पीरियड्स साइकल को औसतन 21 से 35 दिन का माना गया है. यह हर महिला के साइकल पर निर्भर करता है. अगर किसी का रेगुलर साइकल 28 दिन का है, लेकिन 29वें दिन भी उसे पीरियड नहीं आते हैं, तो इसे लेट पीरियड कहा जा सकता है. 6 सप्ताह के बाद भी यदि पीरियड नहीं आया, तो इस लेट पीरियड को मिस्ड पीरियड कहा जाता है. पीरियड्स मिस होने के कई कारण हैं, जिसमें से एक तनाव भी है. तनाव की वजह से पीरियड मिस होने के लिए कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन को जिम्मेदार माना जाता है.
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आज इस लेख में आप जानेंगे कि तनाव के कारण पीरियड्स मिस होने पर क्या करें -
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तनाव कैसे मेन्सट्रूअल साइकल को प्रभावित करता है?
पीरियड को ब्रेन का एक हिस्सा हाइपोथैलेमस (hypothalamus) कंट्रोल करता है. यह एक्सरसाइज, नींद व तनाव जैसे बाहरी कारकों को लेकर संवेदनशील होता है. जब हाइपोथैलेमस सही तरीके से काम करता है, तो यह ऐसे केमिकल रिलीज करता है, जो पिट्यूटरी (pituitary) ग्लैंड को स्टिमूलेट करते हैं. आगे पिट्यूटरी ग्लैंड के चलते ओवरी स्टिमूलेट होता है, जिससे पीरियड को उत्तेजित करने वाले एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन रिलीज होते हैं. जब हाइपोथैलमेस ओवरी को सिग्नल नहीं भेजता है, तो ओवुलेशन में देरी होती है या पूरी तरह से रुक जाता है. इसी के परिणामस्वरूप पीरियड देरी से या मिस हो सकते हैं.
वहीं, तनाव होने पर शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ सकता है, जो हाइपोथैलमेस, पिट्यूटरी और ओवरी के फंक्शन को प्रभावित करता है. इसके परिणामस्वरूप पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं. यह कोर्टिसोल ही पीरियड्स के मिस होने का कारण बनता है. इस स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में एमेनोरिया (amenorrhea) कहा जाता है.
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तनाव के कारण पीरियड्स मिस होने का इलाज
यदि तनाव के कारण पीरियड्स मिस हो रहे हैं, तो डॉक्टर निम्न उपाय करने की सलाह देता है -
लाइफस्टाइल में बदलाव
जितना संभव हो सके तनाव को कम करने का प्रयास करना चाहिए. इसके लिए अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत होती है. साथ ही अपनी डाइट को भी बेहतर करना चाहिए और पूरी नींद लेने की जरूरत होती है. इसके अलावा, कुछ ऐसे काम करें, जिससे तनाव को कम करने में मदद मिले, जैसे -
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मेडिसिन
डॉक्टर की सलाह पर प्रोजैक जैसी एंटीडिप्रेसेंट दवा लेने से तनाव के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा, पीरियड्स को नियमित करने के लिए डॉक्टर ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव भी दे सकते हैं. बस इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें.
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सारांश
तनाव के दौरान शरीर कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन उत्पन्न करता है, जो शरीर पर विपरीत प्रभाव डालता है और इससे पीरियड्स मिस हो सकते हैं. तनाव के कारण पीरियड्स मिस न हो, इससे बचने के लिए तनाव से निजात पाने की तमाम कोशिश करने की सलाह दी जाती है, जिसमें एक्सरसाइज, पौष्टिक भोजन का सेवन और खुश रहने की कोशिश शामिल है.
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