नसों में दर्द की वजह से बहुत अधिक असहजता महसूस हो सकती है। सामान्यतः यह एक गंभीर स्थिति नहीं होती है, लेकिन यह कभी-कभी घातक भी हो सकती है। अगर आपको नसों में दर्द महसूस होता है, तो अपने डॉक्टर को जल्द से जल्द इसकी जानकारी दें। लेकिन, अगर दर्द हल्का है तो आप इसे कुछ बेहतरीन घरेलू उपायों और नुस्खों से ठीक कर सकते हैं। इन उपायों की मदद से आपको दर्द और असहजता दोनों से जल्दी राहत मिलेगी। 

(और पढ़ें - नसों में दर्द के लक्षण)

तो आइये आपको बताते हैं, नसों में दर्द के घरेलू उपाय और नुस्खे –

  1. नसों में दर्द का उपाय है मूली - Naso me dard ka upay hai muli
  2. नसों के दर्द का उपाय है सेंधा नमक - Naso me dard sendha namak se kam kare
  3. नसों के दर्द से छुटकारा पाने का तरीका है सेब का सिरका - Naso ke dard ko seb ke sirke se door kare
  4. नसों के दर्द से बचने का उपाय है वाइट विलो टी - Naso ke dard ka upay white willow tea hai
  5. नसों का दर्द योग आसन से ठीक करें - Naso ka dard yoga aasan se theek kare
  6. नसों में दर्द का घरेलू उपाय है मेथी के बीज - Naso me dard ka gharelu upay methi ke beej hai
  7. नसों में दर्द के उपाय में मसाज को शामिल करें - Naso me dard ke upay me massage ko shamil kare
  8. नसों के दर्द के लिए खाएं मैग्नीशियम युक्त आहार - Naso me dard ke gharelu upay me magnesium se samrdih khady padarth khaye
  9. नसों के दर्द से बचने का घरेलू नुस्खा है हल्दी - Naso me dard ke liye haldi ka istemal kare
  10. नसों के दर्द को ठीक करने का उपाय है गर्म या ठंडी सिकाई - Naso ke dard ko theek karne ke liye garam ya thandi sikayi kare
  11. नसों के दर्द के लिए अन्य टिप्स - Naso ke dard ke liye any tips
नसों में दर्द का उपाय है मूली - Naso me dard ka upay hai muli

सामग्री -

  1. एक मूली। (और पढ़ें - मूली के फायदे)

विधि -

  1. सबसे पहले एक मूली को धो लें।
  2. फिर मूली को मिक्सर में डालकर उसका पेस्ट तैयार कर लें।
  3. अब इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लेप की तरह लगाएं।
  4. लगाने के बाद कुछ घंटों के लिए उसे त्वचा पर ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें। 
  5. अब त्वचा को गर्म पानी से धो लें। (और पढ़ें - गर्म पानी के फायदे)
  6. इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार दोहराएं।

फायदे -

मूली एक प्राकृतिक जड़ है जो खनिज जैसे मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम और पोटेशियम से समृद्ध होती है। ताजा मूली का लेप लगाने से दर्द को दूर करने में मदद मिलती है, जो साइटिका की वजह से होता है। इसके अतिरिक्त, ताजा मूली विटामिन ए और विटामिन सी से समृद्ध होती है, जिसमें प्राकृतिक सूजनरोधी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। मूली का लेप नसों के दर्द के लिए बेहतरीन घरेलू उपाय है।

(और पढ़ें - सूजन के उपाय)

नसों के दर्द का उपाय है सेंधा नमक - Naso me dard sendha namak se kam kare

सामग्री –

  1. दो से तीन कप सेंधा नमक। (और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे)
  2. मुलायम कपड़ा।

विधि –

  1. सबसे पहले दो से तीन कप सेंधा नमक को एक मुलायम कपड़े में लपेट के रख लें।
  2. अब एक बाल्टी या बाथ टब में गर्म पानी लें।
  3. गर्म पानी में लपेटी हुई सेंधा नमक की पोटली को रख दें। सेंधा नमक की पोटली को ऐसे ही डुबे रहने दें।
  4. फिर इस पानी से नहाएं या फिर बाथ टब में आधे घंटे के लिए बैठ जाएँ।
  5. इस उपाय को रोजाना इसी तरह दोहराएं जब तक नसों का दर्द न चला जाए।

