myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

चुकंदर मूसला जड़ वाली वनस्‍पति है। चुकंदर को कच्‍चा, सूप, सलाद और स्‍मूदी के रूप में खा सकते हैं। चुकंदर अपने रंग और स्‍वरूप के कारण ही लोकप्रिय नहीं है बल्कि इसे सुपरफूड के रूप में भी जाना जाता है। चुकंदर में अनेक औषधीय और सेहतवर्द्धक गुण मौजूद होते हैं। चुकंदर का जूस और सलाद दोनों ही सेहत के लिए गुणकारी होते हैं तथा अमूमन हर व्‍यंजन में रंग, एंटीऑक्‍सीडेंट और फ्लेवर के लिए चुकंदर का इस्‍तेमाल किया जाता है।

सबसे पहले चुकंदर की खेती रोम में की गई थी। हालांकि, उस समय केवल पशु चारे के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता था। छठी शताब्‍दी के बाद चुकंदर के स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक फायदों का पता चला और इसके बाद ये हमारे आहार का अहम हिस्‍सा बन गया। 19वीं शताब्‍दी के मध्‍य में वाइन में रंग के लिए चुकंदर के रस का इस्‍तेमाल किया जाता था।

चुकंदर का पूरा पौधा एवं इसका प्रत्‍येक हिस्‍सा खाने योग्‍य होता है। इसकी लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि इसे कई तरह से खाया जा सकता है। चुकंदर को कच्चा, भूनकर या उबालकर खा सकते हैं। इसका अचार भी बनाया जाता है। इसकी सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं। इसके अलावा चुकंदर का जूस भी बहुत फायदेमंद होता है।

चुकंदर में विभिन्‍न पोषक तत्‍व और एंटीऑक्‍सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए अत्‍यधिक फायदेमंद साबित होते हैं। रोज़ाना चुकंदर खाने से ब्‍लड प्रेशर संतुलित होता है और कब्‍ज, कैंसर से सुरक्षा मिलती है। चुकंदर का सेवन लिवर को भी सुरक्षा प्रदान करता है। ये शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को मूत्र मार्ग के ज़रिए बाहर निकालकर डिटॉक्सिफिकेशन (शरीर की सफाई) प्रक्रिया में भी मदद करता है।

चुकंदर के बारे में तथ्‍य:

  • वानस्‍पतिक नाम: बीटा वल्‍गैरिस
  • कुल: अमारैन्‍थ
  • सामान्‍य नाम: बीटरूट 
  • संस्‍कृत नाम: पालङ्गशाकः
  • उपयोगी भाग: पत्तियां और जड़
  • भौगोलिक विवरण: चुकंदर मूल रूप से जर्मन या इटली से है और पूर्वोत्तर यूरोप में भी इसका जिक्र मिलता है। भारत में प्रमुख रूप से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्‍ट्र में चुकंदर की खेती की जाती है।
  1. चुकंदर के फायदे - Chukandar Ke Fayde In Hindi
  2. चुकंदर के अन्य फायदे - Other Benefits Of Beetroot In Hindi
  3. चुकंदर के नुकसान - Chukandar Ke Nuksan In Hindi
  4. चुकंदर की तासीर - chukandar ki taaseer
  5. चुकंदर को लेने का सही समय और इसका सेवन करने का तरीका - chukandar ko khaane ka sahi samay aur iska sevan krne ka treeka
  6. बालों और चेहरे पर कैसे करें चुकंदर का इस्तेमाल - baalon aur chehre par kese krein chukandar ka istemaal

चुकंदर के फायदे एनीमिया के लिए - Beetroot Good For Anemia In Hindi

प्रोटीन, लोहा और विटामिन के अपर्याप्त सेवन के कारण एनीमिया होता है। कभी-कभी, कुछ दुर्घटना या चोट के कारण भारी मात्रा में रक्त की कमी से भी एनीमिया हो सकता है।

अन्य कारणों में शराब, गुर्दे की समस्या, गर्भावस्था, थैलेसेमिया, भारी रक्तस्राव और बी 12 की कमी शामिल है।  ये कारण अच्छी तरह से ज्ञात हैं इसलिए यह स्पष्ट है कि इलाज लगभग सभी कारणों से निपट सकता है। (और पढ़ें- किडनी रोग का इलाज)

