सपाट पैर क्या हैं?

अगर आपके पैर का "आर्च" वाला हिस्सा (पंजों वाले उठाव के नीचे कर्व लिया हुआ हिस्सा जो पंजें और एड़ी के मध्य होता है) सपाट हो तो उसे पैर का सपाट होना या अंग्रेजी में फ्लैट फुट भी कहते है। इस स्थिती के कारण आपके पैरों के तलवें पूरी तरह से चपटे हो जाते है। 

यह एक ऐसी स्थिती है जिसमें ज्यादातर दर्द नहीं होता। फ्लैट फुट तब होते हैं जब बचपन में आपके पैरों के आर्च सही से विकसित नहीं होते। कई मामलों में, फ्लैट फुट चोट लगने के कारण या उम्र बढ़ने के कारण भी हो सकता है। 

फ्लैट फुट होने के कारण आपके पैरों का संरेखण (आकार और अनुपात) भी बिगड़ सकता है जिससे आपको टखनों और घुटनों की समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि अगर फ्लैट फुट के चलते कोई दर्द महसूस न हो तो उसका इलाज करवाना आवश्यक नहीं होता। 

(और पढ़ें - पैर दर्द के उपाय)

  1. फ्लैट फुट (सपाट पैर) के लक्षण - Flat Feet Symptoms in Hindi
  2. फ्लैट फुट (सपाट पैर) के कारण - Flat Feet Causes in Hindi
  3. फ्लैट फुट (सपाट पैर) का निदान - Diagnosis of Flat Feet in Hindi
  4. फ्लैट फुट (सपाट पैर) का इलाज - Flat Feet Treatment in Hindi
  5. फ्लैट फुट (सपाट पैर) के डॉक्टर

फ्लैट फुट के लक्षण क्या हैं?

ज्यादातर फ्लैट फुट के कोई लक्षण नहीं होते लेकिन कुछ लोगों को सपाट पैर होने के कारण एड़ी और आर्च के हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है। पैरों द्वारा गतिविधि करते समय ये दर्द बढ़ सकता है और दर्द के साथ-साथ आपके टखनों के अंदर सूजन भी आ सकती है। 

(और पढ़ें - पैरों में सूजन के उपाय)

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर आपके या आपके बच्चे के सपाट पैर हों और उनमें दर्द रहता हो तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।                                                                                                                               

सपाट पैर क्यों होते हैं ?

छोटे बच्चों में सपाट पैर होना एक आम बात होती है क्यूंकि उनके पैरों के आर्च उस समय सही से विकसित नहीं हुए होते हैं। ज्यादातर लोगों में समय के साथ पैरों के आर्च विकसित हो जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में ऐसा नहीं होता। यह पैरों की आम स्थिती मानी जाती है और जिन लोगों के आर्च विकसित नहीं होते, जरूरी नहीं है कि उन्हें पैरों की अन्य समस्याएं भी हो। 

कुछ बच्चों के सपाट पैर कुछ हद्द तक लचीले होते हैं। इस स्थिती में उनके पैर का आर्च तब नजर आता है जब वो बैठे हों या अपने पंजों पर खड़े हों लेकिन जब वो खड़े हों तो उनके पैर पूरी तरह से चपटे नजर आते हैं। जिन बच्चों में यह स्थिती पाई जाती है उन्हें ज्यादातर सपाट पैरों से जुड़ी किसी अन्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। 

कभी-कभी वक्त के साथ भी पैरों के आर्च का अाकार बिगड़ सकता है। ऐसा अक्सर तब होता है जब आपके पैरों पर ज्यादा चोट लगी हो जिससे आपके टखनों और आर्च के आस-पास के टेंडन (मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाले ऊतक) कमजोर हो जाते हैं। 

यह कारक आप में सपाट पैर होने का जोखिम बढ़ा सकते हैं :

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सपाट पैर का इलाज कैसे होता है?

