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लिवर या जिगर हमारे शरीर का एक बहुत ही आवश्यक हिस्सा होता है जो बहुत से महत्वपूर्ण काम करता है, जैसे खाने को पचाना और खून में से अनावश्यक पदार्थों को निकालना आदि। लिवर में कुछ मात्रा में फैट होता है, लेकिन जब ये फैट अधिक बढ़ जाता है, तो इससे कई समस्याएं होने लगती हैं और इससे लिवर को नुकसान भी हो सकता है।

(और पढ़ें - सैचुरेटेड फैट क्या होता है)

शुरुआत में आमतौर पर फैटी लिवर के कारण कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन ये समस्या अधिक बढ़ जाने पर लोगों को वजन कम होना, पेट में दर्द और भ्रम जैसे लक्षण अनुभव होते हैं।

(और पढ़ें - भ्रम का इलाज)

शराब के सेवन को फैटी लिवर का मुख्य कारण माना जाता है, लेकिन इसके और भी कई कारण हो सकते हैं। इसके इलाज के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं और इसके कुछ दुर्लभ मामलों के लिए सर्जरी भी की जा सकती है, लेकिन सही समय पर उचित इलाज न होने के कारण इससे जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे लिवर कैंसर और खाने की नली में नसों की सूजन आदि।

(और पढ़ें - लिवर कैंसर की सर्जरी)

इस लेख में लिवर फैटी हो तो क्या करना चाहिए और इसके लिए डॉक्टर के पास कब जाएं के बारे में बताया गया है।

  1. फैटी लिवर में क्या करना चाहिए - Liver fatty ho to kya kare
  2. फैटी लिवर के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए - Fatty liver me doctor ke pas kab jaye

फैटी लिवर के लिए निम्नलिखित तरीके से प्राथमिक उपचार कर सकते हैं:

  • फैटी लिवर को ठीक करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है ऐसी कोई भी चीज न करना जिससे आपके लिवर को नुकसान पहुंचे। इसके लिए शुगर को नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे लिवर फैट बढ़ता है। (और पढ़ें - शुगर कम करने के उपाय)
  • बहुत ज्यादा तला हुआ और नमक वाला खाना खाने से वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। (और पढ़ें - नमक की कमी के लक्षण)
  • रोजाना व्यायाम करना सबके लिए अच्छा होता है है, लेकिन जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या है, उनके लिए एक्सरसाइज करना ज्यादा जरुरी होता है ताकि उनका शरीर और लिवर स्वस्थ रहे। (और पढ़ें - लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय)
  • फैटी लिवर की समस्या से ग्रस्त लोगों को शराब बिलकुल भी न पीने की सलाह दी जाती है। शराब से उनके लिवर को बहुत अधिक नुकसान हो सकता है, इसीलिए इस आदत को छोड़ने का प्रयास करें। (और पढ़ें - शराब छुड़ाने के घरेलू उपाय)
  • ऐसा माना जाता है कि लहसुन लेना फैटी लिवर की समस्या में बहुत लाभदायक होता है, इसीलिए अपने खाने में लहसुन या लहसुन के पाउडर का उपयोग करें। (और पढ़ें - खाली पेट लहसुन खाने के फायदे)
  • कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना फैटी लिवर के लिए महत्वपूर्ण होता है, इसके लिए उचित उपाय करें। (और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने का तरीका)
  • जिन लोगों को सीलिएक रोग है और ग्लूटेन रहित खाना खाते हैं, उन्हें फैटी लिवर की समस्या से आराम मिल सकता है क्योंकि ग्लूटेन के कारण कई लिवर की समस्याएं होती हैं। (और पढ़ें - लीवर सिरोसिस का इलाज)
  • मोटापे के कारण फैटी लिवर की समस्या होती है, इसीलिए अगर आप मोटे हैं, तो आपको अपना वजन कम करने की सलाह दी जाती है। मोटापे के कारण और भी कई समस्याएं होती हैं जो आपके स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। मोटापा कम करने के लिए रोजाना ली जाने वाली कैलोरी की मात्रा कम करें या आप चाहें तो इसके लिए किसी डाइटीशियन या डॉक्टर से सलाह भी ले सकते हैं। कार्डियो एक्सरसाइज करने से भी वजन घटाने में काफी मदद मिलती है। (और पढ़ें - वजन कम करने के लिए डाइट चार्ट)
  • कॉफी में ऐसे पदार्थ होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा कॉफी से लिवर फैट कम करने में भी मदद मिलती है। फैटी लिवर के लिए सुबह एक कप कॉफी पीना फायदेमंद हो सकता है। (और पढ़ें - bp kam karne ka upay )
  • शुरूआती चरणों में, फैट वाला खाना न खाने या कम खाने से लिवर फैट को कम करने में काफी मदद मिल सकती है, इसीलिए एक संतुलित आहार लें जिसमें ताजा फल, सब्जियां और साबुत अनाज हो। (और पढ़ें - साबुत अनाज खाने के फायदे)
  • ऐसे मीट न खाएं, जिनमें फैट की मात्रा बहुत अधिक हो। इनकी जगह लीन मीट लें, जैसे चिकन, फिश आदि। (और पढ़ें - लीवर बढ़ने के कारण)

(और पढ़ें - लिवर रोग के लक्षण)

फैटी लिवर में आमतौर पर आपको कोई परेशानियां या लक्षण महसूस नहीं होते हैं, इसीलिए ये भी पता नहीं चल पाता कि किन लक्षणों को अनुभव करने पर आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अधिकतर ऐसा होता है कि किसी अन्य समस्या के लिए किए गए शारीरिक परीक्षण या ब्लड टेस्ट में फैटी लिवर का पता चलता है।

(और पढ़ें - लिवर फंक्शन टेस्ट कैसे होता है)

अगर आपको फैटी लिवर की समस्या है और एक्सरसाइज, डाइट व डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज से आपके लक्षण व समस्याएं ठीक नहीं हो रहे हैं, तो आपको तुरंत दोबारा डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

इसके अलावा अगर आपको पेट में सूजन, पीलिया या नील पड़ने की समस्या है, तब भी आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

(और पढ़ें - पीलिया हो जाए तो क्या करें)
 

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल ​से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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