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मासिक धर्म एक ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा होता है जो महिला की बच्चेदानी (Uterus) को बच्चा पालने के लिए या प्रजनन के लिए तैयार करती है। अगर महिला गर्भवती नहीं होती, तो उसकी बच्चेदानी की परत निकल जाती है जो महिला की योनि से खून के रूप में बाहर आती है। ये प्रक्रिया हर महीने होती है और इसे पिरियड्स या मासिक धर्म कहा जाता है। हालांकि, मासिक धर्म से जुड़े कई विकार व समस्याएं होती हैं, जैसे मासिक धर्म का कम आना, मासिक धर्म के दौरान अधिक खून निकलना और पीरियड न होना या अनियमित होना।

(और पढ़ें - असामान्य मासिक धर्म के लक्षण)

इस लेख में पीरियड न होना क्या है, पीरियड मिस होने के कारण, बचाव, इलाज और माहवारी न होने के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में बताया गया है।

  1. पीरियड मिस होना क्या है - Mahwari na hona kya hota hai
  2. पीरियड्स मिस होने के कारण - Period na aane ke karan
  3. माहवारी न होने की समस्या से बचने के उपाय - Period miss hone se kaise bacha ja sakta hai
  4. माहवारी न होने का उपचार - Missed period ka ilaj
  5. पीरियड न होने के नुकसान - Periods miss hone ki jatiltaye
  6. पीरियड मिस होने से संबंधित कुछ सवाल - Period miss hone se sambandhit prashn

अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म न आना एक ऐसा विकार है जो ज्यादातर उन महिलाओं को होता है जो बच्चा पैदा करने लायक उम्र में होती हैं। मासिक धर्म के अनियमित होने का मतलब होता है पीरियड अनियमित तरीके से होना, देर से होना या न होना। नियमित रूप से एक महिला को 21 से 35 दिन के अंदर पीरियड्स होते हैं, जो थोड़ा बहुत आगे पीछे हो सकता है। हालांकि, अगर आपके पीरियड 35 दिनों से ज्यादा देर से हो रहे हैं, तो हो सकता है आपको कोई विकार या समस्या हो। पीरियड न होना किसी अंदरूनी मेडिकल समस्या का संकेत हो सकता है, जैसे पीसीओएस या हायपोथायरॉइडिज्म आदि।

(और पढ़ें - अनियमित मासिक धर्म का इलाज)

पीरियड न आने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह प्रेगनेंसी ही होती है। हालांकि, इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे दिया गया है -

  • हॉर्मोन असंतुलित होना
    जिन लड़कियों को पहली बार पीरियड हुए हैं और जिन महिलाओं की मेनोपॉज की उम्र है, उनके हॉर्मोन असंतुलित होते रहते हैं, जिसके कारण कभी-कभी उन्हें पीरियड नहीं होते। गर्भनिरोधक गोलियां ज्यादा लेने के कारण भी पीरियडस न होने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कुछ प्रकार के ट्यूमर के कारण भी हॉर्मोन असंतुलित हो जाते हैं और महिला को मासिक धर्म नहीं होता।
    (और पढ़ें - हार्मोन चिकित्सा कैसे होती है)
     
  • पीसीओएस
    मासिक धर्म न होने का सबसे आम कारण होता है पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या पीसीओएस (महिलाओं में पुरुषों के सेक्स हॉर्मोन का अधिक उत्पादन), अंडाशय का सही से काम न करना और अंडाशय में गांठ या छोटी-छोटी सिस्ट होना। इन कारणों से महिलाओं के मासिक धर्म पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही प्रेग्नेंट होने में भी दिक्कत होती है।
    (और पढ़ें - प्रेग्नेंट होने का तरीका)
     
  • ज्यादा एक्सरसाइज करना
    अगर आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं या एथलीट हैं, तो आपको पीरियड न होने की समस्या हो सकती है। इससे महिलाओं में ऊर्जा की कमी और हड्डियों की कमजोरी की समस्या भी होती है।
    (और पढ़ें - शरीर की ऊर्जा बढ़ाने का उपाय)
     