फायदे –

सेंधा नमक मैग्नीशियम सल्फेट से समृद्ध होता है जो साइटिका की वजह से होने वाले दर्द को कम करता है।

(और पढ़ें - साइटिका का घरेलू उपाय)

नसों के दर्द से छुटकारा पाने का तरीका है सेब का सिरका - Naso ke dard ko seb ke sirke se door kare

सामग्री –

  1. एक या दो चम्मच सेब का सिरका। (और पढ़ें - सेब के सिरके के लाभ)
  2. गर्म पानी।

विधि –

  1. सबसे पहले सेब का सिरका लें।
  2. फिर उसे एक ग्लास गर्म पानी में मिला दें।
  3. मिलाने के बाद इस मिश्रण को पी जाएं।
  4. इस मिश्रण को हफ्ते में दो से तीन पीएं।

फायदे –

सेब के सिरके में कई बीमारियों को ठीक करने के गुण होते हैं। इसमें कई खनिज जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम तथा पोटेशियम मौजूद होता है, जो नसों के दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। सेब का सिरका प्राकृतिक सूजनरोधी उपाय है, जो नसों के दर्द या साइटिका की वजह से होने वाली सूजन को कम करता है। इसलिए सेब का सिरका नसों के दर्द के लिए बहुत ही बेहतरीन घरेलू उपाय माना जाता है।

(और पढ़ें - साइटिका का आयुर्वेदिक इलाज)

नसों के दर्द से बचने का उपाय है वाइट विलो टी - Naso ke dard ka upay white willow tea hai

सामग्री –

  1. दो से तीन चम्मच वाइट विलो की छाल का जूस।
  2. गर्म पानी।

विधि –

  1. सबसे पहले दो से तीन चम्मच वाइट विलो की छाल का जूस लें।
  2. फिर एक कप पानी को एक कटोरे में गर्म करें।
  3. अब उसमें वाइट विलो का जूस मिलाएं और दस मिनट के लिए हल्की आंच पर मिश्रण को गर्म करें।
  4. मिश्रण को छान लें और फिर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उसे पी जाएं। (और पढ़ें - शहद और गर्म पानी के लाभ)

फायदे –

वाइट विलो का जूस सभी प्रकार के दर्द से राहत दिलाता है। यह उपाय नसों के दर्द और साइटिका के दर्द के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। वाइट विलो के जूस में मौजूद सलाइसिन, सलीसिलिक एसिड (Salicylic acid) में बदल जाता है। वाइट विलो का सेवन करने से शरीर में किसी भी तरह का एसिडिक प्रभाव नहीं होता। नसों के दर्द से राहत हेतु वाइट विलो एक प्राकृतिक उपाय है, जो काफी प्रभावी है। 

(और पढ़ें - साइटिका के लिए योग)

नसों का दर्द योग आसन से ठीक करें - Naso ka dard yoga aasan se theek kare

आसन किस के लिए प्रभावी है -

  1. कुछ योग आसन को रोजाना करने से नसों के दर्द से राहत मिलती है।
  2. भुजंगासन करने से दर्द से राहत मिलती है।
  3. वीरासन करने से पैरों की मांसपेशियां टोन होती हैं।
  4. गोमुखासन का अभ्यास रीढ़ की हड्डी, कोहनी आदि के लिए लाभदायक होता है।
  5. वृक्षासन जोड़ों के दर्द से राहत देने के लिए अच्छा माना जाता है।

 फायदे –

योग आसन कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। कुछ ऐसे आसन भी हैं, जो नसों के दर्द या साइटिका से आपको राहत दिलाते हैं। भुजंगासन का अभ्यास रोजाना करने से गर्दन दर्द, कंधे के दर्द और कमर दर्द से आराम मिलता है। वीरासन करने से शरीर की मांसपेशियों को टोन करने में मदद मिलती है। गोमुखासन रीढ़ की हड्डी के लिए बहुत ही अच्छा आसन माना जाता है।

(और पढ़ें - कमर दर्द का उपाय)

नसों में दर्द का घरेलू उपाय है मेथी के बीज - Naso me dard ka gharelu upay methi ke beej hai

सामग्री –

  1. मुट्ठीभर मेथी के बीज। (और पढ़ें - मेथी के फायदे)

