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एड़ी में दर्द बेहद आम समस्या है जो आपकी सामान्य गतिविधियों में रुकावटे पैदा करती है। यह दर्द एड़ी के ऊपरी हिस्सों में या फिर एड़ी के पिछले भाग की तरफ महसूस होने लगता है। अक्सर इस तरह के दर्द कभी कभी होते हैं और ये ज़्यादातर सुबह के समय अधिक महसूस होते हैं। फ्लैट चप्पल पहनने से भी ये दर्द और भी ज़्यादा गंभीर हो जाता है। चोट, मोच, फ्रैक्चर आदि एड़ी में दर्द का कारण बनते हैं। किसी कठोर जगह पर गलती से एड़ी रगड़ जाना, ज़्यादा वज़न और बिना किसी साइज के शूज पहनना भी एड़ी में दर्द का कारण बनता है।

यह कई चिकित्सीय स्थितियों के कारण भी होता है जैसे अकिलीस टेन्डिनाइटिस (Achilles tendinitis), बर्साइटिस (bursitis), फाइब्रोमाएल्जिया (fibromyalgia), गाउट, हील स्पर्स (heel spurs), प्लांटर फेसाइटिस (plantar fasciitis), आर्थराइटिस, टेन्डिनाइटिस (Tendinitis) आदि। जो भी व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित है वो इसके दर्द और असहजता से सावधान रहे। हालांकि इससे किसी भी तरह का स्वास्थ्य खतरा नहीं है।

एड़ी के दर्द के लिए आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर और जीवनशैली में बदलाव लाकर इससे छुटकारा पा सकते हैं। अगर आपके एड़ी में दर्द बेहद गंभीर है और आपको एक भी कदम चलने में ज़्यादा परेशानी हो रही है तो अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।

  1. एड़ी के दर्द का घरेलू उपाय है बर्फ - Ice for heel pain in Hindi
  2. एड़ी के दर्द से राहत दिलाता है मसाज - Massage therapy for heel pain in Hindi
  3. एड़ी की हड्डी में दर्द का उपाय है व्यायाम - Stretching exercises for heel pain in Hindi
  4. एड़ी में दर्द का घरेलू नुस्खा है सेंधा नमक - Epsom salt soak for heel pain in Hindi
  5. एड़ी दर्द के लिए घरेलू उपाय करें हल्दी से - Turmeric powder for heel pain in Hindi
  6. एडी के दर्द का रामबाण उपाय है मछली का तेल - Fish oil for heel pain in Hindi
  7. एड़ी दर्द से राहत दिलाता है अदरक - Ginger for heel pain in Hindi
  8. एड़ी के दर्द की देशी दवा है सेब का सिरका - Apple cider vinegar for heel pain in Hindi
  9. एड़ी के दर्द से छुटकारा पाने का तरीका है लाल मिर्च - Cayenne pepper for heel pain in Hindi
  10. एड़ियों के दर्द से बचने का तरीका है एल्कलाइन डाइट - Alkaline diet for heel pain in Hindi
  11. एड़ी में दर्द की समस्या के अन्य उपाय - Tips for heel pain in Hindi

एड़ी के दर्द को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है बर्फ। बर्फ लगाने से प्रभावित क्षेत्र सुन्न हो जाता है जिससे दर्द और सूजन कम होती है। इसके अलावा, टेंडनाइटीस, प्लांटर फेसाइटिस और बोन स्पर के कारण होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।   

बर्फ को इस्तेमाल करने के दो तरीके -

पहला तरीका -

  1. कोल्ड कंप्रेस बनाने के लिए कुछ बर्फ को एक प्लास्टिक में तोड़ लें या फिर किसी कपडे में लपेटकर भी आप ये कर सकते हैं।
  2. फिर उस बर्फ को प्रभावित क्षेत्रों पर लगभग 15 मिनट के लिए लगाकर रखें।
  3. इस प्रक्रिया को पूरे दिन काई बार दोहराये।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा किसी एक पानी की बोतल को फ्रीजर में रख दें।
  2. जमने के बाद उसे प्रभावित क्षेत्रों पर 10 से 15 मिनट के लिए लगाकर रखें।
  3. आवश्यकतानुसार इसे दोहराएं।

नोट - सीधे बर्फ त्वचा पर न लगाएं क्योंकि इससे आपको फ्रॉस्टबाइट हो सकता है।

एड़ी के दर्द के लिए मसाज एक दूसरा सरल और प्राकृतिक घरेलू उपाय है। हालांकि यह दीर्घकालिक उपाय नहीं है लेकिन ये उस समय आपको दर्द से राहत दे सकता है। मसाज करने से आपकी मांसपेशियों को भी आराम मिलता है, दर्द कम होता, अकड़न दूर होती है और रक्त प्रवाह में सुधार करता है। आप अपनी एड़ियों को कभी भी मसाज कर सकते हैं। लेकिन ज़्यादा ज़रूरी मसाज व्यायाम करने के बाद और रात को सोने से पहले करें। मालिश करने के लिए, आप किसी भी प्रकार के तेल का उपयोग कर सकते हैं, जैसे जैतून, नारियल, तिल या सरसों का तेल