  • डायबिटीज या थायरॉइड
    जिन महिलाओं को शुगर होती है, उन्हें पीरियड मिस होने की संभावना अधिक होती है। थायराइड हॉर्मोन भी इसमें एक भूमिका निभाता है। अगर शरीर में पर्याप्त थायराइड हॉर्मोन नहीं बनता, तो ये हॉर्मोन के स्तर को असंतुलित कर सकता है, जिसके कारण पीरियड मिस हो सकता है।
    (और पढ़ें - थायराइड का इलाज)
     
  • प्रोलैक्टिन का अधिक स्तर
    खून में प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक होने के कारण मासिक धर्म न होने या अनियमित होने का स्तर बढ़ जाता है। खून में प्रोलैक्टिन का स्तर तब भी बढ़ता है जब महिला बच्चे को स्तनपान करा रही होती है।
    (और पढ़ें - मां का दूध बढ़ाने के उपाय)
     
  • अन्य कारण
    अगर आपको तनाव या चिंता रहते हैं, तो इससे पिट्यूटरी ग्रंथि के कार्य पर असर होता है, जिसके कारण मासिक धर्म में बदलाव आते हैं और आपको पीरियड न होने की दिक्कत हो सकती है।
    (और पढ़ें - पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर के लक्षण)

 

मासिक धर्म न होने के जोखिम कारक क्या हैं?

ऊपर दिए गए कारणों के आधार पर, निम्नलिखित स्थितियों में पीरियड मिस होने का जोखिम होता है -

  • मासिक धर्म होना शुरू होने की उम्र या मेनोपॉज की उम्र।
  • अंडाशय में सिस्ट होना या परिवार में किसी को पीसीओएस होना।
  • हार्मोन चिकित्सा लेना।
  • मोटापा या वजन ज्यादा होना।
  • ज्यादा व्यायाम करना।
  • डाइट ठीक से न लेना।
  • डायबिटीज होना।

(और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)

भारत में, कई प्रतिशत महिलाएं मासिक धर्म से जुड़े विकारों का सामना करती हैं। इसका मुख्य कारण है अस्वस्थ भोजन करना, जिससे वजन बढ़ता है। वजन बढ़ने के कारण पीरियड मिस होने और इसी से संबंधित कई समस्याएं होने लगती हैं। गांव या छोटे शहरों में रहने वाली महिलाएं भी मासिक धर्म से संबंधित विकारों से पीड़ित हैं क्योंकि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके लिए गांव में अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं ताकि इन समस्याओं से बचा जा सके।

नीचे कुछ ऐसी टिप्स दी गई हैं जिनसे पीरियड मिस होने की समस्या से बचा जा सकता है -

  • ज्यादा समय तक हार्मोन की गोलियां न लें। (और पढ़ें - हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या है)
  • फिट रहने के लिए रोजाना थोड़ा व्यायाम या योग करें ताकि आपका वजन न बढे। (और पढ़ें - वजन घटाने के लिए जड़ी बूटियां)
  • अपने आस-पास मौजूद छोटी लड़कियों को पीरियड से संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूक करें ताकि वह इनसे बच सकें।
  • जो महिलाएं खेलती हैं या एथलीट हैं, उन्हें अच्छी डाइट लेनी चाहिए और कैलोरी का अधिक सेवन करना चाहिए।
  • अगर आपको तनाव रहता है, तो ध्यान लगाएं, योग करें और ऐसी तकनीकों का सहारा लें जो आपके दिमाग को शांत रखें व आपको आराम दें। इसके लिए आप किसी काउंसलर के पास भी जा सकते हैं। (और पढ़ें - तनाव दूर करने के घरेलू उपाय)
  • अपने शुगर और थायराइड के स्तर का ध्यान रखें।
  • जिन महिलाओं को पीसीओएस है, उन्हें पीरियड मिस होने का खतरा अधिक होता है, इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।

(और पढ़ें - थायराइड डाइट चार्ट)

