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  1. डिस्केक्टॉमी क्या है?
  2. डिस्केक्टॉमी की ज़रुरत कब होती है?
  3. डिस्केक्टॉमी के लिए तैयारी
  4. डिस्केक्टॉमी कैसे की जाती है?
  5. डिस्केक्टॉमी के बाद देखभाल
  6. डिस्केक्टॉमी के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम
  7. डिस्केक्टॉमी के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

डिस्केक्टॉमी क्या है? - What is Discectomy in Hindi?

यह सर्जरी रीढ़ की हड्डी (Spine) के क्षतिग्रस्त डिस्क के एक छोटे हिस्से या पूरी क्षतिग्रस्त डिस्क को हटाने के लिए की जाती है जिससे स्पाइनल कनाल (Spinal Canal) की प्रभावित नस की रुट (Root, जड़) को दबाव रहित किया जा सके। इस प्रक्रिया का प्रयोग अक्सर उन मरीज़ों के लिए किया जाता है जिन्हे अपकर्षक कुंडल रोग (Degenerative Disc Disease, डीजेनेरेटिव डिस्क डिज़ीज़), उभरी हुई डिस्क (Bulging Disc, बल्जिंग डिस्क) या हर्नियाग्रस्त डिस्क (Herniated Disc) की परेशानी हो।

डिस्केक्टॉमी की ज़रुरत कब होती है? - When is Discectomy required in Hindi?

यह सर्जरी दर्द कम करने एवं गतिशीलता और कार्य-पद्धति पुनः प्राप्त करने के लिए की जाती है। निम्न स्थितियों में सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता हो सकती है। 

  1. गतिशीलता में कमी (Reduced Mobility): एक पैर या दोनों पैरों में गंभीर दर्द, कमज़ोरी या सुन्न होना महसूस हो जिससे गतिशीलता प्रभावित हो रही हो और दैनिक गतिविधियां करने में परेशानी हो। 
  2. मेडिकल उपचार की विफलता (Failure of Medical Treatment): गैर-सर्जिकल उपचार यानि दवाओं का चार हफ़्तों से अधिक समय तक प्रयोग करने पर भी लक्षणों में कोई सुधार न होना। 
  3. सर्जरी के सहायक होने का प्रमाण (Evidence that Surgery may be Helpful): अगर शारीरिक जांच से ये पता चला हो कि लक्षणों से निजात पाने में सर्जरी सहायक सिद्ध होगी। 
  4. कौडा इक्विना सिंड्रोम (​Cauda Equina Syndrome): यह एक गंभीर स्थिति है जो नसों की जड़ों के बंडलों के स्पाइनल कॉर्ड (Cauda Equina; कौडा इक्विना) के अंत में भींच जाने से होती है। इससे पैरों में कमज़ोरी या जननांग, कूल्हे और पैरों का सुन्न होना जैसे लक्षण हो सकते हैं। इस स्थिति में आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। 

डिस्केक्टॉमी के लिए तैयारी - Preparing for Discectomy in Hindi

सर्जरी की तैयारी के लिए आपको निम्न कुछ बातों का ध्यान रखना होगा और जैसा आपका डॉक्टर कहे उन सभी सलाहों का पालन करना होगा: 

  1. सर्जरी से पहले किये जाने वाले टेस्ट्स/ परीक्षण (Tests Before Surgery)
  2. सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया की जांच (Anesthesia Testing Before Surgery)
  3. सर्जरी की योजना (Surgery Planning)
  4. सर्जरी से पहले निर्धारित की गयी दवाइयाँ (Medication Before Surgery)
  5. सर्जरी से पहले फास्टिंग/ खाली पेट रहना (Fasting Before Surgery)
  6. सर्जरी का दिन (Day Of Surgery)
  7. सामान्य सलाह (General Advice Before Surgery)

इन सभी के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लिंक पर जाएँ - सर्जरी से पहले की तैयारी

डिस्केक्टॉमी कैसे की जाती है? - How is Discectomy done?

