दूर दृष्टि दोष क्या है?

दूर दृष्टि दोष या हाइपरमेट्रोपिया (Hypermetropia) दृष्टि संबंधी एक सामान्य समस्या है। इसमें आप दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, लेकिन आस-पास की चीजें धुंधली दिखाई दे सकती हैं। दूर दृष्टि जैसी समस्याओं को अक्सर प्रवर्तक त्रुटियों (Refractive errors) के रूप में संदर्भित किया जाता है। दूर दृष्टि दोष को हाइपरमेट्रोपिया, दीर्घ दृष्टि दोष आदि नामों से भी जाना जाता है।

कई छोटे बच्चों में दूर दृष्टि दोष की हल्की समस्या होती है, जो उनके बड़े होने के साथ धीरे-धीरे ठीक हो जाती है। जिन वयस्कों को दूर दृष्टि दोष होता है, उनको पास की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस होती है, जैसे किसी पुस्तक में ध्यान केंद्रित करना। जैसे-जैसे वे परिपक्व होते हैं, उनको दूर की वस्तुओं पर भी ध्यान देने में कठिनाई महसूस हो सकती है।

इस समस्या में आप आमतौर पर दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकेंगे, लेकिन आस-पास की वस्तुएं आपके फ़ॉकस से बाहर होंगी। इस समस्या में आपकी आंखें आसानी से थक जाती हैं। इस स्थिति को चश्मे या कॉन्टैक्ट लेन्स का इस्तेमाल करके आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसके उपचार का अन्य विकल्प सर्जरी भी हो सकती है।

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  1. दूर दृष्टि दोष के लक्षण - Farsightedness Symptoms in Hindi
  2. पास का न दिखने (दूर दृष्टि दोष) के कारण व जोखिम कारक - Farsightedness causes & risk factors in Hindi
  3. दूर दृष्टि दोष से बचाव - Prevention of Farsightedness in Hindi
  4. दूर दृष्टि दोष का परीक्षण - Diagnosis of Farsightedness in Hindi
  5. दूर दृष्टि दोष का उपचार - Farsightedness Treatment in Hindi
  6. दूर दृष्टि दोष में क्या खाना चाहिए? - What to eat during Farsightedness in Hindi?
  7. दूर दृष्टि दोष के घरेलू उपाय
  8. दूर दृष्टि दोष के डॉक्टर

दूर दृष्टि दोष के लक्षण व संकेत क्या हो सकते हैं?

दूर दृष्टि दोष हर व्यक्ति को अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर यह आपकी उम्र और इस विकार की गंभीरता पर निर्भर करता है। दूर दृष्टि दोष से ग्रस्त कुछ लोग दृष्टि संबंधी किसी प्रकार की समस्या को महसूस ही नहीं कर पाते हैं, खासकर जब वे युवा हों। 

इस समस्या का एक लक्षण ये होता है कि जिस वस्तु को आप देखना चाहते हैं, उससे अनजाने में आप इतनी दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हों जिस पर आप उसे ठीक से देख सकें। ये बात खुद आपको न पता चले लेकिन अगर कोई अन्य व्यक्ति आपको गौर से देखे तो उसे आसानी से पता चल जाएगा कि आप ऐसा कर रहे हैं।

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दूर दृष्टि दोष के अन्य लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर चश्मा पहनने के बाद भी आप दूर दृष्टि दोष के इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से इस बारे में बात करनी चाहिए।

नीचे दिए गए लक्षण एक गंभीर मेडिकल समस्या का संकेत दे सकते हैं:

  • अचानक से एक आंख की दृष्टी गायब होना
  • अचानक से दृष्टि अस्पष्ट होना या धुंधलापन आना
  • प्रकाश से चमक लगना
  • काले धब्बे दिखाई देना
  • प्रकाश के इर्द-गिर्द इंद्रधनुष या प्रभामंडल (Halos) दिखाई देना।

यदि आप उपरोक्त लक्षणों में से किसी एक को भी महसूस कर रहें हैं, तो तत्काल मेडिकल सहायता प्राप्त करें।

अगर आपके बच्चा बार-बार आंखें मीचता है, सिरदर्द की शिकायत करता है, स्कूल में पढ़ने में कठिनाई महसूस करता है या धुंधला दिखने की शिकायत करता है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत मिलें।

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दूर दृष्टि दोष क्यों और कैसे होता है?