मासिक धर्म न होने पर इलाज के लिए इसकी वजह का सही से निदान होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर कई तरह के सवाल पूछते हैं और महिला का शारीरिक परीक्षण भी करते हैं। पीरियड मिस होने की सटीक वजह का पता लगाने के लिए महिला के कई तरह के टेस्ट किए जा सकते हैं, जैसे थायराइड हॉर्मोन के स्तर का परीक्षण और ग्लूकोस व प्रोलैक्टिन के स्तर का टेस्ट। इनके अलावा महिला की बच्चेदानी व अंडाशय का अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और हड्डियों के एक्स रे भी किए जा सकते हैं।

पीरियड मिस होना कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है और नीचे दिए गए तरीकों से इसका उपचार किया जा सकता है:

  • हार्मोन थेरेपी:
    90 प्रतिशत मामलों में पीरियड मिस होने की वजह हार्मोन असंतुलन होता है, जिसे हार्मोन सप्लीमेंट देकर ठीक किया जा सकता है। मासिक धर्म को नियमित करने के लिए महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियां दी जाती हैं जो करीब 2 महीनों में महिला के पीरियड को सामान्य कर देती हैं। इसके अलावा मासिक धर्म के दौरान होने वाले अनियमित रक्तस्त्राव का भी इलाज किया जाता है।
    (और पढ़ें - इन स्वास्थय समस्याओं की ओर संकेत करते हैं आपके पीरियडस)
     
  • डाइट
    जिन मामलों में डाइट पीरियड मिस होने की समस्या हो रही है, उन महिलाओं की डाइट का ध्यान रखा जाता है। एक बार डाइट ठीक होने और कैलोरी का स्तर सामान्य होने के बाद मासिक धर्म अपने आप सही हो जाता है।
    (और पढ़ें - प्रेग्नेंसी डाइट चार्ट)
     
  • आयुर्वेद
    आयुर्वेद का उपयोग भारत में बहुत पहले से होता आ रहा है और आज भी लोग कई समस्याओं के इलाज के लिए आयुर्वेद का सहारा लेते हैं। आयुर्वेद में ऐसी कई चीजें उपलब्ध हैं, जिनसे महिलाओं के मासिक धर्म को सामान्य किया जा सकता है और उनका प्रजनन स्वास्थ भी सही रखा जाता है। इसके लिए बाजार में मिलने वाली शतावरी और सोआ का उपयोग किया जा सकता है। आयुर्वेद में दिए जाने वाले पंचकर्मा उपचार से महिलाओं के मासिक धर्म को भी सही रखने में मदद मिलती है।
    होमियोपैथी को पीसीओएस के इलाज के लिए अच्छा माना जाता है और इसके कारण पीरियड मिस होने की समस्या भी सही की जा सकती है।
    (और पढ़ें - पीरियड कम करने के घरेलू उपाय)
     
  • सर्जरी
    अगर किसी ट्यूमर के कारण आपको मासिक धर्म न होने की समस्या हो रही है, तो उस ट्यूमर को सर्जरी की मदद से निकाला जाता है।
    (और पढ़ें - पीरियड जल्दी लाने के उपाय)
     
  • देखभाल
    पीरियड मिस होने पर अपने खाने-पीने, कैलोरी और कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। इसके लिए -
     

(और पढ़ें - ध्यान करने का तरीका)

मासिक धर्म न होने की समस्या का इलाज किया जा सकता है और इसमें पीरियड को सामान्य रखने के लिए नियमित रूप से हार्मोन थेरेपी की जाती है। पीरियड मिस होने से आपको बच्चा पैदा करने में दिक्कत आ सकती है, जिसके लिए फर्टिलिटी ट्रीटमेंट किए जाते हैं। नियमित चेकअप और जीवन की गुणवत्ता सही बनाए रखने से पीरियड सामान्य किए जा सकते हैं। इसकी जटिलताएं तब होती हैं जब हार्मोन ट्रीटमेंट का असर नहीं होता या बहुत धीमे होता है।

(और पढ़ें - प्रजनन क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय)

पीरियड मिस होने के कारण कई जटिलताएं हो सकती हैं, जिनके बारे में नीचे दिया गया है:

(और पढ़ें - कैंसर में क्या खाना चाहिए)