खैर, उपाय ऐसा होना चाहिए कि शरीर के ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी के लक्षणों जैसे थकान, पीलापन, कमजोरी, ऊर्जा की कमी, और सांस की तकलीफ को कम कर दे। खैर, एनीमिया के लिए ऐसा एक उपचार बीटरूट है, जो सबसे किफायती और भरोसेमंद प्राकृतिक उपचार है।

चुकंदर का उपयोग हमारे शरीर में खून बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है। चुकंदर में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिस के कारण यह लाल रक्त कोशिकाओं को सक्रिय और शरीर में इस की संख्या बढ़ाने में मदद करता है। यह एनीमिया रोग में बहुत ही उपयोगी होता है। इसके सेवन से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 

(और पढ़ें - खून की कमी का कारण)

चुकन्दर के लाभ दिमाग़ के लिए - Beetroot Benefits For Brain In Hindi

अधिक उम्र के लोगों के मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। चुकंदर को उच्च नाइट्रेट आहार के रूप में उपभोग करने से मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ सकता है, क्योंकि नाइट्राइट्स के कारण रक्त वाहिकाओं की चौड़ाई बढ़ती है और ऑक्सीजन की कमी वाली जगहों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है।

चुकंदर का उपयोग हमारे दिमाग़ में ऑक्सीजन के प्रवाह को बनाए रखता है जिससे दिमाग़ में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है।

चुकंदर में कोलीन (choline) नामक पोषक तत्व होता है जो हमारी याद रखने की क्षमता को बढ़ाता है और याददाश्त को तेज रखने में मदद करता है। इससे पागलपन के दौरे को भी ख़त्म करने में भी मदद मिलती है।

(और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के उपाय)

चुकंदर की सब्जी के लाभ मधुमेह रोग में - Beetroot For Diabetes Patient In Hindi

यदि आपको मधुमेह हैं, तो चकुंदर आपके आहार में शामिल होने वाली सबसे अच्छी चीजों में से एक है। आप इसे कच्चे रूप में या उबालकर या फिर सलाद के तौर पर लें।

 यह धीरे-धीरे शुगर को रक्त में छोड़ देता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर कम बना रहता है।

एक और तथ्य यह है कि इस विशेष सब्जी में कम कैलोरी होती है और यहां तक ​​कि यह शरीर पर अतिरिक्त फैट को इक्क्ठे होने से रोकने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - मधुमेह का आयुर्वेदिक इलाज)

चुकंदर के इस विशेष लाभ के साथ, यह डायबिटीज टाइप-2 के रोगियों के लिए वरदान है।

बीटरूट रस एक और विकल्प है जिसे आप आजमा सकते हैं। यह बहुत स्वास्थ्यवर्धक साबित होता है और निस्संदेह शुगर से पीड़ित व्यक्ति के लिए बहुत फायदेमंद है।

फाइबर विशेष रूप से शुगर के रोगी में शरीरके लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। बीटरूट आवश्यकता के अनुसार फाइबर प्रदान करता है।

(और पढ़ें - मधुमेह रोगियों के लिए नाश्ता)

चुकंदर हमारे शरीर की इन्सुलिन सेंसिटिविटी (insulin sensitivity) को रोकता है और ऑक्सीडेटिव (oxidative) तनाव को दूर करता है। 

इस प्रकार से चुकंदर डायबिटीज के रोगी की प्रमुख आवश्यकतााओं को पूरा करता है। यह लो बीपी और हाई बीपी को भी कम करता है, जिसकी मधुमेह रोगियों को आवश्यकता होती है।

(और पढ़ें - डायबिटीज डाइट)

चुकंदर के फायदे इन प्रेगनेंसी - Chukandar Benefits In Pregnancy In Hindi

महिलाओं के लिए यही काफी फायदेमंद होता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान, यह और भी आवश्यक है। यह खून में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए, एक गर्भवती महिला को शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ाने के लिए चुकंदर का रस पीने की सलाह दी जाती है। गर्भावस्था के दौरान चुकंदर का रस महिला में एनीमिया विकसित होने से रोकता है।

(और पढ़ें- गर्वावस्था में विटामिन से होने वाले लाभ)

चुकन्दर में प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड होता है। यह पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए महत्वपूर्ण होता है। चुकन्दर के सेवन से गर्भ में पल रहे बच्चे के रीढ़ की हड्डी (spinal cord) के निर्माण में मदद मिलती है। चुकन्दर का सेवन गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करता है।

