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एनेस्थीसिया का शाब्दिक अर्थ “संवेदना में कमी” होता है। जिन दवाओं का उपयोग इसके लिए किया जाता है उनको "एनेस्थेटिक" कहते हैं। एनेस्थेटिक का उपयोग जाँच और सर्जिकल ऑपरेशन के दौरान शरीर के किसी भाग में संवेदना को सुन्न करने या रोगी को सुलाने के लिए किया जाता है।

एनेस्थेटिक्स देने से उपचार के दौरान रोगी को दर्द और असुविधा नहीं होती है तथा कई प्रकार की मेडिकल प्रक्रियाओं को करने में आसानी होती है। एनेस्थेटिक्स के आमतौर पर उपयोग किये जाने वाले दो प्रकार होते हैं - लोकल एनेस्थेटिक और जनरल एनेस्थेटिक।

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लोकल एनेस्थेटिक्स में आपके शरीर का कोई भाग सुन्न किया जाता है और आप पूरी तरह होश में रहते हैं। अक्सर इसका उपयोग छोटी सर्जरी में किया जाता है। जनरल एनेस्थेटिक्स में आप पूरी तरह बेहोश और उपचार प्रक्रिया से अनजान रहते हैं। इसका उपयोग अक्सर गंभीर सर्जरी में किया जाता है।

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इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि एनेस्थीसिया क्या होता है, एनेस्थीसिया के क्या प्रकार हैं और एनेस्थीसिया कैसे दिया जाता है। इसके साथ आप यह भी जानेंगे की एनेस्थीसिया से क्या-क्या नुकसान होने की संभावना होती है।

  1. एनेस्थीसिया क्या है - Anesthesia kya hai in hindi
  2. एनेस्थीसिया के प्रकार - Anesthesia types in hindi
  3. एनेस्थीसिया देने का तरीका - Anesthesia procedure in hindi
  4. एनेस्थीसिया साइड इफ़ेक्ट - Anesthesia ke side effects in hindi

इसमें कोई दोराय नहीं है कि कोई भी ऑपरेशन करवाना काफी तनावपूर्ण हो सकता है। अगर आपकी सर्जरी होनी है तो आपके एनेस्थीसिया को लेकर कई सवाल और चिंताएं हो सकती हैं। एनेस्थीसिया के बारे में जानने से आपकी चिंताएं कम हो सकती हैं।

किसी भी सर्जरी या अन्य किसी दर्द वाली मेडिकल प्रक्रिया (जैसे टांके लगवाना) से होने वाली पीड़ा के महसूस होने को कम करने के लिए कुछ दवाओं का प्रयोग किया जाता है इसी को एनेस्थीसिया कहा जाता है। एनेस्थीसिया को इंजेक्शन या मुँह के माध्यम से गैस या वाष्प के रूप में दिया जा सकता है। अलग-अलग प्रकार के एनेस्थीसिया आपके तंत्रिका तंत्र को कई तरह से प्रभावित करते हुए आपकी नर्व के संवेग को बाधित कर दर्द रोकते हैं।

आज के समय अस्पतालों में और सर्जिकल केंद्रों पर अच्छे प्रशिक्षित पेशेवर अलग-अलग प्रकार की सुरक्षित और आधुनिक दवाओं तथा अत्यंत सक्षम निगरानी तकनीक का प्रयोग करते हैं। एनेस्थीसिओलॉजिस्ट, डॉक्टर होते हैं जो एनेस्थेटिक्स देने और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखते हैं।

एनेस्थीसिया देने के अलावा एनेस्थीसिओलॉजिस्ट आपको सर्जरी के लिए तैयार करने के लिए निम्नलिखित कार्य करते हैं -

