बदलते खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं. इन्हीं समस्याओं में से एक है महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म का होना. मासिक धर्म का सर्कल 21 से 28 दिन का होता है. ऐसे में अगर महिलाओं को 21 दिन से पहले या फिर 28 दिन के बाद पीरियड्स हो, तो इस समस्या को अनियमित मासिक धर्म की समस्या कहते हैं. मासिक धर्म अनियमित होने से महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. खासतौर पर प्रजनन से जुड़ी परेशानी होने की आशंका ज्यादा होती है. ऐसे में अनियमित मासिक धर्म का इलाज कराना जरूरी है. 

आयुर्वेदिक उपचार के जरिए भी अनियमित मासिक धर्म का इलाज किया जा सकता है. आयुर्वेद में कई तरह की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके अनियमित मासिक धर्म का उपचार किया जाता है. इसके अलावा, कुछ आयुर्वेदिक दवाइयां भी अनियमित मासिक धर्म की परेशानी को दूर कर सकती हैं.

आज हम इस लेख में अनियमित मासिक धर्म का आयुर्वेदिक उपचार और दवा के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. अनियमित मासिक धर्म के लिए आयुर्वेदिक दवा
  2. सारांश
  3. अनियमित मासिक धर्म से बचने के टिप्स
  4. अनियमित मासिक धर्म के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां
अनियमित मासिक धर्म का आयुर्वेदिक उपचार व दवा के डॉक्टर

अनियमित मासिक धर्म की परेशानी को दूर करने के लिए आप दशमूल तेल, तिला तेल और भूतकेशी का इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में -

शतावरी जूस

अनियमित मासिक धर्म की परेशानी को दूर करने के लिए आप शतावरी जूस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. यह आपको मार्केट में बहुत ही आसानी से मिल सकता है. कई आयुर्वेदिक ब्रांड द्वारा शतावरी जूस तैयार होता है. हालांकि, इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर या फिर आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें.

भूतकेशी

अनियमित मासिक धर्म की परेशानी को दूर करने के लिए भूतकेशी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे आयुर्वेदिक दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपका मासिक धर्म अनियमित है, तो आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. भूतकेशी आपको कई रूपों जैसे- तेल, चूर्ण और काढ़े के रूप में मिल सकता है.

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तिल का तेल

अनियमित मासिक धर्म की समस्या को दूर करने के लिए आप तिल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. यह आयुर्वेद की प्रभावी दवाइयों में से एक है. रिसर्च के मुताबिक, यह तेल पीरियड्स में होने वाली समस्या और अनियमित मासिक धर्म को दूर करने में प्रभावी हो सकता है.

दशमूल तेल

दशमूल तेल अनियमित पीरियड्स की परेशानी को दूर करने में प्रभावी हो सकता है. अगर आपका मासिक धर्म नियमित नहीं है, तो डॉक्टर की सलाह पर आह दशमूल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह महिलाओं को होने वाली समस्याओं को दूर करने में प्रभावी होता है.

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मासिक धर्म की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक में कई तरह के उपचारों - हींग, मुलेठी, अशोक इत्यादि का इस्तेमाल किया जाता है. इन आयुर्वेदिक उपचार की मदद से महिलाओं की समस्या को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा आयुर्वेद में सही डाइट और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है. वहीं, कुछ आयुर्वेदिक दवा की मदद से अनियमित पीरियड्स की परेशानी को दूर किया जा सकता है. बस ध्यान रखें कि अगर आपको लंबे समय से पीरियड्स नहीं हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

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आयुर्वेद में अनियमित पीरियड्स की समस्या दूर करने के लिए आयुर्वेदाचार्य आपको डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दे सकते हैं, जैसे -

स्वस्थ जीवनशैली

मासिक धर्म चक्र को सही करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं. नियमित रूप से व्यायाम करें. शरीर में हार्मोन और मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करने के लिए योग सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है. नियमित रूप से व्यायाम करने से आपके शरीर का वजन भी कंट्रोल में रहता है. जो मासिक धर्म के नियमित चक्र को बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है. अचानक वजन कम होना या बढ़ना मासिक धर्म चक्र को सीधे प्रभावित करता है.