(और पढ़ें - गर्भवती महिला को क्या खाना चाहिए)

चुकंदर के जूस के फायदे हृदय में - Chukandar Ke Juice Ke Fayde For Heart In Hindi

चुकन्दर में पाए जाने वाला नाइट्रेट (nitrate) नामक रसायन रक्त के दबाव को कम करता है और इसमें मौजूद ब्यूटेन (butane) नामक तत्व रक्त को जमने से रोकता है। इस तरह चुकन्दर दिल से संबंधित बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। चुकंदर का जूस पीने से हाइपरटेंशन और हार्ट अटैक जैसी बीमारियां दूर होती हैं। इसके साथ-साथ चुकंदर का रस रक्त संचार में भी मदद करता है।

(और पढ़ें - दिल की बीमारी का इलाज)

एक अध्ययन में पता चला कि डॉक्सोर्यूबिसिन नामक एंटी-कैंसर दवा के गंभीर दुष्प्रभावों से बचने के लिए चुकंदर का सेवन करना एक बहुत सही तरीका है। जब रोगियों को लंबी अवधि के लिए बड़ी मात्रा में इस दवा की खुराक लेनी पड़ती है तो इससे स्थायी रूप से दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि नाइट्रेट्स जो स्वाभाविक रूप से पालक, बीट और पत्तेदार हरी सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों में होते हैं, दिल की मांसपेशियों को डॉक्सोर्यूबिसिन (doxorubicin ) के नुकसान से बचा सकते हैं।

(और पढ़ें - दिल के लिए योगासन)

बीट खाने के फायदे पेट से संबंधित में - Beetroot Good For Stomach In Hindi

चुकंदर में बीटाइन बड़ी मात्रा में मौजूद होता है। बीटाइन अच्छे पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

ये पेट में होने वाले एसिड के स्तर को बढ़ाकर पाचन में सुधार करता है जिससे पेट नहीं फूलता है, आपको हर तरह का खाना पचने में मदद मिलती है, साथ ही ईस्ट और बैक्टीरिया के विकास को नियंत्रित करता है।

(और पढ़ें- पेट फूलने का इलाज)

चुकन्दर में अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। चुकंदर का प्रयोग पेट से संबंधित बीमारियों जैसे कब्ज और बवासीर के लिए फायदेमंद होता है। इसके लिए आप को रोजाना रात को सोने से पहले एक गिलास चुकंदर का रस पीना चाहिए। चुकंदर शरीर में भोजन के पाचन में भी मदद करता है. 

(और पढ़ें - कब्ज में परहेज)

बीट के फायदे कैंसर के लिए - Beet Good For Fighting Cancer In Hindi

चुकंदर में बड़ी मात्रा में आयरन होत है जो कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में मदद करता है। इसकी वजह से रेड ब्लड कर्पुसकलेस (red blood corpuscles) दोबारा बनते हैं जिससे कैंसर कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुंचती है  

यह ऑक्सीजन कोशिकाओं की श्वसन प्रक्रिया में सुधार करती है जिससे कैंसर की कोशिकाओं को मारने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)

चुकंदर में बेटासायनिन (betacyanin) नामक रासायनिक तत्व की प्रचुर मात्रा पाई जाती है जिसके कारण चुकंदर का रंग हल्का भूरा और बैंगनी होता है। इसी वजह से यह हमारे शरीर को कैंसर जैसी घातक बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। 

(और पढ़ें – कैंसर का इलाज)

चुकंदर के गुण यौन स्वास्थ्य के लिए - Chukandar Ke Labh For Sexual Health In Hindi

चुकंदर आपके यौन जीवन पर विशेष रूप से पुरुषों के जीवन पर असर डाल सकती है। ऐसा नहीं है कि महिलाओं को इससे फायदा नहीं होता। यह उनके कामेच्छा को बढ़ाने में मदद करता है।

(और पढ़ें- कामेच्छा बढ़ाने के घरेलू उपाय)

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि चुकंदर समान तरीके से काम करता है जैसे नपुंसकता के लिए कोई निर्धारित दवा काम करती है। यह नाइट्रेट्स में समृद्ध है होता है। चुकंदर की खपत शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड (nitric oxide) के स्तर को बढ़ाता है जिससे कम कामेच्छा या नपुंसकता से पीड़ित लोगों में यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

