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क्या आपको अक्सर बदन में दर्द महसूस होता है जिसकी वजह से आप अपना काम भी नहीं कर पाते। अगर ऐसा है तो इसके लिए आपको जल्द से जल्द इलाज कराने की आवश्यकता है जिससे आपका रोज़ाना का काम रुके नहीं और ये दर्द भी आपके लिए असहनीय न बने। चाहे मांसपेशियां हो  या जोड़ों का दर्द हों इनको ठीक करने के लिए ज़रूरी है कि आप कुछ घरलू उपायों की मदद लें।

तो आइये आपको इस लेख में हम बताते हैं कि कैसे बदन दर्द को ठीक करने के लिए कुछ फायदेमंद घरेलू उपायों का उपयोग कैसे करें –

  1. बदन दर्द का घरेलू उपाय है सेब का सिरका - Body pain ka upay hai apple cider vinegar in Hindi
  2. बदन के दर्द का उपाय है कोल्ड और हीट थेरेपी - Badan dard ke liye gharelu nuskha hai hot or cold therapy
  3. बदन दर्द का नुस्खा है अदरक - Badan dard ke liye gharelu upay hai ginger
  4. बॉडी पेन का घरेलू उपाय है हल्दी - Badan dard ka gharelu nuskha hai turmeric
  5. बदन दर्द होने पर दालचीनी का करें उपयोग - Sharir dard ka upay hai cinnamon
  6. शरीर के दर्द के लिए लाल मिर्च है सहायक - Sharir dard ka gharelu upay hai cayenne Pepper
  7. बॉडी पेन से छुटकारा पाने का तरीका है सेंधा नमक - Epsom salt hai body dard ka upay
  8. शरीर में दर्द का उपाय है सरसों का तेल - Body ke dard se bachne ka tarika hai mustard oil
  9. बदन दर्द से बचने के लिए करें केले का प्रयोग - Body pain se chutkara dilata hai banana
  10. बदन दर्द के घरेलू उपाय हैं चेरी - Body me pain hone par cherries ka kare upyog

अगर आप मांसपेशियों में दर्द से पीड़ित हैं तो आपको सेब के सिरके का इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए। सेब के सिरके को बदन के दर्द को कम करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है।

सेब के सिरके का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले अपने बाथ टब को गर्म पानी से भर लें या आप बाल्टी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  2. अब उसमे दो कप सेब के सिरके को मिलाएं
  3. फिर उस टब में बैठ जाएँ या उस पानी को मग से अपने शरीर पर डालें।
  4. इसके इस्तेमाल से आपके बदन का दर्द धीरे धीरे जाने लगेगा।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान

कोल्ड थेरेपी को क्रायोथेरेपी (cryotherapy) भी कहा जाता है जिसमे बर्फ का इस्तेमाल प्रभावित क्षेत्रों पर किया जाता है। इसका इस्तेमाल मांसपेशियों के दर्द को दूर करने के लिए भी किया जाता है। बर्फ और ठंडा पानी बदन पर लगाने से रक्त परिसंचरण कम हो जाता है जिससे दर्द और सूजन को दूर करने में मदद मिलती है। आप अपने बदन पर बर्फ का पैक, जेल पैक, आइस मसाज कर सकते हैं। ये सभी कोल्ड थेरेपी के प्रकार हैं जो आप अपने बदन के दर्द में आजमा सकते हैं।

हीट थेरेपी का इस्तेमाल मांसपेशियों की अकड़न, खिचाव या तनाव और मांसपेशियों की ऐठन के लिए किया जाता है। हीट थेरेपी का इस्तेमाल चोट लगने पर ना करें इससे सूजन और असहजता बढ़ सकती है। हीट मासंपेशियों के दर्द, मांसपेशियों की ऐठन से राहत देने में मदद करती है। हीट थेरेपी में होट पैक, पैराफिन वैक्स और हाईड्रोथेरेपी के प्रकार शामिल हैं। आप इनका इस्तेमाल करने के लिए फिज़ियोथेरेपिस्ट के पास भी जा सकते हैं या घर में गर्म कपड़े को बदन पर लगा कर सिकाई भी कर सकते हैं।

अदरक में सूजनरोधी गुण होते हैं। इसे बदन दर्द के लिए बेहद प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। ये रक्त प्रवाह और परिसंचरण को सुधारता है। अदरक की चाय मांसपेशियों में होने वाले दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है।

अदरक का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले अदरक को पीस लें।
  2. अब उसे एक कपडे में बाँध लें।
  3. अब उस कपड़े और गर्म पानी में कुछ मिनट तक डालकर रखें।
  4. अब इस कपड़े को ठंडा होने के लिए रख दें और फिर इसे प्रभावित क्षेत्रों पर 15 मिनट के लिए लगाकर रखें।
  5. इस कंप्रेस का इस्तेमाल रोज़ाना पूरे दिन में दो से तीन बार ज़रूर दोहराएं।

(और पढ़ें - अदरक के फायदे और नुकसान

हल्दी में सूजनरोधी गुण होते हैं और ये प्राकृतिक पैन किलर की तरह भी काम करती है।

हल्दी का इस्तेमाल दो तरीको से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले एक ग्लास दूध को गर्म करें।
  2. फिर उसमे दो चम्मच हल्दी मिलाएं।
  3. अच्छे से मिलाने के बाद इस मिश्रण को पी जाएँ।
  4. इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें।