मासिक धर्म के दौरान उचित आराम करें. इस दौरान ज्यादा मेहनत करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. मासिक धर्म के दौरान आराम करना स्वस्थ हार्मोनल और गर्भाशय संतुलन रखने के लिए जरूरी होता है.

सही डाइट

आयुर्वेद पोषक तत्वों से भरपूर नियमित और स्वस्थ आहार का पालन करने की सलाह देता है. यदि कोई नियमित अंतराल पर और उचित समय पर नहीं खाता है, तो हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, जिसकी वजह से महिलाओं का मासिक धर्म चक्र प्रभावित हो सकता है.

आयुर्वेद के मुताबिक, मासिक धर्म के दौरान हल्का भोजन करना चाहिए और मीट, अचार व मिठाई से बचना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र अच्छी तरह से काम करे और आगे किसी तरह की परेशानी न हो.

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अनियमित मासिक धर्म की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए आप आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन उपचारों के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है -

अशोक

महिलाओं की प्रजनन प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए अशोक प्रभावी जड़ी-बूटियों में से एक है. अशोक के पेड़ की छाल से बना काढ़ा पीने से अनियमित पीरियड्स का इलाज कारगर तरीके से किया जा सकता है.

काढ़ा तैयार करने के लिए 10 ग्राम अशोक के पेड़ की छाल लें. अब इसे 2 कप पानी में तब तक उबालें, जब तक कि पानी एक कप न रह जाए. स्वाद बदलने के लिए आप इस काढ़े में शहद या गुड़ मिला सकते हैं.

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मुलेठी

अनियमित मासिक धर्म की परेशानी से राहत दिलाने में मुलेठी आपके लिए काफी प्रभावी हो सकती है. इसका सेवन आप चावल के पानी के साथ मिक्स करके भी कर सकते हैं. वहीं, इसकी जड़ों का काढ़ा भी आपके लिए प्रभावी हो सकता है.

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हींग

हींग पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में प्रभावी हो सकता है. इसका इस्तेमाल कई तरह के डिशेज को तैयार करने के लिए किया जाता है, लेकिन आपको बता दें कि हींग महिला प्रजनन प्रणाली के लिए काफी लाभकारी हो सकता है. यह महिला हार्मोन प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन को उत्तेजित करने और गर्भाशय में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में असरदार है. यह मासिक धर्म को नियमित करता है और मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करता है. आप छाछ में हींग को मिक्स करके पी सकते हैं. यह आपके लिए काफी लाभकारी है.

हल्दी

आयुर्वेद में हल्दी का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. हल्दी की जड़ में मौजूद करक्यूमिन सूजन को कम करने और मूड को बेहतर करने में मददगार होता है. हल्दी में एस्ट्रोजन हार्मोन के समान प्रभाव भी हो सकते हैं. इसका मतलब है कि यह अनियमित मासिक धर्म नियमित करने में असरदार हो सकता है.

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दालचीनी

दालचीनी आपके शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है, जिसका असर अन्य हार्मोन और मासिक धर्म चक्र पर प्रभाव पड़ सकता है. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से प्रभावित महिलाओं में अक्सर उच्च इंसुलिन का स्तर और अनियमित पीरियड्स की समस्या देखी गई है. दालचीनी के इस्तेमाल से पीरियड्स की परेशानी को दूर किया जा सकता है.

गुड़हल

गुड़हल के फूल में ढेर सारे आयुर्वेदिक औषधीय गुण होते हैं, जो प्रजनन प्रणाली के लिए फायदेमंद हैं. गुड़हल का सेवन करने के लिए आप इसकी चाय बनाकर पी सकते हैं. यह हर्बल चाय अनियमित पीरियड्स के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक की तरह काम कर सकती है. इसके अलावा, आप गुड़हल को आहार में भी शामिल कर सकते हैं. इसके लिए दो फूलों को घी में भूनकर रोजाना गर्म दूध के साथ लें. यह अनियमित पीरियड्स का प्रभावी इलाज हो सकता है.

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चंदन

अनियमित मासिक धर्म की समस्या को दूर करने के लिए आप चंदन की जड़ या पत्तियों का काढ़ा भी पी सकते हैं. यह महिलाओं की समस्याओं को दूर करने में प्रभावी हो सकता है. बेहतर परिणाम के लिए गाय के दूध में काढ़ा मिलाकर पिएं. इससे आपको काफी लाभ हो सकता है.

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