यह प्रक्रिया पारंपरिक ओपन डिस्केक्टॉमी द्वारा भी की जा सकती हालांकि अब इस प्रक्रिया को करने के लिए कई कम चीरकर की जाने वाली प्रक्रियाओं का विकास किया जा चुका है। डिस्केक्टॉमी किये जाने की प्रक्रियाएं निम्न हैं:

ओपन स्पाइन डिस्केक्टॉमी (Open Spine Discectomy)

कई दशक पहले, हर्नियाग्रस्त या उभरी हुई डिस्क को ठीक करने के लिए इस ही प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता था। हालांकि अब डिस्केक्टॉमी करने के कई ओपन प्रक्रिया से कम चीरकर की जाने वाली तकनीकें आ चुकी हैं। यह प्रक्रिया निम्न प्रकार से की जाती है:

  1. हर्नियाग्रस्त या क्षतिग्रस्त डिस्क के स्थान पर चीरा काटा जाता है। फिर डाइलेटर (Dilator) और रिट्रेक्टर (Retractor) की मदद से मांसपेशियों को रीढ़ की हड्डी से अलग करके प्रभावित हिस्से को बाहर की तरफ किया जाता है ताकि उसे देखा जा सके। 
  2. अगले स्टेप में, कशेरुका (Vertebrae) का एक छोटा हिस्सा, जिसे लैमिना (Lamina) कहा जाता है, को निकाला जाता है (Laminectomy; लैमिनेक्टॉमी) जिससे स्पाइनल नसों को देखने के लिए एक छोटी सी खिड़की सी बन जाती है। 
  3. एक बार क्षतिग्रस्त डिस्क का पता लग जाए, उस डिस्क को उसके अन्य टुकड़ों के साथ जो उखड़ चुके हैं या उनके उखड़ने की सम्भावना है। 
  4. उसके बाद ऊतकों की परतों को सिला जाता है और त्वचा पर टाँके लगा दिए जाते हैं। 
  5. सर्जरी के अंत में चीरे के ऊपर पट्टियां लगायी जाती हैं।

माइक्रोडिस्केक्टॉमी (Microdiscectomy)

यह डिस्केक्टॉमी किये जाने की कम चीरकर की जाने वाली प्रक्रिया है और यह ओपन प्रक्रिया के स्थान पर प्रयोग किये जाने वाला स्वर्णमान (Gold Standard) उपचार है। प्रकिया इस प्रकार की जाती है:

  1. प्रभावित डिस्क के ऊपर एक से डेढ़ इंच का चीरा काटा जाता है। 
  2. एक लाइटेड माइक्रोस्कोप (Lighted Microscope) से सर्जन प्रभावित क्षेत्र को देखते हैं। 
  3. एक कैंची जैसे उपकरण की मदद से सर्जन क्षतिग्रस्त ऊतकों को निकाल देते हैं और नसों को दबाव रहित कर देते हैं। 
  4. चीरे को टांकों से सिल दिया जाता है। 
  5. आमतौर पर मरीज़ को उस ही दिन या अगले दिन अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।

डिस्केक्टॉमी के बाद देखभाल - What to do after Discectomy?