विधि –

  1. सबसे पहले मुट्ठीभर मेथी के बीज को एक से दो घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें।
  2. इसके बाद मेथी के बीज को मिक्सर में डालें और उनका पेस्ट तैयार कर लें।
  3. अब पेस्ट में थोड़ा पानी मिलाएं और अच्छे से पूरे मिश्रण को मिला लें।
  4. फिर इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें।
  5. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएं जब तक दर्द चला नहीं जाता।

(और पढ़ें - मेथी के तेल के फायदे)

फायदे –

मेथी के बीज को कई बीमारियों को ठीक करने के लिए जाना जाता है। यह नसों के दर्द और साइटिका के दर्द से भी राहत दिलाता है। इसके सूजनरोधी गुण नसों के दर्द या साइटिका के दर्द में होने वाली सूजन को कम करते हैं।

(और पढ़ें - पैरों में सूजन के घरेलू उपाय)

नसों में दर्द के उपाय में मसाज को शामिल करें - Naso me dard ke upay me massage ko shamil kare

सामग्री –

  1. दो से तीन चम्मच नारियल का तेल
  2. दो से तीन चम्मच कपूर का तेल।

विधि –

  1. सबसे पहले दो से तीन चम्मच नारियल का तेल लें।
  2. अब इसे गर्म होने के लिए रख दें और फिर इसमें कपूर या कपूर का तेल मिलाएं।
  3. अब प्रभावित क्षेत्र पर इस तेल को लगाएं।
  4. लगाने के बाद कुछ मिनट तक मसाज करें।
  5. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएं जब तक दर्द चला नहीं जाता।

फायदे –

मसाज करने से नसों में होने वाले दर्द से जल्दी आराम मिलता है। मसाज करने के लिए कुछ पेशेवर लोग भी होते हैं, जो मसाज अच्छे से करते हैं। मसाज तनाव हार्मोन्स का उत्पादन कम कर देता है, जिसे कोर्टिसोल कहते हैं और मूड को सही करने वाले सेरोटोनिन हार्मोन्स का उत्पादन बढ़ाता है।

(और पढ़ें - तनाव दूर करने के उपाय)

नसों के दर्द के लिए खाएं मैग्नीशियम युक्त आहार - Naso me dard ke gharelu upay me magnesium se samrdih khady padarth khaye

कौन से आहार खाएं -

अपने आहार में बदलाव लाएं और ऐसे आहार खाएं, जो मैग्नीशियम से समृद्ध होते हैं।

  1. पालक का एक गुच्छा लें। उसे धोएं और मिक्सर में पीस लें।
  2. अब उसमें काली मिर्च पाउडर मिला लें।
  3. इस मिश्रण को सुबह-सुबह खाली पेट पीयें।
  4. इस प्रक्रिया को दो से तीन हफ्ते तक दोहराएं।

फायदे -

मैग्नीशियम एक खनिज है, जो मानव शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। शरीर खुद से मैग्नीशियम का उत्पादन नहीं करता, इसलिए जरूरी है कि आप मैग्नीशियम से समृद्ध आहार खाएं, जैसे पालक, नट्स और फलियां। ह्रदय स्वस्थ रखने के अलावा मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और नसों में होने वाले दर्द से राहत दिलाता है। यह हड्डियों की मजबूती बढ़ाता है। आप मैग्नीशियम युक्त तेल को भी प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं। 

(और पढ़ें - हड्डियों को मजबूत करने के उपाय)

नसों के दर्द से बचने का घरेलू नुस्खा है हल्दी - Naso me dard ke liye haldi ka istemal kare

सामग्री –

  1. एक या दो चम्मच हल्दी पाउडर।
  2. एक ग्लास गाय का दूध

विधि –

  1. सबसे पहले एक या दो चम्मच हल्दी पाउडर को लें।
  2. अब एक ग्लास गाय के दूध को गर्म करें और फिर उसमें हल्दी पाउडर को मिलाएं।
  3. पूरे मिश्रण को अच्छे से मिला लें।
  4. अब इस मिश्रण को गर्म-गर्म पी जाएं।
  5. इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार दोहराएं।

(और पढ़ें - हल्दी दूध के फायदे)

फायदे –

हल्दी बहुत ही बेहतरीन मसाला है, जो कई स्वास्थ लाभों से भरपूर होता है। इससे नसों में होने वाले दर्द से जल्द राहत मिलती है। इस मसाले में सूजनरोधी गुण होते हैं, जो सूजन से राहत दिलाते हैं और साइटिका के दर्द को दूर करते हैं।

(और पढ़ें - चोट की सूजन का इलाज)

