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वैजाइनल स्टीमिंग या योनि में भाप लेना। क्या कभी आपने इसके बारे में सुना है? शायद नहीं। जबकि योनि में भाप लेने का चलन नया नहीं है। एक समय तक मासिक चक्र शुरू होने पर और प्रसव के बाद योनि में भाप ली जाती थी। यह सामान्य प्रक्रिया थी। बुजुर्ग महिलाओं से इस बाबत बात करें तो पता चलेगा कि योनि में भाप लेना लड़कियों और महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है। संभोग, योनि का सूखापन जैसी स्थिति होने पर योनि में भाप ली जा सकती है। यही नहीं हार्मोनल असंतुलन, पेल्विक फ्लोर से संबंधित समस्या होने पर भी योनि में भाप लेना अच्छा विकल्प होता है। वैजाइनल स्टीमिंग को वी-स्टीमिंग या योनि स्टीमिंग के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि डॉक्टर और शोध इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करते हैं। 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पुराने समय में वैजाइनल स्टीमिंग को योनि और गर्भाशय साफ करने के लिए प्राकृतिक उपाय के रूप में आजमाया जाता था। इस उपाय को अपनाने से पीरियड्स के दौरान होने वाला पेट दर्द कम होता है, पेट फूलने की समस्या खत्म होती है और मासिक धर्म नियमित होते हैं। योनि की सफाई के साथ-साथ योनि का स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।

वैजाइनल स्टीमिंग के इतने फायदों के बावजूद यह जानना जरूरी है कि क्या यह सुरक्षित है? कहीं इससे योनि में किसी तरह की समस्या, संक्रमण या बीमारी तो नहीं हो सकती? हालांकि इस विषय में अभी तक किसी तरह के शोध या अध्ययन नहीं हुए जिससे इसके फायदों के विषय में ज्यादा जाना जाए। लेकिन सतही तौर पर यह कहा जा सकता है कि वैजाइनल स्टीमिंग महिलाओं के लिए उपयोगी है। इन दिनों विदेशों में इस चलन को खासा पसंद किया जा रहा है।

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  1. वैजाइनल स्टीमिंग क्या है और यह कैसे काम करता है
  2. जब स्वयं लेना हो योनि में भाप
  3. योनि में भाप लेने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
  4. वैजाइनल स्टीमिंग के फायदे
  5. योनि में भाप लेने के नुक्सान

वैजाइनल स्टीमिंग का मतलब है कि जड़ी-बूटी से निकली भाप सीधी योनि तक पहुंचना। इसके लिए जड़ी-बूटी को पानी में भाप निकलने तक गर्म किया जाता था। कुछ स्पा सेंटर में यह प्रक्रिया की जाती है। वैसे आप चाहें तो इस प्रक्रिया को घर में भी कर सकती हैं। हालांकि डाॅक्टर घर में ऐसा करने की सलाह नहीं देते। ये बात अलग है कि योनि में भाप लेने की प्रक्रिया काफी आसान है। इसके लिए आपको सिर्फ कुछ उपयोगी जड़ी-बूटियों को एक कंटेनर में रखना होगा, उसे उबालना होगा। इसके बाद कंटेनर को ऐसी जगह रखना होगा जिसके ऊपर बैठकर कंटेनर से आपकी योनि तक भाप पहुंच सके। स्पा सेंटर में इसके लिए खासतौर पर कुर्सी डिजाइन की जाती है, जिसमें बड़ा सा छेद होता है, जिस पर बैठना सुविधाजनक हो और भाप नीचे से वैजाइना की ओर आसानी से पहुंचे। अमूमन इस प्रक्रिया में निम्न जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है-

वैज्ञानिक तथ्य नहीं होने के बावजूद कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि यह योनि से संबंधित समस्याओं को कम करने के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। उदाहरण के रूप में समझें। जैसे कि योनि भाप के लिए मगवाॅर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। पारंपरिक चीनी दवाई माॅक्सीबस्शन की प्रक्रिया में मगवाॅर्ट को जलाकर शरीर के प्रभावित अंग या प्रेशर प्वाइंट पर लगाया जाता था। माॅक्सीबस्शन वास्तव में एक वैकल्पिक थेरेपी है जो प्रजनन कार्यप्रणाली की समस्याओं को कम करने में मदद करती है। इस तरह देखा जाए तो योनि में भाप लेने के लिए जिस तरह की जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है, वे काफी गुणकारी हैं। इनके अपने-अपने लाभ है। हालांकि योनि स्वास्थ्य के लिए ये कितनी असरकारक हैं, यह कहना मुश्किल है।

