Kairali Manasamitram Gulika

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Kairali Manasamitram Gulika की जानकारी

Kairali manasamitram gulika बिना डॉक्टर के पर्चे द्वारा मिलने वाली आयुर्वेदिक दवा है, जो मुख्यतः डिप्रेशन, चिंता, मिर्गी, आटिज्‍म, सेरेब्रल पाल्सी के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। Kairali manasamitram gulika के मुख्य घटक हैं पुष्करमूल, शंखपुष्पी, वाचा, लाल चंदन, मोती, चंदन, लौह भस्म, दालचीनी, पिप्पली, कपूर, चेरी, निर्गुण्डी, रसना, कमल, कंटकारी, त्रिफला, गिलोय, अश्वगंधा, हल्दी, उशिरा, अंगूर के बीज, मुलेठी, रिद्धि, दूब घास, तुलसी, केसर, बेल, बाला, दूध, ज़ीरा जिनकी प्रकृति और गुणों के बारे में नीचे बताया गया है। Kairali manasamitram gulika की उचित खुराक मरीज की उम्र, लिंग और उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली समस्याओं पर निर्भर करती है। यह जानकारी विस्तार से खुराक वाले भाग में दी गई है।

Kairali Manasamitram Gulika की सामग्री - Kairali Manasamitram Gulika Active Ingredients in Hindi

