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आजकल लोगों में जिगर विकार काफी आम बात है। जिगर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो जीवन के लिए आवश्यक है। फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें जिगर में चर्बी की मात्रा बढ़ जाती है। हालांकि यह एक छोटी सी बीमारी है जिसका ध्यान रख कर इस समस्या से बचा जा सकता है। अगर इसका ठीक से इलाज नहीं किया गया तो फैटी लिवर एक बड़ी समस्या बन सकती है जिससे सिरोसिस (liver damage) और जिगर की सामान्य समस्याएं हो सकती हैं। चूंकि हमारे लिए जिगर का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है इसलिए आप शराब के सेवन से बचें और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं। इसके अतिरिक्त आप फेटी लिवर विकार से छुटकारा पाने के लिए कुछ प्रभावी घरेलू उपचार भी कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं फेटी लिवर विकार की समस्या से निजात पाने के कुछ घरेलू उपचारों के बारे में -

(और पढ़ें - दादी माँ के घरेलू नुस्खे)

  1. फैटी लीवर का घरेलू उपाय है ग्रीन टी - Fatty liver ka gharelu upay hai green tea in hindi
  2. फैटी लीवर से छुटकारा दिलाता है सेब का सिरका - Fatty liver se chutkara dilata hai apple vinegar in hindi
  3. फैटी लिवर का घरेलू नुस्खा है करेला - Fatty liver ka gharelu nuskha hai bitter gourd in hindi
  4. फैटी लीवर के लिए उपयोग करें नींबू - Fatty liver ko control kare lemon se in hindi
  5. फैटी लीवर से बचने का तरीका है अलसी - Fatty liver se bachne ka upay hai flax seeds in hindi
  6. फैटी लीवर से छुटकारा दिलाता है फ्रूट्स - Fatty liver se chutkara dilata hai fruits in hindi
  7. लीवर बढ़ने का उपाय है मुलेठी - Liver badhane ka gharelu upay hai licorice root in hindi
  8. लीवर बढ़ने पर करे आंवला का उपयोग - Liver badhne par kare amla ka upyog in hindi
  9. लीवर फैट कम करें अदरक से - Liver fat kam kare ginger se in hindi
  10. फैटी लिवर का देसी नुस्खा है हल्दी - Fatty liver ka desi nuskha hai turmeric in hindi
  11. फैटी लिवर दूर करने का तरीका है एलो वेरा - Fatty liver dur karne ka upay hai aloe vera in hindi
  12. लीवर बढ़ने का घरेलू उपाय है भटकटैया - Liver badhane ka ghar upay hai milk thistle helps in hindi

हरी चाय में मौजूद तत्व अत्यधिक फैट या वासा वाले ऊतकों को नष्ट करने में प्रभावी हैं। ग्रीन टी का उपयोग हमेशा चर्बी को कम करने के लिए किया जाता है। ग्रीन टी का सेवन करने से जिगर में मौजूद वसा का नष्ट होता है और यह जिगर को स्वस्थ रखने में भी मदद करती है। इसके लिए आप प्रतिदिन दो से तीन कप ग्रीन टी का सेवन करें।

सेब का सिरका या ACV जिगर में उपस्थित चर्बी को कम करने में बहुत उपयोगी है। यह जिगर के स्वास्थ्य में भी सुधार करता है। इसके लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पिएं। आप इसका सेवन प्रतिदिन दो बार कर सकते हैं।

फैटी लीवर विकार के उपचार के लिए करेला भी एक प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। करेला जिगर के सम्पूर्ण कामकाज के लिए बहुत अच्छा होता है। इसके लिए आप सुबह एक गिलास करेले के रस का सेवन करें।

नींबू एंटीऑक्सीडेंट गुण से भरा हुआ है जो जिगर से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है। नींबू सूजन की समस्या में भी उपयोगी है। बस इसके लिए आप एक गिलास पानी में आधे नींबू का रस मिलाकर प्रतिदिन दो बार सेवन करें। (और पढ़ें – नींबू से गोरी त्वचा पाने के चमत्कारी उपाय)