नसों के दर्द को ठीक करने का उपाय है गर्म या ठंडी सिकाई - Naso ke dard ko theek karne ke liye garam ya thandi sikayi kare

सामग्री –

  1. दो मुट्ठीभर गेहूं या चावल की भूसी।
  2. मुलायम कपड़ा।

विधि –

  1. सबसे पहले गेहूं या चावल की भूसी को एक पैन में गर्म कर लें।
  2. अब गर्म भूसी को मुलायम कपड़े में बाँध लें।
  3. इस घरेलू हीट पैक को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  4. जितना हो सके इस उपाय को पूरे दिन में कई बार दोहराएं।
  5. इसके आलावा मुट्ठीभर बर्फ लें।
  6. फिर बर्फ को पन्नी में डाल दें।
  7. अब इस ठंडे कम्प्रेस को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  8. इसी तरह बदल बदलकर गर्म और ठंडा कंप्रेस लगाएं।

फायदे –

गर्म सेक करने से कसी हुई मांसपेशियां कम होंगी और नसों के दर्द से आराम मिलेगा। हीट या कोल्ड पैक नसों के दर्द से आराम दिलाता है। इस बात का ध्यान रखें कि गर्म कंप्रेस को सीधे तौर पर त्वचा पर न लगाएं। अच्छा होगा अगर आप त्वचा पर पहले पतला कपड़ा बिछा लें, फिर गर्म कंप्रेस का इस्तेमाल करें। इसी तरह कोल्ड कंप्रेस लगते समय भी सावधानियां बरतें।

(और पढ़ें - मांसपेशियों के दर्द का इलाज)

नसों के दर्द के लिए अन्य टिप्स - Naso ke dard ke liye any tips

घरेलू उपायों के अलावा आप कुछ टिप्स को भी अपना सकते हैं –

1. शुगर को नियंत्रित रखें -

अगर आपको शुगर है तो उसे नियंत्रित रखें। सामान्य ब्लड शुगर का स्तर रहने से नसों के दर्द से जल्द छुटकारा मिलता है।

(और पढ़ें - शुगर में परहेज)

2. रोजाना चलने की आदत बनाएं -

व्यायाम करने से प्राकृतिक दर्दनिवारक का स्राव होता है, जिसे एंडोर्फिन्स कहते हैं। व्यायाम पैरों की नसों में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है। रिसर्चर मानते हैं कि रोजाना व्यायाम करने से पैरों में रक्त वाहिकाओं का विस्तार होता है और इससे खराब हुई नसें स्वस्थ बनती हैं। व्यायाम की शुरुआत चलने से करें, फिर धीर-धीरे अपनी गति को बढ़ाते रहें।

(और पढ़ें - पैदल चलने के फायदे)

3. अपने पैरों का ध्यान रखें -

अगर नसों के दर्द से पैर प्रभावित होते हैं तो जरूरी है कि आप पैरों का ध्यान रखें। नसों का दर्द आमतौर पर चोट और संक्रमण की वजह से होता है। रोजाना अपने पैरों की देखभाल करते हुए नसों के दर्द के जोखिम को कम करें, जैसे रोजाना आरामदायक जूतें पहनें, जुराबों को बदलें आदि।

(और पढ़ें - संक्रमण का इलाज)

4. गर्म पानी से नहाएं -

गर्म पानी से नहाने से आपको नसों के दर्द से काफी आराम मिलेगा। गर्म पानी प्रभावित क्षेत्र पर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और तनाव को दूर करता है।

(और पढ़ें - गर्म पानी से नहाने के फायदे)

5. शराब का सेवन न करें -

अधिक शराब का सेवन नसों के लिए ज़हर के समान होता है और नसों के दर्द को बढ़ाता है। तो शराब का सेवन न करें।

(और पढ़ें - शराब छुड़ाने के उपाय)

6. अच्छी नींद लें -

नसों का दर्द रात में बढ़ जाता है और नींद में खलल डालता है। अच्छी नींद लेने के लिए दिन में कैफीन के सेवन को नियंत्रित करें और आठ घंटे की नींद जरूर लें।

(और पढ़ें - अच्छी नींद के उपाय)