अश्वगंधा
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
  • यौन इच्‍छाओं को बेहतर करने वाले तत्‍व।
  • मस्तिष्‍क के कार्य को प्रभावित कर नींद आने में मदद करने वाली दवाएं। अनिद्रा की स्थिति में ऐसी दवाएं दी जा सकती हैं।
  • ये दवाएं शरीर पर शांत और पीड़ा दूर करने वाले प्रभाव डालकर अनिद्रा के लक्षणों को नियंत्रित करती हैं, जिससे अच्छी नींद आने में मदद मिलती है।
  • मूड को स्थिर करने के लिए उपयोगी दवाएं, खासकर बायपोलर विकार की स्थिति में।
बेल
  • ऐसी दवाएं जो दर्द को नियंत्रित करने और बेहोशी (सुधबुध खोने) रोकने के लिए इस्‍तेमाल की जाती है।
  • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • ऐसा पदार्थ जो पेट और आंतों से अतिरिक्त गैस को खत्म करता है।
बाला
  • ये दवाएं रोगी की जागृत अवस्था को प्रभावित किए बिना दर्द को कम कर सकती हैं।
  • आंत में परजीवी कीड़ों को नष्‍ट करने के लिए इस्‍तेमाल होने वाले घटक जोकि शरीर में परजीवी कीड़ों को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं।
  • कामेच्छा को बढ़ाने के लिए उपयोगी एजेंट।
  • वो दवा जिसका उपयोग सिजोफ्रेनिया, उन्माद और अवसाद जैसे मनोवैज्ञानिक विकारों के इलाज में किया जाता है।
चंदन
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • कामेच्छा को तेज करने वाले घटक।
  • रक्‍त वाहिकाओं में संकुचन पैदा करने वाले घटक जिससे उस हिस्‍से में रक्‍त प्रवाह में कमी आती है।
दूब घास
  • एक दवा या एक एजेंट जो बेहोश किए बिना दर्द को कम करती है।
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • वो तत्व जो जीवित कोशिकाओं में मुक्त कणों के ऑक्सीकरण के प्रभाव को रोकता है।
गिलोय
  • ये दवाएं रोगी की जागृत अवस्था को प्रभावित किए बिना दर्द को कम कर सकती हैं।
  • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
  • दवाएं जो भूख को बढ़ाती हैं और एनोरेक्सिया व भूख न लगने के इलाज में इस्तेमाल की जाती हैं।
  • श्‍वसन मार्ग में बलगम के स्राव में सुधार लाने वाली दवाएं।
  • वे एजेंट्स जो एलर्जी के लक्षणों को रोकते हैं।
हल्दी
  • चोट या संक्रमण के कारण होने वाली सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • वे एजेंट या दवाएं जो रूमेटाइड अर्थराइटिस के लक्षणों और बीमारी को बढ़ने से रोकते हैं ।
  • ये एजेंट मुक्त कणों को साफ करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
  • वो दवाएं जो श्वास नली से कफ, बलगम को निकाल बाहर करती है।
  • ये एजेंट प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव डालते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को बदलने में मदद करते हैं।
  • एलर्जी के लक्षणों से राहत दिलाने के लिए उपयोगी तत्व।
जीरा
  • ऐसी दवाएं जो दर्द को नियंत्रित करने और बेहोशी (सुधबुध खोने) रोकने के लिए इस्‍तेमाल की जाती है।
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • ये एजेंट मुक्त कणों को साफ करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
  • ये दवाएं जठरांत्र से अनावश्यक गैस को हटाने में मदद करती हैं।
  • पाचन क्रिया को बेहतर करने वाले तत्‍व।
  • हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं।
कपूर
  • दर्द को कम करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं या एजेंट।
  • ऐसे घटक जो संवेदना को प्रभावित किए बिना दर्द को नियंत्रित करते हैं।
  • अंदरूनी ऊतक की सूजन को कम करने के लिए त्वचा पर लगाए जाने वाले पदार्थ।
  • ये एजेंट श्वसन पथ से कफ निकलने को बढ़ावा देते हैं।
  • वासोडिलेटर गुणों वाले तत्व रक्त के प्रवाह में वृद्धि के कारण होने वाली त्वचा की लालिमा और जलन का कारण बनते हैं।
  • लिंग (पेनिस) के इरेक्‍शन में सुधार करने वाले एजेंट्स।
  • वीर्य के उत्पादन को उत्तेजित करने वाली दवा। यह नपुंसकता, इरेक्‍टाइल डिस्‍फंक्‍शन और यौन कमजोरी जैसे यौन विकारों के इलाज में इस्‍तेमाल की जाती है।
कंटकारी
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • नस पर नस चढ़ने के लक्षणों से राहत देने वाली दवाएं।
  • ये दवाएं हिस्टामाइन (जो धूल-मिटटी जैसे बाहरी तत्वों से शरीर की रक्षा करता है) के स्राव को नियंत्रित करती हैं और जिससे शरीर द्वारा एलर्जी की प्रतिक्रिया को रोकने में मदद मिलती है।
रसना
  • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • वे एजेंट्स जो मांसपेशियों में संकुचन को कम और मांसपेशियों के दर्द से राहत पाने में मदद करते हैं।
मुलेठी
  • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
  • वो तत्व जो वालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में हैं) और इनवालेंटरी (जो मांसपेशियां हमारे नियंत्रण में नहीं हैं) मांसपेशियों की ऐंठन व दर्द के इलाज में इस्तेमाल किये जाते हैं।