मसाज कैसे करें -

  1. प्रभावित क्षेत्रों पर कोई भी गरम तेल लगाएं।
  2. हाथों के दोनों अंगूठों का इस्तेमाल करते हुए प्रभावित क्षेत्रों पर धीरे धीरे प्रेशर से कुछ मिनट के लिए मसाज करें।
  3. पैरों के तलवों पर 10 मिनट तक मसाज करते रहें।
  4. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में कई बार करें या तब तक करें जब तक दर्द चला न जाए।

आप या तो खुद से या किसी अनुभवी से मसाज करा सकते हैं।

कई मामलों में, स्ट्रेचिंग व्यायाम दर्द से जल्दी राहत देने में मदद करता है। इसके साथ ही ये मांसपेशियों को मजबूत करता है और पैरों को टेंडन (tendons) करने में मदद करता है जिससे आगे दर्द से जुडी किसी भी तरह की परेशानी न हो।

एड़ी के दर्द के लिए सबसे अच्छा स्ट्रेचिंग व्यायाम है "स्टैंडिंग वाल स्ट्रेच"

  1. दीवार के सामने मुँह करके दो फुट दूर खड़े हो जाएँ।
  2. अब अपने दोनों हाथों को दीवारों पर रखें।
  3. अब अपने एक पैर को आगे करें और एक पैर को पीछे लेकर जाए जैसा की चित्र में दिखाया गया है।
  4. 30 सेकंड के लिए इस अवस्था को बनाये रखें।
  5. अब 30 सेकंड के बाद अपने पैरों को बदलें।
  6. एड़ी से छुटकारा पाने के लिए दोनों तरफ इस प्रक्रिया को 10 बार करें।

सेंधा नमक का इस्तेमाल दर्द से जल्द राहत दिलाने में मदद करता है। मैग्नीशियम सल्फेट क्रिस्टल दर्द और सूजन को दूर करता है। इसके अलावा, गर्म पानी की गर्माहट जल्द आराम देने में मदद करती है।

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक टब गर्म पानी में तीन चम्मच सेंधा नमक मिलाएं।
  2. 15 से 20 मिनट के लिए अपने पैरों को उसमे भिगोये रखें।
  3. अपने पैरों को सूखा दें और कुछ मात्रा में फिर मॉइस्चराइज़र लगाएं।
  4. 5 मिनट के लिए अपनी एड़ियों को मसाज करें।
  5. जब तक दर्द चला नहीं जाता तब तक इसका इस्तेमाल हफ्ते में दो या तीन बार करें।

(और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे और नुकसान

जब बात दर्द से जुड़े प्राकृतिक उपायों की आती है तो हल्दी को एक उत्कृष्ट उपाय माना जाता है। करक्यूमिन हल्दी में एक ऐसा तत्व होता है जो दर्द निवारक और सूजनरोधी की तरह काम करता है।

हल्दी का इस्तेमाल कैसे करें

  1. एक बर्तन में एक कप दूध और एक चम्मच हल्दी मिलाएं।
  2. अब इसे पांच मिनट के लिए कम आंच पर उबलने के लिए रख दें। अब इसमें शहद मिलाएं।
  3. दर्द से राहत पाने के लिए इस मिश्रण को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर पियें।
  4. आप इसके अलावा हल्दी के 400 से 600 मिलीग्राम सप्लीमेंट भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  5. पूरे दिन में इनका इस्तेमाल दो या तीन बार ज़रूर करें। हालांकि इन सप्लीमेंट्स को लेने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें।

(और पढ़ें - हल्दी के फायदे

अगर आपको एड़ियों में दर्द गठिया या बोन स्पर की वजह से है तो मछली का तेल एक बहुत ही अच्छा उपाय है। इसमें इकोस्पेन्टेनाइक एसिड (eicosapentaenoic acid) और ओमेगा -3 पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो दर्द को दूर करने में मदद करता है। यह मांसपेशियों की अकड़न को भी कम करता है। एक अध्ययन के मुताबिक़ मछली के तेल में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड और इसके सूजनरोधी गुण गठिया का इलाज करने में बेहद लाभदायक हैं। पूरे दिन में दो बार 30 ग्राम मछली के तेल का सेवन करें। हालांकि इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करें।

नोट - जो लोग ब्लड-थिन्निंग या शुगर (मधुमेह) की दवाई लेते हैं वे मछली के तेल का सेवन न करें।

(और पढ़ें - मछली के तेल के फायदे और नुकसान)

अगर आपकी एड़ियों में दर्द किसी प्रकार की मांसपेशियों में तनाव के कारण हुआ है तो तो अदरक को प्राकृतिक उपाय की तरह आजमाएं। एक अध्ययन के मुताबिक़ व्यायाम की वजह से आने वाले खिचाव के लिए अदरक बेहद लाभकारी है। अदरक में सूजनरोधी और दर्द निवारक गुण होते हैं जो दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। जिन्गोरोल नामक इसके प्रभावी गुण ऐसे हॉर्मोन से बचाव करते हैं जो दर्द का कारण बनते हैं। इसके साथ ही ये शरीर में रक्त के प्रवाह को भी सुधारता है।