7. जेल का इस्तेमाल करें -

कैप्साइसिन क्रीम, लाल मिर्च से बनती हैं। इनको लगाने से आपको जलन महसूस हो सकती है। जब नसों में दर्द होता है तो कुछ लोगों को इसे लगाने से जलन और असहजता का अनुभव होता है, जिसे सहन करना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन, जो लोग इसे एक हफ्ते तक लगाते हैं, उन्हें नसों के दर्द से काफी आराम मिलती है।

8. ओवर द काउंटर क्रीम -

जेल, ऑइंटमेंट (Ointment) या पैचेस (Patches) में एनेस्थेटिक लिडोकाइन (Anesthetic lidocaine) होता है। इसे आप डॉक्टर से पूछकर और दूकान से भी ले सकते हैं। लिडोकाइन से कुछ वक़्त के लिए आराम मिलता है।

9. तेल का इस्तेमाल करें -

कुछ अध्ययन से पता चला है कि वनस्पति तेल जैसे जेरेनियम तेल (Geranium oil) एवं लैवेंडर तेल लोगों को नसों के दर्द से राहत दिलाते हैं।

10. मेडिटेशन करें -

 मेडिटेशन, बायोफीडबैक और हिप्नोसिस (Hypnosis) लोगों को नसों के दर्द से आराम दिलाते हैं। मेडिटेशन करने के लिए सही पेशेवर को चुनें। इसके अलावा आप इसकी शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं।

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Su********* 4 महीना

नमस्कार मान्यवर,
मेरा नाम सुनील कुमार, उम्र 29 वर्ष है। तथा दिल्ली का निवासी हूँ।
मान्यवर, मैं पिछले दस वर्षों से गठिया के रोग से पीड़ित हूँ। लगभग 8 वर्षों तक तो आयुर्वेदिक दवाओं से मेरी यह समस्या नियंत्रण में थी। परन्तु पिछले 2 वर्षों से ये बीमारी अनियंत्रित हो गई है। तथा अब इसके साथ कुछ अन्य समस्याएं भी उठने लगी है। वर्तमान में मुझे जो समस्यायें है, वो इस प्रकार है
RA+ , uric acid 8.27, CCPA +ve (200), HLA B 27 +ve, CRP= 8.18
गुदा मार्ग में सूजन
एसिडिटी
तथा शीघ्रपतन जो अब डर और वहम के कारण नपुंसकता में परिवर्तित हो रही है।
मेरे शरीर के सभी जोड़ों में दर्द है तथा कमर के निचले भाग में अंकयलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस के कारण बेहद दर्द रहता है।
इतनी सारी और इतनी गम्भीर बीमारियों का मैं एक साथ इलाज तो नही करवा सकता, परन्तु मुझे पूरी आशा है कि आप मेरी समस्या को गम्भीरता से लेते हुए मेरे सामर्थ्य से मेरा उपचार करेंगे, तथा मुझे फिर से समान्य जीवन जीने में मेरी सहायता करेंगे।

1 जवाब

Ji************ 2 महीना

सर जी नमस्कार सर मैं कई महीनों से परेशान हूँ मैं शिने का एक्स- रे भी कई बार करवा चुका हूँ उसमें सिर्फ फेफड़ों में सुजन निकल रहा है डॉक्टरों के मुताबिक मैं खुन टेस्ट भी करवाया उसमें सिर्फ Eo%12.5 H % Low 0.5 High 5.0 ( MCH 22.2 aL of Low 27.0 High 34.0) (MPG 12.4 H fL Low 6.5 High 12.0) (RED 16.9 H % Low 11.0 High 16.0) ( MPG 71.0 L fL Low 80.0 High 100.0) ( NRBC# 0.2 RaH 10^3/.Uk Low High 0.1) ( EO# 1.2 aH 10^3/ .Uk Low 0.0 High 0.5) ( NRBC % 2.0 RaH % Low High 1.0) निकला सर मैं काफी दवाईया भी करवा चुका हूँ लेकिन मुझे अभी तक कोई राहत नही मिलीं है खुन टेस्ट कि रिजलट देखकर डॉक्टर एलर्जी बता रहे हैं ओर कुछ इनफेकसन बता रहे हैं सर कृपया कोई अच्छा दवाई बताए ओर क्या रोग हमें है ये भी बताए ( सर मेरी परेशानी नाक बंद या सुखी नाक साँस लेने में दिक्कत गले में सफेद ओर लाल टाइप के छाले शिने मे बाएँ तरफ हल्का हल्का दर्द होना मुझे डॉक्टर ये दवाई चलाने के लिये कहे है clebest 250mg tab, Rhinos nasal drop, refnok d tab, vevit cap, levorid d tab सरकार इस दवाई से हमें कोई सुधार नहीं मिला है ओर दबियत बिगड़ गई है जैसे- दवाई खाने के बाद सरकार में दर्द डकार बार बार आना सरकार आप कोई अच्छा सुझाव दिजीए ओर अच्छी दवाई बताइए