(और पढ़ें - नपुंसकता का घरेलु उपाय)

पुराने ज़माने से चुकंदर का उपयोग यौन स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। चुकंदर नाइट्रिक ऑक्साइड देता है जिससे रक्त वाहिनियों का विस्तार होता है और जेनेटल्स में खून का दौरा बढ़ता है।

इसके अलावा चुकन्दर में बहुत अधिक मात्रा में बोरान (boron) पाया जाता है जो ह्यूमन सेक्स हार्मोन बनाने में मदद करता है।

(और पढ़ें - sex kaise kare)

चुकंदर खाने से फायदा मासिक धर्म में - Beetroot For Periods In Hindi

चूंकि पीरियड्स के कारण महिलाओं में अत्यधिक रक्त हानि होती है। चुकंदर के रस का एक गिलास महिलाओं को कुछ ताकत हासिल करने में मदद कर सकता है क्योंकि चुकंदर लोहे से समृद्ध होता है और ये रक्त की मात्रा और रक्त प्रवाह में सुधार करने में मदद करता है। आयरन, लाल रक्त कोशिकाओं का एक आवश्यक तत्व है और शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है।

(और पढ़ें - मासिक धर्म क्या है)

भारत में, जहां अधिकांश लड़कियां अपनी प्रजनन अवस्था में लौह की कमी वाले एनीमिया से पीड़ित हैं, ऐसे में पीरियड्स के दौरान रक्त खोने से लड़कियाँ अधिक कमजोरी,अनियमित और तेज़ धड़कन और सांस की तकलीफ महसूस करती हैं। चुकंदर लोहे से समृद्ध होने के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन उत्पन्न करने में मदद करता है।  

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अनेकों तरह की समस्याएं होती हैं। चुकंदर में मौजूद तत्वों के कारण इस के नियमित सेवन से मासिक धर्म के दौरान होने वाला कष्ट नहीं होता। मासिक धर्म खुल कर आता है। मासिक धर्म के दौरान होने वाली सुस्ती भी दूर रहती है।

(और पढ़ें - पीरियड जल्दी लाने की मेडिसिन)

चुकंदर का रस त्वचा के लिए - Beetroot Juice For Skin In Hindi

चुकंदर आपके चेहरे पर झुर्री और धारियों को कम करने में मदद करता है। आपको अपने चेहरे पर पिगमेंटेशन (असामन्य रंग के धब्बे) देखने को मिल सकते हैं जो वास्तव में अजीब दिखता है। चुकंदर की मदद से त्वचा पर अतिरिक्त पिग्मेंटेशन को हटाने में मदद मिलती है।  

चुकंदर फोलेट और फाइबर का एक अच्छा स्रोत है जो त्वचा से अशुद्धियां और गंदगी को हटाने में मदद करता है। चमकदार त्वचा पाने के लिए आप अपने चेहरे पर चुकंदर स्लाइस लगा सकते हैं।

 चुकंदर आपके चेहरे पर पिम्पल्स और काले धब्बे का इलाज कर सकता है। डार्क सर्कल्स से छुटकारा पाने के लिए भी चुकंदर का इस्तेमाल किया जाता है। यह आपकी त्वचा पर रक्त संचार को भी बढ़ाता है।  

चुकंदर की तासीर ठंडी होती है इसलिए चुकंदर का रस त्वचा के कील मुंहासे और फोड़े फुंसी से निजाद दिलाने में मदद करता है।

(और पढ़ें- बालतोड़ का इलाज क्या है)

चुकंदर को उबाल कर उस पानी को मुहांसों तथा त्वचा पर हुए संक्रमण पर लगाने से त्वचा की समस्या से निजात मिलती है। इसके साथ-साथ यह आलस और थकान को दूर करने में भी मदद करता है। चुकंदर के रस में टमाटर का रस और हल्दी पाउडर घोल कर पीने से त्वचा में चमक बनी रहती है और त्वचा मुलायम बनती है। 

(और पढ़ें – थकान दूर करने के घरेलू उपाय)

चुकंदर खाने के फायदे एनर्जी को बढ़ाने में - Chukandar Khane Ke Fayde For Energy In Hindi