  • सर्जरी के दौरान आपके शरीर के मुख्य कार्यों जैसे कि साँस लेना, हृदय गति और ताल, शरीर का तापमान, ब्लड प्रेशर और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर इत्यादि की निगरानी रखना।
  • सर्जरी के दौरान कोई परेशानी आए तो उस पर ध्यान देना।
  • सर्जरी के बाद अगर आपको किसी प्रकार का दर्द हो तो उसका प्रबंधन करना।
  • सर्जरी से पहले, दौरान और बाद में आपको जितना हो सके आरामदायक स्थिति में रखना।

विशेष प्रशिक्षित और पंजीकृत नर्स एनेस्थेटिस्ट, एनेस्थीसिओलॉजिस्ट के साथ इस काम में उनकी मदद करते हैं। ये नर्स, एनेस्थीसिओलॉजिस्ट की देखरेख में या फिर कभी-कभी अकेले भी कार्य कर सकते हैं, यह हॉस्पिटल पर निर्भर करता है।

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लोकल और जनरल एनेस्थेटिक के साथ-साथ एनेस्थीसिया के कई अन्य प्रकार भी हैं जो निम्नलिखित हैं -

  • रीजनल एनेस्थेटिक - यह एक लोकल एनेस्थेटिक होता है, जो आपके शरीर के किसी एक भाग में जब अधिक गहरी सुन्नता की जरुरत पड़ती है तब सुन्नता और दर्द रोकने के लिए दिया जाता है।
  • एपीड्यूरल एनेस्थेटिक - यह भी एक प्रकार का रीजनल एनेस्थेटिक है जो प्रायः शरीर के आधे निचले भाग को सुन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, प्रसव पीड़ा और बच्चे के जन्म के समय दर्द निवारक के रूप में। (और पढ़े - डिलीवरी के बाद की समस्याओं के उपाय)
  • स्पाइनल एनेस्थेटिक - यह भी रीजनल एनेस्थेटिक का ही एक प्रकार है। यह शरीर के निचले हिस्से जैसे की आपकी रीढ़ के आधार या आपकी पीठ के निचले हिस्से में पूर्ण सुन्नता के लिए दिया जाता है ताकि इस हिस्से में सर्जरी की जा सके। इसका असर लगभग 3 घंटे तक रहता है।
  • सिडेशन - ऐसी दवाएँ जिनसे आपको नींद आती हैं और शारीरिक और मानसिक रूप से आराम मिलता है। इनको कभी-कभी छोटी, दर्द वाली और अरुचिकर सर्जरी के दौरान आपको शांत रखने के लिए दिया जाता हैं। (और पढ़े - अधिक नींद आने के उपाय)

अलग-अलग प्रकार के एनेस्थीसिया को एक साथ मिला कर भी उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए - ऑपरेशन के बाद दर्द से राहत देने के लिए रीजनल एनेस्थेटिक को जनरल एनेस्थेटिक के साथ मिला कर दिया जा सकता है।

ऑपरेशन के दौरान आपको दर्द रहित, शांत और आरामदायक स्थिति में रखने के लिए सडेशन भी कभी-कभी रीजनल एनेस्थेटिक के साथ दिया जा सकता है।

आपको एनेस्थीसिया दिए जाने से पहले आपके एनेस्थीसिओलॉजिस्ट आप से बात करेंगें और आपको कुछ सवाल भी पूछ सकते हैं जैसे कि आपकी हेल्थ हिस्ट्री, आपके द्वारा ली जाने वाली डॉक्टर द्वारा दी गयी या ओवर द काउंटर दवाईयाँ, किसी प्रकार की एलर्जी, एनेस्थीसिया का आपका पूर्व अनुभव इत्यादि के बारे में। इससे आपके एनेस्थीसिओलॉजिस्ट को आपके लिए सबसे सुरक्षित दवाईयाँ चुनने में मदद मिलती है।

एनेस्थीसिओलॉजिस्ट आमतौर पर एनेस्थीसिया आपकी बाँह की नसों में सुई से देता है। कभी-कभी साँस के साथ गैस के रूप में भी दिया जा सकता है। बच्चें एनेस्थीसिया मास्क के द्वारा लेना पसंद कर सकते है।