2 जवाब

Ab*************** 2 महीना

डॉक्टर साहब, मेरी 12 वर्ष की बेटी को बाएं स्तन में 22*17 इंच और 24*19 इंच का दो firobrid दिनांक 13.3.18 को सोनोग्राफी कराने के वाद निकला है। ब्लड जांच कराने पर होमोग्लोबिन 11.2 , TC- DC- ESR - मिला है। मै और पूरा परिवार बहुत घबड़ा गए है। यहाँ के चिकित्सक ऑपरेशन कराने की सलाह दे रहे है। मैंने उसी दिन से होमियोपैथी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से बेटी को दिखाया । उन्होंने दवा देते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोन तथा खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के अनियमित आने से इस तरह की शिकायत आती है। बेटी को भी बिगत 4 ,5 माह से अनियमित मासिक धर्म आना शुरू हुआ था। ऐसी परिस्थिति में आपसे अपनी बेटी के उचित उपचार हेतु मार्गदर्शन करने का विनम्र आग्रह है।

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Ab*************** 2 महीना

डॉक्टर साहब, मेरी 12 वर्ष की बेटी को बाएं स्तन में 22*17 इंच और 24*19 इंच का दो firobrid दिनांक 13.3.18 को सोनोग्राफी कराने के वाद निकला है। ब्लड जांच कराने पर होमोग्लोबिन 11.2 , TC- 6.2 DC- segmented neutrophils- 54, eosinophils-3,lymphocytes-39,monocytes-04,nasophils-00, ESR - 28 मिला है। मै और पूरा परिवार बहुत घबड़ा गए है। यहाँ के चिकित्सक ऑपरेशन कराने की सलाह दे रहे है। मैंने उसी दिन से होमियोपैथी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से बेटी को दिखाया । उन्होंने दवा देते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोन तथा खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के अनियमित आने से इस तरह की शिकायत आती है। बेटी को भी बिगत 4 ,5 माह से अनियमित मासिक धर्म आना शुरू हुआ था। ऐसी परिस्थिति में आपसे अपनी बेटी के उचित उपचार हेतु मार्गदर्शन करने का विनम्र आग्रह है।

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Ab*************** 2 महीना

डॉक्टर साहब, मेरी 12 वर्ष की बेटी को बाएं स्तन में 22*17 इंच और 24*19 इंच का दो fibroid LT Breast दिनांक 13.3.18 को सोनोग्राफी कराने के वाद निकला है। ब्लड जांच कराने पर होमोग्लोबिन 11.2 , TC- 6.2 DC- segmented neutrophils- 54, eosinophils-3,lymphocytes-39,monocytes-04,nasophils-00, ESR - 28 मिला है। मै और पूरा परिवार बहुत घबड़ा गए है। यहाँ के चिकित्सक ऑपरेशन कराने की सलाह दे रहे है। मैंने उसी दिन से होमियोपैथी के एक विशेषज्ञ डॉक्टर से बेटी को दिखाया । उन्होंने दवा देते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोन तथा खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के अनियमित आने से इस तरह की शिकायत आती है। बेटी को भी बिगत 4 ,5 माह से अनियमित मासिक धर्म आना शुरू हुआ था। ऐसी परिस्थिति में आपसे अपनी बेटी के उचित उपचार हेतु मार्गदर्शन करने का आग्रह है।

