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चेचक, एक वायरस के होने वाली घातक बीमारी है जो बहुत गंभीर होती है। ये बहुत आसानी से फैल सकती है। हालांकि, आज के समय में चेचक को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। ये वेरियोला वायरस (Variola virus) के कारण होने वाला रोग है, जिसके कारण पहले के समय में कई लोगों की मृत्यु हुई है। ये वायरस आज भी रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों द्वारा दो स्थानों पर बेहद सुरक्षित तरीके से रखा गया है और इसके आस-पास काम करने वाले लोगों का नियमित रूप से चेचक के लिए टीकाकरण किया जाता है।

चेचक होने पर बुखार के साथ चकत्ते और फोड़े होते हैं, जो पूरे शरीर पर फैल जाते हैं। चेचक के दो आम प्रकार हैं - वेरियोला माइनर और वेरियोला मेजर, जिनमें से वेरियोला मेजर अधिक घातक है।

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चेचक का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसकी खोज अभी तक चल रही है। चेचक की वैक्सीन उपलब्ध है, जिससे चेचक होने से बचा जा सकता है। वैश्विक टीकाकरण अभियान के दौरान ये वैक्सीन कई लोगों को लगाई गई थी, जिसके परिणामस्वरूप 1980 तक पूरे विश्व से चेचक को खत्म कर दिया गया। अब ये वैक्सीन नियमित रूप से लोगों को नहीं लगाई जाती है, लेकिन जिन लोगों को चेचक होने का खतरा होता है, उन्हें ये वैक्सीन लगवानी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि इस वैक्सीन के कई दुष्प्रभाव भी होते हैं।

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इस लेख में चेचक में क्या होता है, चेचक कैसे फैलता है और इसके लिए क्या करना चाहिए के बारे में बताया गया है।

  1. चेचक होने पर क्या होता है - Chechak me kya hota hai
  2. चेचक कैसे फैलता है - Chechak kaise hota hai
  3. चेचक हो जाए तो क्या करे - Chechak me kya karna chahiye

चेचक में निम्नलिखित लक्षण व समस्याएं होती हैं -

  1. संक्रमित होने के बाद 17 दिनों तक व्यक्ति एकदम स्वस्थ महसूस करता है और उसे कोई लक्षण महसूस नहीं होते। (और पढ़ें - चिकन पॉक्स का इलाज)
  2. इसके बाद व्यक्ति को फ्लू जैसे लक्षण महसूस होने लगते हैं, जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, थकान, पीठ में दर्द, उल्टी, पेट दर्द और ठंड लगना। इस समय व्यक्ति अपने काम नहीं कर पाता और बीमार महसूस करता है। (और पढ़ें - तेज बुखार होने पर क्या करें)
  3. ये लक्षण 2 से 3 दिन में चले जाते हैं और व्यक्ति बेहतर महसूस करने लगता है। (और पढ़ें - चेहरा साफ करने के तरीके)
  4. इसके बाद व्यक्ति के शरीर पर चकत्ते होने लगते हैं। ये चकत्ते चेहरे से शुरू होते हैं और उसके बाद व्यक्ति के हाथों और कलाई में फैलने लगते हैं। (और पढ़ें - चेहरे के चकत्तों का घरेलू इलाज)
  5. शरीर के आगे की तरफ चकत्ते होने के बाद ये चकत्ते व्यक्ति की पीठ में फैलते हैं। जब तक ये चकत्ते ठीक नहीं होते, तब तक व्यक्ति बहुत संक्रामक होता है और आसानी से ये वायरस फैला सकता है। (और पढ़ें - पीठ के मुंहांसों के उपाय)
  6. एक या दो दिन बाद ये चकत्ते फफोले या फोड़े बनने लगते हैं जिनमें पस या मवाद भरा होता है। (और पढ़ें - जननांग मस्सों का इलाज)
  7. इसके कुछ दिनों बाद ये फोड़े पपड़ी बनने लागते हैं और फिर झड़ जाते हैं।
  8. झड़ने के बाद फोड़े के अंदर की त्वचा गढ्ढे वाली रह जाती है, जिसमें धब्बे दिखते हैं। जब तक ये पपड़ी नहीं झड़ती, तब तक रोगी संक्रामक ही रहता है। (और पढ़ें - चेहरे के गड्ढे मिटाने के उपाय)

चेचक का वायरस बहुत ही आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है। संक्रमित व्यक्ति के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आने से आपको भी चेचक हो सकता है। ये किसी जानवर या जंतु के कारण नहीं फैलता।

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ये बीमारी शुरू के पहले हफ्ते में फैलने की संभावना सबसे अधिक होती है, लेकिन ये तब तक फैल सकती है जब तक व्यक्ति के चकत्तों की पपड़ी नहीं झड़ जाती। (और पढ़ें - वायरल इन्फेक्शन का इलाज)