एक्ससरसाइज करने से पहले चुकंदर का रस पीने से एक्ससरसाइज करने में और मांसपेशियों के प्रदर्शन में सुधार होता है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यह खोज न केवल एथलीटों बल्कि बुजुर्ग लोगों और पाचन, श्वसन या कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए भी फायदेमंद है । 

चुकंदर में मोजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर की एनर्जी को बढ़ाता है और खसरा बुखार जैसी बीमारियों को ठीक करता है। इसके लिए चुकंदर को पानी में उबालकर फिर उस को छान लें अब उस पानी को पीजिए। इस से आप को इन समस्याओं में आराम मिलेगा। 

(और पढ़ें – खसरा के कारण)

चुकंदर के अन्य फायदे इस प्रकार हैं -

  • चुकंदर में मौजूद बीटन (beaten) नामक तत्व शरीर में फोड़ा बनने से रोकता है।
  • चुकंदर का रस पेट में पथरी बनने से रोकता है और पेशाब में होने वाली जलन को भी कम करता है। (और पढ़ें - किडनी स्टोन का इलाज)
  • चुकंदर का उपयोग जिम जाने वाले लोगों के शरीर में एनर्जी को बनाए रखने में मदद करता है। (और पढ़ें - एनर्जी बढ़ाने के तरीके)
  • शोधों से पता चला है कि जिन व्यक्तियों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, वह एक गिलास चुकंदर का रस पीलें तो एक घंटे के अंदर ही उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में कर सकते हैं।

(और पढ़ें- चुकंदर के जूस के फायदे और नुकसान)

चुकंदर के नुकसान इस प्रकार हैं -    

जैसे चुकंदर खाने के फायदे हैं वैसे ही इसे अधिक मात्रा में खाने से नुकसान भी हो सकते हैं।

  • चुकंदर में आयरन और कॉपर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए हेमोक्रोमैटोसिस (Hemocromatosis) के रोगी को इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • जो कम रक्तचाप की समस्या से परेशान हैं उन्हें चुकंदर का सेवन कम कर देना चाहिए।
  • चुकंदर अधिक मात्रा में खाने से मतली और डायरिया की समस्‍या हो सकती है। (और पढ़ें –  डायरिया का घरेलू इलाज)
  • किडनी की बीमारियों से पीड़ित लोगों को चुकंदर की अधिक मात्रा लेने से बचना चाहिए।
  • इससे टीम्यूरिया नामक बीमारी होने का भी खतरा रहता है जिसमे पीड़ित का यूरिन गुलाबी रंग का हो जाता है।  
  • चुकंदर खाने से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है जिससे पित्ती, खुजली, बुखार, ठंड लगना जैसी बीमरियां हो सकती हैं। साथ ही गले की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। (और पढ़ें- गले में दर्द के घरेलू उपाय
  • चुकंदर लेने से पहले इस बात का ध्यान रखें की इसे लेने से आपके खून में शुगर का स्तर बढ़ सकता है।  
  • चुकंदर से गाउट नामक बीमारी होने का खतरा रहता है जिससे जोड़े सुरक लाल रंग के दिखते हैं और तेज़ बुखार भी हो सकता है।  
  • चुकंदर लोहे, मैग्नीशियम, तांबे, और फॉस्फोरस से समृद्ध हैं जो कि इसकी एक अच्छी बात है।  लेकिन इसकी बुरी बात यह है की ये सारे धातु हैं, और इनका अत्यधिक सेवन करने से ये लिवर पर इकट्ठे हो सकते हैं। जिससे लिवर और पैनक्रियाज़ को नुकसान पहुंच सकता है।

अगर आपको ऊपर लिखी किसी समस्या के लक्षण दिखते हैं तो चुकंदर का सेवन करना बंद कर दें।  

 

चुकंदर की तासीर ठंडी होती है। इसके अनेक फायदे के साथ नुकसान भी हैं। इसको रोज़ खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है लेकिन इसको खाने से पहले इसके फायदे और नुकसान के बारे में जान लें साथ ही जिन लोगों को लगे कि उन्हें इससे एलर्जी होती है तो वे इसका सेवन कम कर दें।

(और पढ़ें - एलर्जी का घरेलू नुस्खा)

कच्ची सब्ज़ियों को खाने का कोई निर्धारित समय नहीं होता है। चुकंदर को भी किसी भी समय खाया जा सकता है।