आपके पैरों की गतिविधि और ताल-मेल पता करने के लिए आपके डॉक्टर आपके पैरों को आगे से पीछे की ओर जांचेंगे और आपको अपने पंजों पर खड़ा होने को कहेंगे। आपके जूते किस हिस्से की तरफ ज्यादा घिसे हुए हैं, ये देखकर भी डॉक्टर आपके सपाट पैरों की जांच कर सकते हैं। 

अगर आपको अपने पैरों में बहुत ज्यादा दर्द महसूस हो रहा हो तो डॉक्टर आपको यह टेस्ट करवाने को कह सकते हैं :

  •  एक्स-रे एक ऐसा टेस्ट है जिसमे रेडिएशन यानि कि विकरण के द्वारा आपकी हड्डियों और जोड़ों की तस्वीर बनाई जाती है। इस टेस्ट का इस्तेमाल अक्सर गठिया की जांच करने के लिए किया जाता। 
  • सी.टी स्कैन एक ऐसा टेस्ट है जिसमें हर तरफ से आपके पैर का एक्स-रे लिया जाता है। यह टेस्ट आपके पैर की स्थिती तस्वीर द्वारा बेहतर तरीके से दिखता है। 
  • अगर आपके किसी टेंडन में चोट हो तो आपके डॉक्टर अल्ट्रासाउंड  टेस्ट करवाने का सुझाव दे सकते हैं। इस टेस्ट में आपके शरीर के नर्म ऊतकों की साफ और बेहतर तस्वीर बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • एम.आर.आई टेस्ट रेडियो तरंगों और चुम्बकीय क्षेत्र का इस्तेमाल करके आपके शरीर के नर्म एवं कठोर ऊतकों की एक बेहतर तस्वीर बनाने में मदद करता है। 

सपाट पैर का उपचार कैसे होता है?

अगर आपको सपाट पैर होने के बावजूद भी दर्द महसूस न हो रहा हो तो इसका इलाज करवाना आवश्यक नहीं होता। 

लेकिन अगर आपको सपाट पैर होने के कारण पैरों में दर्द महसूस हो तो आपके डॉक्टर आपको यह उपाय बता सकते हैं :

  • आर्च को उचित सपोर्ट दें (ओर्थोटिक यन्त्र) -
    अपने पैरों के आर्च को उचित सपोर्ट प्रदान करने के लिए कुछ ऐसे यंत्रों का इस्तेमाल करें जो बिना डॉक्टर के पर्चे से भी मिल सकें। ऐसे यंत्रों का उपयोग करने से आपको दर्द में कुछ राहत मिल सकती है। यह यन्त्र आपके सपाट पैर को ठीक तो नहीं कर सकते पर इससे होने वाली तकलीफों से राहत दे सकते हैं। 
     
  • स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें -
    कभी-कभी जिन लोगों के सपाट पैर हों उनका एचिल्स टेंडन (पिंडली को एड़ी से जोड़ने वाला टेंडन) छोटा होता है। इस स्थिती का इलाज करने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज काम आती हैं।
     
  • पैरों को उचित सपोर्ट देने वाले जूते पहनें -
    अगर आप ऐसे जूते पहनें जो आपके पैरों के आर्च को उचित सपोर्ट प्रदान करें तो यह काफी मददगार हो सकता है। 
     
  • फिजियोथेरेपी करवाएं -
    सपाट पैर होने के कारण आपको काफी चोट भी आ सकती है, खासकर अगर आप खेल-कूद करते हों या दौड़ लगाते हों। फिजियोथेरेपी में दौड़ते समय आपकी एक वीडियो बनाई जाती है जिससे आपके दौड़ने के तरीका का परिक्षण करा जा सके और उस तरीके को और बेहतर बनाया जा सके। 
     
  • सर्जरी -
    सर्जरी सिर्फ सपाट पैरों को ठीक करने के लिए नहीं की जाती। लेकिन अगर आपको कोई अन्य समस्या भी हो जैसे की अगर आपके टेंडन में कोई चोट हो या वो फट गया हो तो डॉक्टर आपको सर्जरी करवाने की सलाह दे सकते हैं। 
Dr. Sanjai kumar Srivastava

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ओर्थोपेडिक्स

Dr. Mohit Garg

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Dr. Aashish Shahare

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