पीरियड मिस हो जाने पर महिलाएं कई तरह के सवाल पूछती हैं जिनका जवाब जानना उनके लिए महत्वपूर्ण होता है। नीचे ऐसे ही कुछ आम सवाल दिए गए हैं -

  1. मुझे इस महीने पीरियड नहीं हुआ है, क्या इसका मतलब है कि मैं प्रेग्नेंट हूं?
    पीरियड मिस होने के मुख्य कारणों में से एक प्रेग्नेंसी है, हालांकि इसके और भी कई कारण हो सकते हैं। अगर आपने असुरक्षित तरीके से यौन संबंध बनाएं हैं, तो हो सकता है कि आप प्रेग्नेंट हों। इसकी जांच करने के लिए आप घर पर प्रेग्नेंसी टेस्ट ले सकती हैं। ज्यादातर मामलों में स्ट्रेस या हार्मोन असंतुलित होने के कारण पीरियड मिस होने की दिक्कत होती है। इसकी जांच के लिए आपको किसी महिला रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए।
    (और पढ़ें - माँ बनने की सही उम्र)
     
  2. क्या वजन बढ़ने के कारण पीरियड मिस हो सकता है?
    वजन बढ़ने या घटने दोनों के ही कारण आपके पीरियड मिस हो सकते हैं। जितने कम समय में आपका जितना ज्यादा वजन बढ़ेगा, आपके पीरियड मिस होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी क्योंकि अचानक वजन बढ़ने से आपके हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं।
    (और पढ़ें - वजन कम करने के उपाय)
     
  3. क्या पीरियड न होने की वजह कोई बीमारी हो सकती है?
    वैसे तो पीरियड मिस होने की आम वजह स्ट्रेस या हार्मोन असंतुलन होते हैं। हालांकि, ये पीसीओएस, डायबिटीज और थायराइड जैसी कुछ बीमारियों के कारण भी हो सकता है।
    (और पढ़ें - थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए)
     
  4. मैंने हाल ही में आई-पिल खाई थी और इस महीने मेरी डेट आने के बाद भी मुझे पीरियडस नहीं हुए। क्या इसकी वजह आई-पिल है?
    ऐसा हो सकता है कि आई-पिल के कारण आपको पीरियडस न हो रहे हों क्योंकि आई-पिल आपके मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती है। कई महिलाओं को आई-पिल लेने के बाद पीरियड में रक्तस्त्राव कम होता है और कई महिलाओं को पीरियड होता ही नहीं। इसमें चिंता की कोई बात नहीं है।
    (और पढ़ें - गर्भनिरोधक गोली के नुकसान)
     
  5. मुझे इस महीने पीरियडस नहीं हुए हैं और पिछले महीने मैंने जिम ज्वाइन किया था। क्या इसमें कोई चिंता की बात है?
    जो लोग ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें पीरियड मिस होने या देर से होने की संभावना होती है। जो महिलाएं एथलीट हैं, उन्हें भी पीरियड मिस होने की शिकायत रहती है।
    (और पढ़ें - एक्सरसाइज करने का सही टाइम)
     
  6. क्या सेक्स करने से पीरियड मिस होने की समस्या होती है?
    अगर आपने कंडोम का इस्तेमाल किया है, तो सेक्स के कारण पीरियड मिस होने की संभावना नहीं होती है। ऐसा तब ही होता है जब आपने असुरक्षित सेक्स किया हो और आप प्रेग्नेंट हों।
    (और पढ़ें - सेक्स करने का तरीका)
     
  7. मैंने हाल ही में ऑफिस जाना शुरू किया है और मुझे इस महीने पीरियडस नहीं हुए हैं। क्या इसका कारण वर्क स्ट्रेस हो सकता है?
    जी, जैसा कि हमने आपको बताया है कि किसी भी तरह के स्ट्रेस या चिंता के कारण आपको पीरियड मिस होने की समस्या हो सकती है। इसके लिए आप योग या मेडिटेशन कर सकती हैं या किसी अच्छे काउंसलर से बात भी कर सकती हैं।
    (और पढ़ें - योग निद्रा क्या है)
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