खराब खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो गई है. आजकल अधिकतर लोग हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं. हाई ब्लड प्रेशर उस स्थिति को कहा जाता है, जब शरीर में रक्त वाहिकाओं की दीवारों के खिलाफ रक्त का दबाव अधिक हो जाता है. हाई ब्लड प्रेशर में रक्तचाप 120/80 एमएम एचजी से अधिक हो जाता है.
इस नीले रंग के लिंक पर क्लिक करके आप जान पाएंगे कि हृदय रोग का आयुर्वेदिक इलाज क्या है.
जब हाई ब्लड प्रेशर कई वर्षों तक नियंत्रण में नहीं आता है, तो कई तरह के हृदय रोग विकसित होने लगते हैं. यह जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है. हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है. हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होने वाली इन्हीं बीमारियों को हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज कहा जाता है.
आज इस लेख में आप हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में विस्तार से जानेंगे -
(और पढ़ें - रूमैटिक हार्ट डिजीज का इलाज)
- हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज क्या है?
- हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण
- हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के कारण
- हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज
- सारांश
हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज क्या है?
हाइपरटेंशन हृदय रोग उस स्थिति को कहा जाता है, जब हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में हृदय रोग विकसित होता है. जो लोग लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हों और इसे कंट्रोल न कर सकें, तो हृदय रोग हो सकता है. इस अवस्था को ही हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज कहते हैं.
क्रोनिक हाई ब्लड प्रेशर (120/80 mmHg से अधिक) हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का कारण बनता है. आपको बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट फेलियर और दिल पर अतिरिक्त दबाव का कारण बन सकता है. यह बीमारी 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलती है.
दरअसल, क्रोनिक हाई ब्लड प्रेशर हृदय पर दबाव डालता है. इस स्थिति में हृदय के लिए रक्त को पंप करना मुश्किल हो जाता है. फिर हृदय की मांसपेशियां मोटी और कमजोर हो जाती हैं. इससे हृदय गति रुक सकती है और हार्ट फेल हो सकता है. इसी के साथ हाई ब्लड प्रेशर की वजह से रक्त वाहिकाओं की दीवारें भी मोटी हो सकती हैं. इनमें कोलेस्ट्रॉल जमा हो सकता है. इसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है. जब ये समस्याएं हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होती हैं, तो हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज कहलाती हैं.
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हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण
हाई ब्लड प्रेशर का कोई लक्षण नहीं होता है. इसलिए अधिकतर लोग यह जान ही नहीं पाते कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है. वहीं, हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होने वाले हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण तब महसूस होते हैं, जब हार्ट डैमेज या फेल हो चुका होता है. यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है. हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज में निम्न लक्षण नजर आ सकते हैं -
- छाती में दर्द
- सांस लेने में कठिनाई
- हृदय का तेजी से धड़कना
- चक्कर आना
- थकान
- बेहोशी
- झटका लगना
- सीने में जकड़न या दबाव
- गर्दन, पीठ, हाथ और कंधों में दर्द होना
- लगातार खांसी आना
- भूख कम लगना
- पैर या टखने में सूजन होना
हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के चलते हृदयघात होने पर मृत्यु तक हो सकती है. इसलिए, अगर आपको बेहोशी होती है या फिर सीने में तेज दर्द होता है, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें.
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हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के कारण
हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशर होता है. जब किसी व्यक्ति को क्रोनिक हाई ब्लड प्रेशर होता है, तो उसमें हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण नजर आ सकते हैं. वहीं, कुछ लोगों में हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का जोखिम अधिक हो सकता है, जिनके पीछे निम्न कारण हो सकते हैं -
- हाई ब्लड प्रेशर
- डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल
- एक्सरसाइज न करना
- 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
- अधिक वजन होना
- धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन
- अधिक नमक या सोडियम लेना
- परिवार के सदस्यों को हृदय रोग
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हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज
हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होने वाले हृदय रोग का उपचार बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है. इसके साथ ही व्यक्ति की उम्र और चिकित्सा इतिहास पर ही इसका इलाज निर्भर करता है. हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज इस प्रकार किया जा सकता है -
दवाइयां लेना
हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज रक्त प्रवाह में सुधार करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने और रक्त का थक्का बनने से रोकने वाली दवाइयों से किया जा सकता है. निम्न दवाइयों से हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है -
- सीने में दर्द का इलाज करने के लिए नाइट्रेट लाभकारी हो सकती है.
- हाई कोलेस्ट्रॉल का इलाज करने के लिए स्टैटिन उपयोगी हो सकती है.
- रक्त के थक्कों को बनने से रोकने में एस्पिरिन मदद कर सकती है.
- कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स से रक्त वाहिकाओं को खोलने में मदद मिल सकती है.
- बीटा ब्लॉकर्स दवाइयों से हार्ट बीट को सामान्य किया जा सकता है.
ये दवाइयां हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज करने में असरदार साबित हो सकती हैं, लेकिन किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए.
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हृदय रोग को ठीक करने के लिए मायउपचार के हृदयास का सेवन करना भी फायदेमंद हो सकता है, जिसे आयुर्वेदिक तरीके से बनाया गया है -
सर्जरी
सर्जरी के तहत निम्न प्रकार की प्रक्रियाएं की जा सकती हैं -
- वैसे तो हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज दवाइयों से ही संभव हो सकता है. लेकिन कुछ मामलों में इसका इलाज करने के लिए सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है. हृदय में रक्त के प्रवाह (ब्लड सर्कुलेशन) को बढ़ाने के लिए सर्जरी की जरूरत हो सकती है.
- आपको बता दें कि अनियमित हृदय गति को सामान्य करने के लिए डॉक्टर एक उपकरण का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें डॉक्टर हृदय गति को सामान्य करने के लिए सर्जरी की मदद से सीने में एक बैटरी से चलने वाला उपकरण (पेसमेकर) इम्प्लांट कर सकते हैं.
- अगर किसी व्यक्ति में हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कोरोनरी धमनियों में अवरुद्ध पैदा होता है, तो इसका इलाज कराने के लिए कोरोनरी धमनी बाईपास ग्राफ्ट सर्जरी (सीएबीजी) करवाने की सलाह दी जा सकती है.
- कार्डियोवर्टर-डिफाइब्रिलेटर्स (ICDs) इम्प्लांट का उपयोग करके भी हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होने वाले हार्ट डिजीज का इलाज किया जा सकता है. इस उपकरण को जानलेवा कार्डियक अतालता (cardiac arrhythmias) के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाता है.
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सारांश
हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होने वाली समस्या होती है. यह अधिक उम्र और वजन वाले लोगों में अधिक देखने को मिलती है. वैसे तो हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का इलाज संभव है, लेकिन अगर इसके इलाज में देरी की जाती है, तो यह जानलेवा भी हो सकता है. इसलिए, हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज का कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. इस स्थिति को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें.
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हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण, कारण व इलाज के डॉक्टर
Dr. Manju
कार्डियोलॉजी
10 वर्षों का अनुभव
Dr. Farhan Shikoh
कार्डियोलॉजी
11 वर्षों का अनुभव
Dr. Amit Singh
कार्डियोलॉजी
10 वर्षों का अनुभव




