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जिंक सीरम टेस्ट क्या है?

प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए जिंक एक जरूरी खनिज है। यह प्रोटीन के संश्लेषण, कोशिकाओं की वृद्धि और कार्बोहाइड्रेट के मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

शरीर को दिनभर में जितनी मात्रा में खनिज की आवश्यकता पड़ती है, वह रोजाना के भोजन से प्राप्त खनिज से पूरी हो जाती है। जिंक प्राकृतिक रूप से कस्तूरा (सीप), केकड़े, झींगा, लाल मांस, चिकन, फलियों, साबुत अनाज, नट्स और डेयरी प्रोडक्ट में पाया जाता है। एक बार आंतों द्वारा ले लिए जाने पर जिंक तुरंत शरीर के सभी ऊतकों में बंट जाता है, प्राथमिक तौर पर यह स्केलेटल मांसपेशियों और हड्डियों में जाता है।

हालांकि यह शरीर में कहीं भी संचित नहीं किया जा सकता है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में जिंक नहीं ले रहा है या फिर उसके शरीर को अधिक मात्रा में जिंक की जरूरत पड़ रही है, तो इससे शरीर में जिंक की कमी हो सकती है। इसके अलावा यदि भोजन से ठीक तरह से जिंक को अवशोषित न किया जाए तो भी जिंक की कमी हो सकती है। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली का ठीक तरह से कार्य न कर पाना, भूख कम लगना और शारीरिक वृद्धि की कमी आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

जिंक सीरम टेस्ट जिंक की कमी या विषाक्तता का पता लगाने के लिए शरीर में जिंक के स्तरों की जांच करता है।

  1. जिंक सीरम टेस्ट क्यों किया जाता है - Zinc serum Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. जिंक सीरम टेस्ट से पहले - Zinc serum Test Se Pahle
  3. जिंक सीरम टेस्ट के दौरान - Zinc serum Test Ke Dauran
  4. जिंक सीरम टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Zinc serum Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

जिंक सीरम टेस्ट क्यों किया जाता है?

यदि आपके शरीर में जिंक की कमी से जुड़े लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। जिंक की कमी के निम्न लक्षण हैं :

  • प्रतिरक्षा प्रणाली का ठीक तरह से कार्य न कर पाना
  • घाव धीरे-धीरे ठीक होना
  • बाल झड़ना
  • डर्मेटाइटिस
  • शारीरिक विकास धीमी गति से होना
  • भूख कम लगना
  • दस्त
  • यौन विकास में देरी होना
  • नंपुसकता
  • वजन घटना
  • ठीक से चीजों के स्वाद को पहचान न पाना
  • मानसिक रूप से सुस्त महसूस होना

चूंकि ये लक्षण अस्पष्ट हैं इसलिए सही परीक्षण करने के लिए डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह देंगे।

जिंक के सप्लीमेंट्स लेकर जिंक की कमी को पूरा किया जा सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर यह पता लगाने के लिए टेस्ट कर सकते हैं, कि शरीर में जिंक की कमी-पूर्ति हो गई है या नहीं।

जिंक सीरम टेस्ट की सलाह उन लोगों को भी दी जाती है जिनमें जिंक की विषाक्तता के लक्षण दिखाई देते हैं।

तीव्र जिंक विषाक्तता के निम्न लक्षण हैं :

लंबे समय से जिंक की विषाक्तता होने के निम्न लक्षण हैं :

  •  शरीर में तांबे की कमी
  • आयरन के कार्यों में कमी
  • प्रतिरक्षा प्रणाली का ठीक तरह से कार्य न कर पाना
  • हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन के स्तरों में कमी

जिंक सीरम टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

इस टेस्ट के लिए किसी भी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, डॉक्टर आपसे टेस्ट से पहले भूखा रहने के लिए भी कह सकते हैं क्योंकि सीरम में जिंक की मात्रा खाना खाने के बाद कम हो जाती है।

