शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पाचन तंत्र का ठीक रहना जरूरी है. अगर खान-पान में लापरवाही करते हैं या कुछ भी उल्टा सीधा खा लेते हैं, तो पाचन तंत्र के रोग होना आम है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर पहले जैसा फुर्तीला नहीं रहता. इसी प्रकार पाचन तंत्र भी कई बार धीमी गति से काम करता है. इसके कारण अपच, गैस, पेट फूलना व एसिडिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में पाचन को सही रखने के लिए होम्योपैथिक उपचार कारगर है.

आज इस लेख में जानिए पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होम्योपैथिक उपचार के बारे में -

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  1. पाचन के लिए होम्योपैथिक उपचार
  2. सारांश
पाचन के लिए होम्योपैथिक उपचार व दवा के डॉक्टर

पाचन तंत्र की काफी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए होम्योपैथिक दवाइयों का प्रयोग फायदेमंद रहता है. आइए, विस्तार से जानते हैं कि पाचन के लिए होम्योपैथिक दवा किस प्रकार फायदेमंद है-

नक्स वोमिका

नक्स वोमिका को पाचन तंत्र के लिए होम्योपैथी की बेस्ट दवा माना जाता है. इसका प्रयोग करने से कब्ज, पेट फूलना, सीने में जलन होना और जी मिचलाना जैसे लक्षणों से राहत पाई जा सकती है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन कम करते हैं. इसमें काफी सारे एंटीऑक्सीडेंट्स भी हैं, जो सेल्स को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं. इस दवा के पाचन के अलावा भी काफी सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं. इससे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम से भी राहत मिल सकती है.

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पोडोफिलम

होम्योपैथ में इस दवा का सेवन बहुत जरूरी पतले दस्तों (जो कि अधिक गैस की वजह से हो गए हैं) में किया जाता है. यदि गैस की वजह से व्यक्ति को खाने-पीने, घूमने में परेशानी हो रही है, पेट में अधिक दर्द हो रहा है, तब इस दवा का सेवन आराम देता है. यह पेट में पैरासिटिक कीड़ों को ठीक करने के लिए भी प्रयोग की जाती है. बाउल मूवमेंट को ठीक करने में भी यह दवा सहायक होती है. आंतों को भी स्वस्थ रखती है और अच्छे पाचन को प्रमोट करती है.

आर्सेनिक एल्बम

यदि एंजायटी, बेचैनी, जी मिचलाना, उल्टी या पेट में जलन के साथ दस्त हो रहे हैं. तब उस समय इस दवा का सेवन फायदा पहुंचाता है. होम्योपैथ में आर्सेनिक एल्बम डायरिया के लिए खास दवा है.

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ब्रायोनिया

यह ऐसी होम्योपैथिक दवा है, जिससे कब्ज जैसी समस्या से राहत मिल सकती है. अगर पेट खराब है, तो भी इसका प्रयोग किया जा सकता है. यह मूत्रवर्धक की तरह काम करती है, जिसके कारण यूरिनेशन की प्रक्रिया में बढ़ोतरी होती है और अगर पेट में कोई टॉक्सिंस इकठ्ठे हो गए हैं, तो वो शरीर से बाहर निकल जाते हैं.

यह फ्लूइड-रिटेंशन से भी निजात दिलाती है. अगर कोई महिला गर्भवती है, तो इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें. इसका सेवन अधिक मात्रा में करना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें. बेहतर यही होगा कि डॉक्टर जितनी डोज लेने को कहे, उतनी ही लें.

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एसफोटिडा मदर टिंक्चर

यह सांस संबंधी, गले की परेशानी व पाचन से संबंधित समस्या या फिर महिलाओं द्वारा अपने पीरियड्स को दोबारा शुरू करने के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा है. यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और सुनिश्चित करती है कि पाचन तंत्र अच्छे से काम कर रहा है या नहीं. आंत में होने वाली गैस, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोमडायरिया जैसी पाचन समस्याओं से राहत दिलाने में भी यह दवा काफी लाभदायक है.

ये सभी होम्योपैथिक दवाएं अपच, डायरिया या पाचन के लिए फायदेमंद रहती हैं. हालांकि, किसी भी तरह के साइड इफेक्ट से बचने के लिए दवा को शुरू करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें. खुद को सुरक्षित रखने के लिए यह बहुत जरूरी है. जानकारी के अभाव में खुद से किसी भी दवा का प्रयोग करना खतरनाक हो सकता है.

Dr. Pallab Haldar

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