  • पाचन क्रिया को बेहतर करने वाले तत्‍व।
  • वो दवाएं जो श्वास नली से कफ, बलगम को निकाल बाहर करती है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक करने वाले पदार्थ।
निर्गुण्डी
  • ऐसे घटक जो संवेदना को प्रभावित किए बिना दर्द को नियंत्रित करते हैं।
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • वे दवाएं जो बुखार के दौरान शरीर के तापमान को कम करने में मदद करती हैं।
  • ये एजेंट मुक्त कणों को साफ करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
  • वो दवा जो पेट और आंत के काम को आसान कर पाचन तंत्र को बेहतर करती है।
  • बुखार में शरीर का तापमान कम करने के लिए उपयोगी दवाएं।
पिप्पली
  • दर्द को कम करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं या एजेंट।
  • चोट लगने के बाद सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
  • स्वैच्छिक या अनैच्छिक रूप से नस पर नस चढ़ने की समस्या को कम करने या रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाली दवाएं।
  • दवाएं जो भूख को बढ़ाती हैं और एनोरेक्सिया व भूख न लगने के इलाज में इस्तेमाल की जाती हैं।
  • ये एजेंट पाचन में सुधार करते हैं और भोजन के अवशोषण में सहायता करते हैं।
  • दवाएं जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है और नींद लाने में मदद करती हैं।
  • ये एजेंट प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रभाव डालते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्यों को बदलने में मदद करते हैं।
  • शीतल प्रभाव वाली दवा जो शरीर को आराम देकर चिंता, चिड़चिड़ापन और तनाव से राहत देती है।
  • वो पदार्थ जो गैस्ट्रिक रस के स्राव को बढाकर पाचन तंत्र को उत्तेजित करने में मदद करता है।
दालचीनी
  • एजेंट या तत्‍व जो सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
  • स्वैच्छिक या अनैच्छिक रूप से नस पर नस चढ़ने की समस्या को कम करने या रोकने के लिए उपयोग किए जाने वाली दवाएं।
  • ये तत्व यौन इच्छा को बढ़ाते हैं।
  • फंगस को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
  • वो दवा या एजेंट जो सूक्ष्म जीवों को नष्ट और उन्हें बढ़ने से रोकता है।
शंखपुष्पी
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
  • ये दवाएं अवसाद के लक्षणों को नियंत्रित रखने में उपयोगी होती हैं।
  • वे दवाएं या एजेंट जो उत्तेजित नसों को शांत कर तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करती है।
  • दौरे पड़ना कम करने वाली दवाएं।
  • फंगस को बढ़ने से रोकने या खत्म करने वाले पदार्थ।
  • वो दवा या एजेंट जो सूक्ष्म जीवों को नष्ट और उन्हें बढ़ने से रोकता है।
दूध
  • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकने वाले या खत्म करने वाले एजेंट।
तुलसी
  • ये दवाएं रोगी की जागृत अवस्था को प्रभावित किए बिना दर्द को कम कर सकती हैं।
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
  • वो दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर कार्य कर इम्यून को बेहतर करती है।
  • वो एजेंट या तत्व जो तुरंत हाइपरसेंसिटिविटी (सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा उत्पादित अवांछनीय प्रतिक्रिया) को रोकता है।
उशिरा
  • ये दवाएं चोट के कारण होने वाली सूजन को कम करती हैं।
  • वे घटक जिनका इस्‍तेमाल फ्री रेडिकल्‍स की सक्रियता को कम करने और ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस (मुक्त कणों के बनने और उनके शरीर के प्रति हानिकरक प्रभाव को न रोक पाने के बीच का असंतुलन) को रोकने के लिए किया जाता है।
  • क्रीम या घोल के रूप में माइक्रोबियल विकास को रोकने वाले घटक।
  • ये तत्व यौन इच्छा को बढ़ाते हैं।
  • दवाएं जो त्वचा के छिद्रों को कम करती हैं और शरीर की कोशिकाओं को संकुचित।
  • वे दवाएं या एजेंट जो उत्तेजित नसों को शांत कर तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करती है।
  • शीतल प्रभाव वाली दवा जो शरीर को आराम देकर चिंता, चिड़चिड़ापन और तनाव से राहत देती है।
वाचा
  • सूजन को कम करने वाली दवाएं।
  • ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्री रेडिकल्स के बीच असंतुलन पैदा होना) को कम करने वाली दवाएं।
  • डिप्रेशन (अवसाद) के लक्षणों में राहत दिलाने वाली दवाएं।
  • वे दवाएं या एजेंट जो उत्तेजित नसों को शांत कर तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करती है।
  • नसों की उत्तेजना को कम करने के लिए और चिंता का उपचार करने वाले तत्व।
  • वे दवाएं जिनका इस्‍तेमाल मिर्गी के दौरों को कम और उसे रोकने और मिर्गी के इलाज में किया जाता है।