अलसी फैटी जिगर विकार के उपचार के लिए बहुत उपयोगी है। अलसी के नियमित सेवन से जिगर स्वस्थ रहता है। आप प्रतिदिन पानी के साथ एक चम्मच अलसी का सेवन करें। अलसी के तेल का उपयोग भी कर सकते हैं जो विटामिन ई में समृद्ध होता है। (और पढ़ें – प्रतिरोधक क्षमता बूस्टर भोजन है अलसी)

संतरा विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट तत्व से भरा हुआ एक स्वस्थ फल है जो शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को हटाकर शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अलसी फैटी जिगर की समस्या में आप उन सभी फलों का सेवन कर सकते हैं जिनमें उच्च मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। रोजाना एक या दो संतरे का सेवन आप के लिए बहुत अच्छा होगा। साथ ही फाइबर में समृद्ध फल भी शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करते हैं। यह जिगर के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं। जैसे पपीता और अनानास फैटी जिगर विकार की समस्या में मदद करते हैं। फैटी जिगर विकार से ग्रसित लोग इन फलों को अपने आहार में शामिल करें। (और पढ़ें – जामुन के फायदे लीवर की समस्या में)

लीकोरिस यानी मुलेठी एक ऐसी उपयोगी जड़ी बूटी है जिसके अपने बहुत स्वास्थ्य लाभ हैं। मुलेठी जिगर से जुड़े एंजाइम की उच्च गतिविधियों को कम करने में मदद करती है। यह विषाक्त पदार्थों और सूजन से जिगर को सुरक्षित रखती है और बचाती भी है। एक गिलास पानी में 5 मिनट के लिए लीकोरिस की जड़ उबाल कर इसको प्रतिदिन दो बार पिएं।

युर्वेद में आंवला का उपयोग कई बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट जिगर के कामकाज को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसका उपयोग शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थों को निकालने में मदद करता है। फैटी लिवर विकार में आप प्रतिदिन 2-3 आंवला खाएं या एक गिलास आंवले के रस का सेवन करें। (और पढ़ें – आंवला का मुरब्बा खाने के फायदे और नुकसान)

अदरक वसायुक्त लिवर के उपचार में अच्छा काम करता है। यह जिगर एंजाइमों के अनावश्यक कार्यों को रोकने में मदद करता है। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) गुण हैं जो जिगर के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं। वसायुक्त लिवर के उपचार के लिए प्रतिदिन एक कप अदरक की चाय का सेवन करें।

हल्दी एंटीऑक्सिडेंट से भरी हुई है जो फैटी लिवर रोग से लड़ने में मदद करती है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) और विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने का गुण पाई जाती है। हल्दी लिवर को कुशलतापूर्वक काम करने में मदद करता है। फैटी लिवर रोग में एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर प्रतिदिन पिएं

एलोवेरा का उपयोग लिवर संबंधित कई रोगों में किया जाता है। फैटी लिवर रोग के उपचार में भी यह बहुत लाभदायक है। फैटी लिवर रोग में लाभ के लिए आप प्रदिदिन एलोवेरा जूस का सेवन करें। आप अपने स्वास्थ्य के अनुसार एलोवेरा रस की खुराक के लिए चिकित्सक से सलाह लें। (और पढ़ें – एलोवेरा से गोरी त्वचा पाने के 4 चमत्कारी उपाय)

फैटी जिगर विकार के उपचार के लिए भटकटैया बहुत ही लाभदायक है। लिवर के उचित कामकाज को बढ़ाने में यह मदद करता है। भटकटैया लिवर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को ठीक करता है और साथ ही लिवर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकालने और सूजन को कम करने में मदद करता है। फैटी जिगर विकार में आप एक गिलास पानी में भटकटैया के पत्तों या इसके बीज के उपयोग से चाय तैयार कर लें और इसमें एक बड़ा चमचा शहद मिलाकर पिए। (और पढ़ें – लिवर को साफ और स्वस्थ रखने के लिए 10 सर्वोत्तम आहार)

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