थोड़ा-बहुत दूर दृष्टि दोष बच्चों में होना आम है। लेकिन ज़्यादातर बच्चों में बड़े होते-होते ये विकार खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है।

आपकी आंख एक कैमरे के समान होती है। रेटिना आपकी आंख के पीछे प्रकाश को केंद्रित करती है, जिससे आपको चीजें स्पष्ट दिखाई देती हैं। जब रेटिना के पीछे प्रकाश ठीक से फॉकस ना हो पाए, तो दूर दृष्टि दोष की समस्या हो जाती है।

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दूर दृष्टि दोष तब होता है, जब आंख में प्रवेश करने वाला प्रकाश रेटिना (आंख का एक हिस्सा जहां छवि बनती है) पर केंद्रित होने की बजाए उसके पीछे केंद्रित होता है। इसका कारण आंख का अधिक छोटा होना, पर्याप्त रूप से घुमावदार ना होना या आंख के लेंस का सामान्य से अधिक पीछे स्थित होना हो सकता है।

पास का न दिखने की समस्या पारिवारिक समस्या होती है। यदि आपके माता-पिता को दूर दृष्टि दोष है, तो आपके लिए भी यह समस्या विकसित होने की संभावना अधिक हो सकती है।

कुछ दुर्लभ मामलों में कुछ आंखों संबंधी रोग जैसे रेटीनोपैथी (Retinopathy) या आंख में ट्यूमर आदि की वजह से ये समस्या पैदा हो सकती है।

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दूर दृष्टि दोष होने से कैसे रोकें?

दूर दृष्टि दोष होने से नहीं रोका जा सकता। लेकिन अपनी आंखों और उनकी दृष्टि को स्वस्थ रखने के लिए निम्न कदम का अनुसरण करें:

  • अपनी आंखों की जांच करवाते रहें – चाहे आप अच्छी तरह से देख पा रहे हों, फिर भी अपनी आंखों की जांच नियमित रूप से करवाते रहें।
  • दीर्घकालिक स्वास्थ्य स्थितियों को नियंत्रित करे – अगर इनका उचित उपचार ना किया जाए, तो कुछ प्रकार के रोग (जैसे डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर) आपकी दृष्टि को प्रभावित कर सकते हैं। (और पढ़ें - डायबिटीज डाइट चार्ट)
  • अपनी आंखों को सूरज से बचा कर रखें – धूप से अपनी आंखों को बचाने के लिए एक ऐसा धूप का चश्मा पहनें जो पराबैंगनी (यू.वी; UV) किरणों को अवरुद्ध करता हो। अगर आप कई घंटे धूप में बिताते हैं या ऐसी दवाएं लेते हैं जो पराबैंगनी किरणों के प्रति आपकी संवेदनशीलता को बढ़ाती हैं, तो ऐसी स्थिति में आपको धूप का चश्मा लगाने की अत्याधिक जरूरत है।
  • धूम्रपान न करें - धूम्रपान आपकी आंखों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। धूम्रपान को आंखों में मैक्युलर डीजेनेरेशन (Macular degeneration) विकसित करने वाला सबसे मुख्य जोखिम कारक माना जाता है। (और पढ़ें - सिगरेट छोड़ने के उपाय)
  • सही चश्में का उपयोग करना – एक सही चश्मा आपकी दृष्टि को सही बनाता है। नियमित परीक्षण से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि आपको दिया गया चश्मा ठीक है या नहीं।
  • एक अच्छी प्रकाश व्यवस्था का उपयोग करें – सही प्रकाश का इस्तेमाल करने से दृष्टि के कॉन्ट्रास्ट बढ़ जाते हैं, जिससे आप ठीक से देख पाते हैं।

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दूर दृष्टि दोष का परीक्षण/ निदान कैसे किया जाता है?

नेत्र-विशेषज्ञ (Ophthalmologist) या किसी ओप्टोमेट्रिस्ट (Optometrist) द्वारा नियमित रूप से आंखों की जांच करवाने से यह पता चल सकता है कि आपको दूर दृष्टि रोग है या नहीं। आंखों के परीक्षण में आपकी दृष्टि के बारे में कुछ सवाल पूछे जाते हैं और आंखों के अन्य परीक्षण किए जाते हैं।

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आंखों का डॉक्टर आंखों के एक आसान से परीक्षण से ही दूर दृष्टि दोष का पता लगा सकता है -

  • सबसे पहले एक आई चार्ट के साथ डॉक्टर अलग-अलग दूरियों पर आपकी दृष्टि की जांच करते हैं।
  • रिजल्ट के आधार पर डॉक्टर, डाइलेटेड आई (Dilated eye) परीक्षण करवाने का सुझाव दे सकते हैं। यह परीक्षण करने के लिए डॉक्टर आंखों में दवा की कुछ बूंदे डालते हैं, जिससे आपकी आंख की पुतली (आंख के बीच का काला घेरा) फैल जाती है (Dilate)। आंख फैलने से आपके डॉक्टर आंख के अंदर काफी स्पष्ट रूप से देख पाते हैं।
  • आपकी आंख को और बारीकी से देखने के लिए डॉक्टर एक आवर्धक (magnifying) लेंस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • वे आपकी दृष्टि को ठीक करने के लिए आपको विभिन प्रकार के लेंसों में से देखने के लिए कहेंगे, जिससे करीब की वस्तुएं स्पष्ट रूप से देखी जा सकें।

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अन्य दृष्टि टेस्ट:

  • ओफ्थैल्मोस्कॉपी (Ophthalmoscopy)
  • टोनोमेट्री (Tonometry)
  • एक स्लिट लैंप परीक्षण (slit lamp exam)

ये परीक्षण आंखों के नियमित परीक्षण का भी हिस्सा होते हैं।

नए बच्चों में और हर बाल-देखभाल विजिट (Well-child visits) के दौरान बच्चों की आंखों का परीक्षण किया जाना चाहिए।

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पास का न देख पाने का उपचार कैसे किया जाता है?

