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क्या आपको भी ऐसा महसूस होता है कि आपको दूसरों से ज्यादा पसीना आता है? क्या 5 मिनट की एक्सरसाइज में ही आप ऊपर से लेकर नीचे तक 5 से तर-बतर हो जाते हैं? क्या हर बार दूसरों से हाथ मिलाने से पहले आपको अपनी हथेलियों को पोंछना पड़ता है? क्या आपको चेहरे और बालों में भी काफी पसीना आता है? अगर आपके लिए इन सभी सवालों का जवाब हां है तो आप बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या से ग्रसित हैं जिसे मेडिकल टर्म में हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। 

अगर आपके आसपास के वातावरण, तापमान, आपकी ऐक्टिविटी लेवल और स्ट्रेस को ध्यान में रखते हुए आपको औसत लोगों से ज्यादा पसीना आता हो तो इसे ही हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। अधिकतर लोगों को एक्सरसाइज करने के बाद, ज्यादा गर्म वातावरण में रहने पर, चिंता या तनाव महसूस करने पर पसीना आता है। लेकिन हाइपरहाइड्रोसिस में व्यक्ति को बिना ज्यादा गतिविधि किए भी ज्यादा पसीना आता है। यह समस्या आपके पूरे शरीर को भी प्रभावित कर सकती है या फिर शरीर के कुछ खास हिस्सों जैसे- हथेली, तलवा, अंडरआर्म्स और चेहरे को भी। ऐसे लोगों को जागते हुए सप्ताह में कम से कम एक बार ज्यादा पसीना आता ही है। 

(और पढ़ें: रात को ज्यादा पसीना आने की हो सकती है ये वजह)

हाइपरहाइड्रोसिस या ज्यादा पसीना आना थायराइड से जुड़ी परेशानी, डायबिटीज, मेनोपॉज या फिर किसी और तरह के इंफेक्शन का भी संकेत हो सकता है। इसके अलावा जिन लोगों का वजन बहुत अधिक होता है उन्हें भी ज्यादा पसीना आता है। तो आखिर ज्यादा पसीना आने का कारण क्या है, वे कौन से संकेत या लक्षण हैं जिससे हाइपरहाइड्रोसिस की पहचान हो सकती है, इसका इलाज कैसे किया जा सकता है, इन सभी के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं।

  1. हाइपरहाइड्रोसिस के प्रकार - Types of Hyperhidrosis in Hindi
  2. हाइपरहाइड्रोसिस के कारण - Hyperhidrosis Causes in Hindi
  3. हाइपरहाइड्रोसिस के लक्षण - Hyperhidrosis Symptoms in Hindi
  4. हाइपरहाइड्रोसिस का उपचार - Hyperhidrosis Treatment in Hindi
  5. हाइपरहाइड्रोसिस या ज्यादा पसीना आना की दवा - Medicines for Hyperhidrosis in Hindi
  6. हाइपरहाइड्रोसिस या ज्यादा पसीना आना के डॉक्टर

हाइपरहाइड्रोसिस के प्रकार - Types of Hyperhidrosis in Hindi

पसीना आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो कुछ विशेष परिस्थितियों की वजह से उत्पन्न होता है जैसे- गर्म वातावरण, शारीरिक गतिविधि, तनाव, गुस्सा आना या डर लगना। लेकिन वैसे लोग जिन्हें हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या होती है उन्हें बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के भी पसीना आता रहता है। ऐसे में हाइपरहाइड्रोसिस मुख्य रूप से 2 तरह का होता है- 

प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस : अगर ज्यादा पसीना आने के पीछे कोई बीमारी जिम्मेदार नहीं है तो इसे प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं जिसमें पसीने की ग्रंथि को उत्तेजित करने वाली नसें ओवरऐक्टिव हो जाती हैं और बिना जरूरत के भी ज्यादा पसीना निकलने लगता है। इसमें मुख्य रूप से हाथ, पैर, चेहरा, सिर और अंडरआर्म्स में से पसीना आता है। यह समस्या आमतौर पर बचपन में शुरू होती है। इस तरह के हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित करीब 30 से 50 प्रतिशत लोगों में आनुवांशिक कारणों की वजह से यह समस्या होती है।

(और पढ़ें : ज्यादा पसीना आना रोकने के घरेलू उपाय)

सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस : अगर किसी बीमारी की वजह से या फिर बीमारी के लिए दी जाने वाली दवा के साइइ इफेक्ट के तौर पर बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है तो इसे सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं। यह समस्या आमतौर पर वयस्क होने पर शुरू होती है। इसमें शरीर के हर एक हिस्से से पसीना निकलता है और कई बार तो सोते वक्त नींद में भी पसीना आने लगता है।

हाइपरहाइड्रोसिस के कारण - Hyperhidrosis Causes in Hindi

सेहत से जुड़ी समस्याएं जिनकी वजह से सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या होती है, वे हैं:

हाइपरहाइड्रोसिस के लक्षण - Hyperhidrosis Symptoms in Hindi

हाइपरहाइड्रोसिस या ज्यादा पसीना आने के लक्षणों की बात करें तो आपको खुद में ये संकेत नजर आ सकते हैं:

  • रात के समय पसीना निकलना : अगर बहुत ज्यादा पसीना निकलने की वजह से बीच रात में आपकी नींद खुल जाए या फिर सुबह उठने पर आप देखें कि आपके तकिए का कवर और चादर नमी से भरा हुआ है।
  • व्यापक रूप से पसीना निकलना : अगर आप देखें कि आपके सिर्फ सिर, चेहरा, अंडरआर्म्स, हाथ या पैर से ही नहीं बल्कि शरीर के हर हिस्से से व्यापक रूप से पसीना निकल रहा हो।
  • असमान पसीना निकलना : अगर आप देखें कि आपके शरीर के सिर्फ एक हिस्से पसीना निकल रहा हो जैसे- सिर्फ एक कांख से। (और पढ़ें : पसीना और शरीर की बदबू)
  • बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के 6 महीने या इससे अधिक समय तक ज्यादा पसीना निकलने की समस्या का कायम रहना।
  • हफ्ते में कम से कम एक बार बहुत ज्यादा पसीना निकलने की घटना होना
  • ज्यादा पसीना निकलने की वजह से आपकी दैनिक गतिविधियां जैसे- काम और रिश्ते प्रभावित हो रहे हों
  • पसीना निकलने के साथ-साथ थकान, अनिद्रा, प्यास ज्यादा लगना, खांसी आना, बार-बार पेशाब लगना जैसे लक्षण भी शामिल हों

हाइपरहाइड्रोसिस का उपचार - Hyperhidrosis Treatment in Hindi

सेकेंडरी हाइपरहाइड्रोसिस का इलाज वह किस बीमारी की वजह से हो रहा है इस पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए- अगर ओवरऐक्टिव थायराइड की समस्या की वजह से ज्यादा पसीना आ रहा हो तो थायराइड का इलाज करने पर पसीने की समस्या भी दूर हो सकती है। अगर डायबिटीज के कारण ज्यादा पसीना आ रहा हो तो ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल में करने पर पसीने भी खुद ब खुद गायब हो जाएगा। अगर किसी दवा के साइड इफेक्ट की वजह से पसीने की दिक्कत हो रही हो तो डॉक्टर से बात करके इसका समाधान खोजें।

वहीं, प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस की बात करें तो इसका कोई निश्चित इलाज मौजूद नहीं है लेकिन निम्नलिखित चीजों की मदद से उसके लक्षणों को जरूर कंट्रोल किया जा सकता है:

  • एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल : आपके डॉक्टर खास तरह का एंटीपर्सपिरेंट प्रिस्क्राइब कर सकते हैं जिसमें अल्यूमीनियम क्लोराइड हो। यह एंटीपर्सपिरेंट बाकी के ओटीसी एंटीपर्सपिरेंट से ज्यादा स्ट्रॉन्ग होता है और हाइपरहाइड्रोसिस के माइल्ड केस में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा ओटीसी स्प्रे, लोशन या रोल-ऑन का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आइऑनटोफोरेसिस (Iontophoresis) : इस प्रक्रिया में एक उपकरण की मदद से व्यक्ति के शरीर में कम लेवल का बिजली का झटका दिया जाता है ताकि पसीने की ग्रंथि को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सके। यह करेंट आमतौर पर हाथ, पैर या कांख में दिया जाता है।
  • बोटॉक्स : अगर हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या गंभीर हो जाए तो उसके इलाज में बोटॉक्स का इंजेक्शन दिया जाता है। इंजेक्शन उन नसों को ब्लॉक कर देता है जो पसीने की ग्रंथि को उत्तेजित करती है। 
  • दवाइयां : सामान्य रूप से बहुत ज्यादा पसीना आ रहा हो तो उसे रोकने के लिए एंटीकोलिनेर्जिक दवाइयों का इस्तेमाल कर राहत पहुंचाने की कोशिश की जाती है। हालांकि इन दवाइयों को असर करने में करीब 2 हफ्ते का वक्त लगता है और इनके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं जैसे- कब्ज और चक्कर आना।
  • सर्जरी : अगर आपको सिर्फ कांख (आर्मपिट) में ज्यादा पसीना आने की समस्या है तो सर्जरी के जरिए इस स्थिति से निपटा जा सकता है जिसमें सर्जरी के जरिए पसीने की कुछ ग्रंथियों को हटाया जाता है।
Dr. Ragini Puvvala

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डर्माटोलॉजी

Dr. Priyanka Mutyala

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Dr. Siva Subramanian

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हाइपरहाइड्रोसिस या ज्यादा पसीना आना की दवा - Medicines for Hyperhidrosis in Hindi

हाइपरहाइड्रोसिस या ज्यादा पसीना आना के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine Name
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Schwabe Chininum purum CH खरीदें

References

  1. Brackenrich J, Fagg C.Hyperhidrosis. [Updated 2019 May 5]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2019 Jan-.
  2. Tanja Schlereth. et al. Hyperhidrosis—Causes and Treatment of Enhanced Sweating. Dtsch Arztebl Int. 2009 Jan; 106(3): 32–37. PMID: 19564960
  3. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Hyperhidrosis.
  4. National Organization for Rare Disorders. [Internet]. Danbury; Hyperhidrosis, Primary.
  5. National Institutes of Health; [Internet]. U.S. National Library of Medicine. VASER Treatment of Axillary Hyperhidrosis/Bromidrosis (VASER AxHH).
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