  1. सर्जरी के बाद, रोगी को रिकवरी रूम में शिफ्ट किया जाता है और उसकी शारीरिक स्थिति की जाँच की जाती है। स्थिति के स्थिर होते हुए मरीज़ को अस्पताल के कमरे में शिफ्ट कर दिया जाता है। 
  2. एनेस्थीसिया का प्रभाव हटते ही मरीज़ को द्रव दिए जाते हैं। 
  3. आँतों की कार्यवाही सामान्य होते ही ठोस आहार दिया जायेगा जिसमें करीब दो दिन लगते हैं। 
  4. अगले दिन, मरीज़ को लगभग 20 मिनट तक कुर्सी पर बैठने के लिए कहा जाता है। पीठ पर तनाव न हो इसके लिए सिर्फ बीस मिनट तक ही खड़े हों या बैठें। शुरू में, बैठना थोड़ा मुश्किल हो सकता है इसलिए शुरूआती अवधि में सिर्फ बीस मिनट ही बैठें। यह समय धीरे धीरे बढ़ाएं। 
  5. निर्धारित दर्द निवारक दवाओं का सेवन करें ताकि दर्द से बचा जा सके। सर्जरी के एक या दो दिन बाद से शारीरिक चिकित्सा शुरू कर दी जाएगी। 
  6. फिज़िकल थेरेपिस्ट आपको सही तरीके से शारीरिक गतिविधियां करना और पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत करने के लिए आपको व्यायाम बताएँगे। 
  7. पर्याप्त गतिशीलता प्राप्त होते ही, आम तौर पर, मरीज़ को छुट्टी दे दी जाती है। घर जाने के बाद भी नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाना और फॉलो-अप (Follow-Up) करना बहुत ज़रूरी है।
  8. पीठ को अतिरिक्त समर्थन देने हेतु ब्रेसिज़ (Braces) या कॉर्सेट (Corset) का प्रयोग किया जा सकता है।
  9. रिकवरी की अवधि के दौरान, मरीज़ को ब्रेसिज़ पहने रखने चाहिए।
  10. कम से कम छह हफ़्तों तक ड्राइविंग न करें।
  11. मरीज़ कमर के बल न झुकें। घुटनों के बल झुकने से कोई परेशानी नहीं होती। भारी सामान न उठायें।
  12. चीरे को संक्रमण रहित रखने के लिए उसे सूखा रखें। जब तक डॉक्टर नियमित रूप से नहाने को न बोले तब तक स्पंज बाथ ले सकते हैं।
  13. रिकवरी की अवधि के दौरान, चलना मरीज़ के लिए अच्छा है लेकिन ध्यान दें कि आप ज़्यादा न थकें। सीढ़ियां उतरना-चढ़ना जितना हो सके न करें। चलने से गतिशीलता पुनः प्राप्त करने में आसानी होगी।
  14. सर्जरी के बाद सामान्य संतुलित आहार का सेवन करें जो प्रोटीन (Protein) समृद्ध हो। हाई-प्रोटीन आहार जैसे लीन मीट, मछली और अंडे खाएं। प्रोटीन युक्त आहार में ज़िंक (Zinc) होता है जिससे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है।
  15. कम वसा (Fat) वाले डेयरी उत्पाद का सेवन करें क्योंकि उनमें कैल्शियम (Calcium) और विटामिन-डी (Vitamin-D) होता है जो हड्डियों के लिए अच्छे होते हैं।
  16. अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें जिससे आप हाइड्रेटेड रहें।
  17. विटामिन-सी (Vitamin-C) युक्त फल खाने से घाव भरने में और रिकवरी में मदद मिलेगी।
  18. दिन में तीन बार खाने के बजाय पांच से छह बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। इससे आपके पाचन तंत्र पर भार नहीं पड़ेगा।
  19. आपको डॉक्टर द्वारा मल्टीविटामिन टैबलेट्स भी खाने के लिए कहा जा सकता है। 

डिस्केक्टॉमी के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम - Risks and Complications of Discectomy in Hindi

सर्जिकल प्रक्रिया की तरह डिस्केक्टॉमी के साथ भी कुछ जोखिम जुड़े हैं:

  1. सर्जरी के दौरान नसों की क्षति हो सकती है। 
  2. संक्रमण
  3. एनेस्थीसिया के दुष्प्रभाव
  4. रक्तस्त्राव
  5. फिर से डिस्क की क्षति हो जाना या डिस्क का हर्नियाग्रस्त हो जाना

 

डिस्केक्टॉमी के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है? - What is the recovery time for Discectomy?

अगर आपकी ऑफिस-जॉब (Office-Job) है तो सर्जरी के 2-4 हफ़्तों के बाद काम पर जा सकते हैं हालांकि अगर आपके काम में शारीरिक श्रम या इधर उधर घूमना शामिल है तो काम शुरू करने से पहले कम से कम 6-8 हफ्ते रुकें। रिकवरी इस पर भी निर्भर करती है कि आप सर्जरी के बाद किस प्रकार अपनी देखभाल करते हैं। डॉक्टर से बिना पूछे काम पर न जाएँ।

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