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि ये किसी संक्रमण का संकेत हो सकता है (बहुत की कम मामलों में ये अंडकोष कैंसर का संकेत हो सकता है)।  

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  1. हाइड्रोसील के प्रकार - Types of Hydrocele in Hindi
  2. हाइड्रोसील के लक्षण - Hydrocele Symptoms in Hindi
  3. हाइड्रोसील के कारण - Hydrocele Causes in Hindi
  4. हाइड्रोसील से बचाव के उपाय - Prevention of Hydrocele in Hindi
  5. हाइड्रोसील का परीक्षण - Diagnosis of Hydrocele in Hindi
  6. हाइड्रोसील का उपचार - Hydrocele Treatment in Hindi
  7. हाइड्रोसील के डॉक्टर

हाइड्रोसील के कितने प्रकार होते हैं?

हाइड्रोसील के मुख्य रूप से दो उप प्रकार होते हैं -

  1. कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील (Communicating hydrocele) -
    इसमें अंडकोष की थैली पूरी तरह से बंद नहीं हुई होती है, जिसकी वजह से तरल पदार्थ अंडकोष की थैली के अंदर चला जाता है। (और पढ़ें - वैरीकोसेल का इलाज)
     
  2. नॉन कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील (Non-communicating hydrocele) -
    • शिशु में नॉन-कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील जन्म से ही हो सकती है और आमतौर यह एक वर्ष के भीतर अपने आप ही ठीक हो जाताी है।
    • कुछ दुर्लभ मामलों में, बड़े बच्चे में नॉन-कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील संक्रमण, वृषण​ (टेस्टिस) में मरोड़ या ट्यूमर जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है। ऐसे में इसके निदान के लिए बच्चों के डॉक्टर सें जल्द मिलना चाहिए। 

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हाईड्रोसील के क्या लक्षण होते हैं?

हाइड्रोसील के सबसे आम लक्षण निम्नलिखित है -

  • अंडकोष में सूजन हो सकती है। इस सूजन में दर्द नहीं होता है। (और पढ़ें - सूजन का इलाज)
  • कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील (Communicating hydrocele) का बड़ा या छोटा होते रहना। रात के समय जब आप लेटे होते हैं तब ये छोटी हो जाती है, जबकि अधिक सक्रिय समय में इसका आकार बढ़ जाता है। 

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डॉक्टर के पास कब जाएं?

इन स्थितियों में डॉक्टर को जरूर दिखाएं -

  • अगर वृषण (टेस्टिस) के आस-पास सूजन काफी समय तक बानी रहे।
  • यदि आपको अचानक अंडकोष में गंभीर दर्द या सूजन हो तो इसका तत्काल उपचार कराएं। विशेष रूप से अगर दर्द या सूजन अंडकोष में चोट लगने के कुछ घंटों के भीतर हो तो उपचार करवाना जरूरी होता है।
  • यदि सूजन काफी बढ़ गई हो।
  • यदि सूजन के साथ दर्द हो या आसपास की त्वचा लाल पड़ रही हो।
  • रान (जांघ और जान्नांग को जोड़ने वाला हिस्सा) या अंडकोष की थैली में उभार हो।
  • हाइड्रोसील के आकार में लगातार परिवर्तन होता रहे। यानी कभी छोटी तो कभी बड़ी हो रही हो।
  • वृषण (टेस्टिस) में दर्द हो।

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हाइड्रोसील होने के क्या जोखिम कारक होते हैं?

हाइड्रोसील की समस्या से परेशान बच्चों में इसके जोखिम कारक निम्न होते हैं -

  • अधिकांश बच्चों में हाइड्रोसील की परेशानी जन्म के समय से ही होती है।
  • समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं में हाइड्रोसील होने का खतरा अधिक होता है।

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जीवन के अन्य पड़ावों में हाइड्रोसील होने में निम्न जोखिम कारकों को शामिल किया जाता है -

  • आम कारण
    • अंडकोष में चोट या सूजन।
    • यौन संचारित संक्रमण व इससे जुड़े अन्य संक्रमण। (और पढ़े - यौन संचारित रोग)
  • बहुत कम मामलों में
    • विकिरण चिकित्सा (जैसे, प्रोस्टेट कैंसर का इलाज करने के लिए प्रभावशाली किरणों का इस्तेमाल किया जाता है) भी हाइड्रोसील विकसित होने के जोखिम को बढ़ा सकती है।
    • अंडकोष का कैंसर

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हाइड्रोसील में बचाव कैसे करें?

ज़्यादातर हाइड्रोसील होने से रोके नहीं जा सकते।

लेकिन आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जिनसे अंडकोष पर चोट न लगे। उदहारण के तौर पर, क्रिकेट आदि जैसे खेल खेलते समय कुछ सुरक्षात्मक गियर (gear; जिसे "कप" कहते हैं) जरूर पहनें। ऐसा करने से आप हाइड्रोसील होने की सम्भावना कम कर सकते हैं।

हाइड्रोसील का परीक्षणनिदान कैसे करें?