चुकंदर खाने के कई अलग तरीके हो सकते हैं जैसे कि - 

  • सलाद के तौर पर कच्चा 
    आप इसे कच्चा खा सकते हैं। इसे फांकों में काट ले और इस पर नीम्बू और नमक छिड़क कर इसके स्वाद का आनंद उठाएं। सलाद में इस्तेमाल होने वाली अन्य फल और सब्ज़ियों के साथ इसे मिलाकर खा भी सकते हैं। खाना खाते समय इसके सलाद का आनंद उठा सकते हैं। 
     
  • चुकंदर का अचार
    आप इसका मसालेदार अचार बना सकते हैं। ये आमतौर पर केरला में बनता है। इसका आचार काफी स्वादिष्ट होता है।
    (और पढ़ें - अचार खाने के फायदे)
     
  • उबालकर खाएं 
    आप इसे उबाकलर भी खा सकते हैं। लगभग 25 से 30 मिनट तक उबालें जब तक इसकी परत आसानी से न छुटाई जा सके। उबलने के बाद इन्हें ठंडे पानी में डाल दें और फिर इसकी परत निकालकर इसको खाया जा सकता है। 
     
  • मीठे के तौर पर 
    आप इसका इस्तेमाल मीठे में भी कर सकते हैं। भारत में इससे मिठाई, हलवा और लडडू बनाये जाते हैं जो खाने में काफी स्वादिष्ट होते हैं।

(और पढ़ें - मीठे की लत से छुटकारा पाने के उपाय)

1. चुकंदर आपकी त्वचा को चमकाने में बहुत मददगार है

 बस चुकंदर उबाल लें और उसे कुचले, फिर उसे अपने पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। 30 मिनट तक उसे लगाकर रखें और फिर ठंडे पानी से धोलें। यदि नियमित रूप से उपयोग किया जाए तो इससे आपके चेहरे पर गुलाबी चमक देखने को मिलेगी।

(और पढ़ें - स्किन ग्लो करने के तरीके)

2. दलिया और चुकंदर का फेस मास्क 

चुकंदर के कुछ स्लाइसों के साथ दलिया के 2 चम्मच पीसें और फिर 10 मिनट के लिए अपने चेहरे पर इस मिश्रण को लगाकर रखें।  फिर उस मास्क को धीरे-धीरे छुटा दें।  इससे आपकी त्वचा खिल उठेगी।  

  3. काले होंठ को लाल करने के लिए चीनी और चुकंदर के रस का मिश्रण

प्राकृतिक रूप से अपने होठों को गुलाबी करने के लिए चीनी और चुकंदर के रस को अपने होंठों पर उँगलियों के पोर का उपयोग करके समान रूप से लगाएं। अगर आपके होंठ काले हैं तो आप ये टिप आजमा सकते हैं। 

(और पढ़ें - होंठो को पिंक कैसे करे)

5. गाल गुलाबी बनाने के लिए चुकंदर का रस

 चुकंदर काटकर उसका रस निकाल लें। फिर अपने गालों पर यह मिश्रण थपथपाकर लगाएं।  

6. बीटरूट डैंड्रफ को हटाने में मदद करता है

चुकंदर की मदद से डैंड्रफ और सिर की खुजली को खत्म किया जा सकता है। बीट में मौजूद सिलिका खोपड़ी को मॉइस्चराइज करती है और आपके बालों को नरम और चमकदार बनाए रखती है। चुकंदर के रस के साथ सिरका मिलाएं और उसे अपने बालों में लगा लें।

(और पढ़ें - रूसी को जड़ से खत्म करने के उपाय)

 7. त्वचा को साफ़ और गोरा करने के लिए चुकंदर और नारंगी का रस

नारंगी के रस के साथ चुकंदर का रस मिलाएं और अपनी त्वचा पर लगाएं। यह प्राकृतिक उपचार आपकी त्वचा को कोमल करेगा और गोरी बनाएगा। लौह में समृद्ध होने की वजह से, चुकंदर आपकी त्वचा के छिद्रों तक लोहा पहुंचाता है जिससे आपकी त्वचा का पीलापन दूर हो जाता है।  

(और पढ़ें- चुकन्दर का फेस मास्क से कैसे पाएं गौरी त्वचा)

और पढ़ें ...