Kairali Manasamitram Gulika के लाभ - Kairali Manasamitram Gulika Benefits in Hindi

Kairali Manasamitram Gulika इन बिमारियों के इलाज में काम आती है -



Kairali Manasamitram Gulika के नुकसान, दुष्प्रभाव और साइड इफेक्ट्स - Kairali Manasamitram Gulika Side Effects in Hindi

चिकित्सा साहित्य में Kairali Manasamitram Gulika के दुष्प्रभावों के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, Kairali Manasamitram Gulika का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर करें।



Kairali Manasamitram Gulika से सम्बंधित चेतावनी - Kairali Manasamitram Gulika Related Warnings in Hindi

  • क्या Kairali Manasamitram Gulika का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?


    शोध कार्य न हो पाने की वजह से Kairali manasamitram gulika के हानिकारक प्रभावों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हैं।

    अज्ञात
  • क्या Kairali Manasamitram Gulika का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?


    जो स्त्रियां स्तनपान कराती हैं उनके ऊपर Kairali manasamitram gulika का क्या असर होगा इस विषय पर कोई शोध नहीं किया गया है, इसके चलते पूर्ण जानकारी मौजूद नहीं है। दवा को लेते समय डॉक्टर की राय लेना जरूरी।

    अज्ञात
  • Kairali Manasamitram Gulika का पेट पर क्या असर होता है?


    Kairali manasamitram gulika के इस्तेमाल से पेट को किसी तरह का नुकसान नहीं होता।

    सुरक्षित
  • क्या Kairali Manasamitram Gulika का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?


    बच्चों पर Kairali manasamitram gulika का क्या असर होगा इस बारे में जानकारी मौजूद नहीं है, क्योंकि इस विषय में अब तक कोई रिसर्च नहीं हुई है।

    अज्ञात
  • क्या Kairali Manasamitram Gulika का उपयोग शराब का सेवन करने वालों के लिए सही है


    रिसर्च न होने के कारण Kairali manasamitram gulika के नुकसान के विषय में पूर्ण जानकारी मौजूद नहीं है। अतः डॉक्टर की सलाह पर ही इसको लें।

    अज्ञात
  • क्या Kairali Manasamitram Gulika शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?


    Kairali manasamitram gulika के सेवन के बाद चक्कर आना या झपकी आना जैसी दिक्कतें नहीं होती हैं। इसलिए आप वाहन चला सकते हैं या मशीनरी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

    नहीं
  • क्या Kairali Manasamitram Gulika का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?


    Kairali manasamitram gulika की लत नहीं लगती, लेकिन फिर भी आपको इसे लेने से पहले सर्तकता बरतनी बेहद जरूरी है और इस विषय पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

    नहीं


Kairali Manasamitram Gulika कैसे खाएं - Kairali Manasamitram Gulika How to take in Hindi

आप Kairali Manasamitram Gulika को निम्नलिखित के साथ ले सकते है:

  • क्या Kairali Manasamitram Gulika को गुनगुना पानी के साथ ले सकते है?
    Kairali Manasamitram Gulika लेने के लिए आप गुनगुने पानी का उपयोग कर सकते हैं; यह बिल्कुल सुरक्षित है।


इस जानकारी के लेखक है -

Dr. Braj Bhushan Ojha

BAMS, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डर्माटोलॉजी, मनोचिकित्सा, आयुर्वेद, सेक्सोलोजी, मधुमेह चिकित्सक
10 वर्षों का अनुभव


संदर्भ

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Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume- IV. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2004: Page No 54-56

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Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 5. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2006: Page No 39-41

Ministry of Health and Family Welfare. Department of Ayush: Government of India. [link]. Volume 5. Ghaziabad, India: Pharmacopoeia Commission for Indian Medicine & Homoeopathy; 2006: Page No 184-186

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