यदि आप किसी भी तरह की दवा, विटामिन या सप्लीमेंट ले रहे हैं तो इसके बारे में डॉक्टर को बता दें क्योंकि ये टेस्ट के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। डॉक्टर आपसे कुछ दवाओं को लेने से मना कर सकते हैं या कुछ दवाओं की खुराक बदल सकते हैं। जब तक डॉक्टर न कहे तब तक किसी भी दवा की खुराक न बदलें।

जिंक सीरम टेस्ट कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपकी बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल ले लेंगे। लिए गए सैंपल को एक बोतल या ट्यूब में डाल दिया जाएगा और उस पर आपका नाम और तारीख लिख कर लैब में टेस्ट के लिए भेज दिया जाएगा।

बांह में सुई लगने से आपको हल्का सा दर्द हो सकता है। इससे हल्का सा नील भी पड़ सकता है जो एक दिन में ठीक हो जाएगा।

चूंकि यह टेस्ट सीरम (रक्त का द्रवीय भाग जिसमें थक्का जमने वाले तत्व नहीं होते) पर किया जा रहा है तो जैसे ही सैंपल लैब में पहुंचता है इसे सेंट्रिफ्यूगेशन की प्रक्रिया द्वारा क्लॉट से अलग किया जाता है।

जिंक सीरम टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम

स्वस्थ लोगों के सीरम में आमतौर पर 0.66 से 1.10 mcg/mL जिंक पाया जाता है। यदि आपके जिंक के स्तर सामान्य रेंज के अंदर ही आ रहे हैं, तो आपको इसके लिए कोई इलाज करवाने की आवश्यकता नहीं है।

असामान्य परिणाम

जिंक के असामान्य स्तर इसकी कमी या संक्रमण की तरफ संकेत कर सकते हैं। शरीर में  जिंक की कमी शरीर द्वारा पोषक तत्वों की ठीक से अवशोषित न कर पाने से या फिर अनुचित खाद्य पदार्थ खाने से भी हो सकती है। गर्भावस्था में भी जिंक का कम स्तर देखा जा सकता है।

जिंक और एल्ब्यूमिन शरीर में एक काम्प्लेक्स की तरह संचारित होते हैं। यह सलाह दी जाती है कि जिंक टेस्ट के रिजल्ट को एल्ब्यूमिन टेस्ट के रिजल्ट के साथ ही बताया जाए। उदाहरण के लिए जिंक के कम स्तर और एल्ब्यूमिन के सामान्य स्तर जिंक की कमी की तरफ संकेत कर सकते हैं। लेकिन लो जिंक के साथ लो एल्ब्यूमिन किसी संक्रमण की तरफ संकेत कर सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर जो मरीज जल गए हैं उनके शरीर में जिंक की मात्रा 0.4 mcg/mL हो सकती है। ऐसे में जिंक के सप्लीमेंट ले कर इसकी कमी की पूर्ति की जा सकती है।

जिंक का अधिक स्तर होने के मामले बहुत ही कम देखे जाते हैं क्योंकि जिंक आमतौर पर मल या पेशाब से निकल जाता है। हालांकि अत्यधिक जिंक सप्लीमेंट लेने से जिंक की विषाक्तता हो सकती है।

यदि आपके परिणाम संदर्भ रेंज से बाहर हैं तो इसके बारे में डॉक्टर से बात करें। टेस्ट के परिणामों के अनुसार डॉक्टर आपको उचित मेडिकल ट्रीटमेंट दे सकते हैं।

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References

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  2. National Institute of Health. Office of Dietary Supplements [internet]: Bethesda (MA), US. US Department of Health and Human Services Zinc
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  4. Children's Minnesota [internet]. Children's Hospitals and Clinics of Minnesota. US; Zinc, Blood
  5. ARUP Labs [Internet]. University of Utah. Salt Lake city. Utah. US; Zinc, Serum or Plasma
  6. Linus Pauling Institute. Micro nutrient Information Center: Oregon State University, Corvallis, Oregon; Zinc
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