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ध्यान रखें कि योनि की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है इसलिए भाप के लिए जिस-जिस चीज का उपयोग करने वाली हैं, वे सभी चीजें योनि के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। इसके अलावा यहां बताई गई कुछ उपयोगी बातों पर भी गौर करें।

जड़ी-बूटियों को कम से कम एक मिनट के लिए उबलने दें। अब कमर से नीचे के कपड़े उतार दें। कंटेनर को पैरों के बीचो-बीच रखें। औसतन 20 मिनट तक ऐसे ही खड़ी रहें। सामान्यतः भाप लेने का एक सेशन 20 से 60 मिनट का होता है। पानी जितना गर्म है और जितनी देर तक गर्म रहेगा, उतनी देर तक स्टीम ले सकती हैं। स्टीम कंटनेर से थोड़ी दूरी बनाए रखें। 

योनि में अतिरिक्त नमी बनाए रखने के लिए जड़ी-बूटी को गर्म करने वाले पानी में कुछ न डालें। इससे बैक्टीरियल संक्रमण या यीस्ट संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

वैजाइनल स्टीम के लिए घर में किसी विशेषज्ञ को बुलाएं। कुछ दिनों तक विशेषज्ञ की मदद लें। जब इसमें पारंगत हो जाएं, तब अकेले इस प्रक्रिया को दोहराएं। डाॅक्टर से वैजाइनल स्टीम के फायदों और नुकसान के बारे में अच्छी तरह जान लें।

वैजाइनल स्टीम के लिए उपयोग में लाने वाले कंटेनर या उपकरण को अच्छी तरह साफ रखें। गंदे कंटेनर की वजह से योनि में संक्रमण हो सकता है या फिर इसके अन्य नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। अतः भाप लेने के लिए इस्तेमाल होने वाले कंटेनर या उपकरण को इस्तेमाल से पहले अवश्य साफ करें। इस्तेमाल के बाद भी उसे साफ करके अच्छी जगह पर रखें।

अतिरिक्त गर्म पानी के इस्तेमाल की वजह से योनि में जलन हो सकती है। ऐसा महसूस होने पर तुंरत स्टीम लेना बंद कर दें।

गर्भवती महिलाएं घर में खुद से वैजाइनल स्टीम न लें। यह आपके भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है। आमतौर पर डाॅक्टर भी गर्भवती महिलाओं को  गर्म पानी के टब में बैठने, सॉना बाथ लेने और हीटिंग पैड का पेल्विस एरिया में इस्तेमाल करने की सलाह नहीं देते।

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अगर आप घर बैठे योनि में भाप लेना चाहती हैं तो इसके लिए कुछ जरूरी बातों को आवश्यक रूप से जान लें जैसे-

इंटरनेट पर मौजूद योनि में भाप लेने की प्रक्रिया पर पूरी तरह भरोसा न करें। अमूमन इंटरनेट में इसकी आधी-अधूरी जानकारी मौजूद है या फिर अलग-अलग वेबसाइट अलग-अलग बातें कहती हैं जो आपको भ्रमित कर सकती हैं। ज्यादातर वेबसाइटें अंतिम रूप से यह भी कहती हैं कि यदि इस प्रक्रिया को करते हुए आपको किसी तरह की हानि होती है, तो वे इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। जाहिर है ऐसी अधकचरी जानकारी आपके स्वास्थ्य के लिए कतई सही नहीं है। अगर आप योनि में भाप लेना चाहती हैं तो विशेषज्ञ से ही सलाह लें।

बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी नहीं है कि योनि में भाप ही लिया जाए। इसके लिए अन्य वैकल्पिक थैरेपी मौजूद हैं। जिन पर अच्छे खासे अध्ययन किए गए हैं। जबकि योनि में भाप लेने वाली इस प्रक्रिया पर अब तक पर्याप्त अध्ययन नहीं है। इसलिए उन उपचार तरीकों को अपनाएं, जो ज्यादा उपयोगी और सुरक्षित हों।

अब तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रेग्नेंसी के दौरान वैजाइनल स्टीम लेने से इसका बच्चे के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है। ध्यान रखिए कुछ जड़ी-बूटियां ऐसी होती हैं जिसके इस्तेमाल से गर्भपात हो सकता है। अतः प्रेग्नेंट होने पर अपनी वैजाइना में बिना पूरी जानकारी के किसी भी तरह की जड़ी-बूटियों का उपयोग न करें।

जिस भी स्पा सेंटर से वैजाइनल स्टीमिंग ले रही हैं, वहां के स्टाफ से उपकरण को साफ करने को कहें। तभी संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है।

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हालांकि योनि में भाप लिया जाना चाहिए या नहीं, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं की कही-सुनी बातों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि योनि में भाप लेने के फायदे असीमित हैं जैसे-

  • यह तनाव कम करता है
  • अवसाद से दूर रखता है
  • बवासीर जैसी बीमारियां नहीं होतीं
  • संक्रमण के जोखिम कम होते हैं
  • प्रजनन क्षमता बेहतर होती है
  • हार्मोन संतुलित रहते हैं
  • सिरदर्द की समस्या कम होती है
  • थकान नहीं होती
  • पाचन तंत्र बेहतर होता है
  • तरह-तरह के दर्द में भी यह उपाय कारगर है
  • मासिक चक्र के लक्षणों को कम करता है
  • हैवी ब्लीडिंग को नियंत्रित करता है
  • प्रसव के बाद योनि स्वास्थ्य को बेहतर करता है
  • ऊर्जा स्तर बढ़ाता है

कुछ महिलाएं दावा करती हैं कि योनि में भाप लेने की वजह से योनि के ऊतकों में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिस वजह से योनि स्वास्थ्य को लाभ होता है।

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यह कहना आसान नहीं होगा कि योनि में भाप लेने की प्रक्रिया पूरी तरह फायदेमंद है या इसके नुकसान भी हैं? लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो योनि स्टीम-क्लीन के लिए नहीं बनी है। कहने मतलब है भाप की मदद से योनि की सफाई किया जाना पूरी तरह सही नहीं है। अगर स्टीम के दौरान पानी ज्यादा गर्म है तो इससे योनि में बैक्टीरिया जन्म ले सकते हैं, यीस्ट संक्रमण हो सकता है या फिर योनि में अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

वैसे भी योनि की त्वचा काफी संवेदनशील होती है और आसानी से किसी भी खराब चीज के इस्तेमाल से प्रभावित हो सकती है। रोजाना स्टीम लेना योनि के लिए सही नहीं है। इससे योनि में जलन हो सकती है जो कि महिला को असहज कर सकती है।

यह भी जानें-समझें कि सभी जड़ी-बूटियां प्राकृतिक होने के बावजूद योनि के लिए उपयोगी हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ जड़ी-बूटियों का नकारात्मक प्रभाव हो सकता है। किसी विशेष जड़ी-बूटी से आपको एलर्जी हो सकती है जो योनि के लिए सही नहीं है।

इसके अतिरिक्त योनि में नियमित भाप लेने के कोई चिकित्सकीय दिशा-निर्देश भी मौजूद नहीं हैं। न ही यह पूरी तरह स्पष्ट है कि किस तरह की जडी-बूटियों का इसके लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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अगर आपको लगता है कि पीरियड्स के दर्द से राहत के लिए किसी खास जड़ी-बूटी का इस्तेमाल किया जाना जरूरी है तो आप योनि में भाप लेने के बजाय अन्य विकल्प को चुन सकती हैं। मसलन हाॅट वाॅटर बोतल लें और पेल्विक एरिया में लगाएं। इसके अलावा हर्बल चाय पीएं। सबसे खास बात अपनी योनि की सादे पानी से नियमित सफाई करें। इस अंग में किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल न करें।

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