  • हवा में मौजूद संक्रमित सूक्ष्म बूंदों को सांस के द्वारा अंदर लेने से चेचक का वायरस आपके शरीर में जा सकता है और आपको चेचक हो सकता है। (और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या करना चाहिए)
  • संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों के संपर्क और उसके बेड पर सोने से भी आपको चेचक हो सकता है। (और पढ़ें - इन्फेक्शन का उपचार)
  • संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों, जैसे खून या वीर्य के संपर्क में आने के कारण भी आपके शरीर में चेचक का वायरस जा सकता है। (और पढ़ें - खून बहना कैसे रोकें)

इन्हीं कारणों की वजह से ये चेचक से संक्रमित व्यक्ति को अकेला छोड़ देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि जरूरी नहीं है कि चेचक के वायरस के संपर्क में आने पर आप निश्चित रूप से बीमार पड़ेंगे।

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चेचक के लिए फिलहाल कोई इलाज उपलब्ध नहीं है और वैश्विक टीकाकरण अभियान के बाद चेचक को विश्व भर से खत्म कर दिया गया है। हालांकि, चेचक का वायरस अभी भी शोध करने व इलाज ढूंढने के लिए वैज्ञानिकों के पास उपलब्ध है और इसके आस-पास काम करने वाले लोगों को चेचक होने का खतरा होता है। इस वायरस के संपर्क में आने के 2 से 3 दिन के अंदर व्यक्ति को इसका टीका लगाकर बीमारी को अधिक गंभीर होने से रोका जा सकता है।

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अगर आपके आस-पास किसी व्यक्ति को चेचक के लक्षण अनुभव हैं या वह चेचक के वायरस के सम्पर्क में आता है, तो उस व्यक्ति को सबसे दूर कर दें और जल्द से जल्द उसे अस्पताल या मेडिकल सेंटर ले जाने का प्रयास करें। आप निम्नलिखित तरीके से उसका ध्यान रख सकते हैं -

  1. अगर व्यक्ति 3 से 4 दिन पहले वायरस के संपर्क में आया था, तो उसे चेचक का टीका लगाने से बीमारी के लक्षण कम हो सकते हैं। (और पढ़ें - निपाह वायरस का इलाज)
  2. अगर व्यक्ति के शरीर पर चकत्ते हैं, तो उसे चादर से ढक दें, ताकि चकत्तों के कण हवा में न फैलें। (और पढ़ें - मुंहासे हटाने के घरेलू उपाय)
  3. वायरस के कारण व्यक्ति को बैक्टीरियल इन्फेक्शन भी हो सकता है, इसीलिए इससे संबंधित लक्षणों के लिए उसे एंटीबायोटिक दवाएं दी जा सकती हैं। (और पढ़ें - एंटीबायोटिक दवाएं लेने से पहले ध्यान रखने वाली बातें)
  4. हो सके तो रोगी की नाक और मुंह को मास्क से ढक दें, ताकि उसकी सांस से हवा संक्रमित न हो। (और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करे)
  5. बुखार कम करने के लिए उचित तरीकों का उपयोग किया जा सकता है। (और पढ़ें - बुखार के घरेलू उपाय)
  6. जो व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के आस-पास जाता है, उसके लिए महत्वपूर्ण है कि वह आवश्यक सुरक्षात्मक चीजों का उपयोग करें, जैसे दस्ताने या मास्क आदि। (और पढ़ें - एलर्जी होने पर क्या करना चाहिए)
  7. शरीर में पानी की कमी होने से बचने के लिए रोगी को पर्याप्त और उचित तरल पदार्थ दें, खासकर पानी। (और पढ़ें - पानी कितना और कैसे पीना चाहिए)
  8. जो लोग व्यक्ति के आस-पास हैं या उसके अस-पास संपर्क में आए हैं, उनका भी जल्द से जल्द टीकाकरण होना आवश्यक है। ऐसे लोगों के लक्षणों को करीब से देखें। (और पढ़ें - रेबीज के टीके की खोज)
  9. संक्रमित व्यक्ति ने जिस चीज को छुआ है या उपयोग किया है, उसे विसंक्रमित करना भी जरुरी होता है। इसके तरीकों लिए किसी प्रशिक्षित व्यक्ति से बात करें। (और पढ़ें - यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण)
  10. अगर व्यक्ति को शराब या सिगरेट पीने की आदत है, तो उसे ऐसा बिक्लुल न करने दें, इससे उसकी समस्या गंभीर रूप से बढ़ सकती है। (और पढ़ें - शराब की लत छुड़ाने के घरेलू उपाय)
     

नोट: प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड देने से पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपको या आपके आस-पास किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या अस्पताल​ से तुरंत संपर्क करें। यह लेख केवल जानकारी के लिए है।

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