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मोच आने की वजह से बेहद दर्द महसूस होने लगता है। इसकी वजह है लिगामेंट्स (उत्तक जो दो या उससे अधिक हड्डियों को जोड़ते हैं) क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। आम तौर से मोच ज़्यादा गंभीर समस्या नहीं होते हैं, लेकिन अगर इन पर ध्यान न दिया जाए तो ये समस्याएं बढ़ भी सकती हैं। इस तरह की चोट के कई कारण हो सकते हैं जैसे व्यायाम, दुर्घटना की वजह से चोट, पैर मुड़ना, निर्जलीकरण और खनिजों की कमी जैसे कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम आदि।

मोच आने की वजह से आपको सूजन, मांसपेशियों में दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है। जब तक ये समस्याएं रहती हैं तब तक व्यक्ति उस जगह का इस्तेमाल कुछ दिनों तक नहीं कर पाता। यें परेशानी किसी भी उम्र के व्यक्ति के साथ हो सकती हैं। लेकिन आप इस समस्या का इलाज कुछ घरेलू उपायों की मदद से कर सकते हैं।

(और पढ़ें - मोच आने पर क्या करें)

तो आइये आपको बताते हैं मोच के घरेलू उपाय –

  1. मोच का उपाय है बर्फ - Moch ka desi upay hai Ice in Hindi
  2. मोच को ठीक करे इलास्टिक बैंडेज से - Moch ko thik kare elastic bandage se in Hindi
  3. मोच ठीक करने का उपाय है सेंधा नमक - Moch thik karne ka tarika hai sendha namak in Hindi
  4. मोच को दूर करे सेब के सिरके से - Moch se chutkara dilta hai apple vinegar in Hindi
  5. टखने में मोच का घरेलू उपाय है अरंडी का तेल है - Moch ka gharelu nuskha hai castor oil in Hindi
  6. टखने की मोच को ठीक करने का तरीका है जैतून का तेल - Moch ka thik karne ka upay hai olive oil in Hindi
  7. मोच ठीक करने का घरेलू उपाय है शीरा - Moch thik karne ka gharelu upay hai shira in Hindi
  8. मोच ठीक करने के घरेलू नुस्खे में करे लौंग के तेल का प्रयोग - Moch thik karne ka gharelu nuskhe hai clove oil in Hindi
  9. टखने की मोच से छुटकारा दिलाता है प्याज - Moch se chutkara pane ka tarika hai onion in Hindi
  10. मोच को ठीक करने का घरेलू उपाय है वार्म कम्प्रेस - Moch ko thik karne ka gharelu nuskha hai warm compress in Hindi

मोच का इलाज करने का तेज़ और सबसे आसान तरीका है बर्फ से बना पैक। ठंडा तापमान रक्त वाहिकाओं को कस देता है और प्रभावित क्षेत्र पर रक्त परिसंचरण को कम करने में मदद करता है। इसकी मदद से सूजन और दर्द भी धीरे धीरे दूर होने लगते हैं।

बर्फ का इस्तेमाल कैसे करें –

  1. सबसे पहले बर्फ को तौलिये में लपेट लें।
  2. अब इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  3. इस प्रक्रिया को 15 मिनट तक करें।
  4. इस प्रक्रिया को हर दो घंटे बाद करें। फिर धीरे धीरे जैसे जैसे आराम मिले तो प्रक्रिया को कम करता जाएँ।

नोट - अगर आपको वैस्कुलर बिमारी है या शुगर है तो बर्फ लगाने से पहले अपने डॉक्टर से बात ज़रूर करें।  

आप मोच के लिए इलास्टिक बैंडेज का इस्तेमाल कर सकते हैं। बैंडेज मोच को कम करती है जिससे सूजन और दर्द से राहत मिलती है।

इलास्टिक बैंडेज का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले इलास्टिक बैंडेज को बाजार से खरीदें।
  2. फिर प्रभावित क्षेत्र पर इस बैंडेज को धीरे धीरे बांधें। ध्यान रहे उस क्षेत्र पर बैंडेज को ज़्यादा टाइट न बांधे वरना इससे परिसंचरण रुक सकता है।
  3. अगर बांधने के बाद दर्द बढ़ता है तो बैंडेज को ढीला कर लें।
  4. उस क्षेत्र को 72 घंटे तक बांधें और तब तक जब तक सूजन पूरी तरह से चली नहीं जाती।
  5. ये उपाय तब और ज़्यादा प्रभावी होगा अगर आप इसे आइस थेरपी के साथ करते हैं तो। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्र को एलिवेटेड अवस्था में रखें जिससे रक्त परिसंचरण उस क्षेत्र तक न पहुंचे।