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एक बार जब आप बेहोश हो जाते हैं, तो एनेस्थीसिओलॉजिस्ट आपके मुँह के अंदर वायु नली (विंड पाइप) में अंदर तक एक ट्यूब डालते हैं। यह ट्यूब सुनिश्चित करती है कि आपके शरीर को प्रयाप्त ऑक्सीजन मिलती रहे। यह ट्यूब आपके फेफड़ों को रक्त और अन्य द्रव्य जैसे कि पेट के द्रव्य आदि से सुरक्षित रखती है। डॉक्टर आपकी वायु नली में यह ट्यूब डालने से पहले आपकी मांसपेशियों को ढीला करने वाली दवाईयाँ देते हैं।

आपके डॉक्टर सर्जरी के दौरान आपकी साँस के प्रबंधन के लिए कोई दूसरा उपाय जैसे कि कंठ का हवा द्वार खुला रखने के लिए मास्क का भी प्रयोग कर सकते हैं।

एनेस्थीसिया देखरेख टीम की तरफ से कोई न कोई हर वक्त जब आप सो रहे होते हैं तब आप पर पूरे समय निगरानी रखते हैं। वे जब भी जरुरत पड़ती है आपकी दवाईयाँ, साँस, तापमान, द्रव्य और ब्लड प्रेशर को ठीक करते हैं।

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सर्जरी के दौरान आने वाली किसी भी परेशानी को दवाईयाँ बढ़ाकर, द्रव्य और कभी-कभी खून चढ़ा कर ठीक किया जाता है। जटिल सर्जरी के दौरान कभी-कभी खून चढ़ाना आवश्यक हो जाता है।

एनेस्थीसिया देखरेख टीम आपकी स्थिति पर नजर रखती है और जब भी जरुरत हो खून चढ़ाती है। खून चढ़ाने से जोखिम भी हो सकता है। यह जोखिम बूढ़े लोगों में, जिनके खून में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो या जो जटिल हार्ट सर्जरी से गुजर रहे हो उनमें अधिक होता है।

जब सर्जरी पूरी हो जाती है तो एनेस्थीसिया रोक दिया जाता है और आप धीरे-धीरे होश में आ जाते हैं। आपको होश में आने के बाद थोड़ा भ्रमित या नशे में होने जैसा महसूस हो सकता हैं।

एनेस्थेटिक ऐसी कई दवाओं से मिलकर बना होता है जिनसे कुछ लोगों में साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं। आपके एनेस्थेटिस्ट आपको बताएँगे कि किसी एनेस्थेटिक के देने से क्या साइड इफ़ेक्ट हो सकता है और इन साइड इफ़ेक्ट को कम करने के लिए क्या किया जाएं।

जनरल एनेस्थेटिक या रीजनल एनेस्थेटिक देने के बाद होने वाले कुछ सामान्य साइड इफेक्ट्स निम्नलिखित हैं -

एनेस्थेटिक के साइड इफ़ेक्ट आमतौर पर लंबे समय के लिए नहीं रहते हैं और यदि जरुरत पड़े तो उनमें से कुछ का उपचार भी किया जा सकता है।

अगर आपको ऊपर लिखा कोई भी साइड इफ़ेक्ट महसूस हो या आप को उपचार के बाद दर्द हो रहा हो तो अपने डॉक्टर को बताएं।

पिछले कुछ वर्षों में एनेस्थीसिया देना काफी सुरक्षित हो चुका है। एडवांस साधनों, दवाइयों और अच्छे प्रशिक्षण के कारण कोई गंभीर परेशानी होने की संभावना बहुत कम हो गयी है।

फिर भी किसी भी सर्जरी या मेडिकल प्रक्रिया के साथ किसी न किसी प्रकार की जटिलता की संभावना तो रहती ही है। अतः अपने डॉक्टर से इसके प्रभाव के बारे में चर्चा कर ले ताकि आपको कम से कम परेशानी हो और आप अपने आप को मानसिक रूप से तैयार रख सकें।

नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है। myUpchar किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।

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