अरदक का इस्तेमाल तीन तरीको से करें -

पहला तरीका -

  1. पूरे दिन में अदरक की चाय तीन बार पिए।
  2. इसके साथ ही आप अदरक को खाने में भी डालकर खा सकते हैं।
  3. अदरक की चाय बनाने के लिए एक या आधा कप पानी उबालें।
  4. अब उसमे 5 या 6 अदरक के टुकड़े मिलाये और पांच से दस मिनट तक उबलते रहने दें।
  5. इसका स्वाद और स्वास्थ्य लाभ में बदलाव लाने के लिए आप नींबू का जूस और शहद कुछ मात्रा में अपने अदरक की चाय में मिला लें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप पूरे दिन में 500 मिलीग्राम अदरक के सप्लीमेंट्स को एक या दो बार ले सकते हैं।
  2. लेकिन लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें।

तीसरा तरीका -

  1. एड़ियों पर आप अदरक के तेल से भी मसाज कर सकते हैं।

(और पढ़ें - अदरक के फायदे)

एड़ियों के दर्द के लिए अन्य प्रभावी घरेलू उपाय है सेब का सिरका। इसमें सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो दर्द का इलाज बहुत अच्छे से करते हैं।

सेब का सिरका का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक या डेड कप पानी और आधा कप सेब का सिरका बर्तन में मिला लें।
  2. इसे तब तक उबालें जब तक ये अच्छे से गर्म न हो जाये।
  3. अब एक साफ़ कपडे लें और उसे इस मिश्रण में डुबो दें।
  4. डुबोने के बाद कपडे को अच्छे निचोड़ लें।
  5. अब उस कपडे को प्रभावित क्षेत्रों पर 15 से 20 मिनट के लिए लगाकर रखें। इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराएं।
  6. इसका इस्तेमाल पूरे दिन में तब तक करें जब इसकी आवश्यकता हो।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान

लाल मिर्च कैप्साइसिन से समृद्ध होती है जो दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करती है। यह मांसपेशियों में तनाव, जोड़ों के दर्द आदि को भी कम करती है।

लाल मिर्च का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. एक चम्मच लाल मिर्च को आधा कप जैतून के तेल में मिला दें।
  2. अब इस तेल को अच्छे से मिलाने के बाद प्रभावित क्षेत्रों पर लगा लें।
  3. लगाने के बाद इसे 15 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें।
  4. फिर इसे गर्म पानी से साफ़ कर लें। जब तक दर्द चला नहीं जाता इस मिश्रण का इस्तेमाल करते रहें।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप दूकान से कैप्साइसिन क्रीम भी ले सकते हैं।

(और पढ़ें - लाल मिर्च के फायदे और नुकसान

दर्द को कम करने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए एल्कलाइन आहार का इस्तेमाल करें। एल्कलाइन आहार शरीर का पह स्तर नियंत्रित रखने में मदद करता है। इससे सूजन से छुटकारा मिलता है। यह एड़ी की बढ़ती हड्डी की समस्या को भी दूर रखता है।

एल्कलाइन डाइट का इस्तेमाल -

  1. अपने आहार में अधिक ताजा फल और सब्जियां शामिल करें।
  2. एक कप पानी में आधा नींबू का जूस मिलाएं और क्षारीयता को बढ़ावा देने के लिए रोजाना इसे पीएं।
  3. रोजान नमक का इस्तेमाल करने के बजाए पिंक साल्ट का इस्तेमाल करें। जिसे पिंक हिमालयन समुंद्री नमक भी कहा जाता है।
  4. रोज़ाना तीन से चार कप ग्रीन टी पियें।
  5. अधिक कैल्शियम उत्पाद लेने से बचें। खासकर डेरी उत्पाद। 
  6. पशु-आधारित खाद्य, चीनी, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, कैफीन युक्त पेय पदार्थ, शराब और परिष्कृत अनाज का सेवन अधिक न करें।
  1. जब भी एड़ियों में दर्द हो उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा आराम देने की कोशिश करें।
  2. एड़ियों को आराम देने के लिए शारीरिक गतिविधियों को कम करें।
  3. नंगे पैर न चले क्योंकि इससे आपकी एड़ियों पर दबाव पड़ेगा और दर्द ज़्यादा बढ़ सकता है।
  4. हमेशा शूज फिट हुए पहने।
  5. अगर आपका वज़न ज़्यादा है तो उसे कम करने की कोशिश करने।
  6. व्यायाम करने से पहले हमेशा अपनी मांसपेशियों को खिंचाव दें।
  7. जब भी व्यायाम करते समय आपकी मांसपेशियों में दर्द हो तो उसे आगे न बढ़ाएं। 
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