सेंधा नमक मांसपेशियों के दर्द को बहुत ही प्रभावी तरीके से ठीक करता है। सेंधा नमक मैग्नीशियम सल्फेट से बनता है। मैग्नीशियम प्राकृतिक तरीके से आराम देता है जिसकी मदद से उत्तकों से अधिक द्रव बाहर निकालता है और सूजन या दर्द से आराम मिलता है।

सेंधा नमक का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले दो कप सेंधा नमक को बाथ टब या बाल्टी में डाल दें। फिर उसमे गर्म पानी मिलाएं।
  2. अब उस पानी से आधे घंटे तक नहाएं या उसमे प्रभावित क्षेत्र को आधे घंटे तक के लिए डुबोकर रखें।  
  3. अब उस क्षेत्र को तौलिये से पोछकर इलास्टिक बैंडेज से बाँध लें।
  4. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में एक बार ज़रूर दोहराएं। तब तक जब तक मोच की परेशानी पूरी तरह से हली नहीं जाती।

(और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे और नुकसान)

नोट - सेंधा नमक उपाय को ह्रदय, हाई ब्लड प्रेशर या शुगर से जुडी समस्याओं के लिए नहीं किया जाता।

सेब के सिरके को मांसपेशियों में अकड़न और लेग क्रैम्प्स का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें सूजनरोधी और एल्कलाइज़िंग के गुण मौजूद होते हैं जो सूजन और दर्द को दूर करते हैं।

सेब के सिरके का इस्तेमाल दो तरीको से करें -

पहला तरीका -

  1. दो कप सेब के सिरके को बाथटब या बाल्टी में डाल दें।
  2. फिर उसमे गर्म पानी मिलाएं।
  3. अब उस पानी से आधे घंटे तक नहाएं या उसमे प्रभावित क्षेत्र को डुबोकर रखें।
  4. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन में एक बार ज़रूर दोहराएं।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा एक चम्मच सेब के सिरके को एक ग्लास गर्म पानी में मिला दें और फिर उसमे शहद भी मिलाकर पी जाएँ।
  2. इस मिश्रण को रोज़ाना पूरे दिन में एक बार ज़रूर पियें।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान

अरंडी का तेल मोच से होने वाले दर्द और सूजन से राहत दिलाने में एक पारंपरिक उपाय है। अरंडी के तेल में ट्राइग्लिसराइड और रिसिनोलिक एसिड होते हैं जिनमे सूजनरोधी के गुण मौजूद पाए जाते हैं।

अरंडी के तेल का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक कपडे को अच्छे से फोल्ड कर लें। अब इस कपडे को अरंडी के तेल में डुबोएं।
  2. फिर कपडे को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं और प्लास्टिक रैप की चीज़ से इसे ढक लें।
  3. फिर इसके ऊपर आधे घंटे तक गर्म बोतल रख दें।
  4. अपने टखने को एलिवेटेड अवस्था में कुछ मिनट के लिए रखें।
  5. अब पैक को उस क्षेत्र से हटा लें और बचे हुए तेल से त्वचा पर हल्के हल्के मसाज करें।
  6. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।

(और पढ़ें - अरंडी के तेल के फायदे और नुकसान

जैतून के तेल में फेनोलिक कंपाउंड होता है जो सूजन को दूर करता है जिसकी मदद से टखने में मोच से राहत मिलती है। इसके साथ ही जैतून के तेल में इलाज करने के गुण भी मौजूद होते हैं जिससे ये समस्या तेज़ी से कम होती रहती है।

जैतून के तेल का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले जैतून के तेल को गर्म कर लें और फिर थोड़ा ठंडा होने का इंतज़ार करें।
  2. फिर गुनगुने तेल को प्रभावित क्षेत्र पर लगा लें और कुछ मिनट तक धीरे धीरे मसाज करें।
  3. इससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द भी दूर होता है।
  4. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक पूरे दिन तीन से चार बार ज़रूर करें।