दूसरा तरीका -

  1. आप हल्दी का लेप भी तैयार कर सकते हैं।
  2. सबसे पहले बराबर मात्रा में नमक, नींबू का जूस और हल्दी पाउडर को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें।
  3. अब इस पेस्ट को अच्छे से मिलाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएँ।
  4. इसे ऐसे ही आधा घंटा लगा हुआ छोड़ दें।
  5. आधे घंटे के बाद उसे गुनगुने पानी से धो लें।
  6. आप इस उपाय को पूरे दिन में दो बार ज़रूर इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - हल्दी के फायदे और नुकसान

अगर आपके जोड़ों में दर्द है तो आपको दालचीनी का इस्तेमाल करना चाहिए। दालचीनी आपको जल्द राहत दिलाने में मदद करती है। इसके सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों की वजह से इसे अर्थराइटिस के लिए भी एक प्राकृतिक उपाय माना जाता है।

दालचीनी का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक ग्लास दूध को गर्म कर लें।
  2. अब इसमें आधा चम्मच दालचीनी और शहद मिलाएं।
  3. अब अच्छे से चलाने के बाद इस मिश्रण को पी जाएँ।
  4. आप इस मिश्रण को पूरे दिन में एक या दो बार ज़रूर पियें।
  5. इसके अलावा आप इन दोनों सामग्रियों से बने पेस्ट से भी अपने बदन पर मसाज कर सकते हैं।

(और पढ़ें - दालचीनी के फायदे और नुकसान

लाल मिर्च को मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने के लिए जाना जाता है क्योंकि इसमें सूजनरोधी और एनाल्जेसिक के गुण मौजूद होते हैं। ये सूजन और अकड़न को भी दूर करती है।

लाल मिर्च का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक चम्मच लाल मिर्च और दो चम्मच जैतून का तेल लें।
  2. अब इस मिश्रण को एक साथ अच्छे से मिला लें।
  3. अब इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्रों पर लगा लें और फिर उस क्षेत्र को एक कपडे से बाँध लें।
  4. फिर रातभर के लिए इसे ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें।
  5. फिर सुबह कपडे को खोलकर उस क्षेत्रों को धो लें।
  6. अब इस उपाय को पूरे दिन में दो या तीन बार दोहरा सकते हैं।
  7. आप लाल मिर्च को अपने आहार में भी शामिल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - लाल मिर्च के फायदे और नुकसान

सेंधा नमक या मैग्नीशियम सलफेट प्राकृतिक रूप से मांसपेशियों के उत्तकों की सूजन को दूर करते हैं और जल्द आराम दिलाने में भी मदद करते हैं। ये पुरानी चली आ रही मांसपेशियों के दर्द को भी दूर करता है जैसे फ़िब्रोमायालजिया (fibromyalgia)।

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक टब या एक बाल्टी में गर्म पानी डाल दें।
  2. अब उसमे एक या दो कप सेंधा नमक मिलाएं।
  3. अब उस टब में बैठ जाएँ या उस पानी को अपने बदन पर डालें और 15 से 30 मिनट तक उससे नहाने का आनंद लें।
  4. इससे नहाने से आपकी मांसपेशियों का दर्द, ऐठन दूर होगी और शरीर को भी आराम मिलेगा।

(और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे और नुकसान

ये तेल बदन के दर्द से जल्द राहत दिलाने के लिए सबसे अच्छा तेल माना जाता है। ये रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल से मांसपेशियां ढीली होती है और रक्त परिसंचरण भी सुधरता है।

सरसों के तेल का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले दस लहसुन की फांकों को काट लें।
  2. फिर एक कटोरे में चार चम्मच सरसो का तेल लें और उसमे इन लहसुन के टुकड़ों को डाल दें।
  3. आप इसमें कपूर भी डाल सकते हैं।
  4. जब तेल ठंडा हो जाए तो उसे छान लें और फिर छाने हुए तेल से प्रभावित क्षेत्रों पर मसाज करें।
  5. इस उपाय को हफ्ते में तीन से चार बार ज़रूर दोहराएं।

(और पढ़ें - सरसों के तेल के फायदे और नुकसान

ये फल पोटेशियम से समृद्ध होता है जिसकी मदद से शरीर मजबूत और मांसपेशियों को स्वस्थ करने में मदद मिलती है। ये थकान और ऐठन को भी दूर रखता है। मांसपेशियों में कमज़ोरी पोटेशियम की वजह से आती है तो इसलिए आप अपने आहार में इसे रोज़ शामिल ज़रूर करें। आप रोज़ नाश्ते में एक केला या बनाना शेक भी पी सकते हैं जिससे आपके शरीर को पोटेशियम और कैल्शियम दोनों मिल सके।

(और पढ़ें - केले के फायदे और नुकसान)

चेरी आपके शरीर को पोटैशियम और मैग्नीशियम देने में मदद करती है। ये जोड़ों के दर्द और अर्थराइटिस को दूर रखती है। पोटैशियम सूजन को दूर करता है और मैग्नीशियम प्राकृतिक पैन किलर की तरह काम करता है। कुछ महीनो के लिए चेरी जूस को पिए या आप रोज़ाना आठ से दस चेरी को भी खा सकते हैं।

(और पढ़ें - चेरी के फायदे और नुकसान)

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