दूर दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए, जिस कोण से प्रकाश की किरणें आंख में प्रवेश करती हैं, उसे बदला जाता है। दूर दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए चश्में, कॉन्टेक्ट लेंस या अपवर्तक सर्जरी (refractive surgery) का इस्तेमाल किया जाता सकता है।

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दूर दृष्टि दोष को ठीक करने का सबसे आसान तरीका चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस का प्रयोग करना होता है। ये सुधारात्मक लेंस होते हैं जो आपकी आंखों में प्रकाश के प्रवेश करने के कोण को बदल देते हैं। इससे आप ठीक से देख पाते हैं।

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कम उम्र वाले लोगों या बच्चों को अगर दूर दृष्टि दोष हो तो उनकी आँखें लेंस लचीले होने के कारण खुद को एडजस्ट करके छवि ठीक बना देते हैं। वास्तव में, अक्सर बच्चों में दूर दृष्टि दोष को ठीक करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अगर बच्चे को निम्न समस्या हैं, तो आंखों के डॉक्टर उनकी आंखों के अनुसार चश्मा लगाने के लिए कह सकते हैं -

  • अगर दोनों आंखों की दृष्टि के बीच काफी बड़ा अंतर है।
  • अगर आंखों में भैंगापन आ गया है।
  • अगर रोगी की दृष्टि काफी प्रभावित हो गई है।

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आपको हर समय चश्मा या कॉन्टेक्ट लेन्स पहनने की आवश्यकता है या नहीं, ये इस पर निर्भर करेगा कि आपकी आँखें कितनी कमजोर हो गयीं है। या, फिर जब आप कोई नजदीकी या बारीकी काम करते हैं, जैसे कुछ पढ़ना या सिलाई करना आदि तब आपको चश्मे या कॉन्टेक्ट लेंस की आवश्यकता पड़ सकती है। दूर दृष्टि दोष में आपके लिए एक पॉजिटिव नंबर का चश्मा निर्धारित किया जाता है, जैसे कि +3.00। जितनी आपकी आँखें कमजोर होंगी, उतना ज्यादा ये नंबर होगा।

अगर आप ऐसे चश्मे या कॉन्टेक्ट लेंस नहीं पहनना चाहते, तो सर्जरी द्वारा चश्में या कॉन्टेक्ट लेंस की निर्भरता को कम या यहां तक की खतम भी किया जा सकता है।

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दूर दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए सबसे सामान्य प्रक्रियाओं में निम्न शामिल हैं:

  • पी.आर.के. (PRK) – पीआरके का मतलब फोटो रिफ्रेक्टिव करेक्टोमी (Photo-Refractive Keratectomy) होता है। इस प्रक्रिया के दौरान कॉर्निया (Cornea) को आकार देने के लिए लेज़र का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे प्रकाश की किरणें रेटिना के करीब फॉकस कर पाती हैं।
  • एल.ए.एस.आई.के. (LASIK) – एलआईएसके यानि लेज़र एसिस्टेड इन सीटू केराटोमीलेयूसिस (Laser-Assisted in situ keratomileusis)। इस प्रक्रिया में कॉर्निया के ऊपर एक फ्लैप (पल्ला) कट लगाया जाता है। उसके बाद लेजर द्वारा फ्लैप के नीचे से कुछ ऊतकों को नष्ट किया जाता है और फिर फ्लैप को वापस लगा दिया जाता है। दूर दृष्टि दोष को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रियाओं में यह काफी सामान्य प्रक्रिया है।

आपने लिए सबसे बेहतर उपचार के बारे में जानने के लिए, आंखों के विशेषज्ञ से बात करें।

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दूर दृष्टि दोष में क्या खाना चाहिए?

स्वस्थ आहार का सेवन करें, जिसमें खूब मात्रा में फल व सब्जियां शामिल हों। रेटिना को स्वस्थ बनाए रखने के लिए इन खाद्य पदार्थों वाले आहार का सेवन करना आवश्यक होता है।

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गहरे रंग की हरी पत्तेदार सब्जियां एवं गहरे रंग के फल (Bright-colored fruits) का सेवन करें, जैसे:

Dr. Nishant Singh

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ऑपथैल्मोलॉजी

Dr. Rahul Sharma

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