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Ba*********** 6 महीना

मुझे क्या होता है ये मुझे नहीं पता।पर जब भी होता है तो मुझे दो तीन महिने तक परेशान करता है। पूरी history ये है‌
१. १९९८ में मैं बिमार पड़ा। दो तीन दिनों में बुखार उतर गया पर एक नमी बिमारी लग गयी। मैं यह सोचकर व्यग्र हो जाता था कि जब मेरी बेटी की शादी हो जायेगी तो मैं कैसे रहूंगा। हालांकि उस समय मेरी बेटी 10th में ही थी। इलाज कराया पर नार्मल होने में तीन चार महिने लग गये।
२. तीन साल तक मैं बिल्कुल ठीक रहा। कोई परेशानी नहीं। पर सन् २००० में मेरा बेटा पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया और मेरी तबियत फिर बिगड़ गई। फिर तीन महिने मुझे परेशान किया।
उसके बाद कभी मैं दो तीन सालों तक ठीक रहता हूं फिर वही।
एक बात और , जब भी मुझे ऐसा अटैक आया है मैं वर्तमान को छोड़कर past और future के बारे में ही सोचता हूं। वर्तमान के बारे में नहीं।
दुसरी बार से जब जब अटैक आया था तो मैं होमियोपैथिक दवा काली फास 6 x और पैसीफ्लोरा लिया। दो तीन महिने लेने पर और कुछ खुद को समझाने पर नार्मल हो जाता हुं।
इधर कुछ दिनों से फिर वही हो रहा है।
मैं काफी इमोशनल भी हो जाता हुं।
बराबर भविष्य के बारे में ही सोचकर परेशान होता हुं
भविष्य की चिंता ज्यादा सताती है।
ये कर्मों होता है

1 जवाब

su************ 4 महीना

रेस्पेक्टेबल डॉक्टर ,
2 साल पहले मेरी हार्ट बीट अचानक बढ़ गयी थी –उस समय पल्स रेट 200 से कुछ ऊपर थी लेकिन मैं फिर भी अपने होश में था, ऐसा लग रहा था कि जैसे दिल फट जाएगा , सिविल हॉस्पिटल में मुझे ले जाया गया और डॉक्टरों ने कुछ ही देर में कन्ट्रोल कर लिया कुछ दिन मेडिसिन खाई और फिर मैं स्वस्थ हो गया लेकिन कमजोरी 3 महीने तक बनी रही उस समय मै बिजनेस में लॉस की वजह से डिप्रेशन में भी था ,उस समय ECG व सुगर दोनो नॉर्मल थी । उस के बाद मै फिर से अपने काम पर लग गया , रोजाना सवेरे 30 मिनट योगा और 1 घण्टा मेडिटेशन मैने दिनचर्या में शामिल कर लिया , मै पूरी तरह शाकाहारी हूँ ,हर तरह के फ़ास्ट फूड , तली भुनी चीजो , ज्यादा मीठा-नमक-घी-तेल की चीजो से अपनी इच्छा से ही परहेज करता हूँ , चाय सिर्फ पतंजलि की पूरे दिन में सिर्फ 2 कप ।
अभी 1 माह पहले मेरी ऊपरी जाड़(दांत) में दर्द हुआ जो कि लगभग 10 दिन रहा तो डेंटिस्ट ने मुझे काफी तेज एंटीबायोटिक दवाइया दी , उससे दर्द तो ठीक हो गया लेकिन
मेरी भूख पूरी तरह खत्म हो गयी केवल दुग्ध-चाय ही लेता रहा
इस दर्द में लगभग 14 दिन मैने कोई ठोस आहार नही लिया इससे शरीर मे बेहद कमजोरी आ गयी ,डिहाइड्रेशन की कंडीशन भी पैदा हुई , इस कमजोरी से मुझे सर्दी का अहसास
एक स्वस्थ व्यक्ति के मुकाबले कई गुना महसूस हुआ और फिर अचानक मेरी हार्ट बीट फिर बढ़ गयी, इस बार यह 130 तक ही पहुची ,फिर ECG , सुगर व थायराइड चेक हुए जो नॉर्मल
थे कुल मिलाकर कोई बड़ी समस्या नही पाई गई , डॉक्टर ने ठंड का असर बताया , शारीरिक कमजोरी बेहद है ,बेड रेस्ट पर हूँ धड़कन बढ़ने पर 1 टेबलेट Metoprolol Tartrate लेता हूँ जिससे 10-15 मिनट में आराम आ जाता है ।
अब मैं जानना चाहता हूँ कि यह धड़कन मुझ पर बार बार क्यो हावी हो रही है शारीरिक कमजोरी को कैसे दूर करू, एक भय सा मन मे समा गया है और बहुत नेगेटिव विचार मन मे आते है और मुझे डराते है ,एक तरह से डिप्रेशन की कंडीशन है , मै पहले की तरह स्वस्थ जीवन जीना चाहता हूँ , अब योगा भी छूट गया है क्योंकि ताकत नही बची है ।
अपने अमूल्य सुझाव दे जो मेरे लिए प्रेरणादायी होंगे ।
मेरी आयु-60 व वेट-60 kg. , भूख व डाइजेशन सामान्य दिनों में ठीक रहता है ।यह मैसेज कुछ लम्बा हो गया है -लेकिन शायद इससे मेरी केस हिस्ट्री समझने में आपको कुछ हेल्प मिले ।कृपया आयुर्वेदिक दवाओं को ही मुझे सजेस्ट करे क्योकि अंग्रेजी मेडिसिन मुझे ज्यादा दिन सूट नही करती
इस समय में अर्जुनारिष्ट भी कभी कभी ले लेता हूँ ।
आपके जवाब की इंतजार में ,