इसमें डॉक्टर आपके शारीरिक परीक्षण से जांच शुरू करते हैं, जिसमें शामिल है -

  • बढ़े हुए अंडकोष की जांच करना। इस जांच में डॉक्टर ये परखने की कोशिश करेंगे कि आपको उसमें दर्द है की नहीं। (और पढ़ें - लैब टेस्ट लिस्ट)
  • पेट और अंडकोष पर हल्का दबाव डालना ये देखने के लिए कि कहीं इनगुइनल हर्निया (Inguinal hernia) तो नहीं है। (और पढ़ें - इनगुइनल हर्निया सर्जरी)
  • अंडकोष को तेज प्रकाश में देखना। यदि आपको हाइड्रोसील होगी, तो इस दौरान वृषण (टेस्टिस) के चारों ओर तरल पदार्थ साफ तौर पर दिखाई देगा।

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इसके बाद डॉक्टर आपको कुछ अन्य जांच कराने की भी सलाह दे सकते हैं -

हाइड्रोसील का इलाज कैसे करें?

बच्चों में हाइड्रोसील का इलाज

आमतौर पर शिशु को हुई एक छोटी हाइड्रोसील बच्चे के पहले जन्मदिन तक ठीक हो जाती है। इसके ज्यादातर मामलों में, डॉक्टर सुझाव देते हैं कि आप इस हाइड्रोसील पर नजर रखें और अपने बच्चे का कुछ महीनों के अंतराल पर नियमित रूप से चेकअप करवाते रहें। हाइड्रोसील में मौजूद द्रव थैली से खुद-ब-खुद अवशोषित हो जाने पर यह समस्या ठीक हो जाती है।

अगर हाइड्रोसील 12 से 18 महीनों तक बनी रहे तो सामान्यतः यह कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील ही होता है। यदि हाइड्रोसील 6 से 12 महीनों के बाद भी ठीक नहीं होता है, तो इस स्थिति में गंभीर जटिलताओं से बचने के लिए ऑपरेशन कराने तक की जरूरत पड़ सकती है।

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कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील को ठीक करने के लिए सर्जरी एक सरल प्रक्रिया है। इस सर्जरी में एक छोटा सा कट लगाकर अंडकोष में जमे तरल को बाहर कर दिया जाता हैफिर इस छेद को बंद कर दिया जाता है। बच्चों में कम्युनिकेटिंग हाइड्रोसील का मामला ज्यादातर हर्निया से जुड़ा हुआ होता है। अगर हर्निया हो तो उसे भी सर्जरी के समय ठीक कर दिया जाता है। 

ज्यादातर बच्चे सर्जरी के अगले दिन ठीक महसूस करते हैं। सर्जरी के 4 हफ्ते बाद तक माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि ऑपरेशन की गई जगह पर बच्चे को बिलकुल भी चोट न लगे।

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सर्जरी वाली जगर पर हल्की सूजन होना एक सामान्य बात है। लेकिन, अगर आपके बच्चे को बुखार, अत्यधिक सूजन, रक्तस्राव या दर्द हो रहा हो, तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह लें।

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वयस्कों में हाइड्रोसील का इलाज 

वयस्कों में हाइड्रोसील की समस्या को नीचे दिए गए तरीकों से ठीक किया जा सकता है -

  • डॉक्टर मरीज को सांत्वना देते हैं कि यह एक बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन उपचार के तौर पर मरीज को अंडकोष को सपोर्ट करने के लिए कुछ पहनने की जरूरत होती है। यह एक टाइट अंडरवियर भी हो सकता है या फिर एक "एथलेटिक सपोर्टर" (athletic supporter) जो कि खिलाडी आम तौर से पहनते हैं।
  • अंडकोष से तरल पदार्थ को सुईं या सिरिंज से बाहर निकलने की प्रक्रिया नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि ऐसा करने के बाद पुनः हाइड्रोसील वापस हो जाती है।
  • ऑपरेशन द्वारा - एक छोटा सा कट लगाकर तरल पदार्थ को निकाल दिया जाता है और इस कट को बंद करके इस समस्या को ठीक किया जाता है। हाइड्रोसील की सर्जरी लगभग हमेशा ही इस समस्या को ठीक करने में कामयाब रहती है।

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आपके सर्जन हाइड्रोसील सर्जरी की तब सलाह देते हैं, जब आपके हाइड्रोसील की स्थिति निम्न तरह की हो गई हो -

  • हाइड्रोसील बहुत बड़ी हो गयी हों
  • हाइड्रोसील संक्रमित हो गयी हो
  • इसमें बहुत दर्द होने लगे या तकलीफ का कारण बनाने लगी हो
  • हाइड्रोसील से साथ-साथ हर्निया की समस्या भी हो।

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सर्जरी से संबंधित जोखिम इस प्रकार हैं:

अधिकांश मामलों में हाइड्रोसील शीघ्र ठीक हो जाती है। अधिकतर लोग इस सर्जरी के कुछ ही घंटों के बाद घर जा सकते हैं। लेकिन, इस सर्जरी के बाद बच्चों को अपनी हर रोज की गतिविधियों को सीमित करना चाहिए और पहले कुछ दिनों में अतिरिक्त आराम करना चाहिए। सर्जरी के बाद ज्यादातर मामलों में रोगी 4 से 7 दिनों के बाद अपनी सामान्य जिंदगी फिर से शुरू कर सकता है।

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