दूसरा तरीका -

  1. सबसे पहले एक चम्मच जैतून के तेल को एक अंडे की जर्दी में अच्छे से मिला दें।
  2. अब इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और फिर कॉटन पैड से ढक दें।
  3. इस क्षेत्र को दो दिन तक बैंडेज करके रखें।
  4. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक इसी तरह दोहराएं।

(और पढ़ें - जैतून के तेल के फायदे और नुकसान

शीरा कैल्शियम और पोटाशियम का एक अच्छा स्त्रोत है। ये दोनों ही पोषक तत्व मजबूत हड्डियों, जॉइंट्स और मांसपेशियों के लिए बेहद फायदेमंद है। ये आयरन का भी एक अच्छा स्त्रोत है जो ऊर्जा और मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है। 

शीरा का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक चौथाई शीरा में एक या आधा कप सेब का सिरका और शहद मिलाएं।
  2. अब उसमे एक और आधा चम्मच अदरक का पेस्ट डालें।
  3. फिर इस मिश्रण में पानी मिलाएं और अब इसे फ्रिज में रख दें।
  4. कुछ देर बाद इस मिश्रण को पी जाएँ।
  5. मोच का इलाज करने के लिए एक हफ्ते तक इस मिश्रण को पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें।

लौंग के तेल में एनेस्थेटिक गुण होते हैं जो मोच के दर्द से राहत दिलाते हैं। इसके साथ ही इसके सूजनरोधी गुण दर्द और सूजन को दूर करते हैं।

लौंग के तेल का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले एक या दो चम्मच लौंग के तेल को लें और फिर उसे कुछ देर के लिए ठंडा होने को रख दें।
  2. अब इस तेल को प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं।
  3. कुछ दिनों तक इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।
  4. ये प्रभावित क्षेत्र पर रक्त परिसंचरण को बढ़ाकर मांसपेशियों के दर्द को ठीक करता है।

(और पढ़ें - लौंग के तेल के फायदे और नुकसान

प्याज के सूजनरोधी गुणों की वजह से इसे टखने की मोच, सुन्न उँगलियों और गठिया के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्याज सूजन और दर्द को दूर करने में मदद करता है।

प्याज का इस्तेमाल दो तरीकों से करें -

पहला तरीका -

  1. सबसे पहले एक बड़ी प्याज को छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें।
  2. अब इन टुकड़ों को रेशमी कपडे में रखें और फिर उस कपडे को कसके बाँध दें।
  3. अब उस कपडे को मोच के क्षेत्र पर दो घंटे के लिए रखे रखें।
  4. लक्षणों को दूर करने के लिए इस प्रक्रिया को पूरे दिन में कई बार दोहराएं।

दूसरा तरीका -

  1. इसके अलावा दो घंटे के लिए सबसे पहले प्याज को फ्रिज में रखे दें। 
  2. फिर दो घंटे बाद प्याज को निकालें और उसे छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें।
  3. अब उसमे कुछ मात्रा में नमक मिलाएं।
  4. अब इस मिश्रण को टखने की सूजन पर लगाएं और फिर उसपर इलास्टिक बैंडेज बाँध दें।
  5. हर सात से आठ घंटे बाद कंप्रेस को नए कपड़े में बदलते रहें।
  6. इस प्रक्रिया को एक या दो दिन तक करें।

(और पढ़ें - प्याज के फायदे और नुकसान

मोच के लिए वार्म कंप्रेस एक अन्य प्रभावी उपाय है। वार्म कंप्रेस मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है जिसकी मदद से मांसपेशियों की ऐठन कम होती है और लिगामेंट्स और टेंडन्स से अकड़न को भी दूर करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे धीरे धीरे सूजन कम होती चली जाती है।

वार्म कम्प्रेस का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. सबसे पहले गर्म पानी में तौलिये को डुबो दें। अब तौलिये को अच्छे से निचोड़ें।
  2. फिर गीली और गर्म तौलिये को प्रभावित क्षेत्र पर दस मिनट तक लगाकर रखें।
  3. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर दोहराएं।
  4. गर्म पानी से नहाना भी मोच से राहत दिलाने में मदद करता है।

नोट - उस क्षेत्र पर कभी हीटिंग पैड का इस्तेमाल न करें इससे आपका दर्द और बढ़ सकता है।

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