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Ro**** 5 महीना

सर्,
मेरे हथेली के पिछले हिस्से में, कोहनियों पर कमर पर, पेट पर, झांघों में, घुटने के पास पुट्ठों पर और मेरे लिंग एवं अंडकोष पर। इन सभी जगहों पर मुझे 3 महीने पहले खुजली शुरू हुई और उसके कुछ दिन बाद लाल लाल और त्वचा के ही रंग के दाने उठे हुए हैं और अब तक तो बहुत ज़्यादा खुजली हो गयी है बेतहाशा। सबसे बड़े दाने मेरे लिंग पर हो गए हैं और पिछले महीने ही मेरी शादी हुई है आप मेरी स्थिति समझ सकते हैं। अभी तक मैंने ये सब किया है, हरिद्राखण्ड पाउडर 3-5 ग्राम गुनगुने पानी मे रोज़ लिया । डॉक्टर को दिखाया स्किन स्पेशलिस्ट उन्होंने citrazin टेबलेट्स और fucanazol कैप्सूल्स दिए जिससे अभी तक कुछ नही हुआ यह दवाइयां मैंने 8 दिन तक खाई थीं । उसके बाद नही ली अभी मुझे कैंडिड पाउडर और एफडर्म क्रीम लगाने की सलाह दी है। मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कि मुझे सही उपचार तो बताये ही पर सबसे पहले ये बताएं कि इस खुजली को रोकने के लिए कुछ तात्कालिक प्रभाव वाली कोई दवा होती भी है या नहीं? या ये क्रीम और पाउडर फायदेमंद होंगे? या क्या किया जाए जिससे कि मेरी खुजली और इन दानों से निजात पाया जा सके? ये मुझे मुम्बई में शेयरिंग रूम में रहते वक़्त हुई थी अक्टूबर माह में इंदौर लौटते वक्त कम थी और आने के बाद बहुत बढ़ गयी। और वर्तमान में चरम पर है दानो का आकार काली मिर्च के दानों बराबर है जो लिंग और अंडकोष पर उठे हुए हैं और बाकी जगह उससे छोटे छोटे दाने हैं । please सहायता करें।

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Mu********** 5 महीना

मुझे स्पाईनल स्काॅर्ड ईन्जोरी हुई हैं. 15 साल हो गये कमर के निचे के हिस्से मे कुछ समझता नही.

अब एक साल से मुझे पेशाब कि जगह बहोत दर्द हो रहा है. बैठ भी नही सकता.बहोत ईलाज करवाया कुछ भी फरक नही.

बहोत दर्द हो रहा है.

सर सुरूवात मे मुझे कॅथेटर लगवाया था. 4 महिने हाॅस्पीटल मे बेडपर ही सोया था. बेडपरही एक्सरसाईज करवाते थे.उसके बाद घरपर कॅलीपर्स लगवाके और एक्सरसाईज करता था.पेशाब के लीये नली लगवाना शुरू किया. फीर मालीश वगैरे वाफ देना सुरु किया 2 महिने तक किया . बाद में नली डालना बंद किया अपनेआप करने लगा लेकिन बहोत जोर देना पडता था. 14 साल मैने ऐसाही किया. अब अचानक एक दिन अपनेआप पेशाब होनेके साथ बहोत दर्द होने लगा अब एक साल हो गया नली डालके पेशाब करता हु. लेकिन दर्द वैसा ही है. बहोत ज्यादा दर्द हो रहा है. मै 5 मिनिट के लिए भी बैठ नही सकता. बाॅम्बे हाॅस्पीटल मे भी सात दिन अॅडमीट था लेकिन कुछ फरक नही है. सब रिपोर्ट नाॅर्मल है . लेकिन दर्द बहोत हो रहा है . क्या करू सर



















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