योग से न सिर्फ मन बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है. योग करने से तनाव दूर होता है, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. रोज योग करने से सभी तरह की बीमारियों से दूर रहा जा सकता है. कुछ योगासन खड़े होकर किए जाते हैं, तो कुछ बैठकर किए जाते हैं. ऐसा ही एक योगासन है पार्श्व सुखासन, जिसे बैठकर किया जाता है. इस योगासन को करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है और तनाव भी दूर हो सकता है.

आज इस लेख में हम पार्श्व सुखासन के फायदों और इसे करने के तरीके के बारे में जानेंगे -

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  1. पार्श्व सुखासन के फायदे
  2. पार्श्व सुखासन करने का तरीका
  3. पार्श्व सुखासन करते हुए सावधानियां
  4. सारांश
पार्श्व सुखासन के फायदे व करने का तरीका के डॉक्टर

पार्श्व का अर्थ साइड या बगल होता है, वहीं सुखासन बैठने की एक मुद्रा है. इस आसन को नियमित रूप से करने पर गर्दन, कंधे व पीठ की मांसपेशियों में लचीलापन आता है. इसे करने से स्ट्रेस भी कम होता है और नींद अच्छी आती है. आइए, जानते हैं कि इसे करने से शरीर व मन को किस प्रकार लाभ हो सकते हैं -

पोश्चर में सुधार

कई बार लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से बॉडी पोश्चर खराब हो जाता है. ऐसे में पार्श्व सुखासन खराब पोश्चर में सुधार कर सकता है. शारीरिक मुद्रा को बेहतर बनाए रखने के लिए भी इस आसान को किया जा सकता है.

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बॉडी स्ट्रेच करे

पार्श्व सुखासन करने से कमर, हाथ और हिप्स की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है. इससे मसल्स स्ट्रॉन्ग बनती हैं. पार्श्व सुखासन एक तरह से फुल बॉडी वर्कआउट के रूप में काम करता है. यह आसन पेट की मांसपेशियां को एक्टिव करता है. साथ ही कंधे, पीठ और गर्दन की मसल्स को रिलैक्स करता है.

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ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाए

पार्श्व सुखासन करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. इसके अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल पाती है. इसके अलावा, इस आसान को करने से शरीर को ऊर्जा भी मिलती है.

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हिप्स को टोन करे

जिन लोगों के हिप्स पर फैट जमा है, उनके लिए यह योगासन फायदेमंद हो सकता है. इस योगासन को करके हिप्स फैट बर्न हो सकता है. साथ ही हिप्स की मसल्स टोन भी हो सकती हैं. हिप्स को अच्छी शेप देने के लिए पार्श्व सुखासन को रोज किया जा सकता है.

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तनाव दूर करे

आजकल अधिकतर लोग स्ट्रेस में रहते हैं. पार्श्व सुखासन की रेगुलर प्रैक्टिस से तनाव से छुटकारा मिल सकता है. इस आसान को करने से मन भी शांत होता है और नींद अच्छी आती है.

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इस योगासन को सही प्रकार से किस तरह करना चाहिए, उस बारे में नीचे क्रमवार बताया गया है -

  • इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले साफ और शांत वातावरण में एक योग मैट बिछा लें.
  • मैट पर पैरों को मोड़कर सुखासन में बैठ जाएं.
  • इस दौरान अपनी रीढ़, पीठ और कमर की हड्डी को बिल्कुल सीखा रखें.
  • दोनों हाथों को रिलैक्स रखें.
  • इसके बाद बाएं हाथ की हथेली को बाएं पैर के घुटने के पास मैट पर रखें.
  • फिर गहरी सांस लेते हुए दाएं हाथ को आसमान की तरफ उठाएं और कान से सटा लें.
  • अब सांस छोड़ते हुए कमर से बाईं तरफ मुड़ें.
  • इससे आपको दाईं साइड में खिंचाव महसूस होगा.
  • कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें.
  • फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं.
  • इसके बाद ऐसा दूसरे हाथ से दोहराएं.
  • एक-एक करके इसे 4-5 बार किया जा सकता है.

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पार्श्व सुखासन को करते समय कुछ सावधानियों को बरतना भी जरूरी है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है -

  • अगर किसी को पैरों या टखनों में चोट लगी है, वो इस योगासन को करने से बचें.
  • जिन लोगों को घुटनों में चोट लगी है या फिर घुटने में दर्द रहता है, उन्हें भी इस योगासन को करने से बचना चाहिए.
  • पीठ और कंधों में दर्द की स्थिति में पार्श्व सुखासन का अभ्यास न करें.
  • हिप्स की मांसपेशियों में दर्द होने पर इस योगासन को नहीं करना चाहिए.
  • साइटिका की समस्या और जिन लोगों की हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें एक्सपर्ट की राय पर इस आसान को करना चाहिए.

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इस लेख से ये तो स्पष्ट होता है कि पार्श्व सुखासन को सही तरीके से करने से कई फायदे मिल सकते हैं. इस आसान को सभी उम्र के लोग आसानी से घर में ही कर सकते हैं, लेकिन अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है या फिर पहली बार योग कर रहे हैं, तो इसे योग एक्सपर्ट की देखरेख में करना जरूरी है. योग के पूरे फायदे तभी मिल पाते हैं, जब इसे सही तरीके और समय पर किया जाता है.

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Dr. Smriti Sharma

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